ऑनलाइन एग्जाम

भारत में ऑनलाइन गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हो रही है। चाहे टिकट की बुकिंग करानी हो, बैंक से पैसे का ट्रांजैक्शन करना हो या फिर चैटिंग करनी हो-ये सभी काम आसानी से आनॅलाइन संपन्न हो जाता है। इसकी विशेषता और सुविधा को देखते हुए अब ऑनलाइन एग्जाम भी देश की कई परीक्षाओं में शामिल हो गए हैं। विदेशी कोर्सों में प्रवेश के लिए ली जाने वाली जीआरई और टॉफेल जैसी परीक्षाएं तो काफी पहले से ऑनलाइन ली जा रही हैं।

Created On: Oct 21, 2010 11:35 IST
Modified On: Nov 30, 2011 17:56 IST
Online Exams
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भारत में ऑनलाइन गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हो रही है। चाहे टिकट की बुकिंग करानी हो, बैंक से पैसे का ट्रांजैक्शन करना हो या फिर चैटिंग करनी हो-ये सभी काम आसानी से आनॅलाइन संपन्न हो जाता है। इसकी विशेषता और सुविधा को देखते हुए अब ऑनलाइन एग्जाम भी देश की कई परीक्षाओं में शामिल हो गए हैं। विदेशी कोर्सों में प्रवेश के लिए ली जाने वाली जीआरई और टॉफेल जैसी परीक्षाएं तो काफी पहले से ऑनलाइन ली जा रही हैं। इसके अलावा, बिट्स-पिलानी भी अपने इंजीनियरिंग अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में ऑनलाइन टेस्ट बिट-सैट के माध्यम से ही प्रवेश लेता है।

उपयोगिता
ऑनलाइन टेस्ट में संस्थान को न तो मुद्रित प्रश्नपत्रों की व्यवस्था करनी होती है और न ही उत्तर पुस्तिकाओं की। लिखित परीक्षा में जहां एक ही तिथि में देश के विभिन्न केंद्रों पर स्टूडेंट्स के बैठने की व्यवस्था करनी होती है, वहीं ऑनलाइन टेस्ट में प्राय: स्टूडेंट्स के लिए एक ही दिन परीक्षा देने की बाध्यता नहीं होती, क्योंकि प्रश्नपत्रों के बहुत सारे सेट होने के कारण सभी स्टूडेंट्स को एक ही दिन ऑनलाइन टेस्ट नहीं देना होता। कुछ महत्वपूर्ण संस्थानों एवं परीक्षाओं जिनमें ऑनलाइन टेस्ट को प्रारंभ किया गया है, निम्नलिखित हैं:

कैट: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों से मैनेजमेंट करने की ललक के कारण कैट में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या हर वर्ष लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए ही भारतीय प्रबंधन संस्थानों (अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ, इंदौर, कोझिकोड, कोलकाता और शिलांग) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने परीक्षा कैट को ऑनलाइन कर दिया गया है। आईआईएम में प्रवेश के लिए परीक्षा कम्प्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी के तर्ज पर होती है। यह परीक्षा सामान्यतया प्रत्येक वर्ष नवंबर में आयोजित की जाती है। उल्लेखनीय है कि कैट के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में हर साल करीब 40  हजार की बढ़ोतरी हो रही है।

सीबीएसई की उत्तर पुस्तिकाएं ऑनलाइन: दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों को सीबीएसई की परीक्षाओं में शत-प्रतिशत अंक लाने वाले स्टूडेंट्स की उत्तर पुस्तिकाओं को ऑनलाइन पढ़ने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। सीबीएसई ने छात्रों को यह सुविधा  इसलिए प्रदान करने का फैसला किया है, ताकि वे लिखने की कला को समझते हुए खुद भी अधिकाधिक अंक हासिल कर सकें।

डीयू भी  ऑनलाइन: दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठित लॉ सेंटर वर्ष 2009 से प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों को ऑनलाइन उपलब्ध कराना शुरू किया है। अभी तक लॉ सेंटर प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों को घर ले जाने की अनुमति नहीं देता था, जिससे भावी परीक्षार्थियों को इसके पैटर्न से परिचित होने का लाभ नहीं मिल पाता था और उन्हें तैयारी करने में परेशानी होती थी। उल्लेखनीय है कि डीयू के लॉ सेंटर में दाखिले के लिए पूरे देश से करीब डेढ़-दो लाख स्टूडेंट्स आवेदन करते हैं, जिसमें से एंट्रेंस के बाद करीब 1700 का चयन होता है। डीयू का पहला ऑनलाइन एग्जाम वर्ष 2009 में तीन कॉलेजों-दक्षिण दिल्ली के वेंकटेश्वर कॉलेज, नॉर्थ कैंपस के मिरांडा हाउस और पश्चिमी दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज में आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि डीयू ने वर्ष 2009 से बीएससी फर्स्ट ईयर एन्वॉयरनमेंटल साइंस के स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन एग्जाम आरंभ करने का निर्णय लिया था। यह कोर्स डीयू के 27 कॉलेजों में संचालित होता है, जिसमें स्टूडेंट्स की संख्या करीब 2400 है। आईटी का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए डीयू ने अपने टीचर्स को भी ई-टीचिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है, ताकि वे स्टूडेंट्स को और अधिक निखार सकें।

ऑनलाइन एग्जाम  का तरीका
ऑनलाइन एग्जाम के तहत स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए शहर के किसी खास सेंटर पर जाना होता है, जहां कम्प्यूटर खोलने पर उसके सामने प्रश्नों का एक सेट आ जाता है। ये प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होते हैं। कई बार प्रश्नपत्र के एक से अधिक खंड होते हैं। इनमें से अपनी पसंद के अनुसार खंड चुन सकते हैं। सभी प्रश्नों को हल करने के लिए निर्धारित समय सीमा होती है। यह सीमा खत्म होते ही पेपर अपने आप क्लोज हो जाता है। ऑनलाइन एग्जाम के लिए सेंटर पर इंस्ट्रक्टर होते हैं, जो कोई परेशानी होने पर उसे दूर करते हैं, लेकिन इस तरह की परीक्षा देने के लिए स्टूडेंट्स यदि कम्प्यूटर पर पहले से प्रैक्टिस कर लें तो उनके लिए बेहतर होता है।

ऑनलाइन एग्जाम से डरने की बात नहीं 
ऑनलाइन परीक्षा से स्टूडेंट्स को भयभीत होने की कतई जरूरत नहीं है। चूंकि अब देश की कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं ऑनलाइन हो गई हैं और निकट भविष्य में अन्य परीक्षाएं भी इसी पैटर्न पर होंगी, इसलिए इसमें शामिल होने से पहले से पहले हर स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन प्रणाली को समझना जरूरी है। जो स्टूडेंट्स यह समझते हैं कि उन्हें फिलहाल ऐसी कोई परीक्षा नहीं देनी है, उन्हें भी पहले से सचेत रहना चाहिए और इससे परिचित होने का प्रयास करना चाहिए। यह परीक्षा बहुत आसान है। यदि किसी ने कभी कम्प्यूटर नहीं इस्तेमाल किया है, तब भी वह एक-दो घंटे अभ्यास के बाद इससे आसानी से परिचित हो सकता है। बेहतर होगा कि इंटरनेट से प्रैक्टिस सेट डाउनलोड कर उसका अधिक से अधिक अभ्यास करें, क्योंकि जितना अधिक अभ्यास किया जायेगा, परीक्षा भवन में उतना बेहतर प्रदर्शन करने में सुविधा होगी।

कठिनाई
सिलेबस का कॉन्सेप्ट तो पहले की तरह ही होता है, लेकिन पेपर के बजाय स्क्रीन पर प्रश्नपत्र होने से शुरुआत में स्टूडेंट्स के सामने कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। पेपर पर और कम्प्यूटर पर टेस्ट देने में काफी फर्क होता है। डेटा को स्क्रीन पर देखने और समझने में परेशानी हो सकती है। इससे अच्छी तरह परिचित होने के लिए कम्प्यूटर पर पर्याप्त प्रैक्टिस कर लेनी चाहिए, अन्यथा परीक्षा में प्रदर्शन 20 से 25 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है। कंप्यूटर न जानने वाले स्टूडेंट्स के लिए तो निश्चित रूप से कठिनाई बढ़ सकती है, लेकिन इस परेशानी से बचने का एकमात्र तरीका यही है कि जैसे भी हो कम्प्यूटर की सहायता लें, उसके बेसिक्स जानें और कम्प्यूटर पर अधिक से अधिक प्रैक्टिस करें।

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