आप नही जानते होंगे पढ़ाई करने ये 5 बेहद प्रभावशाली तरीके

कई बार ऐसा होता है की हम पढ़ाई बहुत ज़यादा करते है परन्तु जब परिणाम आता है तो हम चौंक जाते है कि ऐसा कैसे होगया . आइये इस लेख में आज हम देखते हैं कि पढ़ाई करने के तरीकों में विज्ञान की क्या राय है?

Created On: Jun 26, 2018 12:35 IST
How to study?
How to study?

कई बार ऐसा होता है की हम पढ़ाई बहुत ज़यादा करते है परन्तु जब परिणाम आता है तो हम चौंक जाते है कि ऐसा कैसे होगया . इसके बाद हम तरह तरह की बातें करना शुरू कर देते हैं कि मेरी तो किस्मत ही खराब है, examinor ने मेरे साथ नाइंसाफी की है, मेरी कॉपी अच्छे से चेक नही की गई है इत्यादि . दरअसल बात ये होती है की आपने जो तेयारी करी थी उसको उसी तरह से कॉपी में लिखा है या नही.
कामियाब लोग कुछ अलग नही करते बल्कि उसी चीज़ को अलग तरीके से करते है

आइये इस लेख में आज हम देखते हैं कि पढ़ाई करने के तरीकों में विज्ञान की क्या राय है? क्योंकि हम में से कई ज्यादातर पढ़ाई लंबे नहीं लेकिन स्मार्ट तरीके से करना चाहते हैं, तो आइये इस बार जानते हैं पढ़ाई करने के 9 वैज्ञानिक तरीके. एक बार इन तरीको को भी आजमा कर देखिये ज़रूर. शायद इस बार आप को वही रिजल्ट मिले जिसके आप हकदार हैं.

1. बहुत देर तक ना पढ़ें

सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं की काफी लंबे समय तक पढ़ाई करने की बजाय आप थोड़े वक़्त तक ही पढ़े. क्योंकि कई अध्ययनों में थोड़े वक़्त की या टुकडो में की गई पढ़ाई ज्यादा फायदेकारक साबित हुई है. आप अपनी पढ़ाई करने के समय को छोटे छोटे हिस्सों में बाट दे. कभी भी बहुत ही लंबे समय तक ज्यादा पढ़ाई मत करे, मतलब की आपके किसी विषय या unit के लिए 10 घंटे रट्टा मारने से तो अच्छा हैं की आप कुछ हफ्तों तक उसे 1 घंटा ही पढ़े। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारा दिमाग छोटे छोटे हिस्सों में की गई पढ़ाई को एक बड़े हिस्से में की गई पढ़ाई की तुलना में ज्यादा जल्दी याद रख पाता है.

2. कब पढ़ना है ये आप तै करें

कई बार ऐसा होता है की आप रत में जेयादा एकाग्र होकर पढ़ पाते हैं परन्तु आपके माता पिता आपको रत में जल्दी सोने और सुबह में जल्दी उठने को कहते हैं, इसका नतीजा ये होता है की आप उनके हिसाब से चलते है और नतीजा उतना अच्छा नही होता जितना होना चाहिए. अगर आप अपने हिसाब से टाइम टेबल सेट करते है तो उसको फॉलो करने की ज़िम्मेदारी भी आपकी ही होती है.  और हम जानते है की ज़िम्मेदारी का एहसास होने के बाद आदमी ज़यादा सीरियस होजाता है.

3. समय का सही अनुपात में परयोग करें

ज्यादातर लोग अपने कई घंटे एक ही विषय को बार बार पढने में और अपने पाठ्यपुस्तक को highlight करने में खर्च कर देते हैं. एक अध्ययन से यह पता चला है की यह चीजें पढ़ाई के लिए एकदम बेअसर हैं. इससे topic को समझने में किसी भी तरह का improvement नहीं होता है। यह तरीका आपका ध्यान कम important topic की ओर ज्यादा ले जाता है .

Einstein ने कहा था – “If you can’t explain it simply, then you don’t understand it well enough” –  मतलब की अगर आप किसी चीज को आसानी से समझा नहीं सकते हैं तो आप उसे अभी अच्छी तरह से समझे नहीं हैं।

4. ऐसे पढ़ो की किसी को पढ़ा सको

 एक अध्ययन के दौरान students के दो group किए गए। दोनों groups को एक ही topic दिया गया. लेकिन एक group के students को कहा गया की आपको इस विषय का test देना हैं, और दूसरे group के students को बताया गया की आपको इस विषय को दूसरे students को समझाना है. दोनों में से जिस group के students को पढ़ाने के लिए बोला गया था उनकी उस विषय में तैयारी और understanding काफी अच्छी थी, क्योंकि जब आप किसी विषय को पढ़ाने की उम्मीद रख के तयारी कर रहे हैं तब आपका दिमाग जानकारी का आयोजन एक अधिक logical और well manner तरीके में करता हैं.

5. जितना होसके paractice करें

कई बार ऐसा होता है की हमारी तेयारी पूरी होती है परन्तु हम अच्छे नंबर नही पाते .इसका साधारण सा कारण होता है और वो है बिना practice किये पेपर देने जाना. सबसे जरुरी है प्रैक्टिस…प्रैक्टिस…औहैर…प्रैक्टिस। लेकिन कई बार पढ़ाई में गलती करना भी फायदेकारक ह. मतलब की गलतियाँ  हमे ज्यादा याद रहती हैं.  इसके आलावा किसी भी विषय के 100 या 50 गुणों के टेस्ट लिखना भी ज्यादा फायदेमंद हैं.

 

(2) कब पढना है ये आप तैकरें

कई बार ऐसा होता है की आप रत में जेयादा एकाग्र होकर पढ़ पाते हैं परन्तु आपके माता पिता आपको रत में जल्दी सोने और सुबह में जल्दी उठने को कहते हैं, इसका नतीजा ये होता है की आप उनके हिसाब से चलते है और नतीजा उतना अच्छा नही होता जितना होना चाहिए |

अगर आप अपने हिसाब से टाइम टेबल सेट करते है तो उसको फॉलो करने की ज़िम्मेदारी भी आपकी ही होती है | और हम जानते है की ज़िम्मेदारी का एहसास होने के बाद आदमी ज़यादा सीरियस होजाता है |

 

3) समय का सही अनुपात में परयोग करें

 ज्यादातर लोग अपने कई घंटे एक ही विषय को बार बार पढने में और अपने पाठ्यपुस्तक को highlight करने में खर्च कर देते हैं। एक अध्ययन से यह पता चला है की यह चीजें पढ़ाई के लिए एकदम बेअसर हैं। इससे topic को समझने में किसी भी तरह का improvement नहीं होता है। यह तरीका आपका ध्यान कम important topic की ओर ज्यादा ले जाता है।

 

Einstein ने कहा था – “If you can’t explain it simply, then you don’t understand it well enough” –  मतलब की अगर आप किसी चीज को आसानी से समझा नहीं सकते हैं तो आप उसे अभी अच्छी तरह से समझे नहीं हैं।

 

4) ऐसे पढ़ो की किसी को पढ़ा सको 

एक अध्ययन के दौरान students के दो group किए गए। दोनों groups को एक ही topic दिया गया। लेकिन एक group के students को कहा गया की आपको इस विषय का test देना हैं, और दूसरे group के students को बताया गया की आपको इस विषय को दूसरे students को समझाना है। दोनों में से जिस group के students को पढ़ाने के लिए बोला गया था उनकी उस विषय में तैयारी और understanding काफी अच्छी थी, क्योंकि जब आप किसी विषय को पढ़ाने की उम्मीद रख के तयारी कर रहे हैं तब आपका दिमाग जानकारी का आयोजन एक अधिक logical और well manner तरीके में करता हैं.

 

5) जितना होसके paractice करें

कई बार ऐसा होता है की हमारी तेयारी पूरी होती है परन्तु हम अच्छे नंबर नही पाते | इसका साधारण सा कारण होता है और वो है बिना practice किये पेपर देने जाना |

सबसे जरुरी है प्रैक्टिसप्रैक्टिसऔहैरप्रैक्टिस। लेकिन कई बार पढ़ाई में गलती करना भी फायदेकारक है। मतलब की गलतियाँ  हमे ज्यादा याद रहती हैं। इसके आलावा किसी भी विषय के 100 या 50 गुणों के टेस्ट लिखना भी ज्यादा फायदेमंद हैं।

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