कॉलेज स्टूडेंट्स को इन कारणों से नहीं मिल पाती सूटेबल इंटर्नशिप

कई बार कॉलेज स्टूडेंट्स को सूटेबल इंटर्नशिप नहीं मिल पाती है. ऐसे में, वे परेशान हो जाते हैं लेकिन समझ नहीं पाते कि इसकी आखिर क्या वजह है? इसके कारण एक या अनेक हो सकते हैं. इस आर्टिकल में जानिये कुछ ऐसे प्रमुख कारणों के बारे में जो आपको सूटेबल इंटर्नशिप मिलने में एक बड़ी बाधा सिद्ध हो रहे हैं.

Feb 7, 2020 14:48 IST
5 reasons why you are still without an internship this semester
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अब जब भारत के विभिन्न कॉलेजों में इंटर्नशिप स्टूडेंट्स के कोर्स करिकुलम का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है तो स्वाभाविक रूप से देश की जॉब मार्केट के समान ही कॉलेज स्टूडेंट्स को अपने लिए एक सूटेबल इंटर्नशिप हासिल करने के लिए काफी कड़े कॉम्पीटिशन से गुजरना पड़ता है. वैसे तो अधिकतर कॉलेज स्टूडेंट्स कोई पेड इंटर्नशिप ही ज्वाइन करना पसंद करते हैं ताकि उन्हें कुछ इनकम भी हो जाए लेकिन, अब इंटर्नशिप को लेकर हालात कुछ गंभीर हो चुके हैं और अनपेड इंटर्नशिप हासिल करने के लिए भी कॉलेज स्टूडेंट्स को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. कई बार जब वे इंटर्नशिप ज्वाइन करने की पूरी तैयारी कर लेते हैं तो आखिरी क्षणों में उन्हें मालूम होता है कि संबद्ध इंटर्नशिप उनके बजाए किसी और कॉलेज स्टूडेंट्स को मिल गई है. ऐसे में, अधिकतर कॉलेज स्टूडेंट्स काफी परेशान हो जाते हैं लेकिन उन्हें इसकी सही वजह समझ नहीं आती है. दरअसल, अगर कॉलेज स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप न मिलने के वास्तविक कारणों का पता चल जाए तो वे समय रहते उनका सटीक समाधान तलाश कर जल्दी ही अपने लिए एक सूटेबल इंटर्नशिप तलाश कर सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपके सामने कुछ ऐसे ही संभावित कारण पेश कर रहे हैं जो आपको एक सूटेबल इंटर्नशिप हासिल करने में अबतक एक बड़ी बाधा साबित हुए हैं. आप इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़कर और इन कारणों का निराकरण करके बेशक मनचाही इंटर्नशिप हासिल करने में कामयाब रहेंगे. आइये आगे पढ़ते हैं यह आर्टिकल:

संबद्ध कंपनी के बारे में रिसर्च न करना

एक कॉलेज स्टूडेंट होने के नाते जब भी आप किसी संगठन में इंटर्नशिप के लिए आवेदन भेजें तो यह आवश्यक है कि आप उस कंपनी या संगठन के बारे में पहले से कुछ रिसर्च कर लें. एक कॉलेज ग्रेजुएट होने के नाते इंटरव्यूअर आपसे इस बारे में इंटरव्यू के दौरान कुछ पूछ सकते हैं. उनका ज्यादा ध्यान आपके द्वारा पेश किये गए काम के नमूनों पर होगा न कि आपकी अकेडमिक क़ाबलियत पर क्योंकि जब आप किसी पेशेवर वातावरण में काम करते हैं तो आपका व्यावहारिक स्किल आपके अकादमिक ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण बन जाता है. आपके प्रैक्टिकल स्किल्स को टेस्ट करने के लिए एम्पलॉयर आमतौर पर ऐसे सवाल करते हैं कि आपने हमारे संगठन को क्यों चुना? आप इस बारे में क्या सोचते हैं कि आप हमारी कंपनी में कार्य करने के दौरान अपना क्या योगदान दे सकेंगे या क्या सीख सकेंगे?. इस तरह के सवालों के जवाब देने के लिए आपको कंपनी के काम और प्रोजेक्ट्स के बारे मे कुछ आधारभूत जानकारी होनी चाहिए.

संबद्ध कंपनी और इंटर्नशिप के प्रति उत्साह की कमी

जो संस्थान इंटर्नशिप के लिए कोई खास रुचि नहीं रखते हैं उन संस्थानों में भी स्टूडेंट्स इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करते हैं और यह कोई असामान्य स्थिति भी नहीं है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे ...हो सकता है कि अगर छात्र अपने सपनों के संगठन में इंटर्नशिप प्राप्त नहीं कर पाएं तो शायद ऐसी स्थिति में वे बैकअप विकल्प के लिए ऐसा करें. ऐसी स्थिति में जब आपका दिल इंटर्नशिप में नहीं है और आप इसके लिए इंटरव्यू देते हैं तो इस बात की बड़ी संभावना होती है कि इंटरव्यूअर का ध्यान आपकी उदासीनता पर जाए और यदि ऐसा हो जाए तो आपको अपने लिए उस संगठन में इंटर्नशिप का कोई भी अवसर प्राप्त करने के बारे में भूल ही जाना चाहिए. असल में, कोई भी संस्थान कोई ऐसा इंटर्न नहीं रखना चाहता है जो उस संस्थान के काम में कोई दिलचस्पी नहीं रखता हो क्योंकि अगर कुछ और न भी हो तो भी वह ‘इंटर्न’ संगठन की जिम्मेदारी तो बन ही जाएगा. इसी तरह, अगर आप अभी इंटर्नशिप ज्वाइन नहीं करना चाहते हैं तो भी आप इंटर्नशिप के लिए अप्लाई न करें तो आपके लिए बेहतर रहेगा.

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इंटरव्यू के दौरान सेल्फ रिप्रजेंटेशन में कमी

अधिक से अधिक कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के द्वारा इंटर्नशिप को अपने करीकुलम का अनिवार्य हिस्सा बनाने के साथ ही इंटर्नशिप मार्किट अब जॉब मार्किट की तरह ही प्रतिस्पर्धी बन गई है. एक अच्छा रिज्यूम और CV महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे आपको केवल इंटरव्यू के दौर तक ही पहुंचा सकेंगे. एक बार इंटरव्यू में शामिल हो जाने पर सब कुछ एम्पलॉयर के सामने खुद को पेश करने की आपकी क्षमता पर निर्भर करता है. एम्पलॉयर के पास किसी विशेष जॉब के लिए उम्मीदवारों को चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प या उम्मीदवार होते हैं और उम्मीद के अनुसार ही वे सर्वश्रेष्ठ लोगों का ही चयन करते हैं. अगर आप अपने भावी एम्पलॉयर के सामने खुद को अच्छी तरह रिप्रेजेंट करना नहीं जानते तो आप पीछे रह जायेंगे और आपको कोई सफलता हासिल नहीं होगी. अपने भावी एम्पलॉयर के सामने खुद को बखूबी पेश करना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसेकि आप इस नौकरी के लिए एक सूटेबल कैंडिडेट कैसे हैं और संगठन में आप किन तरीकों से अपना योगदान दे सकते हैं?.

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संबद्ध इंटर्नशिप के मुताबिक सूटेबल रिज्यूम न होना

अब, अधिकतर कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए यह सबसे बड़ी असफलताओं में से एक है. अगर आप इंटर्नशिप प्राप्त नहीं कर पाते क्योंकि आपके रिज्यूम में आपकी क्षमताओं का अच्छी तरह ब्यौरा नहीं दिया गया, फिर चाहे आप कितने ही कुशल क्यों न हों, इसका कुछ भी महत्व नहीं रह जाता है. इंटरव्यू के दौरान अपनी मजाकिया टिप्पणी या शार्प स्किल्स के साथ इंटरव्यूअर को प्रभावित करना तभी संभव हो सकता है जब एक बार आप अपने रिज्यूम के द्वारा इंटरव्यूअर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहें. ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपका रिज्यूम इंटरव्यूअर को इम्प्रेस नहीं कर पाता है. उनमें से एक करण यह हो सकता है कि आपका स्किल सेट उस नौकरी के लिए उपयुक्त न हो या फिर, यह भी संभव है कि आपका रिज्यूम अच्छी तरह पढ़ा न जा सके और इंटरव्यूअर उसे समझ न सके. ऐसी किसी भी बेवकूफी भरी गलती से बचने के लिए सबसे अच्छा यह रहेगा कि आप बढ़िया रिज्यूम टेम्पलेट्स ऑनलाइन देखें या अपने प्रोफेसर्स और दोस्तों या फिर,  कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करने वाले अपने परिवार के सदस्यों को अपना रिज्यूम दिखायें और उनसे महत्वपूर्ण  फीडबैक लें.

सूटेबल वर्क स्किल्स नहीं हैं आपके पास

अगर आपके पास एम्पलॉयर की जॉब के लिए कोई संबद्ध वर्क स्किल नहीं है या फिर, आपको अभी भी अपना असली पेशा नहीं मिला है तो आप इंटर्नशिप के दौरान सूटेबल वर्कस्किल्स नहीं दर्शा सकेंगे. आप ऐसी फ़ील्ड्स में काम पाने की कोशिश कर रहे हैं जिनके लिए आपके पास प्रतिभा की कमी है. यह एक बहुत ही सामान्य-सी बात है, जो कॉलेज के छात्रों के बीच अक्सर देखने को मिलती है कि वे अक्सर ऐसी किसी जॉब के लिए अप्लाई कर देते हैं जिसमें वे एवरेज स्किल्स रखते हैं. लेकिन कोई भी स्टूडेंट ऐसी किसी फील्ड में इंटर्नशिप करना क्यों चुनेगा जिसमें उसकी दिलचस्पी न हो. इसके कई कारणों में से एक कारण तो यह हो सकता है कि यह जॉब फील्ड बेहतर वेतन प्रदान करती है और इसका दूसरा कारण यह हो सकता है कि शायद उन छात्रों के माता-पिता उन्हें उस फील्ड में अपना करियर बनाने के लिए प्रेशर डालते हों जो कि हमारे देश में एक बहुत असामान्य स्थिति नहीं है. अपनी दिलचस्पी के क्षेत्र का पता लगाएं और फिर उससे सम्बंधित नौकरी प्राप्त करने के लिए अपनी ऐसी एप्लीकेशन   भेजें जो उस क्षेत्र में आपके जुनून की बात करता हो और संबद्ध संगठन में काम करने की आपकी उत्सुकता भी समुचित तरीके से दर्शाता हो. 

ये टिप्स अपनाकर इंडियन स्टार्टअप में पायें इंटर्नशिप

अगर ये सभी कारण आपको इंटर्नशिप मिलने में बाधा साबित नहीं हो रहे हैं तो शायद आपने अभी तक अपने लिए एक सूटेबल इंटर्नशिप ज्वाइन करने के लिए गंभीरतापूर्वक नहीं सोचा है. लेकिन अगर आप वाकई एक सूटेबल इंटर्नशिप जल्दी ही ज्वाइन करना चाहते हैं तो इन कारणों को ध्यान में रखते हुए अपना एक्शन प्लान तैयार कर लें और फिर पसंदीदा कंपनियों में अपनी इंटर्नशिप एप्लीकेशन्स जरुर भेज दें. आपको जरुर सफलता मिलेगी क्योंकि जहां चाह, वहां राह!

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