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डिजिटल वर्ल्ड के 7 बेहतरीन जॉब्स

Mar 14, 2019 17:51 IST
डिजिटल वर्ल्ड के 7 बेहतरीन जॉब्स

आजकल के छात्र अपने फ्यूचर ग्रोथ को लेकर काफी गंभीर हैं तथा इस विषय में वे निरंतर चिंतन करते हुए जॉब से सम्बन्धित कोई भी निर्णय लेना चाहते हैं. इसलिए हमें छात्रों को और अधिक सशक्त बनाना चाहिए और उन्हें इस बात का एहसास दिलाना चाहिए कि वे सोसाइटी में चेंज मेकर का काम कर सकते हैं. वे पूरी दुनिया को बदलने की ताकत रखते हैं.

परिवर्तन के इस दौर में अब छात्रों को पहले की पारम्परिक विचारधारा कि हमें डॉक्टर, इंजीनियर या प्रोफेसर बनना है,को छोड़कर कुछ नया करने के विषय में सोचना चाहिए. अन्य क्षेत्रों में सफलता के लिये छात्रों में कई स्किल्स जैसे इन्नोवेशन, कम्युनिकेशन तथा टेक्नोसेवी प्रवृति आदि का विकास करना बहुत जरुरी है.

डिजिटलाइजेशन के इस दौर में जॉब्स भी अब अपने पारम्परिक रूप से कुछ अलग रूप में मार्केट में उपलब्ध हैं. ऑफबिट जॉब्स तो अब लोगों के बीच बहुत ज्यादा लोकप्रिय होते जा रहे हैं. आइये कुछ ऐसे ही नए जॉब्स की चर्चा करते हैं जिसमें आकर्षक सैलरी के साथ साथ निकट भविष्य में बेहतर ग्रोथ की संभावना है.

1 कॉमर्सियल सिविलियन ड्रोन ऑपरेटर्स

ड्रोन की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि भविष्य में डिलीवरी सेवाओं, फोरेंसिक और फिल्मांकन सहित अन्य क्षेत्रों में ड्रोन का इस्तेमाल निरंतर बढ़ता जायेगा.एक बार जब ड्रोन पूरी दुनिया में छा जायेगा तो बिजनेस फील्ड में बिजनेस से जुड़े सिविलियन ड्रोन कार्यकर्ताओं की महती आवश्यकता होगी. इसके लिए उम्मीदवारों के पास पायलट लाइसेंस और सप्लीमेंट्री बिजनेस ट्रेनिंग के अनुभव का होना जरुरी होगा.अगले कुछ वर्षों में हमें पायलट रहित विमान भी देखने को मिलेंगे. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है.अमेज़ॅन तो पहले से ही स्थानीय डिलीवरी के लिए ड्रोन का उपयोग करने के विचार को प्रस्तावित कर रखा है.

2.डिजिटल करेंसी एडवाइजर

आजकल दिनोदिन डिजिटल मुद्राओं का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है. लोग अब सामान्य करेंसी की बजाय इन मुद्राओं पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं.भविष्य में फायनेंसियल पोर्टफोलियो से जुड़े कामों के लिए डिजिटल करेंसी एडवाइजर की मांग बहुत बढ़ेगी. डिजिटल करेंसी एडवाइजर बनने के लिए कंप्यूटर सेफ्टी तथा मोनिट्री मैनेजमेंट की डिग्री आवश्यक है.

3.डेटा साइंटिस्ट

डेटा साइंटिस्ट का मुख्य काम डेटा को कैप्चर करना होता है.इसके लिए प्रोग्रामिंग स्किल्स और डेटा बेस स्किल्स की जरुरत होती है. डेटा साइंटिस्ट मूल रूप से स्टैटिसटिक्स तथा मैथ्स के जरिये डेटा का विश्लेषण करते हैं. बाद में वे इसे एक्सेल,पावर प्वाइंट तथा गूगल विजुअलाइजेशन के जरिये प्रस्तुत करते हैं. इतना ही नहीं वे इन सभी डेटा को स्ट्रक्चर्ड फॉर्म में स्टोरी फ़ॉर्मेट में सामने रखते हैं. डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए  उम्मीदवारों के पास मैथ्स, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एप्लाइड साइंस, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में एमटेक और एमएस की डिग्री होना जरूरी है. मार्केट में डेटा साइंटिस्ट की मांग बहुत बढ़ गयी है और यह निकट भविष्य में और बढ़ती ही जाएगी. छोटी बड़ी हर तरह की कम्पनियां डेटा को समझने तथा उन्हें जोड़ सकने वाले डेटा साइंटिस्ट की तलाश में रहती है.  फोर्ब्स में प्रकाशित आईबीएम की एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 तक मार्केट में डेटा साइंस और एनालिटिक्स जॉब की संख्या 364,000 से बढ़कर लगभग 2,720,000 तक हो जाने की संभावना है.

4.डिजिटल आर्टिस्ट

डिजिटल या मल्टीमीडिया कलाकार अपनी कलाकृति को जीवंत बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं. ड्राइंग और मूर्तिकला जैसी पारंपरिक कला तकनीकों के अलावा, डिजिटल कलाकार 3-डी एनीमेशन, इंटरेक्टिव वेबसाइट ग्राफिक्स या डिजिटल रूप से संवर्धित इमेज बनाने के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं. वे एनीमेशन दृश्यों के लिए स्टोरी बोर्ड भी विकसित कर सकते हैं और एनीमेशन इफेक्ट की एडिटिंग भी करते हैं.डिजिटल आर्टिस्ट सामान्य रूप से मोशन पिक्चर्स, सॉफ्टवेयर पब्लिशिंग और विज्ञापन फर्मों में काम करते हैं.

कलात्मक कौशल को जोड़ने के लिए  डिजिटल आर्टिस्ट को कंप्यूटर डिजाइन प्रोग्राम्स, जैसे एडोब, इन डिजाइन और फोटोशॉप या ड्रीमविवर के उपयोग में कुशल होना चाहिए.

5.वेस्ट डेटा मैनेजर्स

आज की बदलती डिजिटल इंडस्ट्री में कई तरह की नौकरियां पैदा हो रही है, जिसमें वेस्ट डेटा मैनेजर्स की जॉब भी शामिल है. डेटा मैनजर्स कंपनी के डेटा को आर्काइव करने का काम करते हैं और इसके लिए व्यवस्थित प्रोग्राम तैयार करने का काम करते हैं. भविष्य में अधिक तर्कसंगत डेटा इकठ्ठा करने के लिए डेटा -डुप्लीकेशन स्पेशलिस्ट  की आवश्यकता होगी. वेस्ट डेटा मैनेजर्स डेटा सेंटर्स को अनावश्यक कॉपी तथा प्लेफुल क्लटर से मुक्त रखते हैं.

6.डेटा होस्टेज स्पेशलिस्ट

 लोगों को अपने नियंत्रण में रखना एक मुश्किल काम है लेकिन डेटा को अपने कंट्रोल में करना इसके वनिस्पत आसान है.इस काम के लिए जरूरी नहीं की आप पास में ही हो आप बहुत दूर रहते हुए भी इस काम को अंजाम दे सकते हैं और अपने इस काम के लिए पुरस्कृत भी हो सकते हैं. इसका विकास उन देशों में ज्यादा होता है जहाँ लोग आपके काम को ज्यादा वैल्यू नहीं देते हैं. इसकी वजह से डेटा होस्टेज निगोशिएटर,डेटा रीट्राईवल स्पेशलिस्ट तथा डैमेज कंट्रोल एनालिस्ट आदि जॉब्स को बढ़ावा मिलता है और लोग इस तरह के जॉब्स करने की भी इच्छा रखते हैं.

7.मशीन लर्निंग

आजकल हमारे जीवन में मशीनें इस तरह प्रभावी हो गई हैं कि अब हमें अगर ‘मशीनी मानव’ कहा जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. आजकल हमारे रोज़मर्रा के जीवन में मशीनें काफी काम कर रही हैं. अगर हमारे जीवन में मशीनों का इस्तेमाल निरंतर बढ़ रहा है तो मशीनों के बारे में सटीक जानकारी रखना और इन्हें ज्यादा उपयोगी बनाना हमारे लिए बहुत जरुरी हो गया है. आजकल पूरी दुनिया में रोजाना टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन्स हो रही हैं और इस वजह से मशीन लर्निंग के कॉन्सेप्ट का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है. मशीन लर्निंग के फील्ड में होने वाले इन्वेंशन्स वास्तव में इंटरनेट और सेल्फ-एजुकेशन की फ़ील्ड्स में एक नए पहलू का विकास करेंगे. आजकल ड्रोन्स और रोबोट्स का हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है. अपनी डेली लाइफ में मशीन्स के लगातार बढ़ते हुए इस्तेमाल के कारण, मशीन लर्निंग में हमें अपना कौशल बढ़ाना चाहिए. आजकल फाइनेंस, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज में रोबोट्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जा रहा है क्योंकि ये रोबोट्स हमारे रोज़ाना के मुश्किल काम को बड़ी आसान बना देते हैं. निकट भविष्य में इस फील्ड में भी जॉब्स के सुनहरे अवसर उपलब्ध होंगे.

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