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क्रिकेट में जानकारी बढाएं साथ ही आनंद भी लें

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टेस्ट मैच- क्रिकेट के वास्तविक स्वरूप का प्रतिनिधि टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत सन 1877 में एमसीजी (मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड) इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियामैच से हुई पर 1877 में खेले गए इस मैच को पहला अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं माना जाता। पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का दर्जा सितंबर 1844 में अमेरिका और कनाडा के बीच हुए मैच को हासिल है। कम ही लोगों को पता होगा कि 1980 तक टेस्ट मैच छ: दिनों का होता था जिसमें एक दिन बतौर रेस्ट शामिल था। डब्लू.जी ग्रेस को क्रिकेट का पितामह कहा जाता है।

वनडे क्रिकेट- क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा खेले जाने वाले प्रारूप एकदिवसीय मैचों की शुरुआत के वक्त कई परंपरावादियों ने इसे बेतुका बताया था लेकिन उन्हें नहीं पता था इसमें ही खेल का भविष्य छिपा है। सर्वप्रथम सीमित ओवर क्रिकेट की शुरुआत 5 जून 1971 को संयोवश तब हुई जब एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैड के बीच खेले जा रहे टेस्ट के पहले तीन दिन बारिश में धुल गए और आयोजकों को एक 40-40 आवरों (8 बॉल प्रति ओवर)का मैच करवाना पडा। वनडे को आज की रंगीनियत देने का श्रेय ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपति कैरी पैकर की व‌र्ल्ड सीरीज-1977 को जाता है।

टी-20- कभी इंग्लैंड के घरेलू काउंटी क्रिकेट का हिस्सा रहा टी-20 आज क्रिकेट के वैश्विक विस्तार का जरिया है। पहला टी-20 मैच ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच 2005 में ऑकलैंड में खेला गया। तब से लेकर आज तक आईपीएल, केएफसी लीग के रथ पर सवार क्रिकेट का यह संक्षिप्त प्रारूप सीधे युवाओं के दिलों में इंट्री ले चुका है।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट- भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशों में फ‌र्स्ट क्लास क्रिकेट खेला जाता है। भारत में रणजी ट्राफी के लंबे-लंबे सत्र इसी प्रकार के क्रिकेट के उदाहरण हैं। यह अमूमन चार दिवसीय होता है। टेस्ट की तरह इसमें चार इनिग्स होती है। पहली पारी की बढत के आधार पर ही हार जीत का फैसला होता है।

डबल विकेट- यह क्रिकेट का एक अनौपचारिक रूप है जिसमें दो-दो खिलाडियों की टीम होती है। इस खेल में बैटिंग करने वाला खिलाडी आउट नहीं होता बल्कि हर बार आउट होने पर उस पर कुछ रनों की पेनाल्टी लगा दी जाती है। इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में डबल विकेट बहुत लोकप्रिय है। आज अंतरराष्ट्रीय खिलाडियों की मौजूदगी डबल विकेट को और दिलचस्प बना रही है।

इंडोर क्रिकेट- इसके सभी नियम परंपरागत क्रिकेट की तरह होते हैं। बस फर्क यही है कि यह इंडोर यानि बंद स्टेडियम में खेला जाता है।इसकी शुरुआत 1970-80 के दशक में हो गई थी लेकिन आज का रूप पाते-पाते सालों लग गए। बिगडते मौसम के मिजाज के बीच इंडोर क्रिकेट खासा कारगर है। व‌र्ल्ड इंडोर क्रिकेट फेडरेशन, ब्रिसबेन इसकी मुख्य नियंत्रक संस्था है।

बीच क्रि केट- समुद्र तटों की रेत पर मौज मस्ती भरे महौल में खेला जाने वाला क्रिकेट बीच क्रिकेट के नाम से मशहूर है। खेल का यह टाइम पास फॉर्मेट ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज में खूब खेला जाता है। परिस्थितियों, मौसम के मुताबिक इस खेल में खिलाडियों की संख्या से लेकर ओवर, आउट होने के नियमों तक में बदलाव होते रहते हैं।

टेप बॉल क्रिकेट- दक्षिण एशिया खासतौर पर पाकिस्तान में टेप बॉल का स्थानीय स्तर पर जलवा देखने लायक है। अपने ढंग के रचनात्मक बदलावों से लैस टेपबॉल क्रिकेट में टेनिस बॉल को प्लास्टिक टेप (इंसुलेटिंग टेप)से ढंक दिया जाता है। नतीजतन गेंद भारी हो जाती है और तेज गेंदबाजों को दमदार स्विंग मिलती है। पाक क्रिकेट को एक से बढकर एक तेज गेंदबाज देने में टेप बाल की अहम भूमिका रही है।

किलिकिटी- एशिया प्रशांत परिक्षेत्र के पॉलीनेशिया (ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, पापुआन्यूगिनी, सोमाओ आदि द्वीपीय देशों) में खेला जाने वाला क्रिकेट से मिलता जुलता यह किलकिटी, खेल से ज्यादा सांस्कृतिक आदान प्रदान का जरिया है। इसमे प्रयोग होने वाली गेंद कठोर रबर की होती है वहीं बैट की जगह परंपरागत सोमाऊ लकडी के क्लब का इस्तेमाल होता है। किलकिती सोमाऊ का राष्ट्रीय खेल है।

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