कॉलेज स्टूडेंट्स के सुकून और बैलेंस्ड लाइफ के लिए जरुरी हैं ये स्ट्रेस बस्टर्स

पूरी दुनिया में आजकल हरेक आयु वर्ग के लोग ‘स्ट्रेस’ शब्द का अर्थ अच्छी तरह समझते हैं क्योंकि आजकल प्राइमरी स्कूल के बच्चे भी अपनी स्टडीज और पीअर प्रेशर को रोजाना झेलते हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स की जिंदगी में जितनी मौज-मस्ती शामिल होती है, उतने स्ट्रेस भी मौजूद होते हैं. होम वर्क, एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज, फैमिली, रिलेशनशिप, पीअर-प्रेशर के साथ अपनी सोशल लाइफ बनाये रखने के कारण वे बहुत ज्यादा स्ट्रेस या तनाव महसूस करते हैं. लेकिन समस्या यह नहीं है कि आजकल यंगस्टर्स बहुत ज्यादा स्ट्रेस झेल रहे हैं, समस्या तो यह है कि उन्हें इस बात का अहसास ही नहीं होता है. इसी तरह, वे अक्सर काम या पढ़ाई के बहुत ज्यादा प्रेशर के कारण नींद न आने की शेखी मारते रहते हैं जो कि स्ट्रेस का सबसे बड़ा लक्षण है, लेकिन वे इसमें बड़ा गर्व मसूस करते हैं. स्ट्रेस आपकी पढ़ाई के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है. स्टूडेंट्स की जिंदगी बेहद स्ट्रेसफुल होने की वजह से कई सारी बीमारियां स्टूडेंट्स के शरीर को जकड़ लेती हैं. सिरदर्द, नींद कम आना, फोकस की कमी, पेट में दर्द और ऐसी कई और समस्यायें आपके शरीर पर कुप्रभाव डालने वाले बढ़ते हुए स्टेस के लक्षण हैं. स्ट्रेस आज हमारी डेली लाइफ का एक हिस्सा बन गया है. इस स्ट्रेस को अपने जीवन से दूर भगाने के लिए यहां आपके लिए कुछ प्रभावी स्ट्रेस बस्टर्स दिए जा रहे हैं जिन्हें कॉलेज स्टूडेंट्स बड़ी आसानी से अपना सकते हैं ताकि वे अपने स्ट्रेस को दूर करके एक खुशहाल जिंदगी जी सकें.

रेगुलर एक्सरसाइज है विशेष स्ट्रेस बस्टर

आज दुनिया-भर के साइंटिस्ट्स अपने कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स से यह सिद्ध कर चुके हैं कि रेगुलर एक्सरसाइज आपके तन-मन को हरेक तरह से स्वस्थ रखती है. लेकिन, एक्सरसाइज करने के विचार से ही हर कोई दूर भागता है. अच्छा, तो कुछ फिटनेस फ्रीक्स को छोड़कर या उन लोगों में अलावा जो किसी स्पोर्ट्स टीम में शामिल होते हैं, हर कोई एक्सरसाइज करने से बचता है. लेकिन भले ही आप इसे कितना ही नापसंद करें, एक्सरसाइज करना हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद रहता है. जरुरी नहीं कि आप इसके लिए कोई जिम ज्वाइन करें या अगर आपको पसंद नहीं है तो भी योग करें. एक दिन में 45 मिनट तक तेज़ चलना भी आपके दिमाग और शरीर में तरोताजगी भरने के लिए बहुत फायदेमंद रहता है. आप अपने एरिया या कॉलेज में कोई स्पोर्ट्स टीम या स्पोर्ट्स कल्ब भी ज्वाइन कर सकते हैं.

मनपसंद म्यूजिक दूर भगाता है आपका स्ट्रेस

स्ट्रेस से निपटने का एक अन्य नायाब और असरकारी तरीका अपना पसंदीदा म्यूजिक सुनना है. आपकी भावनाओं और शरीर पर म्यूजिक का बहुत ही गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. हर स्थिति के लिए हरेक म्यूजिक नहीं सुना जाता है. कुछ ऐसे गीत होते हैं जो आप दुखी होने पर सुनना चाहते हैं और कुछ गीत आप खुश होने पर सुनना चाहते हैं. कुछ अलग या आशा के विपरीत घटने तक इनमें बदलाव नहीं आता. आप विभिन्न भावनात्मक स्थितियों में विभिन्न प्रकार का म्यूजिक सुनना चाहते हैं. कुछ गीत बहुत बढ़िया स्ट्रेस बस्टर होते हैं लेकिन जरुरी नहीं कि सब लोगों पर उनका एक-सा असर हो. अक्सर फ़ास्ट म्यूजिक या तीव्र गति का म्यूजिक सुनकर कोई भी ज्यादा सचेत महसूस करता है, अपबीट म्यूजिक से ज्यादा विश्वास बढ़ता है लेकिन धीमी गति या स्लो टेम्पो वाला म्यूजिक आपके स्ट्रेस को चमत्कारी ढंग से दूर भगाता है. इसलिए, कुछ दिन अपना फेबरेट म्यूजिक जरुर सुनकर देखिये कि आपका स्ट्रेस दूर होता है या नहीं. यकीनन यह एक्सपेरिमेंट आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा.

हेल्दी फूड्स भी करते हैं आपका स्ट्रेस दूर

हमारे स्ट्रेस लेवल पर हमारी खाने-पीने की आदतों का भी असर पड़ता है. हेल्दी फूड्स खाने से हमारे शरीर पर स्ट्रेस का असर काफी कम हो हाता है. एक्सपर्ट्स ने हमेशा यह कहा है कि स्ट्रेस और पोषण कई तरीकों से आपस में जुड़े हुए हैं. उदाहरण के लिए, किन्हीं दो छात्रों के बारे में विचार करें जिनका स्ट्रेस लेवल एक जैसा है लेकिन उनमें से एक हेल्दी और संतुलित खाना खाता है जबकि दूसरा छात्र ज्यादातर फ़ास्ट फ़ूड ही खाता है. उन दोनों को अपने स्टर्स लेवल में फर्क महसूस होगा. पहले स्टूडेंट्स का स्ट्रेस काफी हद तक कम हो जाएगा जबकि दूसरे छात्र का स्ट्रेस बढ़ता ही जाएगा. चीनी कम खाने और फल-सब्जियां अधिक खाने से भी शरीर पर स्ट्रेस का बुरा प्रभाव कम हो जाता है. 

दिन में झपकी (नैपिंग) लेना भी है जरुरी

जब आप कम से कम समय में जरूरत से ज्यादा काम करने के बोझ तले दबे हों, अधिकांश छात्र सबसे पहले अपनी नींद छोड़ते हैं. ज्यादातर स्टूडेंट्स यह सोचते हैं कि इसका कोई बुरा प्रभाव या गंभीर नतीजे नहीं निकलेंगे. शायद तुरंत नहीं लेकिन लंबे समय में, पूरी नींद न लेने से अवश्य ही कई समस्याएं पैदा होंगी और जिनसे आपको कई किस्म की बीमारियां हो जाने का खतरा बना रहेगा. पर्याप्त नींद लेना हरेक मनुष्य के लिए बहुत जरुरी है. यह हमारे दिमाग को तनावमुक्त और तरोताज़ा बनाती है. लंबे समय तक पूरी नींद न लेने से कई खतरनाक बीमारियां जैसे हार्ट अटैक्स, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि आपको हो सकती हैं. इसके विपरीत, पूरी नींद लेने से आप ज्यादा प्रोडक्टिव, फोकस्ड और अटेंटिव रहते हैं.

खुशमिजाज रहकर करें अपना स्ट्रेस दूर  

अपनी जिंदगी में स्ट्रेस रूपी दानव से लड़ने के लिए सबसे बढ़िया दवाई हंसना है. हंसने से आपका शरीर सुकून महसूस करता है क्योकि हंसने से आपके शरीर में एंडोर्फिन्स नामक हार्मोन निकलता है जिससे आप ख़ुशी महसूस करते हैं. अपने चारों तरफ नजर मारें और ऐसे व्यक्ति बनें जो बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण और स्ट्रेसफुल परिस्थितियों में भी हमेशा मुस्कुराते रहते हैं और अपने जीवन के छोटे से छोटे क्षण का भी पूरा लुत्फ़ उठाते हैं. कुछ अच्छी कॉमेडी मूवीज देखें, दोस्तों के साथ अपने शहर में होने वाले कॉमेडी शोज देखने जायें, अच्छा हो अगर आप स्वयं कॉलेज की शामों में स्टैंडअप कॉमेडी शो करें. अपने दोस्तों के साथ मिलकर हंसने से आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपका मूड सकारात्कम तरीके से बदल गया.

यहां हम कॉलेज स्टूडेंट्स को यह बात पक्के तौर पर बता देना चाहते हैं कि, लंबे समय तक अपने दिमाग को स्ट्रेस का शिकार बनाये रखने से आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा. स्ट्रेस न सिर्फ आपकी पढ़ाई को बरबाद कर सकता है बल्कि आपके जीवन के सपनों और लक्ष्यों को भी नष्ट कर सकता है. लेकिन अगर आप थोड़े ज्यादा सावधान रहें और समय रहते स्ट्रेस से जुड़ी समस्याओं से निपटाना सीख लें तो इस सब से बड़ी आसानी से बचा जा सकता है. इन स्ट्रेस बस्टर्स को अपने जीवन में लागू करने के लिए कुछ समय अवश्य लें. आप ज्यादा तनावमुक्त, क्रिएटिव और संतुलित महसूस करेंगे. 

इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और पीअर्स के साथ शेयर करें ताकि वे भी अपने जीवन में स्ट्रेस से जुडी समस्याओं से आसानी से निपट सकें. जॉब, करियर, इंटरव्यू, एजुकेशनल कोर्सेज, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर नियमित तौर पर विजिट करते रहें.

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