Advertisement

एक सफल मैनेजर बनने के लिए जरुरी 5 प्रेजेंटेशन स्किल्स

डेल कार्नेगी का कथन है कि “आप वास्तव में किसी के सामने हमेशा तीन भाषण देते हैं. एक वह जिसका आपने अनुभव किया है( अभ्यास किया है,प्रैक्टिस किया है ),एक वह जिसे आपने दिया और एक वह जिसे आप देना चाहते थे.”

यह ध्यान में रखते हुए कि भविष्य में आपके प्रेजेंटेशन को विभिन्न हितधारकों और संगठन में (जहाँ आप काम करते हैं) देखा या सुना जायेगा, एक सफल मैनेजर के रूप में आपको हमेशा एक उच्च स्तरीय सामग्री प्रस्तुत करने की कोशिश करनी चाहिए. 

जो प्रेजेंटेशन आप देंगे वो न सिर्फ आपके भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित करेगा बल्कि उसके जरिये काम से जुड़े आपके उद्देश्यों और अपेक्षाओं को समझने का एक रोडमैप तैयार होता है. इसके विपरीत खराब प्रेजेंटेशन लक्ष्य सेटिंग पर ध्यान देने की बजाय केवल कर्मचारियों के उत्पादक घंटों तक ही सीमित होता है.

 

इसलिए एक सफल मैनेजर के रूप में आपका प्रेजेंटेशन आकर्षक,प्रभावी और स्पष्ट होना चाहिए ताकि वह श्रोताओं पर अपना अमिट छाप छोड़ सके तथा उन्हें अपने कार्यों को समझने में भी आसानी हो. यहाँ एक सफल मैनेजर के लिए आवश्यक 6 प्रेजेंटेशन स्किल्स के विषय में बताया गया है.

  • प्रेजेंटेशन की तैयारी भलीभांति करें – यह सोचकर कि आपका प्रेजेंटेशन आपके साथियों या सीनियर्स द्वारा देखा या सुना जायेगा उसकी तैयारी मन लगाकर अच्छे तरीके से करें.  बोलते समय आप कभी भी कोई गड़बड़ी न करें तथा नर्वस न हों अन्यथा लोग ये समझेंगे कि आपको उस विषय की पूरी जानकारी नहीं है. प्रेजेंटेशन देने से पहले आपको नीचे दिए गए कुछ बातों पर विशेष रूप से गौर करना चाहिए.
  • अपने प्रेजेंटेशन का रिहर्सल करें –  स्लाइड के जरिये पढ़ने तथा उसे याद करने की कोशिश करें ताकि आप आत्मविश्वास के साथ अपना प्रेजेंटेशन दे सकें. इससे आपको श्रोताओं द्वारा स्लाइड में वर्णित तथ्यों से जुड़े सवालों को पूछने पर उसका सही जवाब देने में सुविधा होगी.
  • प्रेजेंटेशन से पहले पीपीटी के सभी उपकरणों की जाँच कर लें – आपको यह सलाह दी जाती है की अपना प्रेजेंटेशन देने से पहले पीपीटी के सभी उपकरणों की भलीभांति जाँच कर लें ताकि प्रेजेंटेशन देते समय किसी तरह का तकनीकी अवरोध उत्पन्न न हो.
  • बोलने के लिए तैयार रहें – आप जो कुछ भी बोलते हैं वह सभी को समझ में आना चाहिए. टॉपिक की पूर्ण जानकारी के लिए उसकी पूरी छानबीन तथा उससे सम्बंधित शोध आवश्यक होता है. हुम,ओह,अम जैसे सेन्टेंस फिलर्स का प्रयोग हरगिज नहीं करें क्योंकि यह श्रोताओं के समक्ष आपके अन प्रोफेशनल एट्टीट्युड एवं ज्ञान के सतही स्तर को प्रदर्शित करता है.
  • आवश्यक्ता के अनुरूप क्यू कार्ड की मदद लें – अगर आपको ऐसा लगता है कि स्लाइड में गहन तथ्यों की संक्षिप्त जानकारी दी गयी है तो आप क्यू कार्ड की मदद ले लेकिन उससे पढ़ने की भूल कभी नहीं करें.अपने प्रेजेंटेशन को आकर्षक बनाने के लिए प्वाइंटर का इस्तेमाल करें.

2. ऑडिएंस पर फोकस करें

प्रसिद्ध लेखक और स्पीकर 'लिली वाल्टर्स' ने एक बार कहा था कि " आपके प्रेजेंटेशन की सफलता आपके ज्ञान पर नहीं बल्कि श्रोताओं ने उसे किस तरह समझा इस बात पर निर्भर करती है.”

इससे साफ जाहिर होता है कि आपने जिसके लिए अपनी प्रेजेंटेशन बनायी है आपको उसके प्रोफाइल को समझना होगा. कभी कभी कठिन टेक्नीकल शब्दों का प्रयोग भाषा के प्रवाह को कम कर देता है जिससे श्रोताओं की उतनी रूचि उसमें नहीं होती है.

कभी कभी ऐसा होता है कि जिस मुद्दे पर बात की जाती है उसका श्रोताओं के वर्क प्रोफ़ाइल से कोई लेना देना नहीं होता है वे अपने आपको विषयवस्तु से बिलकुल अलग थलग पाते हैं.

अपने प्रेजेंटेशन को फाइनल टच देने से पहले एक बार अपने श्रोताओं की कैटेगरी के विषय में सोंचे ताकि आप उनके अनुरूप अपना कंटेंट बना सकें तथा वे आपके कंटेंट से पूरी तरह लाभान्वित हो सकें. वस्तुतः किसी भी प्रेजेंटेशन का मुख्य उद्देश्य अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन में वृद्धि करना होता है,इसलिए इस बात पर हमेशा गौर कीजिये.

3. श्रोताओं को आकर्षित करने का प्रयास करें.

यह आपकी जिम्मेवारी है कि आप अपने श्रोताओं को अपनी जगह, अपने प्रेजेंटेशन को देखने के लिए विवश करें. आपके प्रेजेंटेशन की विफलता का मुख्य कारण आपके श्रोताओं एवं दर्शकों का आलसीपन तथा प्रेजेंटेशन में उनकी रूचि का न होना है. अतः अपने इंटरैक्शन में उन्हें भी शामिल करें.

आप कुछ प्रश्नों की सूची तैयार रखें और उस दौरान इन प्रश्नों के जरिये इनसे अपना इंटरैक्शन बनाये रखें. आपके विषयों को दर्शकों या श्रोताओं द्वारा सुने या देखे जाने पर ही उसकी सफलता निर्भर करती है. दर्शक आपके विषय पर कितना गौर करते हैं यह बात मायने रखती है. अतः दर्शकों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. एक शोध से यह पता चला है कि एक सर्वश्रेष्ठ स्पीकर या प्रस्तुतकर्ता अधिकतम 7 से 10 मिनट के लिए अपने दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट कर सकता है.

Image Source: makeuseof.com

4. अपने स्लाइड को इंटरैक्टिव बनाएं

बहुत बार आपने यह कहावत सुनी होगी कि “एक तस्वीर एक हजार शब्दों का काम करती है.” अतः प्रजेंटेशन स्लाइड बनाते समय इस कहावत को हमेशा याद रखना चाहिए. कई ऐसी मार्केटिंग कम्पनियां हैं जो अपने कंज्यूमर्स के लिए आई ट्रेकिंग स्टडी में संलग्न हैं. प्रेजेंटेशन के लिए यह बहुत जरुरी है क्योंकि हम अपने कम्युनिकेशन के 90 प्रतिशत हिस्से में आँखों का ही इस्तेमाल करते हैं. यह किसी भी चीज की व्याख्या करने में न्यूनतम समय लेता है.

इसलिए, आपको श्रोताओं / दर्शकों को अपनी प्रस्तुति को अधिक प्रभावी ढंग से समझाने के लिए ऊपर दिए गए संकेतों का उपयोग करना चाहिए.

5. KISS (Keep it short and simple) रुल का पालन करते हुए इसे संक्षिप्त और सरल रखें

अपने प्रेजेंटेशन को हमेशा संक्षिप्त और सरल रखने की कोशिश करें. आपके प्रेजेंटेशन को समझना आसन होना चाहिए. श्रोताओं को भ्रमित करने के लिए कभी भी बहुत सारे उक्तियों और अनर्गल बातों का वर्णन नहीं करें. अपनी बात हमेशा स्पष्ट और सरल शब्दों में डाइग्राम की सहायता से कहने की कोशिश करें. नीचे दिए गए नियमों का पालन कर आप श्रोताओं के दिलों को बड़ी आसानी से जीत सकते हैं.

अतः ऊपर दिए गए कुछ ख़ास नियमों का पालन कर आप दर्शकों पर अपना एक अमिट छाप छोड़ सकते हैं तथा एक सफल मैनेजर की कोटि में आ सकते हैं.

Advertisement

Related Categories

Advertisement