स्टूडेंट्स ज़रूर अपनाएं ये 7 महत्वपूर्ण कंप्यूटर स्किल्स

टेक्नोलॉजी आज हर व्यक्ति की ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. आज के समय में हर व्यक्ति कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट आदि का उपयोग करते हैं. इसलिए, शिक्षा के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग ज़ाहिर सी बात है. कंप्यूटर स्किल्स स्टूडेंट्स के लिए बहुत आवश्यक है क्यूंकि उन्हें हर स्तर पर चाहे वो स्कूल में, कॉलेज में या फिर जॉब में हो, सभी जगह कंप्यूटर या लैपटॉप आदि पर काम करना ही होता है. और यही नहीं हमे निजी ज़िन्दगी में भी कुछ आवश्यक कंप्यूटर स्किल्स मालूम होनी चाहिए. स्टूडेंट्स के लिए कम्प्यूटर स्किल्स उनके होमवर्क,असाइनमेंट, प्रोजेक्ट्स या कक्षा में अध्ययन करने में भी सहायक होती है. आजकल, हर विद्यालय में बेहतर पढ़ाने और सीखाने के लिए मॉडर्न टेक्निक्स का उपयोग हो रहा है और स्टूडेंट्स के लिए अपनी स्किल्स बेहतर करना भी ज़रूरी है क्यूंकि यह स्किल्स उनकी कामयाबी के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण रहेंगी.

यहां पढ़िए और जानिए स्टूडेंट्स के लिए कौन-कौन सी कंप्यूटर स्किल्स महत्वपूर्ण है –

1. कंप्यूटर एप्लीकेशन का इस्तेमाल करना स्टूडेंट्स को होमवर्क, असाइनमेंट आदि करने के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप की आवश्यकता होती है और उन्हें इसके लिए कंप्यूटर की एप्लीकेशन्स जैसे की माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस जिसमे वर्ड, एक्सेल शीट, प्रेजेंटेशन आदि, और नोटपैड, वर्डपैड, और इसके अलावा गूगल या इंटरनेट एक्सप्लोरर जैसे ब्राउज़रों को सही से उपयोग करना आना चाहिए. इन सब स्किल्स से स्टूडेंट्स अपने होमवर्क आदि में काफ़ी अच्छे से रिसर्च और पढ़ाई कर सकेंगे. सभी स्टूडेंट्स को बेसिक एप्लीकेशन्स जैसे की वर्ड, नोटपैड,वर्डपैड, स्प्रेड शीट्स, पेंट और पिक्चर एडिटर, ई-मेल भेजना, प्रेजेंटेशन बनाना, प्रिंटर, स्कैनर आदि प्रयोग करना आना चाहिए.

2. राइटिंग स्किल्स  - होमवर्क और असाइनमेंट के साथ-साथ स्टूडेंट्स को ई-मेल, चैटिंग या प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए अपनी राइटिंग स्किल्स को अच्छा कर लेना चाहिए ताकि वो  स्कूल, कॉलेज या फिर करियर में भी कभी बाधा रहे. राइटिंग स्किल्स में स्टूडेंट्स को टाइपिंग स्पीड, सही से इंग्लिश स्पेलिंग और ग्रामर के साथ-साथ औपचारिक और अनौपचारिक तरीके से लिखना आना चाहिए.

3. इंटरनेट का सही से उपयोग करना इंटरनेट एक ऐसा नेटवर्क है जहां हर सवाल का जवाब मिलता है, स्टूडेंट्स इंटरनेट के ज़रिए अपना होमवर्क,असाइनमेंट या इंटरनल/एक्सटर्नल प्रोजेक्ट्स में काफ़ी मदद ले  सकते हैं. इंटरनेट ब्राउज़र जैसे की गूगल, मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स, इंटरनेट एक्स्प्लोरर और यूसी ब्राउज़र का ठीक से प्रयोग करना यानिकी स्टूडेंट्स को वायरस वाली हानिकारक वेबसाइटों से अवगत होना चाहिए, और साथ ही किसी भी जानकारी, समाचार और सूचनाओं आदि का प्रमाण करना आना चाहिए ताकि वो कुछ गलत जानकारी लेकर अपना होमवर्क ना करें. इसके अलावा स्टूडेंट्स को बुकमार्क्स,कुकीज़,इंटरनेट हिस्ट्री, डाउनलोड करना, व डेटा का सही उपयोग करना आदि आना चाहिए.

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4. फ़ाइल और फ़ोल्डर्स को बनाए रखना – स्कूल में जिस तरह स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई का सामान जैसे की नोटबुक, किताबें, स्टेशनरी आदि को ठीक से व्यवस्थित करते हैं उसी तरह स्टूडेंट्स अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में फाइल और फ़ोल्डर्स को सही से रखना चाहिए. स्टूडेंट्स को इमेज फ़ाइल,वर्ड फ़ाइल,डाउनलोड फ़ोल्डर आदि को अलग से रखना चाहिए. कंप्यूटर में अपना डाटा सही से ना रखने की वजह से कंप्यूटर मेमोरी की कमी होने से गति कम हो जाती है और कंप्यूटर रुक-रुक कर चलता है जिससे आपको कंप्यूटर पर काम करने में परेशानी आती है. इन सभी परेशानियो से बचने के लिए और सही से कंप्यूटर का उपयोग करने के लिए स्टूडेंट्स सीखना चाहिए की फ़ोल्डर्स कैसे बनाए और साथ ही जो अनावश्यक या हानिकारक फाइल्स है उन्हें डिलीट कैसे करें.

5. कम्युनिकेशन के सही तरीके – आज हर स्टूडेंट सोशल मीडिया, चैटिंग, ई-मेल जैसी एप्लीकेशन्स का उपयोग करते हैं. इसलिए स्टूडेंट्स को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को सही करना ज़रूरी है और साथ ही औपचारिक व अनौपचारिक कम्युनिकेशन के बीच का अंतर समझना भी ज़रूरी है. क्यूंकि, अगर स्टूडेंट्स स्कूल या कॉलेज से जुडी ई-मेल या चैट पर इनफॉर्मल तरीके से बात करेंगे तो उनका सही प्रभाव नहीं पड़ेगा. फॉर्मल प्लेटफार्मों पर स्टूडेंट्स को सही से ग्रामर, स्पेलिंग और साथ ही सही तरीके से इमोटिकॉन (स्माइली) का प्रयोग करना आना चाहिए. और स्टूडेंट्स अगर सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे की ट्विटर, फेसबुक, स्काइप आदि का उपयोग कर रहे है जो की इनफॉर्मल प्लेटफार्म है; तो अपने कम्युनिकेशन पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है यानि ग्रामर, स्पेलिंग आदि. लेकिन, स्टूडेंट्स अपनी सिक्यूरिटी का ध्यान ज़रूर रखे और अपनी इनफार्मेशन को लीक होने से बचाने के लिए सही कदम उठाएं.

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6. साइबर अपराध और सुरक्षा को समझे - साइबर क्राइम यानिकी इंटरनेट के माध्यम से किसी के साथ धोखाधड़ी, हैकिंग या इनफार्मेशन का अनैतिक उपयोग करना आदि. स्टूडेंट्स को साइबर क्राइम के बारे में जागरूकता होना आवश्यक है. साइबर क्राइम आधुनिकता के साथ और ज़्यादा गंभीर रूप लेता जा रहा है इसलिए स्टूडेंट्स को अपनी तरफ से सावधान रहने की जरूरत है. स्टूडेंट्स अपनी सिक्यूरिटी के लिए फायरवॉल्स,सुरक्षा सेटिंग और मैलवेयर सिक्यूरिटी के लिए सही एप्लीकेशन्स का उपयोग करें. और साथ ही स्टूडेंट्स साइबर सिक्यूरिटी से जुड़े निर्देशों को अपने दोस्तों व सहपाठियों से ज़रूर बाटे ताकि वो भी इंटरनेट से होने वाले अपराधों से सुरक्षित रहें.

7. सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को ठीक करना जानें – कंप्यूटर या लैपटॉप, एक मशीन है जो की कभी भी बिगड़ सकती है जिससे स्टूडेंट्स को उपयोग करने में दिक्कत आ सकती है. अपने कंप्यूटर का सही से उपयोग करने के लिए स्टूडेंट्स को सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए जैसे की मैलवेयर / वायरस हटाना, स्टोरेज या मेमोरी ठीक से रखना, डाउनलोड और इनस्टॉल करना, इंटरनेट कनेक्शन और साथ ही माउस, मॉनिटर, सी.पी. यू, केबल/वायर्स आदि को ठीक से रखना जैसी छोटी-छोटी बातों का ज्ञान होना चाहिए.

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निष्कर्ष: स्कूल के छात्रों को इन बेसिक कंप्यूटर स्किल्स को सीखना आवश्यक है क्यूंकि ये सभी स्किल्स उन्हें  लम्बे समय के लिए लाभदायक हैं. क्यूंकि, आजकल हर जगह कंप्यूटर और लैपटॉप के माध्यम से ही काम किया जाता है. स्टूडेंट्स यहां बताई गई आवश्यक कंप्यूटर स्किल्स को ज़रूर अपनाए ताकि उन्हें अपने स्कूल का काम या फिर निजी काम में भी सहायता मिले.

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