सॉफ्ट स्किल्स जिनकी कॉर्पोरेट वर्ल्ड में लगातार बढ़ रही है मांग

लिंक्डइन सर्वे के अनुसार 59% मैनेजर्स का मनना है कि सॉफ्ट स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स को खोज पाना बेहद मुश्किल होता ​​है. इसका यह मतलब है कि आने वाले दिनों मेंकंपनियां सॉफ्ट स्किल्स को ज्यादा प्राथमिकता देंगी. इसके अलावा, सर्वे ने इंडस्ट्रीज से जुड़े कुछ अन्य रोचक तथ्यों पर भी  प्रकाश डाला है. सॉफ्ट स्किल्स की बढ़ती मांग के दो मुख्य कारण हैं. कस्टमर्स प्रोफेशनल्स को कंपनी का चेहरा मानते हैं. इसलिए, कस्टमर्स को क्वालिटी सर्विस देना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होती है. यदि कस्टमर्स या क्लाइंट्स एक प्रोफेशनल की सर्विस से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे अन्य कपनियों के तरफ रुख कर सकते हैं. सॉफ्ट स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की अपने को-वर्कर्स की तुलना में सफल होने की संभावना अधिक होती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि सॉफ्ट स्किल्स समय पर काम पूरा करने में उनकी मदद करते हैं. इसलिए, यहां हम आपके साथ सॉफ्ट-स्किल्स की एक सूची साझा कर रहे हैं जो जॉब पाने में आपकी मदद सकती हैं.

कम्युनिकेशन स्किल

कम्युनिकेशन स्किल  पर्सनालिटी का मुख्य हिस्सा है. आपके प्रोफेशनल लाइफ में, यह वह स्किल है जो नई ऊंचाईयों को छूने और लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने में आपकी मदद कर सकती है.

निगोशिएशन स्किल

एक अन्य ज़रूरी स्किल जो प्रोफेशनल लाइफ में सफल होने में मदद करती है निगोशिएशन है. अपने पहली जॉब के 'सैलरी निगोशिएशन,’ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ में हर कदम पर, ये स्किल काम आती है. प्रभावी निगोशिएशन स्किल ऐसे रिलेशन विकसित करने में मदद करती हैं जिसमें सबका फायदा होता है. अपने प्रोफेशनल लाइफ में निगोशिएशन स्किल को विकसित करें और उसका इस्तेमाल अपने हितों को सुरक्षित करने में करें.

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टाइम मैनेजमेंट स्किल

कॉर्पोरेट वर्क कल्चर में एक समय में कई काम करने होते हैं. इसके लिए आप पुरे हफ्ते का वर्क प्लान करते है और हर काम के लिए समय निर्धारित करते हैं. किसी असाइनमेंट को कम देना उसकी क्वालिटी प्रभावित कर सकता है. ऑफिस में असाइन किये गये सारे कामों को पर्याप्त समय देने के लिए टाइम मैनेजमेंट स्किल क डेवेलप करना अनिवार्य है.

पीपल मैनेजमेंट

पीपल मैनेजमेंट का ग्राउंड रूल कोई रॉकेट साइंस नहीं है. कंपनी में कोई प्रोफेशनल केवल तभी तक आपके साथ रहेगा जब तक उसे अपने काम के अनुसार आवश्यक सम्मान और मान्यता प्राप्त होतीरहेगी . लेकिन प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए पहला और सबसे बड़ा कदम कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट की तरफ से उठाया जाता है. एक बार जब आप किसी कैंडिडेट को चुन लेते हैं तो उसे जॉब प्रोफाइल की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित करना ज़रूरी होता है. ट्रेनिंग के बाद, जब प्रोफेशनल काम करना शुरू कर देता है तो काम पर प्रतिक्रिया भी देना ज़रूरी होता है.

काम के प्रति प्रतिबद्ध रहें

प्रोफेशनल वर्ल्ड में, आर्गेनाईजेशनल टारगेट्स को पूरा करने वाले प्रोफेशनल्स को ज्यादा महत्त्व दिया जाता है. प्रोफेशनल्स की इस क्वालिटी की अक्सर न केवल मैनेजर्स बल्कि कंपनी की  मैनेजमेंट भी तारीफ करती  है. फ्लोचार्ट उन बातों को खूबसूरती से बताता है जिसकी सहायता से एक प्रोफेशनल अपनी पर्सनालिटी में वर्क-कमिटमेंट स्किल जोड़ता है. यदि आप अपने कार्यस्थल का सम्मान करते हैं तो आपका इस फ्लोचार्ट में दी गयी बातों को प्रोफेशनल लाइफ में लागू करना चाहिए.

प्रेशर में काम करना सीखें

हैंड्री वीजिंगर और जेपी पॉलि-फ्राई ने "परफार्मिंग अंडर प्रेशर: द साइंस ऑफ डूइंग योर बेस्ट व्हेन इट मैटर्स मोस्ट" में सामान्य और अल्ट्रा-सकसेज लोगों के बीच के अंतर के बारे में बताया है. दबाव में काम करते समय नेगेटिव वाइब्स को कम करने की क्षमता अल्ट्रा-सक्सेजफुल प्रोफेशनल्स की सफलता में अहम् भूमिका निभाती है.जब प्रेशर में काम करने का टाइम आये तो सबसे पहले स्थिति को स्वीकार करना सीखें और फिर खुद को परिस्थिति के अनुकूल बनायें. इसके बादसिचुएशन पर नियंत्रण कायम करें और दबाव को हावी न होने दें.

प्रभावशाली टीमलीडर बनें

टीम लीडिंग स्किल प्रोफेशनल स्किल से अलग नहीं है. यह विभिन्न स्किल्स का एकदम सही संयोजन है. जब टीम मेम्बर्स इससे प्रभावित होते हैं तो वे आपको टीम लीडर मानने लगते हैं. उपरोक्त वर्णित सात सॉफ्ट-स्किल्स कॉर्पोरेट वर्ल्ड में हाई डीमान्डिंग स्किल्स हैं. ये स्किल्स पर्सनल या प्रोफेशनल लाइफ में किसी भी चुनौती का सामना करने में मदद करती हैं.

 

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