जानिये अपनी इंटर्नशिप को फुल टाइम जॉब में बदलने के कुछ विशेष टिप्स

कॉलेज इंटर्नशिप छात्रों के लिए अपने पसंदीदा करियर हेतु किसी भी कार्य या व्यापार क्षेत्र की ट्रिक्स सीखने का बहुत अच्छा अवसर प्रदान करती है इसका एक अन्य पहलू यह भी है कि आजकल कंपनियां ऐसे इंटर्न्स की तलाश में रहती हैं जो टैलेंटेड होते हैं और जिनकी एक भावी उपयोगी एम्पलॉयी बनने की काफी संभावना होती है अर्थात ऐसे कर्मचारी जो कंपनी की संपूर्ण सफलता में अपना भरपूर योगदान दे सकें.

इसलिये, अगर आप अपनी इंटर्नशिप को एक फुल टाइम जॉब के अवसर में बदलना चाहते हैं तो ये 8 टिप्स आपको अन्य कैंडिडेट्स की भीड़ से अलग करके, वास्तविक टैलेंट और संभावना के साथ एक ‘सुपर इंटर्न’ के तौर पर पेश करने में मदद करेंगे:

प्रोफेशनल बनें

पहली क्वालिटी जो कोई भी कंपनी अपने भावी एम्पलॉयीज में तलाशती है, वह प्रोफेशनलिज्म है. ऑफिस पॉलिटिक्स और एम्पलॉयीज के गॉसिप सेशन्स से बचें ताकि ऑफिस में और ऑफिस के बाहर आपकी सकारात्मक और पेशेवर इमेज बन सके. हालांकि, प्रोफेशनलिज्म इस सबसे भी कहीं आगे तक जाता है और आप इसके तहत ऑफिस टाइम में निजी फ़ोन कॉल्स और ईमेल भी नहीं कर सकते हैं. जब आप अपने ऑफिस में हों तो केवल अपने काम पर ही ध्यान दें. काम करने का जो अवसर और पोस्ट आपको मिले हैं, उनका सम्मान करें क्योंकि कई लोग आपकी जैसी किसी नौकरी की तलाश में होंगे.  

जिज्ञासू बनें

आपके आस-पास सभी लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में काफी अनुभव होता है इसलिये उनसे कार्य के संबंध में अधिक से अधिक, किंतु उपयुक्त प्रश्न पूछें. ऐसा माना जाता है कि जो लोग ज्यादा प्रश्न पूछते हैं, वे अन्य लोगों की अपेक्षा सीखने के लिए ज्यादा तत्पर होते हैं. इस धारणा का उपयोग अपने लाभ के लिए  करें और ग्रहणशील और चौकस बनकर अपने सीनियर्स को प्रभावित करें. आप यह भी सुनिश्चित करें कि जो कुछ भी सिखाया जा रहा है, उसे आप अच्छी तरह सीख और समझ रहे हैं. पकी-पकाई खिचड़ी खाने की उम्मीद छोड़ दें.  

गोल ओरिएंटेड बनें

उन मुद्दों या लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट रहें जिन्हें आप इस इंटर्नशिप से प्राप्त करना चाहते हैं और अपने मेंटर के साथ उनके बारे में चर्चा करें ताकि आपको यह पता चल सके कि कंपनी को आपसे क्या-क्या उम्मीदें हैं. किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपनी आलोचना सुनने के लिए तैयार रहना होता है. इससे आपके मेंटर्स को पता चलता है कि आप वास्तव में अपने कार्य में सुधार लाना चाहते हैं और फिर, उस कंपनी में फुल टाइम जॉब पर आपको रखने की संभावना बढ़ जाती है. किसी कंपनी में इंटर्नशिप शुरू करने से पहले अपने आप से कुछ खास प्रश्न पूछें जैसेकि, क्या आप कोई विशिष्ट कौशल हासिल करना चाहते हैं? आप कंपनी में अपना कैसा इम्प्रैशन डालना चाहते हैं? आप इंटर्नशिप से मिले अनुभव को कैसे बढ़ा सकते हैं?

आलोचना के लिए रहें तैयार

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, यदि अच्छी भावना से देखा जाए तो हम रचनात्मक आलोचना का उपयोग खुद को सुधारने के लिए कर सकते हैं. इस बात को अच्छी तरह से समझें कि आपके मेंटर्स आपको उत्कृष्ट बनाना चाहते हैं और वे आपके काम की जो भी आलोचना कर रहे हैं, वह आपको कठोर लग सकती है; लेकिन यह आलोचना वास्तव में आपके भले के लिए ही है. यह आलोचना आपको भविष्य में वही गलती दोहराने से बचने में मदद करेगी जिससे आपके कौशल निखरेंगे.

अपना उत्साह जाहिर करें

नई प्रोजेक्ट्स लेने के लिए पहल करें, क्योंकि इससे पता चलेगा कि आप केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने में ही दिलचस्पी नहीं रखते हैं और वास्तव में कुछ महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करना चाहते हैं. पेशेवर मीटिंग्स को महत्व दें और अपने सहकर्मियों और सुपरवाइजर्स पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए किसी अन्य पूर्णकालिक कर्मचारी की तरह ही अपना काम करें.

अपने कौशल और आत्मविश्वास जाहिर करें

किसी कार्यालय या कंपनी में अपने आस-पास के लोगों के पास अत्यधिक जानकारी होने से घबरा जाना बहुत आसान है. लेकिन, हमेशा अपने कौशल और प्रतिभाओं पर भरोसा करें क्योंकि अधिकांश मामलों में आप अपने कौशल और प्रतिभा के भरोसे ही किसी भी तरह की नौकरी बखूबी कर सकते हैं. सीखने में रुचि एक अन्य ऐसी महत्वपूर्ण विशेषता है जो आपमें अवश्य होनी चाहिए क्योंकि कर्मचारियों को उनके कौशल के बजाय उनकी काम सीखने में रूचि के आधार पर अधिकतर रखा जाता है. असल में, कौशल  विकसित किये जा सकते हैं लेकिन जिज्ञासा एक जन्मजात गुण है.

सीखने पर ध्यान दें, स्टिपेंड पर नहीं

जबकि कम पैसा कमाना या बिना पैसे लिए काम करना किसी को भी अच्छा नहीं लगता है तो भी आपका मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक काम सीखना और अधिकतम जानकारी प्राप्त करना होना चाहिए. कई प्रतिष्ठित फर्म्स किसी भी तरह का कोई भुगतान नहीं करती हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन फर्म्स में एक इंटर्न के रूप में काम न करें. वास्तव में, इंटर्नशिप से प्राप्त अनुभव ही सबसे ज्यादा मायने रखता है. इंटर्नशिप के दौरान आप नौकरी जैसे अनुभव प्राप्त करेंगे और आपको अपना नेटवर्क बनाने का अच्छा मौका मिलेगा. दबावपूर्ण परिस्थितियों में काम करने से आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. हो सकता है कि शुरू में आपको इस बात का अहसास न हो लेकिन, काम सीखने के फायदे किसी पे चेक से कहीं अधिक दूरंगामी होंगे. इसके अलावा, काम सीखने के अनुभव से आपको पैसे कमाने के कई अवसर मिल सकते हैं.

रिश्ते और नेटवर्किंग

आप सहकर्मियों से लेकर प्रबंधकों तक, प्रत्येक व्यक्ति के साथ पेशेवर और विनम्र संबंध विकसित करने की कोशिश करें. रोजाना जो व्यक्ति भी आप से मिलें, आप उनका अभिवादन करें क्योंकि इससे आपकी तरफ लोगों का ध्यान जाता है और सभी लोगों पर आपका सकारात्मक और मैत्रीपूर्ण प्रभाव पड़ता है. आजकल सोशल मीडिया ने लोगों के लिए अपने नेटवर्क का विस्तार करना और पेशेवर संबंध कायम रखना काफी आसान बना दिया है. लिंकडीन आपके लिए अपने सहकर्मियों के साथ जुड़ने का एक सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है क्योंकि यह पूरी तरह से पेशेवर है. नेटवर्किंग न केवल इंटर्नशिप के दौरान आपकी मदद करेगी बल्कि बाद में आपके करियर में भी फायदेमंद होगी.

यदि आप इन टिप्स को अपनायेंगे तो किसी भी कंपनी में इंटर्नशिप पूरी होने के बाद एक स्थायी कर्मचारी के तौर पर कार्य करने के लिए पत्र प्राप्त करना आपके लिए मुश्किल नहीं होगा. अपने मेंटर्स के साथ नेटवर्किंग और अत्यधिक उत्पादक बनकर आप अपने पक्ष में यह बाजी कर सकते हैं क्योंकि असल में, एक इंटर्नशिप का मकसद यही तो होता है  है.

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