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भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करते समय होने वाली 9 कॉमन गलतियाँ

भौतिक विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें किसी भी टॉपिक को अच्छी तरह समझने के बाद ही हम उनपर आधारित प्रश्नों को हल करने में समक्ष हो पाते हैं. लेकिन कई बार छात्रों के साथ यह दुविधा का कारण होता है कि टॉपिक्स तो वह सही तरीके से समझ जाते हैं लेकिन छोटे-छोटे गलतियों के कारण प्रश्नों को सही तरीके से हल करने में समक्ष नहीं होते हैं.

आज इस लेख में हम भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करते समय होने वाले 9 ऐसे कॉमन मिस्टेक्स के बारे में चर्चा करेंगे जो अक्सर कई छात्रों को समझ नहीं आते हैं.

1. इकाइयों को आपस में मिश्रित करना:

भौतिकी के प्रश्नों को हल करते समय छात्रों के द्वारा होने वाली आम गलतियों में से एक है इकाइयों को आपस में मिश्रित करना. उदाहरण के तौर पर यदि आपको कोई प्रश्न हल करना है जिसमें यूनिट्स/इकाइयां; इंच, किलोग्राम और सेकंड में है तो उसके उत्तर से पहले यह ज़रूर ध्यान दें की सभी इकाइयां एक सतत प्रणाली में परिवर्तित हों. भौतिकी में इकाइयों की सबसे आम प्रणाली मीटर-किलोग्राम-सेकंड यानि MKS प्रणाली है तथा न्यूटन, वाट और वोल्ट MKS की इकाइयां हैं. यानि जब भी आपको MKS सिस्टम्स का इस्तेमाल करना हो तो यह याद रखें की आपको सबकुछ पहले MKS में परिवर्तित करना है. इसी प्रकार जब भी प्रश्नों को हल करें सबसे पहले उनके इकाइयों को सही तरीके से जाँच लें.

2. जवाब गलत इकाइयों में व्यक्त करना:

भौतिकी में कई बार छात्रों को प्रश्न हल करते समय यह समझना मुश्किल पड़ जाता है कि उत्तर के समय कौन सी इकाइयों को इस्तेमाल करना है. इस बात का हमेशा ध्यान दें की यदि प्रश्न का उत्तर MKS सिस्टम में हल करना है तो उसे CGS इकाइयों में न व्यक्त करें. छात्र पहले इन बातों का ध्यान नहीं देते हैं तथा अंत में जब प्रश्न हल करने के बाद उसके उत्तर को व्यक्त करना होता है तो उन्हें हल करने की प्रक्रिया को फिर से दोहराना पड़ता है जिससे काफी समय व्यर्थ जाता है.

3. रेडियंस और डिग्री की स्वैपिंग:

डिग्री मुख्यतः भौतिकी के प्रश्नों को हल करने में किया जाता है- केवल कोणीय वेग और त्वरण के प्रश्नों के अलावा डिग्री का इस्तेमाल हर जगह करना होता ही है. यहाँ आपको सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी है कि आप प्रश्न हल करते समय डिग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं या रेडियंस? उदाहरण के तौर पर यही आप कोई प्रश्न हल कर रहे हैं तथा उसे आपको उसे डिग्री में व्यक्त करना है तथा आप इसके लिए कोई कैलकुलेटर इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके द्वारा इस्तेमाल होने वाले कैलकुलेटर की जाँच कर लें की उत्तर रेडियंस में कैलकुलेट हो रहा है या डिग्री में?

4. SINES तथा COSINES को लेकर दुविधा:

त्रिकोंमिति से जुड़े प्रश्नों को हल करते समय सबसे ज्यादा छात्रों को दुविधा होती है SINES तथा COSINES के वैल्यूज तो पुट करने में तथा जिस कारण आगे भी कैलकुलेशन करते समय कई प्रकार की दुविधाएं उत्पन्न हो जाती है. तो हमेशा SINES तथा COSINES के वैल्यूज को ध्यान में रख कर अपनी कैलकुलेशन आगे बढ़ाएं.

वेक्टर्स को वेक्टर्स की तरह न समझना:

जब भी हम दो वेक्टर्स को जोड़ते हैं, तो हमेशा वेक्टर एडिशन के ज़रिए ही जोड़ा करें. कई बार छात्र केवल वेक्टर के magnitude को तो जोड़ देते हैं लेकिन उसके कंपोनेंट्स को जोड़ना भूल जाते हैं जिस कारण उनका उत्तर सही नहीं आता है. तो वेक्टर्स को जोड़ते समय इस बात का खास ध्यान दें.

गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) को ध्यान में न रखना:

जब आप किसी ऐसे प्रश्न को हल कर रहे होते हैं जिसमें चरण परिवर्तन शामिल होता है, जैसे की बर्फ से पानी बनना. ऐसी परिस्तिथि में गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) को कभी अनदेखा ना करें, क्यूंकि जब बर्फ पानी में परिवर्तित होता है तो वह latent heat अवशोषित करता है. जिसे आपको उत्तर के समय कैलकुलेट करना पड़ सकता है.

 

अपवर्तन कोण गलत प्राप्त करना:

जब भी प्रश्नों को हल करते समय अपवर्तन के जुड़े प्रश्न हों तो सुनिश्चित कर लें की कोणों के माप सही है या नहीं है, तथा कोण हमेशा लम्बवत रेखा के संबंध में मापा जाता है. कई बार छात्रों को यह समझने में दुविधा होती है जिस कारण छात्र कोणों के माप में गलतियाँ कर बैठते हैं.

kirchhoff लूप्स के साइन का सही से न इस्तेमाल करना:

किसी भी सर्किट में धाराओं के प्रवाह को जांचने के लिए हम किरचॉफ लॉ का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई छात्र किरचॉफ लॉ पर आधारित प्रश्नों को हल करने में परेशान हो जाते हैं क्यूंकि उन्हें इसके संकेत सही तरीके से समझ नहीं आते हैं.

हमेशा प्रश्न में उपलब्ध सर्किट को ठीक तरीके से समझें, सर्किट में धारा के प्रवाह के संकेत को जानने के बाद  प्रश्न को हल करना शुरू करें.

 दो registors के योग में गलतियाँ:

जब registors श्रृंखला श्रेणी में जुड़े होते हैं तो धारा एक के बाद दुसरे में प्रवाह करती है. ऐसे परिस्तिथि में यदि आपको 2 resistors के बीच का रेजिस्टेंस ज्ञात करना हो तो वह कुछ इस प्रकार प्राप्त होगा; R= R1+R2

ठीक इसी प्रकार यदि दो resistors समानांतर हो तो धारा के प्रवाह को ज्ञात करने के लिए 1/R= 1/R1+1/R2  के ज़रिए ज्ञात करना होगा.

हमेशा इस बात का ख्याल रखें यदि आप registors को श्रृंखला श्रेणी में जोड़ते हैं तो रेजिस्टेंस बढ़ता है और यदि आप resistors को समानांतर श्रेणी में जोड़ते हैं तो रेजिस्टेंस घटता है.

निष्कर्ष: आशा है कि हमारे द्वारा बताये गए सलाह आपके भौतिकी के प्रश्नों को हल करते समय सहायक साबित होंगे तथा आप अब उपरोक्त बताई गई बातों को ध्यान में रख कर प्रश्नों को हल करना शुरू करेंगे.

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भौतिक विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें किसी भी टॉपिक को अच्छी तरह समझने के बाद ही हम उनपर आधारित प्रश्नों को हल करने में समक्ष हो पाते हैं. लेकिन कई बार छात्रों के साथ यह दुविधा का कारण होता है कि टॉपिक्स तो वह सही तरीके से समझ जाते हैं लेकिन छोटे-छोटे गलतियों के कारण प्रश्नों को सही तरीके से हल करने में समक्ष नहीं होते हैं.

आज इस लेख में हम भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करते समय होने वाले 10 ऐसे कॉमन मिस्टेक्स के बारे में चर्चा करेंगे जो अक्सर कई छात्रों को समझ नहीं आते हैं.

1. इकाइयों को आपस में मिश्रित करना:

भौतिकी के प्रश्नों को हल करते समय छात्रों के द्वारा होने वाली आम गलतियों में से एक है इकाइयों को आपस में मिश्रित करना. उदाहरण के तौर पर यदि आपको कोई प्रश्न हल करना है जिसमें यूनिट्स/इकाइयां; इंच, किलोग्राम और सेकंड में है तो उसके उत्तर से पहले यह ज़रूर ध्यान दें की सभी इकाइयां एक सतत प्रणाली में परिवर्तित हों. भौतिकी में इकाइयों की सबसे आम प्रणाली मीटर-किलोग्राम-सेकंड यानि MKS प्रणाली है तथा न्यूटन, वाट और वोल्ट MKS की इकाइयां हैं. यानि जब भी आपको MKS सिस्टम्स का इस्तेमाल करना हो तो यह याद रखें की आपको सबकुछ पहले MKS में परिवर्तित करना है. इसी प्रकार जब भी प्रश्नों को हल करें सबसे पहले उनके इकाइयों को सही तरीके से जाँच लें.

2. जवाब गलत इकाइयों में व्यक्त करना:

भौतिकी में कई बार छात्रों को प्रश्न हल करते समय यह समझना मुश्किल पड़ जाता है कि उत्तर के समय कौन सी इकाइयों को इस्तेमाल करना है. इस बात का हमेशा ध्यान दें की यदि प्रश्न का उत्तर MKS सिस्टम में हल करना है तो उसे CGS इकाइयों में न व्यक्त करें. छात्र पहले इन बातों का ध्यान नहीं देते हैं तथा अंत में जब प्रश्न हल करने के बाद उसके उत्तर को व्यक्त करना होता है तो उन्हें हल करने की प्रक्रिया को फिर से दोहराना पड़ता है जिससे काफी समय व्यर्थ जाता है.

3. रेडियंस और डिग्री की स्वैपिंग:
डिग्री मुख्यतः भौतिकी के प्रश्नों को हल करने में किया जाता है- केवल कोणीय वेग और त्वरण के प्रश्नों के अलावा डिग्री का इस्तेमाल हर जगह करना होता ही है. यहाँ आपको सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी है कि आप प्रश्न हल करते समय डिग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं या रेडियंस? उदाहरण के तौर पर यही आप कोई प्रश्न हल कर रहे हैं तथा उसे आपको उसे डिग्री में व्यक्त करना है तथा आप इसके लिए कोई कैलकुलेटर इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके द्वारा इस्तेमाल होने वाले कैलकुलेटर की जाँच कर लें की उत्तर रेडियंस में कैलकुलेट हो रहा है या डिग्री में?
 
4. SINES तथा COSINES को लेकर दुविधा:
 
त्रिकोंमिति से जुड़े प्रश्नों को हल करते समय सबसे ज्यादा छात्रों को दुविधा होती है SINES तथा COSINES के वैल्यूज तो पुट करने में तथा जिस कारण आगे भी कैलकुलेशन करते समय कई प्रकार की दुविधाएं उत्पन्न हो जाती है. तो हमेशा SINES तथा COSINES के वैल्यूज को ध्यान में रख कर अपनी कैलकुलेशन आगे बढ़ाएं.
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