सफल होने के लिए अपनाएं जीवन को बदलने वाली ये 9 आदतें!

हर युवा पेशेवर के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि 'अपने जीवन में सफलता कैसे प्राप्त करें? एक सामान्य प्रवृत्ति के तौर पर आजकल कई युवकों ने सफल लोगों की नकल करना शुरू कर दिया है और सफल एवं मशहूर लोग अपने दैनिक जीवन में जो कुछ भी करते हैं, ये युवक उन कामों और आदतों की नकल करते हैं. हालांकि, शुरू-शुरू में यह सही रणनीति प्रतीत हो सकती है, लेकिन अगर यह रणनीति वास्तव में प्रभावी होती तो हर युवा उद्यमी जिसने अपने कॉलेज की पढ़ाई बीच ही में छोड़ दी, ऐप्पल इंक के स्टीव जॉब्स की तरह ही सफल रहता. इसलिये, सफल लोगों का अनुसरण करना एक साधारण और आकर्षक प्रवृत्ति हो सकती है, किंतु इससे निश्चित रूप से सफलता की गारंटी नहीं मिल जाती.

अतः अब भी, यह हमारे सामने सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रश्न है अर्थात ऐसा क्या है जो उबेर को अमीर, प्रसिद्ध, सफल और बाकी सब प्रतियोगियों से अलग करता है? ईमानदारी से कहें तो इस दुनिया में कोई भी इस प्रश्न का सटीक उत्तर नहीं दे सकता है. सफल होने का कोई एकमात्र कारण या तरीका नहीं होता है.  वास्तव में जीवन शैली के कई ऐसे छोटे-मोटे पहलू और अच्छी आदतें हैं जो आपको सफल बनाने में मदद कर सकती हैं.
अब हम ऐसी कुछ आदतों के बारे में चर्चा करेंगे जो आपको अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल बनाने में मदद करेंगी:

1. सुबह जल्दी उठने की आदत

अगर किसी स्कूल के बच्चे से सुबह जल्दी उठने के लाभ पूछें, वह तुरंत आपको इसके 100 से भी ज्यादा कारण बता देगा. इतने स्पष्ट और वैज्ञानिक कारण होने के बावजूद भी, युवा पेशेवर अभी तक इस आदत को अपनाने में काफी कठिनाई महसूस करते हैं जिससे उनकी सफलता प्राप्त करने की योजनायें काफी हद तक प्रभावहीन रह हो जाती हैं. चाहे यह काम दबाव हो, देर रात तक काम करते रहने की कोई मजबूरी हो या काफी व्यस्त दिनचर्या ही क्यों न हो; लोग हमेशा सुबह जल्दी न उठने के लिए कोई न कोई बहाना बनाते ही रहते हैं. लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि सुबह जल्दी उठना सफलता पाने का मूल मंत्र है.

यदि आप अभी भी कल सुबह जल्दी जागने के लिए प्रेरणा लेना चाहते हैं तो यहां आपकी मदद के लिए कुछ फायदे प्रस्तुत किये जा रहे हैं:

• सुबह जल्दी जागने से आप अपने दिन में लगभग एक अतिरिक्त घंटा जोड़ लेते हैं जिससे आपको अपने दैनिक कार्य पूरे करने के लिए अधिक समय मिल जाता है.
• शुरुआती घंटों के दौरान आपका मस्तिष्क और मानसिक क्षमता काफी तेज होते हैं जिससे आपको दूसरों की अपेक्षा ज्यादा लाभ मिलता है.
• यह आपको शांत और तनाव से दूर रखता है क्योंकि आपको अपने काम पर देर से पहुंचने या फिर अपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस पहुंचने के लिए मेट्रो / ट्रेन / बस के छूट जाने की चिंता नहीं होती है.
• इससे आपको अपने पूरे दिन की योजना के लिए समय निर्धारित करने हेतु काफी समय मिल जाता है.

2. अपने पूरे दिन की कार्य योजना बनाएं

सुबह जल्दी उठने के विषय को जारी रखते हुए हम आगे चर्चा करते हैं कि, अधिकांश सफल लोग जब किसी दिन सुबह जागते हैं तो उनके पास पहले से ही उस दिन की कार्य सूची या ‘टू डू लिस्ट’ तैयार होती है. इससे उनके दैनिक जीवन में अनुशासन की भावना आती है और इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित हो जाता है कि उनका कोई भी महत्वपूर्ण कार्य न छूटे. अपने पूरे दिन की योजना को समय के अनुसार पहले ही बना लेने से यह भी सुनिश्चित होगा कि आप अपने कार्यों के संबंध में अपनी प्राथमिकताएं सुनिश्चित कर सकेंगे अर्थात जो कार्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं उन्हें सबसे पहले करते हुए आप पूरे दिन बाद में अन्य विविध कार्य कर सकते हैं. इसी तरह, अपने लिए पूरे दिन की योजना बनाकर आप अपने कार्य और जीवन के बीच बेहतरीन संतुलन कायम कर सकते हैं. ऐसा करने पर आप न केवल अपने पेशे के लिए समय निर्धारित करते हैं बल्कि अपनी अन्य कई निजी गतिविधियों जैसे कसरत, मनोरंजन, परिवार आदि के लिए भी काफी समय निकाल सकते हैं.

3. व्यायाम करें, स्वस्थ रहें

पुरानी कहावत 'स्वास्थ्य ही धन है’ आजकल थोड़ी घिसीपिटी लग सकती है, लेकिन आज भी इसका हमारे जीवन में काफी महत्व है जिसे प्रत्येक पेशेवर को अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के मूल मंत्र के रूप में अपनाना चाहिए. धनवान और सफल लोग स्वस्थ रहने के महत्व को समझते हैं और इसलिए उनमें से अधिकतर स्वस्थ रहने के लिए अपनी दैनिक दिनचर्या का कम से कम कुछ समय व्यायाम के लिए अवश्य निकालते हैं. इसमें आधा घंटा कसरत करने के साथ ही अपने खान-पान की आदतों पर पूरा ध्यान देना शामिल किया जा सकता है.

वास्तव में, आजकल भी यही सत्य है कि जब आप अधिक गतिहीन जीवन जीते हैं तो ऐसे दिनों की तुलना में, जिस दिन आप व्यायाम करते हैं या स्वस्थ आहार खाते हैं; उस दिन आप अधिक सक्रिय और तरोताज़ा महसूस करते हैं. बहुत सारे अध्ययनों से भी यह सिद्ध हुआ है कि व्यायाम और अच्छे खान-पान  की आदतों का पेशेवरों की समग्र मानसिकता पर बहुत प्रभाव पड़ता है.
अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आपकी गतिहीन और खराब स्वास्थ्य जीवनशैली का आपके काम और स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ रहा है तो आप गलत सोच रहे हैं क्योंकि निश्चित रूप से कुछ वर्ष या  समय के बाद आपके खान-पान की खराब आदतों और गतिहीन जीवन शैली का प्रभाव आपके जीवन और स्वाथ्य पर अवश्य पड़ेगा. इसलिए, अगर आप अपनी भलाई चाहते हैं तो आज ही से अपने स्वाथ्य का ख्याल रखना शुरू कर दें और रोज़ व्यायाम करने के साथ ही पौष्टिक आहार खायें.

4. जीवन में छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें

यह बहुत मुश्किल है क्योंकि हममें से ज्यादातर यह मानते हैं कि अपने करियर के लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट होना बहुत अच्छी बात है. हां! यह कथन निश्चित रूप से ठीक है. लेकिन जहां एक तरफ इस कथन को व्यापक तौर पर देखते हुए आपको साधारणतया संतोष मिलता है, दूसरी तरफ इससे आपको ऐसे दिशानिर्देश या ऐसी कोई दिशा नहीं मिलेगी जो आपको वह लक्ष्य प्राप्त करने में मदद कर सके. इसलिए, युवा पेशेवरों के लिए यह अत्यावश्यक है कि वे अपने लिए छोटे, व्यावहारिक और सरलता से प्राप्त किये जा सकने वाले लक्ष्य निर्धारित करें. सरलता से प्राप्त किये जा सकने वाले ये छोटे और व्यावहारिक लक्ष्य अंततः युवा पेशेवरों को अपने उस बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद देते हैं.
उदाहरण के लिए, यदि आपका दीर्घकालिक लक्ष्य 'हमेशा फिट या स्वस्थ रहना' या 'पदोन्नति प्राप्त करना' हो तो यह निश्चित रूप से एक महान लक्ष्य है. लेकिन, इसे प्राप्त करने के लिए आपको कई  अन्य छोटे लक्ष्य निर्धारित करने होंगे जो उक्त महान लक्ष्य को हासिल करने के सोपान के रूप में कार्य करेंगे.

छोटे लक्ष्य निर्धारित करना काफी फायदेमंद भी होता है क्योंकि इससे आप बड़े लक्ष्य की ओर अपनी प्रगति की जांच कर सकते हैं जिससे आपको अपनी जिंदगी की प्रगति के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलती है. ख़ास बात तो यह है कि जैसे ही आप अपना पहला लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं, आप तुरंत अपने अगले लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोशिश शुरू कर देते हैं.

5. पढ़ना (रीडिंग)
किसी सफल व्यक्ति की जीवनी या लेख पढ़ने से आपको निश्चित रूप से उनके सफलता प्राप्त करने के मंत्रों के संबंध में जानकारी मिल जाती है. लेकिन, हम एक बात यहां बिलकुल स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि फेसबुक पर कोई लेख पढ़ना या अपने ट्विटर फीड के माध्यम से स्क्रॉलिंग करना इस श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता है.

पढ़ना एक ऐसी गतिविधि है जिसका आनंद अक्सर सफल और धनी लोग अवश्य लेते हैं. उनमें से जो लोग पढ़ना पसंद करते हैं, उनका उद्देश्य कोई जानकारी प्राप्त करने के बजाय कोई सबक सीखना होता है. आसान शब्दों में इसका मतलब यह है कि, जो लोग अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं वे केवल नई जानकारी हासिल करने के लिए पढ़ाई करने के बजाय अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए अच्छी किताबें पढ़ते हैं. पढ़ना आपको हर दिन कुछ नया सीखने में मदद करता है जिससे आप आत्म-विश्लेषण कर सकते हैं और कौशल सीखने के लिए प्रेरित होते हैं और कोई भी शिक्षक आपको यह नहीं सिखा सकता है.
यदि आप पढ़ने के लिए ऐसी कुछ अच्छी प्रेरणादायक पुस्तकों की तलाश कर रहे हैं, जो आपको जीवन में सफल बनाने में मदद प्रदान करें तो आप जीवनियां और आत्मकथा संबंधी अच्छी किताबें पढ़ सकते हैं.

6. साफ-सफाई का रखें ध्यान

जब सफल होने की बात आती है तो कोई भी व्यक्ति इसके पीछे साफ़-सफाई को मुख्य वजह नहीं मानता है. अपनी सभी चीजों को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखना हमें अपने दैनिक कामकाज की तरह ही लगता है जिसका सफलता से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन साफ़-सफाई रखना एक आदत के रूप में चुनौतियों का सामना करने की क्षमता पैदा कर सकता है. असल में, इस तरह की साधारण आदतें बहुत आसानी से अपनाई जा सकती हैं और फिर हम तनाव मुक्त और शांत रहते हैं क्योंकि साफ़-सफाई और सुव्यवस्था रखने पर हमें अपनी प्रत्येक वस्तु जरूरत पड़ने पर आसानी से मिल जाती है.   
उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम या अध्ययन डेस्क को हमेशा व्यवस्थित रखते हैं तो आपको वहां बैठकर काम करना या अध्ययन करना काफी अच्छा लगेगा. इसके अतिरिक्त, आपको जरूरत पड़ने पर अपनी हर चीज़ तुरंत मिल जायेगी और उस वस्तु को तलाशने में लगने वाला आपका काफी समय बच जाएगा.

7. आभार सूची/ पत्रिका बनायें

सफलता और जीवन के हरेक क्षेत्र में सफल होना किसी मंजिल के बजाय एक अंतहीन यात्रा है. अन्य सभी यात्राओं की तरह सफलता की यात्रा में भी हम महसूस करते हैं कि हम कहां हैं? हमारे पास क्या है? हमें किस मुकाम पर पहुंचना है? इसलिए, युवा पेशेवरों के लिए अपने सौभाग्य का एहसास करना और उसके लिए आभारी होना बहुत महत्वपूर्ण है.
कृतज्ञता का रवैया चुनना जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में काफी सहायता देता है और फिर आप अपने जीवन के बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित होते हैं. आज से आप उन तीन चीजों की पहचान करके सूची बनाएं जिनके लिए आप आभारी हैं. ये चीजें ऐसी हो सकती हैं जिन्हें पाकर आपको ख़ुशी या संतोष महसूस होता है. चाहे वह किसी दिन सुबह का बढ़िया नाश्ता हो या आपकी कोई सफल मीटिंग या फिर कम भीड़ वाली बस या मेट्रो मिलने जैसा कुछ भी आप इस सूची में शामिल कर सकते हैं.

एक बार जब आप रोजाना इस तरह की छोटी-छोटी बातों में ख़ुशी महसूस करना शुरू कर देते हैं तो फिर अपने पेशे या निजी जीवन की बड़ी समस्याओं से निपटने में भी आपको इससे काफी मदद मिलती है.

8. रोजाना अकेले बितायें कुछ समय
व्यस्त और चुनौतीपूर्ण काम और निजी कार्यक्रमों के साथ, अपने लिए कुछ समय निकालना आजकल तकरीबन हरेक व्यक्ति के लिए असंभव है. जब आप लगातार सहकर्मियों, परिवार के सदस्यों और दोस्तों से घिरे रहते हैं तो अपने लक्ष्य और महत्वाकांक्षा के बारे में गंभीरतापूर्वक सोचने के लिए समय निकालना आपके लिए असंभव हो जाता है. तिस पर भी, चुनौतीपूर्ण कार्य शैली और आधुनिक सामाजिक जीवन को बनाए रखने के दबाव के साथ आप अपने लिए कुछ 'मेरा समय' बिलकुल नहीं निकाल पाते हैं.

लेकिन जैसेकि कई मनोवैज्ञानिकों का मानना है, “जबकि 21 वीं सदी ने हम सभी को और करीब ला दिया है तो भी इसने हमें खुद से अलग कर दिया है.” इसलिए, यदि आप सफल होना चाहते हैं तो अपने लिए रोजाना कुछ समय अवश्य निकालें. लेकिन, इसका अर्थ यह नहीं है कि आप उस समय सो जायें या टीवी देखें या सोशल मीडिया से चिपके रहें; आपको अपने इस समय का उपयोग अपने साथ जुड़ने, आत्म-मंथन करने और अपने जीवन के अर्थ को समझने के लिए करना चाहिए जैसे आप यह विचार कर सकते हैं कि क्या आप अपने मौजूदा जीवन से संतुष्ट हैं या नहीं?

9. ऑनलाइन सीमाएं निर्धारित करें
हम इस लेख में सोशल मीडिया से दूर रहने का विचार आपके सामने रख रहे हैं और इसके पीछे एक बहुत ही वैध कारण है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे कि फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम; आजकल हमारे रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं और उनसे दूर रहना अब एक अच्छी-खासी चुनौती बन चुकी है.
लेकिन जहां एक तरफ ये साधन अपडेटेड रहने, जानकारी प्राप्त करने और मनोरंजन का बड़ा स्रोत हैं; दूसरी तरफ ये साधन रोजाना आपका काफी समय बरबाद कर देते हैं. इसलिए, अपनी ऑनलाइन समय-सीमा अवश्य निर्धारित करें. यह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमारा कहने का मतलब यह है कि अपने काम के लिए कंप्यूटर स्क्रीन के सामने पूरा दिन बिताने के बाद, अपने घर लौटने के दौरान अपने फेसबुक फीड को देखने के बजाय, अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर को अलग रख दें और वास्तविक जीवन के साथ जुड़ने के लिए समय निकालें.

उचित ऑनलाइन सीमाएं निर्धारित करने से आपका बहुत अधिक समय बच जाएगा जिससे आप अन्य लोगों, विशेष रूप से अपने दोस्तों, सहकर्मियों और परिवार के सदस्यों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे. शुरू में, आप हर रोज 30 मिनट अपने कार्यालय में और 30 मिनट अपने घर में एक 'डिजिटल डिटोक्स घंटा' निर्धारित कर सकते हैं जिस दौरान आप अपने कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन को बंद करके अपने जीवन के अन्य महत्वपूर्ण और अधिक जरुरी कार्य कर सकते हैं.

सारांश

ये कई अलग-अलग दैनिक आदतों में से कुछ ऐसी आदतें हैं जो आपके जीवन में सफलता हासिल करने में आपकी भरपूर सहायता कर सकती हैं. इन आदतों को अपनाकर आप व्यावसायिक सफलता प्राप्त करने के साथ ही अपने आस-पास के लोगों के दिल छूकर अच्छे इंसान बन सकते हैं.

संक्षेप में, हम इंग्लैंड के सुप्रसिद्ध कवि जॉन ड्राइडन का हवाला देते हैं जिन्होंने कहा है कि,
"हम पहले अपनी आदतों को बनाते हैं और फिर हमारी आदतें हमें बनाती हैं."

इसलिए, अपनी आदतों में कुछ जरुरी सकारात्मक बदलाव लायें जिससे आपको न केवल अपने व्यावसायिक जीवन में बल्कि निजी जीवन में भी वांछित सफलता मिल सके. क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया है? इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ अवश्य शेयर करें. ऐसे और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. आप नीचे दिये गये फॉर्म में अपनी ई-मेल आईडी सबमिट करके भी अपने इनबॉक्स में सीधे ऐसे आर्टिकल प्राप्त कर सकते हैं.

Related Categories

Popular

View More