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भारत में गैर-कर दाताओं को मिलते हैं इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के अनेक फायदे

Anjali Thakur

भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग एक वार्षिक जिम्मेदारी है जो प्रति वर्ष 25,000/- रुपये से अधिक आय कमाने वाले नागरिकों के लिए अनिवार्य है. भारत सरकार ने विभिन्न टैक्स स्लैब शुरू किए हैं जो उस आयकर (इनकम टैक्स) के प्रतिशत का उल्लेख करते हैं जो कोई भी व्यक्ति सालाना अर्जित आय के आधार पर भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होता है.

हमारे देश में इनकम टैक्स रिटर्न (आय कर वापसी) दाखिल करने के दायरे में आने वाले भारतीय नागरिकों के अलावा, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि, जो भी भारतीय नागरिक इस आयकर योग्य ब्रैकेट से नीचे आते हैं, उन्हें भी अपना ITR जरुर फाइल करना चाहिए क्योंकि भारत में ITR दाखिल करने के कई लाभ कर दाता भारतीय नागरिकों को मिलते हैं. हालांकि, इस बात से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है कि, आप आयकर के लिए निर्धारित राशि से अधिक या फिर, कम धन सालाना कमाते हैं. इस आर्टिकल में हम गैर-कर दाता भारतियों को ITR दाखिल करने के बाद मिलने वाले अनेक लाभों के बारे में चर्चा कर रहे हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

आपकी इनकम के बारे में होता है यह एक स्व व्याख्यात्मक दस्तावेज

ITR अतीत और वर्तमान में आपकी आय के सभी संभावित सोर्सेज को सूचीबद्ध करने वाले एक विस्तृत दस्तावेज के रूप में कार्य करता है. यह उन पार्टियों को आपकी विश्वसनीयता के बारे में पूर्ण आश्वासन देता है जिनसे आप वित्तीय सहायता या वित्तीय लेन-देन करना चाहते हैं.

आसान ऋण प्रक्रिया

आजकल हमारे देश भारत में भी, व्यावहारिक रूप से अगर आप घर बनाने, कार, स्कूटर या मोटर-बाइक  खरीदने या फिर, किसी बड़े बजट में पैसा इन्वेस्ट करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके दिमाग में सबसे पहले किसी सरकारी बैंक, वित्तीय संस्थान या कारोबारी से ऋण लेने का विकल्प आता है. अब, ऋण लेने के लिए ITR एक ऐसे महत्वपूर्ण वित्तीय विश्वसनीयता दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जो आपको बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण प्राप्त करने के लिए लंबी दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया में फंसने के कठिन परिश्रम से बचाता है.

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प्राप्त की जा सकती है बीमा पॉलिसी

एक समयबद्ध और जिम्मेदार करदाता ऐसी बीमा पॉलिसी आसानी से खरीद सकता है जो बड़ा कवर प्रदान करती है. ITR इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि, संबद्ध व्यक्ति कर-चोर नहीं है और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता रखता है.

परेशानी मुक्त वीज़ा प्रक्रिया

भारत की तरह ही दुनिया के अधिकतर देशों में भी कर देता एक महत्वपूर्ण विषय है. जब आप अन्य देशों में रहने का फैसला करते हैं, तो दूतावास आपके वर्तमान वित्तीय इतिहास के बारे में भी बहुत बारिकी से छानबीन करते हैं और कठोर रवैया अपनाते हैं. अगर आप पूर्व में भरा हुआ ITR जमा करते हैं, तो आपके वीज़ा के स्वीकृत होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

आसानी से मिल जाता है क्रेडिट कार्ड

ITR आपकी वित्तीय स्थिति को साबित करने के लिए रामबाण साबित होता है. अगर आप क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं और इसके लिए आवेदन करते समय, अगर आप ITR जमा करते हैं, तो इस बात की गारंटी है कि, आपके क्रेडिट कार्ड के आवेदन को कोई भी बैंक अस्वीकार नहीं करेगा.

नहीं देना पड़ता है अतिरिक्त टैक्स

बहुत से लोग अपनी अतिरिक्त बचत को बैंक सावधि जमा (FD), म्यूचुअल फंड या इन्वेस्टमेंट के अन्य संभावित सोर्सेज में इन्वेस्ट करते हैं. हालांकि, एक निश्चित सीमा के बाद, इन्वेस्टमेंट के इन सोर्सेज पर अर्जित लाभ कर योग्य है. इसलिए, हमारे देश में अगर कोई व्यक्ति पिछले और चालू वित्तीय वर्ष के लिए ITR दाखिल कर चुका है, तो करों का भुगतान करने से पूरी तरह बच सकता है.

*अस्वीकरण - यह सारी जानकारी केवल आपके वित्तीय ज्ञान और समझ बढ़ाने के लिए ही इस आर्टिकल में प्रस्तुत की गई है. इसे किसी भी व्यक्ति के द्वारा वित्तीय सलाह के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

आप ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने और अधिक जानकारी प्राप्त करने के साथ ही हमारे लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर रोज़ाना विजिट कर सकते हैं.

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