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सजग रहें, तो गलतियां नहीं होंगी

रमेश एक कंपनी में कार्यालय सहायक थे। उनसे अक्सर अपने काम में भूल हो जाया करती थी। कभी कोई लेटर टाइप करना हो, तो उसमें स्पेलिंग गलत हो जाती, कोई लिस्ट बनाते तो कोई न कोई आंकड़ा छूट जाता। इसके लिए उन्हें अपने अधिकारियों का कोपभाजन भी बनना पड़ता था। तमाम चेतावनियों के बावजूद जब यह शिकायत कायम रही तो आखिरकार कंपनी को इस बात पर विचार करना पड़ा कि रमेश को आगे कंपनी में रहना है या नहीं। दरअसल, गलतियां इंसान से ही होती हैं। लेकिन गलतियां सीखने के लिए होती हैं, ताकि अगली बार गलती न हो। यदि हम अपनी गलती से अपनी कमियों की परख करके अगला प्रयास करते हैं, तो हमें जरूर सफलता मिलती है। परंतु यदि हम एक ही गलती को बार-बार दोहरा रहे हैं, तो समझिए कि मामला गंभीर है। इसका अर्थ यह है हमारी रुचि उस काम में नहीं है और हम उस काम के प्रति सजग नहीं हैं।

क्या है सजगता

किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए सजगता बहुत जरूरी है। यदि हम सजग नहीं हैं, तो हमसे गलतियां होनी ही हैं। प्रसिद्ध आध्यात्मिक विचारक जे कृष्णमूर्ति ने कहा था, च्आप गलतियां नहीं करते, बल्कि आपसे गलतियां हो जाती हैं, क्योंकि आप असावधान हैं। आपका मन तंद्रा में रहता है। आप पूर्णत: सजग नहीं हैं। वहां होकर भी स्वयं उस स्थान पर उपस्थित नहीं हैं। जब आप पूर्ण सजग हो जाते हैं, उस जगह उपस्थित रहते हैं, तब गलतियां नहीं होती हैं।’ दरअसल, सजगता एक प्रकार की जागरूकता है, जो हमारे काम के प्रति होनी चाहिए। जो काम हम कर रहे हैं, यदि उसके प्रति हमारे अंदर जागरूकता होगी, तो हम उसके सभी पक्षों को जानने का प्रयास करेंगे, उसका विश्लेषण करेंगे और उसे सही ढंग से करने का एक रास्ता हमें इसी विचार-प्रक्रिया में मिल जाएगा, जहां गलती की बहुत कम गुंजाइश होगी। जानिए सजगता के लिए क्या कर सकते हैं:

रुचि पैदा करें

अगर आपकी काम में रुचि है, तो आपसे गलतियां ज्यादा नहीं होंगी। क्योंकि किसी भी काम में रुचि होने से उसके प्रति सजगता अपने आप आ जाती है। यदि आपसे गलतियां होती हैं, तो इसका अर्थ है कि आपकी उसमें रुचि नहीं है। या तो आप कार्य को बदल लें, लेकिन यदि यह संभव नहीं है, तो उस कार्य में दिलचस्पी पैदा करें। यह दिलचस्पी आपको अपने कार्य को गहराई से जानने में आएगी।

प्रशिक्षण आवश्यक

कई बार हम जो कार्य कर रहे होते हैं, उसमें प्रशिक्षित न होने के कारण वह काम हमें उबाऊ लगने लगता है और उसमें गलतियों की संभावना ज्यादा होती है। अत: जो भी आपका काम है, उसमें आपका दक्ष होना जरूरी है। भले ही आप इसके लिए कोई शॉर्ट टर्म कोर्स करें या दफ्तर में सीनियर्स से सीखें।

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