भारत में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड में भी हैं करियर ग्रोथ के बेहतरीन मौके

हमारे देश भारत सहित आजकल दुनिया के तकरीबन सभी देश एक ‘वेलफेयर स्टेट’ के तौर पर अपने सभी कार्य करते हैं ताकि उनकी अधिकतम जनसंख्या का जीवन सुखी और सभी किस्म की मॉडर्न फैसिलिटीज़ से भरपूर हो. दरअसल, स्वस्थ, संपन्न, स्किल्ड और क्वालिफाइड नागरिक हरेक देश की संपत्ति या ‘ह्यूमन रिसोर्स’ होते हैं जो देश की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण और प्रत्यक्ष योगदान देते हैं. भारत की सभी पब्लिक पॉलिसीज़ का आधार महात्मा गांधी जी का विचार “अन्तोदय के माध्यम से सर्वोदय” अर्थात सबसे कमजोर और असहाय व्यक्ति की तरक्की के साथ-साथ देश के सभी नागरिकों की प्रगति करना है. दरअसल, विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ हमारे देश के समस्त विकास की गति और दिशा निर्धारित करती हैं क्योंकि इनके मूल में व्यक्ति और समाज की भलाई का सिद्धांत काम करता है.  इंडियन कॉन्स्टीट्यूशन के पार्ट IV में वर्णित ‘डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ़ स्टेट पॉलिसीज़’ भी इस दिशा में हमारे देश के कॉन्स्टीट्यूशन फ्रेमर्स का महत्वपूर्ण योगदान है. विभिन्न केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा अपने नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, लॉ, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, रेलवे, डिफेन्स, ट्रेवलिंग, बैंकिंग और कारोबार सहित जीवन के हरेक क्षेत्र से संबंधित अनेक किस्म की जरुरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ का असली मकसद होता है. आप इस फील्ड में डिप्लोमा या डिग्री कोर्स करने के बाद एजुकेशन, एडमिनिस्ट्रेशन, मैनेजमेंट, हेल्थकेयर और नेशनल/ इंटरनेशनल लेवल के कॉर्पोरेट हाउसेज और कंपनियों में काम कर सकते हैं.

पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट्स के लिए जरुरी वर्क स्किल्स

वास्तव में ये पेशेवर पब्लिक पॉलिसी मेकर्स होते हैं और इस वजह से इनके पास समुचित एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के साथ कुछ एक्स्ट्रा वर्क स्किल्स भी होने चाहिए जैसेकि:

  • अपने देश और समाज से संबंधित विभिन्न पब्लिक इश्यूज़ की अच्छी जानकारी और समझ हो.
  • अपने समाज और देश की जनता की समस्याओं और चुनौतियों से अच्छी तरह अवगत हों.
  • सभी किस्म की सोशियो-पोलिटिकल और इकनोमिक प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के कारगर उपाय और तरीके तलाशने में माहिर हों.
  • विभिन्न पॉलिसीज़ के असर, कमियों और चुनौतियों के आधार पर नई पॉलिसीज़ तैयार करने में सक्षम हों.
  • इनकी सभी पब्लिक पॉलिसीज़ का आधार ‘पब्लिक’ ही हो अर्थात ‘सभी लोगों के हित’ को ध्यान में रखकर ही विभिन्न पॉलिसीज़ तैयार की जानी चाहिए जिसमें ह्यूमन टच और ह्यूमन बेनेफिट्स हों.
  • क्रिएटिव और एनालिटिकल थिंकिंग से इस फील्ड में मिलती है कामयाबी.

भारत में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड से संबंधित कोर्सेज करने के लिए एलिजिबिलिटी

हमारे देश में पब्लिक पॉलिसी से संबंधित विभिन्न अंडरग्रेजुएट कोर्सेज करने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास अच्छे मार्क्स के साथ पास की हो और पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी स्ट्रीम में प्रेफरेबली अच्छे मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. इस फील्ड में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद स्टूडेंट्स डॉक्टोरल लेवल की डिग्रीज़ – एमफिल और पीएचडी - में एडमिशन ले सकते हैं.

भारत में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड से संबंधित कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स

  • इंडियन स्कूल ऑफ़ बिजनेस, हैदराबाद
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली 
  • अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बैंगलोर
  • इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, नई दिल्ली
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद/ बैंगलोर/ कलकत्ता
  • स्कूल ऑफ़ पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस, MDI, गुड़गांव  
  • इंडियन स्कूल ऑफ़ पब्लिक पॉलिसी
  • जिंदल स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलीची, सोनीपत, हरियाणा
  • तक्षशिला इंस्टीट्यूशन, बैंगलोर

भारत में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड से संबंधित जॉब प्रोफाइल्स और करियर ऑप्शन्स

  • पॉलिसी एनालिस्ट – ये पेशेवर भारत सरकार और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों द्वारा बनाई जाने वाली पॉलिसीज़ की समीक्षा या एनालिसिस करते हैं और अपने रिजल्ट्स के आधार पर रिपोर्ट तैयार करते हैं. ये पेशेवर मौजूदा पॉलिसीज़ में कमियां तलाश कर, उन कमियों को दूर करने के लिए नई पॉलिसीज़ भी तैयार करते हैं.
  • लॉबिस्ट – ये पेशेवर अपने क्लाइंट्स के हितों के मुताबिक पोलिटिकल लीडर्स अर्थात MLAs और MPs को विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ के पक्ष या विपक्ष में वोट देने के लिए (अप्रत्यक्ष तौर पर) तैयार करते हैं और इसके लिए ये पेशेवर विभिन्न स्टैटिस्टिकल टूल्स और रिसर्च वर्क का इस्तेमाल करते हैं. ये पेशेवर अपने क्लाइंट्स को विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ के संबंध में जरुरी और उपयोगी सलाह भी देते हैं.  
  • स्टैटिस्टिकल एक्सपर्ट्स – ये पेशेवर विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ के संबंध में डाटा रिसर्च और डाटा इनफॉर्मेशन जुटाने का काम करते हैं. इन पेशेवरों के द्वारा पेश किए गए डाटा के आधार पर ही विभिन्न सरकारी विभाग अपनी पब्लिक पॉलिसीज़ तैयार करते हैं.
  • पब्लिक अफेयर्स मैनेजर – इन पेशेवरों का प्रमुख काम विभिन्न कंपनियों, ट्रेड यूनियनों, ट्रेड्स और आम जनता पर विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ के असर पर नजर रखना होता है. ये पेशेवर राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न पॉलिसी मेकिंग विभागों में, इंडस्ट्री रेगुलेटर्स और पोलिटिकल बॉडीज के सामने अपने एम्पलॉयर के हितों की रक्षा करते हैं और अपने एम्पलॉयर्स को पब्लिक पॉलिसीज़ के संबंध में अपनी जरुरी राय भी देते हैं.  
  • रिसर्च एसोसिएट/ रिसर्चर/ रिसर्च एनालिस्ट – ये पेशेवर विभिन्न पॉलिसीज़ के संबंध में मार्केट रिसर्च और अन्य रिसर्च वर्क करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ये पेशेवर अपनी कंपनी के प्रमुख कॉम्पीटीटर्स के बारे में भी पूरी खोज-खबर रखते हैं ताकि उनकी कंपनी की पोजीशन मार्केट में स्थिर और सुरक्षित रहे.
  • चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर – ये पेशेवर अपनी कंपनी की टॉप मैनेजमेंट का हिस्सा होने के कारण अपनी कंपनी से संबंधित सभी पब्लिक पॉलिसीज़ पर नजर रखते हैं ताकि उनकी कंपनी के एडमिनिस्ट्रेटिव, फाइनेंशियल और बिजनेस इंटरेस्ट्स को सुरक्षित रखा जा सके.
  • टीचर/ लेक्चरर/ प्रोफेसर – विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में पब्लिक पॉलिसी से संबंधित टॉपिक्स को पढ़ाना इन पेशेवरों का प्रमुख काम होता है क्योंकि ये पेशेवर अपनी एजुकेशनल फील्ड के साथ ही विभिन्न पब्लिक पॉलिसी मैटर्स और पब्लिक इश्यूज़ में एक्सपर्ट होते हैं.
  • पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजर्स – हरेक कंपनी के मैनेजर्स और विशेष रूप से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर्स विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ पर नजर रखते हैं ताकि उनकी कंपनी के बिजनेस इंटरेस्ट्स सुरक्षित रहें. ये पेशेवर विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ के आधार पर ही अपनी कंपनी की कई एडमिनिस्ट्रेशन और एचआर पॉलिसीज़ तैयार करते हैं.
  • पब्लिक पॉलिसी एंड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर्स – ये पेशेवर विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ तैयार करते समय मानवीय आधार का पूरा ध्यान रखते हैं ताकि रूटीन वर्क में सभी ड्यूटीज़ का पालन करते समय सुचारू व्यवस्था कायम रहे. इन पेशेवरों को लोगों, सिविल सोसाइटीज़, पोलिटिकल पार्टीज़, मीडिया और प्रेशर ग्रुप्स की अच्छी जानकारी और समझ होती है जिसके आधार पर ये पेशेवर विभिन्न पब्लिक पॉलिसीज़ तैयार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. 

भारत में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड में पेशेवरों को मिलने वाला आकर्षक सैलरी पैकेज   

आजकल हरेक कंपनी और स्टार्टअप्स पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट्स को आकर्षक सैलरी पैकेज पर जॉब ऑफर कर रहे हैं. ये एक्सपर्ट्स पॉलिटिक्स, मैनेजमेंट, लॉ और साइंस सहित जीवन के तकरीबन हरेक क्षेत्र के लिए पब्लिक पॉलिसीज़ तैयार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. हमारे देश में पब्लिक पॉलिसी की फील्ड से संबंधित प्रोफेशनल्स को आमतौर पर काफी अच्छा सैलरी पैकेज मिलता है. इस फील्ड में एक अनुभवी चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर को एवरेज 10 लाख रुपये का सालाना सैलरी पैकेज मिलता है. लॉबिस्ट को हमारे या एवरेज 7 लाख रुपये सालाना मिलते हैं और पॉलिसी एनालिस्ट को लगभग 6 लाख रुपये सालाना मिलते हैं. इस फील्ड से संबंधित पब्लिक अफेयर्स मैनेजर को एवरेज 4.85 लाख रुपये सालाना मिलते हैं और रिसर्च एसोसिएट को एवरेज 3.2 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. इस फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल्स का सैलरी पैकेज भी उनके बढ़ते हुए वर्क एक्सपीरियंस के साथ-साथ बढ़ता ही रहता है.

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