BPSC 2018: पूर्ण सिलेबस और परीक्षा पैटर्न

BPSC प्रीलिम्स को क्रैक करने के लिए, उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम का ज्ञान होना चाहिए। यदि उम्मीदवार परीक्षा पैटर्न और परीक्षा के पाठ्यक्रम को जानते हैं, तो वे अपनी तैयारी को सर्वोत्तम तरीके से निर्देशित कर सकते हैं। यहां, इस आलेख में, हमने सभी जरूरी सूचनाओं को संकलित किया है जो उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा उपस्थिति के लिए बेहतर तैयार करने में मदद करेंगे। यहां, इस लेख में, हमने सभी आवश्यक जानकारियों को संकलित किया हैं जो आपकी परीक्षा में उपस्थिति से पहले बेहतर तैयारी करने में आपकी सहायता करेंगी।

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BPSC 2018 परीक्षा पैटर्न
BPSC विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों के अंतिम चयन हेतु तीन स्तरीय परीक्षा को आयोजित करेगा। उम्मीदवारों को मेरिट सूची में सफलतापूर्वक स्थान बनाने के लिए परीक्षा के सभी चरणों को उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है। इसमें प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा लिखित रूप से ली जायेगी और इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया होगी। प्रीलिम्स परीक्षा क्वालीफाइंग प्रकार की होगी। प्रीलिम्स परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा 900 अंको की होगी। यदि कोई उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में क्वालीफाई होता है तो उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है जो 120 अंकों का होगा। अत: मेरिट को 1020 अंकों में से तैयार किया जाएगा।

परीक्षा के चरण

परीक्षा के प्रकार

मोड

प्रीलिम्स

बहुविकल्पीय

ऑफलाइन

मुख्य परीक्षा

सब्जेक्टिव

ऑफलाइन

इंटरव्यू

BPSC प्रीलिम्स परीक्षा
प्रीलिम्स परीक्षा 150 अंकों की होगी और क्वालीफाइंग होगी यानि इसमें प्राप्तांको को अंतिम योग्यता सूची में नहीं जोड़ा जाएगा। यह दो घंटे की होगी। पिछले वर्षों की परीक्षा में एक परिवर्तन देखा गया है कि अब प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 विकल्प होते हैं जो पहले 4 थे। चौथा और पांचवां विकल्प थोडा भ्रामक हैं। उम्मीदवारों को उपयुक्त विकल्प चुनने में सावधान रहना होगा। उम्मीदवारों को प्रतिस्पर्धा में रहने के लिए पर्याप्त स्कोर करने की सलाह दी जाती है क्योंकि कट ऑफ हर साल अलग-अलग रहता है।

परीक्षा का चरण

टेस्टिंग का क्षेत्र

कुल अंक

समयावधि

प्रीलिम्स (बहुविकल्पीय)

General Studies
General Knowledge
Current Affairs

150

2 Hours

• प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं होगा।

• यह चरण प्रकृति में क्वालीफाइंग प्रकार का होगा।

• इस परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा।

• प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 विकल्प होंगे।

आधिकारिक घोषणा के अनुसार, BPSC प्रीलिम्स परीक्षा की तारीख 16 दिसंबर, 2018 को निर्धारित की गई है।

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मुख्य परीक्षा
उम्मीदवारों को केवल तभी मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है जब वे प्रीलिम्स परीक्षा में क्वालीफाई होते हैं और तय किए गए आवश्यक कट ऑफ अंक को प्राप्त करते हैं। चूंकि, प्रीलिम्स-परीक्षा क्वालीफाइंग होती है, इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसमें कोई कितना अच्छा स्कोर करता है। इस वर्ष से, मुख्य परीक्षा का पैटर्न बदल दिया गया है। अब, मुख्य परीक्षा में जनरल हिंदी क्वालीफाइंग पेपर होगा और अन्य पेपर्स का मूल्यांकन तभी किया जाएगा जब उम्मीदवार सामान्य हिंदी के पेपर में क्वालीफाई होंगे। यदि कोई उम्मीदवार जनरल हिंदी पेपर में क्वालीफाई होता है तो सामान्य अध्ययन पेपर-1 और सामान्य अध्ययन पेपर-2 जोकि  प्रत्येक 100 अंकों का होगा, को लिया जाएगा। इसके अलावा, एक वैकल्पिक पेपर भी होगा जिसे उम्मीदवार ने आवेदन पत्र भरते समय चुना था। वैकल्पिक पेपर 100 अंको का होता हैं। इस लेख में, 34 वैकल्पिक विषयों की सूची को भी दिया गया है।

परीक्षा का चरण

पेपर का नाम

कुल अंक

समयावधि

मुख्य परीक्षा
(सब्जेक्टिव)

सामान्य हिंदी (क्वालीफाइंग)

सामान्य अध्ययन पेपर-1

सामान्य अध्ययन पेपर-2

वैकल्पिक पेपर

100

300

300

300

3

3

3

3

• उम्मीदवारों को सामान्य हिंदी में कम से कम 30 अंको को प्राप्त करना होगा।

• सामान्य अध्ययन के प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओँ में होंगे।

• GS पेपर-1, GS पेपर-2 और वैकल्पिक पेपर सभी में कुल 900 अंकों के स्कोर में से प्राप्तांकों पर ही आगे की प्रक्रिया के लिए विचार किया जाएगा।

• योग्यता में उपयुक्त उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जायेगा।

इंटरव्यू
मुख्य परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के अंतिम चरण यानि इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू 120 अंको का होता हैं। अंतिम योग्यता सूची 1020 अंकों (साक्षात्कार के लिए 120 अंक और 900 मुख्य परीक्षा) में से तैयार की जाएगी। इंटरव्यू, उम्मीदवारों के व्यक्तित्व के पहलूओं की जांच करने के लिए होता है। इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य, इंटरव्यू के माध्यम से उम्मीदवारों की प्रशासनिक योग्यता और निर्णय लेने की क्षमता को भी जांचते हैं। इंटरव्यू के बाद, अंतिम परिणाम घोषित किया जाता है।

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BPSC 2018 सिलेबस
परीक्षा के पैटर्न के बारे में जानकारी के बाद, उम्मीदवार को  पाठ्यक्रम की समझ होनी चाहिए। मौजूदा पाठ्यक्रम को जानना महत्वपूर्ण है ताकि उम्मीदवारों के लिए यह स्पष्ट हो जाए कि अध्ययन करने के लिए क्या ज़रूरी है। हालांकि, यह समझा जाता है कि हर साल पाठ्यक्रम नहीं बदलता है, फिर भी इसमें कुछ सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं जिन्हें उम्मीदवारों को जानना आवश्यक है।

प्रीलिम्स परीक्षा का सिलेबस
प्रीलिम्स परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम, BPSC की पिछली परीक्षाओं के समान ही है। इसमें सामान्य विज्ञान, राजनीति, अर्थव्यवस्था, इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के पहलुओं को शामिल किया गया है। उम्मीदवारों को पाठ्यक्रम के माध्यम से जाना होगा और खुद को अच्छी तरह से तैयार करना होगा क्योंकि परीक्षा में अच्छी कठिनाई के प्रश्न होते हैं। प्रिलिमिनरी परीक्षा के लिए यहां एक तिथिबद्ध पाठ्यक्रम है:

• सामान्य विज्ञान (विज्ञान की सामान्य समझ, रोजमर्रा के अवलोकन और अनुभवों की जानकारियां)

• राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वर्तमान मामले

• भारत और बिहार का इतिहास (बिहार के इतिहास के व्यापक पहलुओं और इस विषय की सामान्य समझ)

• भारत और बिहार का भूगोल (प्रश्न भारतीय कृषि और प्राकृतिक संसाधनों की मुख्य विशेषताओं सहित देश की भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल से संबंधित होंगे)

• बिहार का सामान्य भूगोल और भौगोलिक विभाजन व इसकी प्रमुख नदी प्रणाली

• भारतीय राजनीति (प्रश्न भारत और बिहार में देश की राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सामुदायिक विकास और योजनाओं पर ज्ञान का परीक्षण करेंगे)

• स्वतंत्रता के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और भारतीय अर्थव्यवस्था

• इसमें भारतीय आंदोलन और इसमें बिहार के योगदान (प्रश्नों को उन्नीसवीं शताब्दी के पुनरुत्थान, राष्ट्रवाद के विकास और बिहार के विशेष संदर्भ के साथ आजादी की प्राप्ति और चरित्र से संबंधित होगा)

• सामान्य मानसिक क्षमता के आधार पर प्रश्न

अच्छी तरह से अध्ययन करना और कुछ मॉक टेस्ट्स को हल करने से, उम्मीदवारों को प्रिलिमिनरी परीक्षा की तैयारी में बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी। चूंकि, प्री-परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं है, इसलिए उम्मीदवार नकारात्मक स्कोरिंग के तनाव के बिना जितने सवाल कर सकते हैं उतने प्रश्नों को चिह्नित कर सकते हैं।

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मुख्य परीक्षा का सिलेबस

क्वालीफाइंग पेपर : सामान्य हिंदी
सामान्य हिंदी का पेपर प्रकृति में क्वालीफाइंग प्रकार का होगा। क्वालीफाइंग पेपर के लिए, पाठ्यक्रम बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (BSEB) के स्तर का होगा। यह पेपर 100 अंको का और प्रकृति में सब्जेक्टिव प्रकार का होगा और अंकों का वितरण निम्नानुसार है:

निबंध: 30 अंक

व्याकरण: 30 अंक

सिंटेक्स: 25 अंक

सारांश: 15 अंक

100 अंकों में से, उम्मीदवारों को इस क्वालीफाइंग पेपर में केवल 30 अंको को ही सुरक्षित करना होगा। इस क्वालीफाइंग पेपर के लिए, स्कूल के स्तर की एक अच्छी किताब ही पर्याप्त है।

सामान्य अध्ययन का पेपर

अब तक, उम्मीदवारों द्वारा दिया गया प्रत्येक पेपर क्वालीफाइंग था। प्रीलिम्स परीक्षा और सामान्य हिंदी पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उम्मीदवारों ने इन परीक्षाओं में कितना अच्छा प्रदर्शन किया है। वास्तविक परीक्षा सामान्य अध्ययन के पेपर और वैकल्पिक पेपर से शुरू होती है। सामान्य अध्ययन के लिए दो पेपर और एक वैकल्पिक विषय होता हैं। प्रत्येक पेपर में 100 अंक होते हैं जो इन सभी पेपर्स के कुल अंक 900 होते हैं।

GS पेपर और वैकल्पिक पेपर के लिए विस्तृत पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है:

GS पेपर- 1 का सिलेबस

• भारत का आधुनिक इतिहास और भारतीय संस्कृति (उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में, विशेषत: बिहार के संदर्भ में देश का इतिहास, पश्चिमी और तकनीकी शिक्षा का परिचय और विस्तार, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका, बिहार में संथाल विद्रोह, बिरसा आंदोलन, चंपारण सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन, मौर्य और पाल कला की मुख्य विशेषताएं, पटना कुलम चित्रकला, गांधी, टैगोर और नेहरू की भूमिका)

• राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं

• सांख्यिकीय विश्लेषण, ग्राफ और आरेख (सांख्यिकीय, ग्राफिकल या आरेखण संबंधी जानकारी से निष्कर्ष निकालने की क्षमता का परीक्षण करने और कमियों, सीमाओं या असंगतताओं को इंगित करने वाले प्रश्न)

GS पेपर- 2 का सिलेबस
• भारतीय राजनीति (बिहार समेत भारत में राजनीतिक व्यवस्था के आधार पर प्रश्न)

• भारतीय अर्थव्यवस्था और भारत का भूगोल (भारत में योजना बनाने और भारत और बिहार के भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल पर प्रश्न)

• भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव (लागू विज्ञान के संदर्भ के साथ भारत और बिहार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रभाव और प्रभाव के बारे में जागरूकता का परीक्षण करने के लिए प्रश्न)

वैकल्पिक पेपर
वैकल्पिक पेपर में, किसी उम्मीदवार को किसी एक विषय का चयन करने की आवश्यकता होती है। यह पेपर 300 अंकों का होगा और इसमें 3 घंटे की समय सीमा होगी। मुख्य परीक्षा में 34 वैकल्पिक विषय होते है। वैकल्पिक पेपर का पाठ्यक्रम, पटना विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में तीन साल के डिग्री कोर्स के पेपर के समान होगा। वैकल्पिक विषयों की सूची निम्न है:

1. कृषि

2. पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान

3. मानव विज्ञान

4. वनस्पति विज्ञान

5. रसायन शास्त्र

6. सिविल इंजीनियरिंग

7. वाणिज्य और लेखाकार

8. अर्थशास्त्र

9. विद्युत इंजीनियरिंग

10. भूगोल

11. भूविज्ञान

12. इतिहास

13. श्रम और सामाजिक कल्याण

14. कानून

15. प्रबंधन

16. गणित

17. मैकेनिकल इंजीनियरिंग

18. दर्शनशास्त्र

19. भौतिकी

20. राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध

21. मनोविज्ञान

22. लोक प्रशासन

23. समाजशास्त्र

24. सांख्यिकी

25. प्राणीशास्त्र

26. हिंदी भाषा और साहित्य

27. अंग्रेजी भाषा और साहित्य

28. उर्दू भाषा और साहित्य

29. बांग्ला भाषा और साहित्य

30. संस्कृत भाषा और साहित्य

31. फारसी भाषा और साहित्य

32. अरबी भाषा और साहित्य

33. पाली भाषा और साहित्य

34. मैथिली भाषा और साहित्य

BPSC Prelims Previous Year's Cut Off

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