परफेक्ट रिज्यूम या सीवी बनाकर वर्ष 2019 में करें जॉब सर्च

आजकल जॉब मार्केट और जॉब इंडस्ट्री में लगातार परिवर्तन हो रहे हैं और इसी कारण जॉब प्रोफाइल्स में भी अब काफी बदलाव देखे जा रहे हैं. हरेक जॉब के लिए जरुरी स्किल्स में बदलाव आने के कारण अब कैंडिडेट्स अपनी जॉब एप्लीकेशन और रिज्यूम को भी खास अंदाज़ में पेश करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं. वर्ष 2019 में यह प्रवृति काफी ज्यादा नजर आ रही है. ऐसे में, यदि कैंडिडेट्स पुराने तरीके से ही अपना रिज्यूम तैयार करते हैं तो यह उन्हें कम इंटरव्यू काल्स प्राप्त होने का एक बड़ा कारण हो सकता है. इसलिए अब लेटेस्ट और मॉडर्न स्टाइल में रिज्यूम तैयार करके आप रिक्रूटर्स और एचआर ऑफिसर्स की पहली पसंद बन सकते हैं.

कुछ खास तरीके अपनाकर आप अपने बोरिंग या ट्रेडिशनल रिज्यूम को इतना बेहतरीन बना सकते हैं कि आपका रिज्यूम एचआर डिपार्टमेंट में रखे अन्य सभी सीवी या रिज्यूम्स से ज्यादा इम्प्रेसिव लगेगा. 

रिज्यूम फाइल को दें उचित नाम

जब आप किसी रिक्रूटर को अपना रिज्यूम ई-मेल करें या फिर किसी जॉब पोर्टल में अपना रिज्यूम अपलोड करें तो अपनी रिज्यूम फाइल को एक उचित नाम जरुर दें क्योंकि इससे आपको अपनी खास पहचान मिलेगी और रिक्रूटर्स को भी आपका रिज्यूम अपनी अलग पहचान होने के कारण आकर्षित करेगा. कई जॉब सीकर्स इस प्वाइंट के महत्व को नज़रंदाज़ करते हैं और अपनी रिज्यूम फाइल को कोई उचित नाम नहीं देते हैं. आज के इस डिजिटल युग के अनेक फायदे होने के बावजूद हमें इन कुछ खास तकनीकी नियमों का पूरा ध्यान रखना चाहिए.

अगर आप “रिज्यूम.डॉक” या “कवरलेटर.डॉक” जैसा कोई साधारण नाम देते हैं तो शायद एचआर को यह पता ना चले कि वे किस व्यक्ति का रिज्यूम देख रहे हैं क्योंकि, उन्हें रोजाना हजारों रिज्यूम प्राप्त होते हैं. इसलिए, अपने रिज्यूम डॉक्यूमेंट और कवर लेटर को हमेशा अपनी अलग और व्यक्तिगत पहचान तथा नाम दें.

स्कैनेबल हो आपका रिज्यूम

डिजिटल जॉब मार्केट्स के थीम के लिए यह भी जरुरी है कि, आपको यह जरुर पता होना चाहिए कि रोजाना बड़ी संख्या में रिज्यूम्स और सीवीज़ की जांच करने के लिए आजकल तकरीबन सभी बड़ी कंपनियों और कॉर्पोरेट हाउसेज ने रिज्यूम स्कैनिंग सॉफ्टवेयर अपना लिया है. ये कंपनियां अपनी जॉब रिक्वायरमेंट्स के मुताबिक विभिन्न जॉब सीकर्स के स्किल-सेट्स और अनुभव की जांच करके सबसे अधिक सूटेबल कैंडिडेट्स को सेलेक्ट करती हैं. इसलिए आप अपने लिए एक ऐसा जॉब रिज्यूम तैयार करें जो मशीन स्कैनिंग के लिए परफेक्ट हो और जिस रिज्यूम में सही जगह पर सही प्वाइंट्स को हाईलाइट किया गया हो.

स्कैनेबल रिज्यूम बनाने की एक और खास वजह यह भी है कि रोजाना एचआर डिपार्टमेंट के पास ढेरों जॉब एप्लीकेशन्स आते हैं और वे केवल 10 – 20 सेकंड्स में एक रिज्यूम देखकर किसी कैंडिडेट को शॉर्टलिस्ट कर लेते हैं. इसलिए, एचआर डिपार्टमेंट में एक नजर में सेलेक्ट होने के लिए भी आपका रिज्यूम स्कैनेबल जरुर होना चाहिए. 

रिज्यूम का फॉर्मेट एवं स्टाइल हो विशेष

इस आर्टिकल को लिखने का मुख्य उद्देश्य आपको अपना ऐसा रिज्यूम तैयार करने में सहायता प्रदान करना है जो लेटेस्ट और मॉडर्न होने के साथ ही पहली नजर में रिक्रूटर्स को प्रभावित कर सके. इसलिए आपको अपने रिज्यूम के फॉर्मेट और स्टाइल का खास ध्यान रखना होगा.

आमतौर पर, रिज्यूम राइटिंग का निम्नलिखित क्रोनोलॉजिकल राइटिंग स्टाइल है अर्थात:

 

आजकल एम्पलॉयर्स आपकी पुरानी उपलब्धियों की तुलना में आपके स्किल्स के साथ ही ये भी जानना चाहते हैं कि आप उनके लिए क्या कर सकते हो?..... इसलिए, अब रिज्यूम राइटिंग की लेटेस्ट किस्म प्रचलित हो चुकी है जिसे फंक्शनल रिज्यूम फॉर्मेट के तौर पर रेफ़र किया जाता है जैसेकि:

 

वास्तव में, कई एचआर रिक्रूटर्स ने आजकल ऐसे रिज्यूम्स को महत्व देना शुरू कर दिया है जो उक्त दोनों एप्रोचेज का मिश्रण होते हैं जिससे एक नया और लेटेस्ट रिज्यूम राइटिंग स्टाइल विकसित हो गया  है. ऐसे रिज्यूम्स में किसी भी कैंडिडेट की पेशेवर और एकेडेमिक लाइफ को कवर करने के साथ ही इस अवधि में जॉब सीकर द्वारा सीखे गये स्किल्स का भी विवरण दिया जाता है. इससे रिक्रूटर्स को किसी कैंडिडेट की जॉब प्रोफाइल का पूरा ब्यौरा मिल जाता है और वे उस कैंडिडेट के पोटेंशियल को अच्छी तरह  समझ सकते हैं. 

अपनी तारीफ करते समय रहें सावधान

आपका रिज्यूम सही मायने में एक ऐसा मार्केटिंग ब्रोशर होता है जो जॉब सीकर्स अपने भावी एम्पलॉयर को इम्प्रेस करने के लिए तैयार करते हैं. इसलिए, आपके रिज्यूम में आकर्षण के साथ ही वास्तविकता का सही मिश्रण जरुर होना चाहिए. लेकिन किसी भी कैंडिडेट को अपना रिज्यूम तैयार करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वह कैंडिडेट अपनी उपलब्धियों और प्राप्तियों के बारे में जरुरत से ज्यादा शेखी बधारने से बच जाए. दूसरे शब्दों में, आप अपने रिज्यूम में अपनी तारीफ इस तरह करें कि वह आपकी शेखी न लगे और भावी एम्पलॉयर्स और हायरिंग कंसल्टेंट्स पर आपका बड़ा अच्छा इम्प्रैशन पड़े.

अगर आप अपने रिज्यूम में केवल अपने एकेडेमिक और कार्य अनुभवों ही वर्णन करें तो रिक्रूटर्स के लिए यह अन्य सभी कैंडिडेट्स के जॉब रिज्यूम्स के समान ही एक साधारण रिज्यूम होगा जिसे वे शायद चुनें या न चुनें. लेकिन एक ज्यादा पर्सनलाइज्ड अप्रोच, जो आपके स्किल्स और पोटेंशियल को भी हाईलाइट करती है, आपके रिज्यूम को अन्य कैंडिडेट्स की भीड़ से अलग करती है.    

रिज्यूम में आपके स्किल्स और पोटेंशियल का हो स्पष्ट विवरण 

आपके भावी एम्पलॉयर्स आपके स्किल्स पर ही ज्यादा फोकस करते हैं. आजकल की जॉब मार्केट में केवल आपका स्किल-सेट ही आपको अन्य सभी जॉब सीकर्स से अलग करता है. इसलिए, यह बहुत जरुरी है कि आप अपने भावी एम्पलॉयर की जॉब रिक्वायरमेंट्स के मुताबिक अपने स्किल्स की पहचान करें और अपने रिज्यूम में उन स्किल्स को खास तौर पर हाईलाइट करें. जैसेकि, अगर आपके पास वेब-डिजाइनिंग और वेब-डेवलपिंग का स्किल सेट है लेकिन आपके भावी एम्पलॉयर को किसी वेब डेवलपर की जरूरत है तो आप अपना रिज्यूम मॉडिफाई करके संबद्ध एम्पलॉयर को भेज सकते हैं और एक वेब डेवलपर के तौर पर अपने कार्य अनुभव की जानकारी अपने रिज्यूम में हाईलाइट कर सकते हैं. आप अपना पोर्टफोलियो अटैच कर सकते हैं या अपने रिज्यूम में अपने पिछले काम के लिंक्स भी पेश कर सकते हैं. इससे आपके एम्पलॉयर को आपके स्किल-सेट के बारे में सही जानकारी मिलने के साथ ही उक्त फील्ड में आपके पोटेंशियल के बारे में भी जानकारी मिलेगी.

सारांश

ये प्वाइंट्स आपको अपना लेटेस्ट रिज्यूम तैयार करने में मदद करेंगे. इससे एचआर डिपार्टमेंट आपसे इम्प्रेस होकर आपको इंटरव्यू कॉल अवश्य करेगा. इससे यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि एचआर डिपार्टमेंट ने आपके स्किल्स और पोटेंशियल को समझ लिया है. यह अपनी मनचाही जॉब प्राप्त करने के लिए आपका पहला कदम है जिससे आपको अपने स्किल-सेट के मुताबिक जॉब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और आप एक समृद्ध करियर के रास्ते पर अग्रसर होकर जीवन-भर प्रसन्न रह सकेंगे.

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