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आपके लिए CA बनाम CS में से कौन-सा करियर है सही?

भारत में कॉमर्स पढ़ने वाले छात्रों के लिए CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और CS (कंपनी सेक्रेटरी) बड़े आकर्षक करियर विकल्प हैं और इसलिये, जब छात्रों से उनके करियर विकल्प के बारे में पूछा जाये तो ये पेशे उनकी पहली पसंद के तौर पर सामने आते हैं. प्रति वर्ष, हमारे देश के हजारों छात्र CA या CS बनने का सपना देखते हैं.

भारत एक विकासशील देश है और यहां सामान्यता कॉमर्स के क्षेत्र में और विशेष रूप से एकाउंटेंसी के क्षेत्र में पेशेवरों के लिए ढेरों अवसर मौजूद हैं. CA या CS बनने का सपना सबसे बेहतरीन पेशों में से किसी एक पेशे को अपनाने की चाहत का परिणाम है. यहां पर मुख्य मुद्दा यह है कि, CA और CS के पेशे के बीच क्या अंतर है?

बुनियादी समानताएं

ये दोनों ही पेशे काफी हद तक टेक्निकल हैं और इनमें सफल होने के लिए अविश्वसनीय हद तक  संख्यात्मक क्षमता और गणित विषय की आवश्यकता होती है. इसलिये, यदि गणित विषय में आप टैलेंटेड नहीं हैं तो आपके लिए यह बेहतर होगा कि आप इन दोनों ही पेशों से दूर रहें. CA की परीक्षा पास करने के लिए आपके पास संख्याओं और सांख्यिकी में काफी महारत होनी चाहिये. उसी तरह, CS की जॉब के लिए गणित और सांख्यिकी का संतुलित मात्रा में ज्ञान भी शामिल है. CS की जॉब में मुद्दों के कानूनी पक्ष की तरफ अधिक फोकस रहता है, लेकिन फिर भी, CS की नौकरी में कई तरह का हिसाब-किताब रखना शामिल होता है.

 

चार्टर्ड एकाउंटेंसी (CA) का A – Z

लोग शायद आपको गलत सलाह दें और CA की तैयारी करने की सलाह देकर शायद आपको कंफ्यूज कर दें. जब ऐसे लोगों से इंडस्ट्री में इस क्षेत्र के दायरे या परिपूर्णता के स्तर के बारे में पूछा जाये तो ये लोग अक्सर इस प्रश्न का जवाब देने से बचते हैं. चार्टर्ड एकाउंटेंसी एक पोस्ट ग्रेजुएशन उपाधि है जो किसी छात्र को निर्धारित कोर्सेज पूरे करने के बाद प्रदान की जाती है. इस नौकरी में वित्तीय कार्यनीतियां बनाना, लंबी अवधि के निवेश और पेंशन फंडों की योजना तैयार करना, विलय और अधिग्रहण नीतियां तैयार करना और निवेश संबंधी कार्य शामिल हैं.

प्रमुख निगमों के कई शीर्ष व्यवसायिक अधिकारियों ने चार्टर्ड एकाउंटेंट बनकर अपना करियर शुरू किया था. किसी CA में दैनिक आधार पर अंकों का अनुमान लगाने के साथ ही सांख्यिकी और आंकड़ों से निपटने की योग्यता होनी चाहिए.

भारत में चार्टर्ड एकाउंटेंसी का स्कोप

वर्तमान समय में, भारत में CA का स्कोप असीम है. विकास के अवसरों की कमी के चलते इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खो रहे हैं लेकिन छात्र अभी भी इंजीनियरिंग करने के लिए उत्सुक हैं. CA की पढ़ाई छात्रों के बीच अभी इस हद तक लोकप्रिय नहीं हो पाई है.

भारत में, CA की पढ़ाई और खिताब इंस्टिट्यूट और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा दिए जाते हैं. चार्टर्ड अकाउंटेंसी एक डिस्टेंट लर्निंग कोर्स है और हर साल मई के महीने में ICAI द्वारा इसकी  परीक्षायें आयोजित की जाती हैं. CA बनने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

कॉमन प्रोफिशियेंसी टेस्ट (CPT)

CA बनने के लिए CPT पहला कदम है. यह टेस्ट हर साल दो बार आयोजित किया जाता है. वाणिज्य में स्नातक की डिग्री जिन उम्मीदवारों के पास नहीं होती है, उनके लिए CPT  अनिवार्य है और आमतौर पर उम्मीदवार 10 + 2 के बाद CA - CPT  के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह परीक्षा हर साल जून और दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है. ऑनलाइन आवेदन फॉर्म ICAI की आधिकारिक वेबसाइट पर 500/- रुपये में उपलब्ध होते है. जबकि ऑफ़लाइन आवेदन फॉर्म ICAI भवन, इंद्रप्रस्थ मार्ग, नई दिल्ली से 1500/- रुपये में प्राप्त किए जा सकते हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म्स की कीमतों में इतने अधिक अंतर के कारण यह सलाह दी जाती है कि आप ऑनलाइन पंजीकरण करें और अपने रूपये बचाएं.

किसी भी विषय के छात्र CPT  परीक्षा दे सकते हैं, बशर्ते उन्होंने 10 + 2 कक्षा में एक विषय के रूप में गणित विषय पास किया हो. कई इंजीनियरिंग छात्र भी CPT एग्जाम देते हैं, हालांकि वाणिज्य विषय के बेसिक टॉपिक्स को समझने के लिए उन्हें आमतौर पर कोचिंग क्लासेज लेनी पड़ती हैं.

इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कॉम्पिटेंस कोर्स (IPCC)

CA बनने की दिशा में IPCC दूसरा कोर्स और अगला कदम है. इसमें विषयों के दो समूह होते हैं जिनके क्रमशः 4 पेपर होते हैं. इन पेपरों को पास करके ही उम्मीदवार आगे बढ़ सकते हैं. ये विषय CPT स्तर से थोड़े मुश्किल होते हैं और इन्हें पास करने के लिए अत्यधिक तैयारी और समर्पण की आवश्यकता होती है.

अधिकांश छात्र IPCC परीक्षा की कठिनाई के स्तर के कारण यह परीक्षा अपने पहले प्रयास में पास नहीं कर पाते हैं. वर्ष 2017 में IPCC ग्रुप 1 का पास प्रतिशत 16.19% था और ग्रुप 2 का पास प्रतिशत  21.47% था.

CA फाइनल्स

अंत में CA फाइनल्स आते हैं जो सभी पिछली परीक्षाओं में से सबसे कठिन होते हैं. CA फाइनल्स  असल में, पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर की परीक्षाओं के काफी समान होते हैं जो उम्मीदवार की तकनीकी और समस्या निवारण क्षमताओं का परीक्षण करते हैं. आमतौर पर CA फाइनल्स को पूरा करने के लिए औसतन 3-5 साल का समय लगता है और ये एग्जाम्स पास करने के लिए उम्मीदवार में बहुत अधिक प्रतिबद्धता और दृढ़ता के गुण होने चाहियें.

कंपनी सेक्रेटरी

समय बीतने के साथ CA और CS में पढ़ाये जाने वाले कई विषय एक-दूसरे