पॉडकास्टिंग: एक उभरता हुआ करियर ऑप्शन

भारत में पॉडकास्टिंग को एक उभरते फील्ड के तौर पर देखा जा रहा है, जो डिजिटल फॉर्म में किसी खास विषय के बारे में होता है। क्रिएटिव और अनोखी स्टाइल वाले लोग इस तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। जरूरी मागदर्शन लेकर पॉडकास्ट शुरू करने की दिशा में कैसे बढ़ाएं कदम, बता रहे विनीत टंडन.......

पिछले हफ्ते कुछ लोगों ने अपने पॉडकास्ट के लिए मुझसे संपर्क किया। वे मेरा इंटरव्यू चाहते थे। जब उनसे पूछा कि क्या एक देश के रूप में हम पॉडकास्ट्स सुनने के लिए तैयार हैं? तो वे बहुत आशावादी दिखे। पिछले कुछ महीनों में उनके चैनल द्वारा हासिल की गई बढ़त से जोश में थे। दरअसल, अब ढेर सारे भारतीय लोग पॉडकास्ट्स को सुन रहे हैं। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में बढ़ोत्तरी और सस्ते डाटा की उपलब्धता सबसे ज्यादा पॉडकास्ट को बढ़ाने में योगदान कर रहे हैं। यूएसए टुडे पत्रिका द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में एक अरब से ज्यादा आइ-ट्यून पॉडकास्ट सब्सक्राइबर्स हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि अच्छे से किया जाए, तो पॉडकास्टिंग भी करियर का एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है।

क्या है पॉडकास्ट?

पॉडकास्ट एक डिजिटल ऑडियो फाइल है, जिसे कंप्यूटर या मोबाइल पर स्ट्रीमिंग के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जाता है। संगीत के उलट, एक पॉडकास्ट किसी खास विषय के बारे में होता है और एक श्रृंखलाबद्ध होता है। पॉडकास्ट चैनल पर सब्सक्राइबरों के लिए पॉडकास्ट्स के नए अंक अपने आप उपलब्ध हो जाते हैं। आजकल विभिन्न प्रकार के पॉडकास्ट्स उपलब्ध हैं, फिर भी जल्दी से समझने के लिए, आप दो तरह के पॉडकास्ट की रचना कर सकते हैं:

इंटरव्यू फॉर्मेट: इस फॉर्मेट में पॉडकास्ट का होस्ट विषयवस्तु के विशेषज्ञ या संबंधित प्राधिकारी को आमंत्रित करता है और एक प्रश्नोत्तरी के रूप में वार्ता चलती है। यह अनुभव को साझे करने के नजरिये से अच्छा है।

मोनोलॉग फॉर्मेट: यह पॉडकास्ट उन लोगों द्वारा किया जाना चाहिए जो अपने लिए एक नाम पहले ही कमा चुके हैं। यदि आप नए सिरे से शुरुआत कर रहे हैं, तो इस तरह के पॉडकास्ट पर केवल तभी विचार करना चाहिए जब आपका स्टाइल अनोखा हो और वह दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेने में सक्षम हो।

पॉडकास्ट्स से कमाई

अगर आपके द्वारा बनाया जा रहा कंटेंट वाकई अलग तरह का है, तो श्रोता जुटाना और पैसा कमाना इसमें बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है, बशर्ते कंटेंट गजब का हो। जिस तरह एक एफएम चैनल रेडियो स्पॉट्स की बिक्री करता है, ठीक वैसे ही एक पॉडकास्टर स्पॉन्सरशिप के रूप में इसमें पैसा कमा सकते हैं। 'दिस अमेरिकन लाइफ' पॉडकास्ट हर अंक में 50,000 यूएस डॉलर तक कमाई कर रहा है।

ऐसे बढ़ाएं कदम

पॉडकास्ट तुलनात्मक रूप से नया है और देश में बहुत तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है। ऐसे में कुछ बातों को ध्यान में रखकर एक पॉडकास्ट प्रोड्यूसर के लिए इस तरह सफलता की राह पर आगे बढ़ा जा सकता है:

मौलिकता: अपने विचार में या विचार की प्रस्तुति में या दोनों में मौलिक बनिये। कोई भी ऐसा कुछ सुनने में रुचि नहीं रखता, जिसके बारे में वह पहले से जानता हो। इसलिए अलग बनिये, मौलिक बनिये और सच्चे बनिये।

नियमित बनिये: फैसला कीजिए कि आपके लिए किस तरह का शेड्यूल सबसे अधिक उपयुक्त है। अगर ज्यादा नहीं, तो आपको हर पखवाड़े में एक नया पॉडकास्ट जरूर लाना चाहिए। दरअसल, ज्यादा लंबा अंतराल हो जाने पर श्रोता दूसरे पॉडकास्ट चैनल्स पर जा सकते हैं।

जरूरी संसाधन: पॉडकास्टिंग के लिए एक माइक्रोफोन के साथ एक फोन की जरूरत होगी, ताकि आप पॉडकास्ट रिकॉर्ड कर सकें। एक बेसिक म्यूजिक एडिटिंग सॉफ्टवेयर जैसे आडेसिटी की जरूरत पड़ेगी। तैयार करने के बाद इसे विभिन्न पॉडकास्ट होस्टिंग प्लेटफॉम्र्स पर होस्ट कर सकते हैं।

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