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एक्चुरियल साइंस – रिस्क लेना फायदेमंद

अनिश्चितता मानव जीवन का एक अभिन्न अंग है. कोई नहीं जानता है कि अगले पल में क्या होगा? हमारा कल कैसा होगा ? निश्चितता के साथ कोई नहीं कह सकता है. इसलिए अगर आप अपने भविष्य के बारे में सोंच रहे हैं तो अवश्य ही आप कुछ अप्रत्याशित आपदाओं से निबटने के लिए भी अपने आप को मानसिक रूप से तैयार रखेंगे. लेकिन किसी अज्ञात घटना विशेष के लिए आप अपने आपको किस तरह से तैयार रखेंगे ? आप इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की जोखिमों से निबटने तथा पूंजी की आवश्यकता का विश्लेषण कैसे करते हैं? इसके लिए सबसे सटीक कोई विषय है तो वह है एक्चुरियल साइंस. एक्चुरिज, एक ऐसे बिजनेस प्रोफेशनल्स हैं जो जोखिम और अनिश्चितता के आकलन, माप और मैनेजमेंट में बहुत मदद करते हैं.

इंश्योरेंस, फायनांस और अन्य उद्योगों में जोखिम प्रबंधन का आकलन करने के लिए गणितीय और सांख्यिकीय तरीकों को लागू करने वाले अनुप्रयोगों के अध्ययन को ही 'Actuarial Sciences (एक्चुरियल साइंस)' कहा जाता है. इस क्षेत्र से जुड़े हुए बेहतर करियर अवसरों को देखते हुए कई छात्र एक्चुरिज बनने की इच्छा रखते हैं. इसलिए यह जानना अति आवश्यक है कि सही मायनों में एक एक्चुरिज बनने के लिए कौन कौन से योग्यता का होना अनिवार्य है?

एक्चुरिज बनने के लिए आवश्यक योग्यता

संख्याओं तथा प्रोग्रामिंग में रुचि रखने वाले किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे जटिल समस्याओं को हल करना पसंद हो, व्यापार की अच्छी समझ हो तथा प्रभावी कम्युनिकेशन स्किल हो तो ऐसे व्यक्ति एक्चुरिज बन सकते हैं.हालांकि, इसके अतिरिक्त कुछ अन्य मानदंडों को भी पूरा करने की भी आवश्यकता होती है.

  • अभ्यर्थी की उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए.       
  • अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय से अपनी कक्षा 12 वीं की परीक्षा पास होना चाहिए.
  • यदि अभ्यर्थी ग्रेजुएशन तथा पोस्टग्रेजुएशन लेवल के छात्र हों तो उनके पास गणित और सांख्यिकी के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए.

अभ्यर्थी ग्रेजुएशन तथा पोस्टग्रेजुएशन लेवल पर एक्चुरियल साइंस का अध्ययन करके एक्चुरिज बन सकते हैं. लेकिन एक सही एक्चुरिज बनने के लिए अभ्यर्थियों को  एक्चुरियल एग्जाम्स की एक पूरी श्रृंखला को पास करना होगा.

एक्चुरियल साइंस का अध्ययन अभ्यर्थी को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ साथ वैचारिक स्पष्टता भी प्रदान करता है. लेकिन एक एक्चुरिज के रूप में काम करने के लिए उम्मीदवार को किसी एक्चुरिअल इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना होगा और एक्वायरियल कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (एसीईटी) को क्वालीफाई करना होगा. एक्चुरिअल इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने के बाद उम्मीदवार को कुल 15 विषय की परीक्षा देकर उसे पास करना होगा. इसके बाद अभ्यर्थी को एक एफएसएआई का सर्टिफिकेट मिलता है जिसका इस्तेमाल वे अपने आपको एक मान्यता प्राप्त फेलो के रूप में दिखाने के लिए कर सकते हैं अथवा एक एक्चुरिज के रूप में प्रैक्टिस कर सकते हैं. इसी के आधार पर आगे चलकर उन्हें एक्चुरियल साइंस से जुड़े क्षेत्रों में काम मिलेगा.

एक्चुरियल साइंस के कुछ टॉप कोर्सेज

भारत के विभिन्न कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले कुछ लोकप्रिय एक्चुरियल साइंस के पाठ्यक्रम हैं -

ग्रेजुएशन लेवल कोर्सेज

  • एक्चुरियल साइंस में बीएससी
  • इंश्योरेंस और बैंकिंग में बीए (ऑनर्स)
  • एक्चुरियल साइंस और फायनेंसियल मैथेमेटिक्स में बीएससी

पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल

  • एक्चुरियल साइंस में एमएससी
  • इंश्योरेंस बिजनेस में मास्टर प्रोग्राम
  • एक्चुरियल साइंस में एमबीए
  • स्टैटिसटिक्स (एक्चुरियल) में एमएससी

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा लेवल

  • एक्चुरियल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा

एक्चुरियल कोर्सेज कराने वाले भारत के कुछ टॉप कॉलेज  -

  • इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरिज ऑफ इंडिया
  •  स्कूल ऑफ इश्योरेंस एंड एक्चुरियल साइंस,नोएडा
  • एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी,मुंबई
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • द नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी,पुणे

करियर ग्रोथ की संभावना

एक्चुरियल साइंस क्या है तथा किस तरह एक सफल एक्चुरिज बना जा सकता है? यह जानने के बाद यह जान लेना बहुत जरुरी है कि इस फील्ड में करियर ग्रोथ की क्या संभावना है ? इस फील्ड में हाई सैलरी पैकेज तथा सुरक्षा की भावना आदि कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से ज्यादातर छात्र इस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस फील्ड की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अनिश्चितता के समय इसके कार्यकर्ता नौकरी सुरक्षा का आनंद लेते हैं. मार्केट में इनकी डिमांड बहुत ज्यादा होती है क्योकि विभिन्न उद्योगों में आने वाले जोखिमों की कमी नहीं होती है. एक्चुरिज की एक बड़ी विशेषता यह है कि वे किसी भी उद्योग में कार्य कर सकते हैं. अगर वेतन की बात की जाय तो इस फील्ड में सर्वाधिक भुगतान किया जाता है. एक फ्रेशर को 3-5 लाख रूपये सालाना सैलरी मिलती है. आगे चलकर 3-5 वर्ष के अनुभव के बाद आप सालाना लगभग 10-15 लाख रूपये कमा सकते हैं.यदि आप भारत के किसी एक्चुरिज इंस्टीट्यूट के फेलो मेंबर बन जाते हैं तो आप लगभग 20 से 30 लाख रूपये सालाना कमा सकते हैं.

एक्चुरिज के टॉप रिक्रूटर्स

एक्चुरिज को रिक्रूट करने वाले कुछ लोकप्रिय इंस्टीट्यूट्स हैं

  • डब्ल्यू एन एस ग्लोबल सर्विसेज
  • पी डब्ल्यू सी एक्चुरियल सर्विसेज इंडिया
  • मिलीमैन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • फ्यूचर जेनराली इंश्योरेंस
  • मैक्स बुपा हेल्थ इंश्योरेंस
  • आईडीबीआई बैंक
  • मैकिंसे एडवांस्ड हेल्थकेयर एनालिटिक्स
  • विलिज टावर्स वाटसन
  • मर्सर इडिया
  • डाइरेक्टोरेट ऑफ पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस
  • अर्नेस्ट एंड यंग इंडिया

तो दोस्तों, आपने यह जाना कि एक्चुरियल साइंस क्या है, इसके अंतर्गत किस तरह के काम किये जाते हैं तथा एक एक्चुरिज बनने के लिए आवश्यक योग्यता क्या है? उम्मीद करते हैं कि इससे इस फील्ड में जाने से पहले आप इस तरह की फील्ड में जाने के योग्य हैं या नहीं, आप इसमें किस तरीके से और बेहतर कर सकते हैं ? आदि का निर्णय करने में आपको बहुत मदद मिलेगी.करियर परामर्श से संबंधित ऐसे ही और अधिक रोचक वीडियो के लिए, www.jagranjosh.com पर लॉग इन करें.

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