भारत में काउंसलिंग में करियर: एक बेहतरीन ऑप्शन

क्या कभी आपने अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को उसकी किसी एकेडेमिक, करियर या पर्सनल लाइफ से संबंधित प्रॉब्लम में कोई ऐसी उपयोगी सलाह दी है जिससे आपके दोस्त या रिश्तेदार ने अपनी उस  परेशानी या प्रॉब्लम को सफलतापूर्वक सॉल्व कर लिया हो और उसकी लाइफ में एक नई आशा, विश्वास और उत्साह भर गया हो? अगर ऐसा है तो आप काउंसलिंग की फील्ड में अपना करियर शुरू कर सकते हैं. भारत सहित दुनिया भर में कारोबार के लगातार विकास और समुचित संचालन के लिए तकरीबन सभी कार्यक्षेत्रों में उपयुक्त काउंसलिंग की जरूरत होती है क्योंकि वास्तव में कोई योग्य काउंसलर अपने क्लाइंट्स के लिए एक पैरेंट, टीचर, दोस्त और सलाहकार होता है और इसलिए, भारत में आपके पास काउंसलिंग की फील्ड में कई बढ़िया करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. आइये इस बारे में आगे पढ़ें:      

भारत में काउंसलिंग की फील्ड से संबंधित विभिन्न एजुकेशनल कोर्सेज और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया:

हमारे देश में किसी एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12 वीं क्लास किसी भी स्ट्रीम में पास करने वाले स्टूडेंट्स विभिन्न सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और अंडरग्रेजुएट/ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं जैसेकि:

स्टूडेंट्स 12वीं पास करके निम्नलिखित कोर्सेज कर सकते हैं:

  • सर्टिफिकेट – काउंसलिंग
  • डिप्लोमा – एजुकेशनल काउंसलिंग
  • बीए/ बीएससी – साइकोलॉजी/ एप्लाइड साइकोलॉजी

स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद निम्नलिखित कोर्सेज कर सकते हैं:

  • एमए/ एमएससी -  साइकोलॉजी/ एप्लाइड साइकोलॉजी/ काउंसलिंग साइकोलॉजी
  • एमएड – गाइडेंस साइकोलॉजी
  • एमएससी – साइकोलॉजिकल काउंसलिंग/ काउंसलिंग एंड साइकोथेरेपी

स्टूडेंट्स संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएशन करने के बाद कर सकते हैं निम्नलिखित कोर्सेज:  

  • एमफिल – गाइडेंस एंड काउंसलिंग
  • पीजी डिप्लोमा – काउंसलिंग साइकोलॉजी/ गाइडेंस एंड काउंसलिंग/ साइकोलॉजिकल काउंसलिंग
  • पीएचडी – काउंसलिंग/ काउंसलिंग साइकोलॉजी

नोट: स्टूडेंट्स काउंसलिंग की फील्ड में कुछ एजुकेशनल कोर्सेज कॉरेस्पोंडेंस या डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से भी कर सकते हैं.

भारत के प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स जहां से आप काउंसलिंग से संबंधित कोर्सेज कर सकते हैं:

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ पब्लिक कोऑपरेशन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट, नई दिल्ली
  • नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT), नई दिल्ली  
  • महाऋषि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, बनारस
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज, मुंबई
  • पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
  • अलीगढ़ यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर

काउंसलिंग के पेशे के लिए जरुरी वर्किंग स्किल्स

अगर आप काउंसलिंग के पेशे में कामयाबी हासिल करना चाहते हैं तो आपके पास निम्नलिखित वर्किंग स्किल्स जरुर होने चाहिए:

  • काउंसलर अपने क्लाइंट्स या पेशेंट्स की बातचीत और प्रॉब्लम्स को बड़े ध्यान और एकाग्रता से सुन सके.
  • अपने क्लाइंट या पेशेंट का केस काउंसलर्स बड़े स्पष्ट शब्दों में लिखें और अन्य लोगों या महत्वपूर्ण एजेंसियों को कम्यूनिकेट कर सकें.
  • अपने क्लाइंट या पेशेंट से उनकी प्रॉब्लम्स के बारे में अनेक किस्म के प्रश्न पूछने के लिए किसी काउंसलर के पास बेहतरीन इंटरव्यू स्किल्स होने चाहिए.
  • एम्पैथी या संवेदना काउंसलिंग के पेशे का आधार है अर्थात अपने क्लाइंट्स और पेशेंट्स से डील करते समय काउंसलर उनके दुःख और परेशानी को अपना दुःख और परेशानी समझे.
  • काउंसलर को अपने क्लाइंट्स और/ या पेशेंट्स को उनकी प्रॉब्लम या हेल्थ इश्यूज़ को अच्छी तरह समझाना आना चाहिए.
  • डिप्रेशन या सुसाइडल टेंडेसी से जूझ रहे लोगों को प्रोफेशनल और मानवीय आधार पर डील करना इन पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्किंग स्किल है.
  • काउंसलिंग एक कॉंफिडेंशल सर्विस है और इन पेशेवरों को अपने क्लाइंट्स के केस डील करते समय कॉंफिडेंशिएलटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए.
  • इसी तरह करियर काउंसलर को समय-समय पर विभिन्न करियर रिसोर्सेज की जानकारी हासिल करनी चाहिए.
  • काउंसलर के पास लेटेस्ट करियर अपडेट्स जरुर होने चाहिए.

भारत में काउंसलर्स के लिए उपलब्ध हैं ये करियर ऑप्शन्स

पेशेवर काउंसलर का काम विभिन्न लोगों को उनकी जरूरत और/ या प्रॉब्लम के मुताबिक सलाह देना होता है. अपने एरिया ऑफ़ स्पेशलाइजेशन के मुताबिक ये पेशेवर निम्नलिखित जॉब-प्रोफाइल्स या करियर ऑप्शन्स के तहत अपना काम करते हैं:

  • एजुकेशनल एंड करियर गाइडेंस काउंसलर – ये पेशेवर विभिन्न स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में स्टूडेंट्स को एजुकेशन, सब्जेक्ट कोर्स और फ्यूचर करियर गोल्स के लिए गाइडेंस देते हैं. ये काउंसलर्स स्टूडेंट्स को उनकी पर्सनल प्रॉब्लम्स, एकेडेमिक प्रॉब्लम्स, सोशल या बिहेवियर प्रॉब्लम्स से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए भी उपयोगी परामर्श देते हैं.
  • करियर काउंसलर – ये पेशेवर फ्रेश ग्रेजुएट्स, स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स को उनकी जॉब और करियर के संबंध में महत्वपूर्ण सलाह देते हैं. ये पेशेवर इन स्टूडेंट्स, फ्रेशर्स और विभिन्न प्रोफेशनल्स को उनके टैलेंट, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और इंटरेस्ट के मुताबिक सही करियर ऑप्शन चुनने के लिए उपयोगी सलाह देते हैं तथा इन प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स की करियर से संबंधित विभिन्न प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं.
  • मैरिज एंड फॅमिली काउंसलर – ये पेशेवर मैरिज और फैमिली से संबंधित सभी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए अपने क्लाइंट्स या समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जरुरी और उपयोगी सलाह देते हैं.
  • हेल्थ काउंसलर – जैसे विभिन्न बीमारियों का इलाज डॉक्टर्स करते हैं, ठीक उसी तरह हेल्थ काउंसलर विभिन्न पेशेंट्स और उनके केयरटेकर्स को विभिन्न बीमारियों, दवाई की डोज़, डाइट आदि के संबंध में सभी जरुरी परामर्श देते हैं. ये पेशेवर हेल्दी क्लाइंट्स को भी महत्वपूर्ण हेल्थ टिप्स जैसेकि डाइट प्लान या फिजिकल फिटनेस के बारे में जरुरी सलाह मुहैया करवाते हैं.
  • मेंटल हेल्थ काउंसलर – ये पेशेवर मानसिक रोगियों या दिमागी तौर पर अस्थिर लोगों के इमोशन्स और बिहेवियर की सटीक स्टडी करके जरुरी हिदायतें और सलाह देते हैं. डिप्रेशन, स्ट्रेस, एंग्जायटी और सुसाइडल टेंडेंसी वाले लोगों को ये पेशेवर उनके जीवन के लिए उपयोगी सलाह देते हैं.
  • रिहैबिलिटेशन काउंसलर – जन्म, बीमारी, एक्सीडेंट या अन्य किसी कारणवश शारीरिक रूप से  अपंग या मानसिक तौर पर दुखी और परेशान हुए व्यक्तियों के पुनर्वास में ये पेशेवर अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और ये पेशेवर दिव्यांगजनों की हरेक प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए समय-समय पर उपयोगी सलाह देते रहते हैं.
  • ड्रग एब्यूज़ काउंसलर – ये पेशेवर विभिन्न नशा-मुक्ति केंद्रों में ड्रग्स, स्मोकिंग या अल्कोहल जैसे हेल्थ और जीवन के लिए हानिकारक नशों को छोड़ने में अपनी उपयोगी काउंसलिंग के जरिये लोगों की मदद करते हैं.  

भारत में काउंसलिंग की फील्ड से संबंधित प्रमुख रिक्रूटर्स

अगर आप एक काउंसलर का पेशा अपनाना चाहते हैं तो आप भारत में निम्नलिखित प्रमुख रिक्रूटिंग इंस्टीट्यूशन्स में अप्लाई कर सकते हैं जैसेकि:

  • स्कूल्स, कॉलेजेस और यूनिवर्सिटीज़
  • ऑनलाइन गाइडेंस पोर्टल्स
  • स्किल ट्रेनिंग सेंटर्स
  • प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट्स
  • ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर
  • सोशल एंड फैमिली इश्यूज़ रिलेटेड यूनिट्स
  • रिहैबिलिटेशन सेंटर्स
  • करियर काउंसेलिंग सेंटर्स/ एजेंसीज़
  • प्लेसमेंट सर्विस इंस्टीट्यूट्स
  • प्राइवेट प्रैक्टिस

भारत में काउंसलर्स को मिलता है ये सैलरी पैकेज

हमारे देश में काउंसलिंग की फील्ड में शुरू में आप एवरेज 30-40 हजार रुपये मासिक कमा सकते हैं. इन पेशेवरों की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और वर्क एक्सपीरियंस के मुताबिक इनकी सैलरी साल-दर-साल बढ़ती रहती है. प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले काउंसलर्स को उनके हरेक काउंसलिंग सेशन के मुताबिक कम से कम 500 रुपये से 2000 रुपये तक फीस मिलती है. इस फील्ड में एक्सपर्ट टॉप काउंसलर्स 70 – 80 हजार रुपये मासिक या उससे अधिक कमाई भी कर सकते हैं.

जॉब, करियर, इंटरव्यू, एजुकेशनल कोर्सेज, प्रोफेशनल कोर्सेज, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर नियमित तौर पर विजिट करते रहें.

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