एनडीआरएफ में करियर बनाएं, मिलेंगे देश सेवा के अनेक मौके

एनडीआरएफ – एक परिचय

हमारा देश भारत हर साल कई प्राकृतिक आपदाओं (नेचुरल डिजास्टर्स) जैसेकि, बाढ़, भूकंप, सूखा या अकाल, लैंड स्लाइड, एव्लेंश, साइक्लोन, हेलस्ट्रोम और लाइटनिंग आदि से जूझता है. हमारे देश भारत में मौजूदा समय में असम, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात और झारखंड  राज्यों के 1.15 करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और इस बाढ़ के कारण 180 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. राहत और बचाव कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं. इन सारी नेचुरल कैलेमिटीज़ से जनता के जान-माल की रक्षा करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2006 में नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स (एनडीआरएफ) की स्थापना की जिसका हेड क्वार्टर अंत्योदय भवन, नई दिल्ली में है. एनडीआरएफ लोकल, स्टेट और नेशनल लेवल पर प्राकृतिक और मानव निर्मित हरेक आपदा या डिजास्टर का सामना करने के लिए दिन-रात तैयार रहता है. एनडीआरएफ में इस समय 1000 से कुछ अधिक कर्मचारी और 40 लाख से अधिक स्वयंसेवक या वॉलंटियर्स कार्य कर रहे हैं. इन वॉलंटियर्स को एनडीआरएफ द्वारा विभिन्न ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के माध्यम से सूटेबल ट्रेनिंग दी गई है. मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स के तहत एनडीआरएफ अपने सभी रक्षा और बचाव कार्यों को अंजाम देता है एनडीआरएफ का आदर्श वाक्य “आपदा सेवा सदैव” है. भारत में 12 सबसे अधिक संवेदनशील स्थानों पर एनडीआरएफ की बटालियनें बड़ी मुस्तैदी से अपना काम कर रही हैं. ये 12 स्थान असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिल नाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश (गाज़ियाबाद और वाराणसी), बिहार, आंध्रप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश राज्यों में स्थित हैं. एनडीआरएफ की हरेक बटालियन में 18 टीमें होती हैं और हरेक टीम में तकरीबन 47 पर्सनल्स शामिल होते हैं. यद्यपि NDRF में सीधी भर्ती नहीं होती और पैरामिलिट्री फोर्सेज से ही प्रोफेशनल्स को 7 साल के डेपुटेशन पर NDRF में शामिल किया जाता है. आप देश की पैरामिलिट्री फोर्स ज्वाइन करके भी नेचुरल डिजास्टर्स से निपटने में अपना सक्रिय योगदान दे सकते हैं.

एनडीआरएफ पर्सनल्स के प्रमुख काम हैं:

हमारे देश के हरेक कोने में आजकल बाढ़, भूकंप या अग्निकांड जैसे हालात पैदा होने पर राहत कार्य में लगे लाल जैकेट पहने जवानों को देखा जा सकता है. ये जवान, सेना के जवानों और सामाजिक संस्थाओं के साथ काफी बढ़-चढ़कर बचाव अभियान में हिस्सा लेते हैं और मुसीबत में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद करते हैं. दरअसल, लाल जैकेट पहने ये प्रोफेशनल नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट लेवल पर स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स (एसडीआरएफ) के पर्सनल्स होते हैं, जो प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं. एनडीआरएफ विभिन्न नेचुरल डिजास्टर्स की आशंका पैदा होते ही पूरे भारत में राहत और बचाव कार्यों के लिए अपनी टीम तैनात कर देता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों के जान-माल की रक्षा की जा सके. एनडीआरएफ पर्सनल्स और इनके ट्रेंड वॉलंटियर्स निम्नलिखित काम करते हैं:
•    लोगों को डूबने से बचाना.
•    बिल्डिंग्स गिरने पर लोगों के जान-माल की रक्षा करना.
•    लैंड स्लाइड्स के वक्त लोगों को बचाना.
•    तबाही लाने वाली बाढ़ के समय लोगों की जान और धन-संपत्ति को बचाना.
•    साइक्लोन के समय लोगों को हरेक किस्म की सुरक्षा प्रदान करना.
•    रेल दुर्धटना के समय लोगों को बचाना.
•    जंगल की आग लगने पर बचाव कार्य करना.

इस फील्ड में करियर शुरू करने के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स

•    स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से किसी भी विषय में कम से कम 50% मार्क्स के साथ अपनी 12वीं क्लास पास की हो.
•    स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी बीए/ बीएससी की डिग्री हासिल की हो.
•    स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से डिजास्टर मैनेजमेंट में एमएससी/ एमए/ एमबीए की डिग्री हासिल की हो.
•    स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से डिजास्टर मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स पूरा किया हो.
•    स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से डिजास्टर मैनेजमेंट में पीएचडी की डिग्री हासिल की हो.

भारत में नेचुरल डिजास्टर से संबंधित एजुकेशनल कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट्स

•    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजास्टर मैनेजमेंट, दिल्ली
•    इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली
•    दिल्ली कॉलेज ऑफ़ फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग, दिल्ली
•    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फायर डिजास्टर एंड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट, नागपुर
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट, नई दिल्ली
•    पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, पंजाब
•    टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज, मुंबई
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग, देहरादून

एनडीआरएफ पर्सनल्स के लिए साहसिक कार्यों में रुचि और जन सेवा की भावना हैं प्रमुख गुण

एनडीआरएफ पर्सनल्स या वॉलंटियर्स के तौर पर काम करने के लिए लोगों में साहसिक कार्यों में दिलचस्पी होने के साथ-साथ जनता, समाज और देश की सेवा का जज्बा जरुर होना चाहिए क्योंकि इन लोगों को अपनी जान पर खेलकर अन्य लोगों के जान-माल की रक्षा करनी पड़ती है.

एनडीआरएफ में रैंक-आर्डर

•    डायरेक्टर जनरल
•    इंस्पेक्टर जनरल
•    डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल
•    कमांडेंट
•    सेकंड-इन-कमांडेंट
•    डिप्टी कमांडेंट
•    असिस्टेंट कमांडेंट
•    सूबेदार मेजर
•    इंस्पेक्टर
•    सब-इंस्पेक्टर
•    असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर
•    हेड कॉन्स्टेबल
•    कॉन्स्टेबल

जॉब के अन्य अवसर

भारत में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ में डेपुटेशन पर विभिन्न जॉब्स ज्वाइन करने के अलावा, सभी सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों में भी ऐसे ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ती ही जा रही है. विशेष रूप से अग्निशमन विभाग, इंश्योरेंस कंपनीज़, लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसीज़, रिलीफ डिपार्टमेंट्स, केमिकल इंडस्ट्री, रिफाइनरीज़, माइनिंग और पेट्रोलियम कंपनियों में ऐसे लोगों की सबसे अधिक मांग है, जहां आप ऑपरेशनल एनालिस्ट, सिक्युरिटी एडमिनिस्ट्रेटर या सुपरवाइजर के रूप में जॉब ज्वाइन कर सकते हैं. हमारे देश में सभी NGOs भी प्राथमिकता के आधार पर डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रोफेशनल्स को काम पर रखते हैं. आप यह कोर्स करके किसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में टीचिंग  भी कर सकते हैं. आजकल विभिन्न फैक्ट्रीज़ भी अपने वर्कर्स के जान-माल की सुरक्षा के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं. आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ में भर्ती के लिए रोजगार समाचार पत्रों में हर साल वैकेंसी की अधिसूचनाएं निकलती रहती हैं.

भारत में एनडीआरएफ पर्सनल्स का सैलरी पैकेज

एनडीआरएफ अपने पर्सनल्स को आकर्षक सैलरी पैकेज देता है. यहां डायरेक्टर जनरल को शुरू में एवरेज 80 हजार रुपये मासिक, इंस्पेक्टर जनरल को एवरेज 53 हजार रुपये मासिक, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल को एवरेज 49 हजार रुपये मासिक और कमांडेंट को एवरेज 46 हजार रुपये मासिक मिलते हैं. इसी तरह इंस्पेक्टर को एवरेज 18 हजार रुपये मासिक और सब इंस्पेक्टर को एवरेज 14 हजार रुपये मासिक का सैलरी पैकेज मिलता है. कैंडिडेट्स के वर्क एक्सपीरियंस और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का भी उनके सैलरी पैकेज पर असर पड़ता है. इसके अलावा, विभिन्न सरकारी भत्ते और जरुरी सर्विस फैसिलिटीज़ भी एनडीआरएफ के पर्सनल्स को मुहैया करवाई जाती हैं.

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