इंडियन एविएशन इंडस्ट्री में करियर स्कोप और जॉब ऑप्शन्स

भारत इस समय दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी एविएशन मार्केट है और वर्ष 2024 तक भारत को दुनिया में तीसरे नंबर पर सबसे बड़ी एविएशन मार्केट बनाने का लक्ष्य रखा गया है. हमारे देश में अप्रैल, 2018 से फरवरी, 2019 तक पैसेंजर ट्रैफिक 316.51 मिलियन के आस-पास रहा है. वर्ष 2020 तक भारत में 250 एयरपोर्ट्स से हवाई उड़ाने भरी जायेंगी. इस समय भारत के एविएशन सेक्टर में 8 मिलियन लोग विभिन्न किस्म की जॉब्स कर रहे हैं और यह दुनिया की सबसे तेज़ गति से विकसित होने वाली डोमेस्टिक एयर मार्केट है जिसका देश के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में $ 72 बिलियन का मौजूदा योगदान है. भारत में एविएशन इंडस्ट्री की लेटेस्ट कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 18% है. इसी तरह, आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि, मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन, भारत सरकार की एक स्टडी के मुताबिक वर्ष 2035 तक इंडियन सिविल एविएशन सेक्टर में एयरलाइन्स, एयरपोर्ट्स, ग्राउंड हैंडलिंग और MROs (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की फ़ील्ड्स में उपलब्ध सभी जॉब्स के तहत कुल मिलाकर 1 मिलियन प्रोफेशनल्स को डायरेक्ट एम्पलॉयमेंट और 3 मिलियन लोगों को इन-डायरेक्ट एम्पलॉयेमेंट मिलेगा जोकि काफी आशाजनक है.

इंडियन एविएशन इंडस्ट्री से संबंधित विभिन्न एजुकेशनल कोर्सेज करने के लिए एलिजिबिलिटी

हमारे देश में किसी एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12 वीं क्लास फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ कम से कम 50% मार्क्स के साथ पास करने वाले स्टूडेंट्स इस फील्ड में ग्रेजुएशन लेवल के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. अगर स्टूडेंट्स ने किसी भी स्ट्रीम में अपनी 12 वीं क्लास पास की हो तो भी वे कुछ एविएशन कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं. पोस्टग्रेजुएशन लेवल के डिग्री/ डिप्लोमा कोर्सेज के लिए स्टूडेंट्स ने संबंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. कई इंस्टीट्यूट्स में एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से योग्य स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया जाता है. आजकल कंप्यूटर स्किल्स भी इस फील्ड के लिए आवश्यक हो गए हैं.

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इंडियन एविएशन इंडस्ट्री में विभिन्न जॉब्स करने के लिए प्रमुख एजुकेशनल कोर्सेज

भारत के टॉप एविएशन इंस्टीट्यूट्स जहां से आप कर सकते हैं विभिन्न एजुकेशनल कोर्सेज

अगर आप इंडियन एविएशन में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आप भारत में निम्नलिखित प्रमुख एविएशन इंस्टीट्यूट्स से कोई सूटेबल एजुकेशनल कोर्स कर सकते हैं:

इंडियन एविएशन इंडस्ट्री में हैं ये प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स/ करियर ऑप्शन्स

यह पेशा एविएशन सेक्टर का सबसे आकर्षक पेशा है जिसमें बहुत अच्छा सैलरी पैकेज मिलता है. एविएशन सेक्टर में जॉब करने के लिए आपको एक कमर्शियल पायलट के तौर पर लाइसेंस लेना पड़ता है.

ये पेशेवर अपने एयरक्राफ्ट या एयरबस में पैसेंजर्स का स्वागत करते हैं और उनकी ट्रेवलिंग को यथासंभव परेशानी रहित, आरामदायक और सुरक्षित बनाते हैं. ये पेशेवर फ्लाइट्स के दौरान पैसेंजर्स को फूड्स एंड ड्रिंक्स सर्व करने के साथ-साथ सेफ्टी इंस्ट्रक्शन्स और फर्स्ट एड सहायता भी देते हैं.

ये पेशेवर एविएशन सेक्टर में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि ये लोग उड़ान भरने से पहले हरेक एयरक्राफ्ट की परफेक्ट कंडीशन या किसी टेक्निकल खराबी के बारे में पता लगाने के लिए एयरक्राफ्ट की अच्छी तरह जांच करते हैं ताकि आकाश में उड़ान भरते समय पैसेंजर्स के जान-माल पूरी तरह सुरक्षित रहें.

ये पेशेवर ग्राउंड लेवल पर एयरपोर्ट के हरेक कामकाज को मैनेज करते हैं और एयरपोर्ट की सेफ्टी से जुड़े सभी मामलों को हैंडल करते हैं. एयरपोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर और एयरपोर्ट स्टाफ मैनेजर के तौर पर भी ये पेशेवर काम कर सकते हैं.

एयरपोर्ट पर सबसे पहले कस्टमर्स को ग्राउंड स्टाफ ही हैंडल करता है. ग्राउंड स्टाफ के पेशेवर ग्राउंड लेवल के सभी काम जैसेकि, सिक्यूरिटी चेकिंग, पासपोर्ट्स चेकिंग, बैगेज हैंडलिंग से लेकर एयरक्राफ्ट में पैसेंजर्स के अपनी सीट्स में बैठने तक हरेक स्तर पर पैसेंजर्स की सहायता करते हैं.

फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स आमतौर पर सीनियर पायलट्स होते हैं जो एयरलाइन में लाइन ड्यूटी से जुड़े काम करते हैं. फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स पायलट्स को ट्रेनिंग देते हैं. ग्राउंड इंस्ट्रक्टर ऑपरेशन बैकग्राउंड से जुड़े सभी काम देखते हैं.

ये पेशेवर हरेक उड़ान से पहले एयरक्राफ्ट के पायलट्स को वेदर कंडीशन, फ्लाइट पाथ और उड़ान को अनुकूल बनाने के बारे में जानकारी देते हैं.

ये पेशेवर पायलट्स और अन्य एम्पलॉईज़ की साइकोलॉजिकल हेल्थ की जांच करते हैं. उड़ान के दौरान लगने वाले डर, घबराहट या बेचैनी जैसी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में ये पेशेवर माहिर होते हैं.

ये पेशेवर एविएशन मेडिसिन और सेंट्रल मेडिसिन एस्टैब्लिशमेंट के सेट नॉर्म्स के मुताबिक पायलट्स और अन्य स्टाफ का बहुत बारीकी से मेडिकल चेक-अप करते हैं.

ये पेशेवर काउंटर पर एयर टिकट्स इशू करते हैं और सीट्स असाइन करने, लगेज और एयरलाइन टिकट सेल्स को हैंडल करने, एयरक्राफ्ट बोर्डिंग से संबंधित सूचनाएं देने जैसे काम भी ये पेशेवर संभालते हैं.  

ये पेशेवर एयरपोर्ट्स पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एविएशन सिक्यूरिटी, फ्लाइट सेफ्टी और क्रू मैनेजमेंट जैसे काम संभालते हैं. भारत में अभी इन पेशेवरों की कमी है और नये एयरपोर्ट बनने पर इन पेशेवरों की मांग काफी बढ़ जायेगी.

इंडियन एविएशन इंडस्ट्री: ये हैं टॉप जॉब रिक्रूटर्स

भारत में आप निम्नलिखित प्रमुख एविएशन कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं:

इंडियन एविएशन इंडस्ट्री में मिलता है आकर्षक सैलरी पैकेज

हमारे देश में एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न प्रोफेशनल्स को काफी आकर्षक सैलरी पैकेज मिलते हैं जैसेकि, किसी कमर्शियल पायलट को एवरेज 5 लाख – 12 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. किसी एयरपोर्ट मैनेजर/ सेफ्टी ऑफिसर को एवरेज 3 लाख – 6 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. इस फील्ड में एक असिस्टेंट मैनेजर और कार्गो डिपार्टमेंट मैनेजर को एवरेज 2 -5 लाख रुपये का सालाना सैलरी पैकेज मिलता है. इसी तरह, किसी एयर होस्टेस, स्टुअर्ड, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, ऑफिस ऑपरेटर और फ्रंट एंड ऑफिसर ऑपरेटर को आमतौर पर 4 - 6 लाख रुपये सालाना मिलते हैं. इन प्रोफेशनल्स की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स और वर्क एक्सपीरियंस के मुताबिक हर साल उनकी सैलरी बढ़ती रहती है.

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