भारत में स्टॉक ब्रोकर का करियर स्कोप और आशाजनक भविष्य

यंग प्रोफेशनल्स के लिए आजकल स्टॉक मार्केट में एक स्टॉक ब्रोकर के तौर पर अपना करियर शुरू करना बहुत ही आकर्षक करियर ऑप्शन है. दरअसल, स्टॉक्स और अन्य सिक्योरिटीज को खरीदने और बेचने की प्रोसेस को ‘स्टॉक ब्रोकिंग’ कहा जाता है. स्टॉक ब्रोकिंग प्रोसेस के बेसिक प्रिंसिपल्स से परिचित कराने के लिए स्टूडेंट्स को क्लाइंट्स के साथ-साथ कंपनियों के लिए स्टॉक खरीदने और बेचने की ट्रेनिंग दी जाती है. हमारे देश में स्टॉक मार्केट की फील्ड में स्टूडेंट्स के लिए बहुत अच्छे करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में इंडियन ब्रोकिंग इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट (पिछले वर्ष की मॉडरेट ग्रोथ रेट) 5 – 10 फीसदी से ज्यादा रहेगी और एस्टीमेटेड रेवेन्यु 19 – 20 हजार करोड़ के आस-पास रहेगा. इसलिए, भारत में स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड में कैंडिडेट्स का भविष्य आशाजनक है और कुछ वर्षों के वर्क एक्सपीरियंस के बाद इन प्रोफेशनल्स को काफी अच्छा सालाना सैलरी पैकेज भी मिलता है......तो आइये आज हम अपने देश में स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड में करियर स्कोप के बारे में आपके साथ चर्चा करते हैं:

भारत में स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड से संबंधित एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

हमारे देश में स्टॉक ब्रोकर के तौर पर अपना करियर शुरू करने के लिए स्टूडेंट्स ने प्रेफरेबली कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, बिजनेस मैनेजमेंट या मैथ्स विषय सहित अपनी 12वीं क्लास किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से पास की हो. सब-ब्रोकर का काम शुरू करने के लिए कैंडिडेट्स की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए.

स्टूडेंट्स अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद कर सकते हैं ये बैचलर डिग्री कोर्सेज/ सर्टिफिकेट कोर्सेज

  • बीए/ बीकॉम – फाइनेंस/ एकाउंटिंग/ इकोनॉमिक्स/ बिजनेस मैनेजमेंट/ मैथ्स
  • बीएससी – मैथ्स/ इकोनॉमिक्स
  • NSE सर्टिफिकेट – फाइनेंशिल मार्केट्स
  • NSE सर्टिफिकेट – मार्केट प्रोफेशनल

ग्रेजुएट स्टूडेंट्स कर सकते हैं ये मास्टर डिग्री कोर्सेज या पीजी डिप्लोमा कोर्सेज

  • एमबीए – फाइनेंस
  • एमकॉम
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा – कैपिटल मार्केट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा – फंडामेंटल्स ऑफ़ कैपिटल मार्केट डेवलपमेंट

महत्वपूर्ण नोट: इन एजुकेशनल कोर्सेज में से अपने लिए कोई सूटेबल कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आपको अपने नाम का रजिस्ट्रेशन सेबी अर्थात सिक्यूरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया के पास अवश्य करवाना होगा. इसी तरह, एक स्टॉक मेंबर बनने के लिए आपको रिटन एंट्रेंस टेस्ट पास करके संबंधित ट्रेनिंग कोर्स पूरा करना होगा. इसके बाद आपको सेबी की मेंबरशिप मिल जायेगी.

आपको मेंबरशिप हासिल करने के लिए निर्धारित राशि संबंधित स्टॉक एक्सचेंज में सिक्यूरिटी के तौर पर जमा करानी होगी. फाइनेंशियल मार्केट में काम करने के लिए आपके पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सर्टिफिकेट होना चाहिए और डेरीवेटिव्स एक्सचेंज में काम करने के लिए कैंडिडेट्स के पास बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सर्टिफिकेट होना चाहिए.

भारत में स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड से संबंधित कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस

  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ कैपिटल मार्केट डेवलपमेंट, नई दिल्ली
  • दी ओरियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कैपिटल मार्केट, नई दिल्ली
  • मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मुंबई
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट प्लानिंग, मुंबई
  • दी यूटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ़ कैपिटल मार्केट, मुंबई
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ़ इंडिया, हैदराबाद
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद/ कलकत्ता, बैंगलोर/ लखनऊ

भारत में स्टॉक ब्रोकर्स यहां कर सकते हैं अपने करियर की शुरुआत

  • इन्वेस्टमेंट बैंक्स
  • पेंशन फंड्स
  • ब्रोकिंग फर्म्स
  • म्यूच्यूअल फंड्स
  • रिसर्च कंपनीज़/ सेंटर्स
  • फाइनेंसियल/ इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसीज़
  • न्यूज़पेपर्स एंड मैगजीन्स/ टीवी चैनल्स  
  • इंश्योरेंस कंपनीज़
  • मर्चेंट बैंक्स/ बैंक्स जो स्टॉक ब्रोकिंग का काम करते हैं
  • बड़े बिजनेस ग्रुप्स/ हाउसेस और कंपनियां

भारत में स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड में उपलब्ध प्रमुख करियर ऑप्शन्स

हमारे देश में प्रोफेशनल्स स्टॉक मार्केट्स में उपलब्ध निम्नलिखित करियर ऑप्शन्स में से अपने लिए कोई सूटेबल करियर और जॉब प्रोफाइल चुन सकते हैं:

  • बैंक ब्रोकर – किसी बैंक ब्रोकर का काम अन्य स्टॉक ब्रोकर्स के समान ही होता है. दरअसल, ये पेशेवर संबंधित बैंक के विभिन्न क्लाइंट्स के लिए शेयर्स को खरीदते और बेचते हैं लेकिन बैंक ब्रोकर्स को संबंधित बैंक्स ही क्लाइंट बेस उपलब्ध करवाते हैं इसलिए, क्लाइंट्स खुद बैंक ब्रोकर्स से कांटेक्ट करते हैं.
  • इंडिपेंडेंट ब्रोकर – ये सर्टिफाइड पेशेवर एक इंडिपेंडेंट या स्वतंत्र एजेंट के तौर पर काम करते हैं. इन पेशेवरों को अपने क्लाइंट्स की तलाश खुद करनी होती है इसलिए इनका कम्युनिकेशन स्ट्रोंग होने के साथ ही सोशल-नेटवर्किंग भी मजबूत होनी चाहिए. स्टॉक मार्केट की अच्छी जानकारी और समझ भी इन पेशेवरों को सफलता दिलवाने में प्रमुख भूमिका निभाती है. ये पेशेवर अपना कमीशन या लाभांश खुद ही निर्धारित करते हैं जिस वजह से अपने फायदे या नुकसान के लिए काफी हद तक ये पेशेवर ही जिम्मेदार होते हैं.
  • इक्विटी एनालिस्ट – ये पेशेवर संबंधित संगठन या कंपनी के स्टॉक्स और अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के लाभ और जोखिम के बारे में पता लगाने के लिए उन कंपनियों या संगठन के परिवेश और मौजूदा फाइनेंशियल कंडीशन्स की स्टडी करता है. ये पेशेवर बड़ी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म या बिजनेस संगठन में जॉब करते हैं या फिर एक इंडिपेंडेंट एजेंट के तौर पर भी अपना काम कर सकते हैं.
  • स्टॉक ब्रोकिंग फर्म/ कंपनी – ऐसी कंपनी अपने क्लाइंट्स बनाकर स्टॉक मार्केट प्रोडक्ट्स में उनका धन इन्वेस्ट करती है. ऐसी किसी कंपनी में काम करने वाले पेशेवर ज्यादा सुरक्षित होते हैं.   
  • इन्वेस्टमेंट बैंकर – इस पेशे में आपको बहुत अच्छी कमाई करने का अवसर मिलता है क्योंकि ये पेशेवर काफी बड़े लेवल पर कैपिटल और धन का लेन-देन करते हैं. कई कंपनियों के मर्जर्स और एक्वीजीशन्स की डीलिंग भी ये पेशेवर ही करते हैं. ये पेशेवर प्राइवेट कंपनियों के साथ गवर्नमेंट एजेंसियों के लिए भी काम करते हैं.   

स्टॉक ब्रोकिंग की फील्ड में उपलब्ध कुछ अन्य महत्वपूर्ण करियर ऑप्शन्स

  • पर्सनल फाइनेंशियल एडवाइजर/ फाइनेंशियल एडवाइजर
  • फाइनेंशियल एनालिस्ट/ रिसर्च एनालिस्ट
  • पोर्टफोलियो मैनेजर  
  • इन्वेस्टमेंट एडवाइजर
  • कैपिटल मार्केट स्पेशलिस्ट
  • एकाउंटेंट्स
  • सिक्यूरिटीज़ एनालिस्ट
  • फाइनेंशियल मैनेजर
  • सिक्यूरिटी ट्रेडर्स
  • सिक्यूरिटी सेल्स रिप्रेजेंटेटिव

भारत में स्टॉक ब्रोकर की सैलरी

हरेक अन्य पेशे की तरह ही हमारे देश में इन पेशेवरों को उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, परफॉरमेंस और वर्क एक्सपीरियंस के मुताबिक ही सैलरी पैकेज मिलता है. शुरू में ये पेशेवर एवरेज 2 -3 लाख रुपये सालाना कमा लेते हैं लेकिन कुछ वर्षों के अनुभव के बाद ये पेशेवर एवरेज 5 -7 लाख रुपये सालाना तक कमा लेते हैं. इन पेशेवरों को अपनी परफॉरमेंस के मुताबिक अक्सर इंसेंटिव भी मिलता है. किसी इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर ये पेशेवर शुरू में एवरेज 12 लाख रुपये सालाना कमाते हैं और कुछ वर्षों के अनुभव के बाद ये इन्वेस्टमेंट बैंकर्स एवरेज 30 लाख रुपये सालाना भी कमा सकते हैं. इस फील्ड में इंडिपेंडेंट ब्रोकर्स अपने टैलेंट के आधार पर करोड़ों रुपये सालाना भी कमा लेते हैं.

भारत में स्टॉक मार्केटिंग की फील्ड से जुड़े प्रमुख जॉब रिक्रूटर्स

  • इंडिया बुल्स
  • कर्वी कंसल्टेंसी
  • रिलायंस कैपिटल लिमिटेड
  • एचडीएफसी
  • आईसीआईसीआई डायरेक्ट
  • इंडिया इंफोलाइन
  • शेयरखान लिमिटेड
  • जेपी मोर्गन
  • कोटक सिक्यूरिटीज़ लिमिटेड
  • स्टार शेयर ब्रोकर

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