टूरिज्म में करियर

चाहे वह रेतीले बीचेज हों या पुराने किले, वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हों या प्राकृतिक अजूबे; अगर आप अनजान जगहों पर जाना और अन्य लोगों की मदद करना चाहते हैं तो आप ट्रेवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने पर विचार कर सकते हैं. ट्रेवल और टूरिज्म इंडस्ट्री के तीव्र विकास के साथ ही इस सेक्टर में जॉब्स और करियर्स के अवसर भी बढ़ते ही जा रहे हैं. लेकिन, क्या वास्तव में टूरिज्म आपका पैशन है? इससे पहले कि आप उक्त प्रश्न का जवाब दें, आइये ट्रेवल और टूरिज्म इंडस्ट्री के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं. 

टूरिज्म में करियर क्यों शुरू करें?

वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल के मुताबिक, भारत केवल टूरिज्म के माध्यम से ही वर्ष 2020 के अंत तक रु. 8,50,000 करोड़ जितनी बड़ी रकम कमा सकता है. वर्ष 2015 में टूरिज्म इंडस्ट्री ने कुल 8.31 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं जोकि देश की जीडीपी का 6.3% है. इस दौरान उक्त इंडस्ट्री में 3 लाख जॉब्स निकलीं जो देश के कुल रोज़गार का लगभग 8.7% हैं. इससे साफ़ पता चलता है कि भारत में टूरिज्म इंडस्ट्री की बेहतरीन संभावनाएं मौजूद हैं और यह इंडस्ट्री निरंतर विकास पथ पर अग्रसर हो रही है.

ट्रेवल एंड टूरिज्म कोर्सेज और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

भारत के कई टॉप कॉलेज टूरिज्म में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट लेवल्स के प्रोफेशनल कोर्सेज ऑफर करते हैं. फिर भी, एक बेहतर सलाह तो यह है कि इंटरेस्टेड स्टूडेंट्स को अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद टूरिज्म में फुल टाइम बैचलर डिग्री कोर्स कर लेना चाहिए. टूरिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिग्री करने पर आप ट्रेवल एंड टूरिज्म से संबद्ध कंपनियों में लीडरशिप पोजीशन प्राप्त कर सकते हैं.

यहां पेश हैं विभिन्न टूरिज्म कोर्सेज की लिस्ट और उक्त कोर्स का एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया:

बैचलर डिग्री कोर्सेज

टूरिज्म में बैचलर डिग्री कोर्सेज की लिस्ट निम्नलिखित है:

• हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म में बीए

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में बीए

• टूरिज्म स्टडीज में बीए

• ट्रेवल एंड टूरिज्म में बीए

• टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर डिग्री

• टूरिज्म स्टडीज में बैचलर डिग्री

• एयर ट्रेवल मैनेजमेंट में बीबीए

• हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में बीबीए

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में बीबीए

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में बीकॉम

• हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में बीएससी

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में बीएससी

उक्त अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया किसी भी विषय में 12 वीं क्लास पास का सर्टिफिकेट है. टूरिज्म में बैचलर डिग्री प्रोग्राम की अवधि 3 वर्ष है.

टूरिज्म में पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

उक्त बैचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद कैंडिडेट्स निम्नलिखित पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं:

• टूरिज्म स्टडीज में मास्टर डिग्री

• टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में एमबीए

टूरिज्म में पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम किसी स्टूडेंट के स्किल्स बढ़ाने और इंडस्ट्री में बढ़िया जॉब प्राप्त करने के लिए जरुरी है. टूरिज्म में सभी पीजी कोर्सेज की अवधि 2 वर्ष होती है और इन कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट ने किसी भी विषय में कम से कम 50% मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री अवश्य प्राप्त की हो.

टूरिज्म में डिप्लोमा कोर्सेज

टूरिज्म में डिप्लोमा कोर्सेज उन कैंडिडेट्स के लिए काफी बेहतरीन कोर्स साबित हो सकते हैं जो कैंडिडेट्स इस प्रोफेशनल फील्ड में तुरंत अपना करियर बनाना चाहते हैं. प्रमुख डिप्लोमा कोर्सेज की लिस्ट निम्नलिखित है:

• ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में डिप्लोमा

• हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में डिप्लोमा

• टूरिज्म स्टडीज में डिप्लोमा

• एविएशन हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में डिप्लोमा

• टूरिस्ट गाइड में डिप्लोमा

• टूरिज्म एंड टिकटिंग में डिप्लोमा

• एयरफेयर एंड टिकटिंग में डिप्लोमा

प्रत्येक इंस्टीट्यूट और प्रोग्राम के मुताबिक, इन प्रोग्राम्स की अवधि 1 – 2 वर्ष के बीच कुछ भी हो सकती है. कुछ इंस्टीट्यूट्स 6 महीने के बेसिक डिप्लोमा कोर्सेज भी करवाते हैं.

टूरिज्म में किसी डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबिलिटी के तहत स्टूडेंट ने किसी भी विषय में 10+2 पास की हो.

भारत के टॉप टूरिज्म कॉलेज

भारत के टॉप टूरिज्म कॉलेजों की लिस्ट निम्नलिखित है: 

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, ग्वालियर, मध्य प्रदेश

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म, भुवनेश्वर, ओडिशा

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट. गाचीबॉवली, हैदराबाद, तेलंगाना

• थॉमस कुक सेंटर ऑफ लर्निंग, मुंबई, महाराष्ट्र

• कुओनी एकेडेमी, नई दिल्ली

• गार्डन सिटी कॉलेज, बैंगलोर, कर्नाटक

• ब्लू व्हेल एकेडेमी, मुंबई, महाराष्ट्र

• भारती विद्यापिठ कॉलेज ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमैंट स्टडीज, नवी मुंबई, महाराष्ट्र

• एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेवल एंड टूरिज़्म, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

इस करियर के लिए आपके पास होने चाहिए कौन से जरुरी स्किल्स?

टूरिज्म सेक्टर में बढ़िया परफॉर्म करने के लिए आवश्यक प्राइमरी स्किल्स में कंप्यूटर रिजर्वेशन सिस्टम्स जैसेकि, सीआरएस – एमेडियस, सबरे एंड अबैकस की जानकारी शामिल है. इसके अलावा, इस फील्ड में सफल होने के लिए स्टूडेंट्स मनी और फॉरेन करेंसी हैंडल करने, कस्टमर सर्विस, जियोग्राफी की अच्छी जानकारी के साथ ही ट्रेवल मैनेजमेंट से संबद्ध स्किल्स अवश्य प्राप्त करें. टूरिज्म प्रोफेशन के लिए जरुरी कुछ अन्य महत्वपूर्ण स्किल्स निम्नलिखित हैं:

  • टूरिज्म स्टूडेंट्स को ग्लोबल कल्चर की जानकरी सहित ट्रेवल बिजनेस के सभी आस्पेक्ट्स के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए.
  • बिजनेस के बड़े प्रोजेक्ट्स को निपटाने के लिए कस्टमर रिलेशन मैनेजमेंट भी एक ऐसा महत्वपूर्ण स्किल है जो टूरिज्म स्टूडेंट्स के पास अवश्य होना चाहिए.
  • भारत की हिस्ट्री, जियोग्राफी, आर्किटेक्चर और मोन्युमेंट्स के बारे में काफी अच्छी जानकारी हो.
  • इस इंडस्ट्री के एम्पलॉयीज को अच्छी तरह प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और उनके पास बेहतरीन इंटरपर्सनल स्किल्स होने चाहिए.
  • किसी फॉरेन लैंग्वेज की जानकारी इस पेशे में काफी फायदेमंद रहती है.
  • एम्पलॉयीज खुद को पासपोर्ट्स, वीजा, टिकेट बुकिंग आदि से संबद्ध सभी रूल्स और रेगुलेशन्स की जानकारी से हमेशा अपडेटेड रखें.

टूरिज्म इंडस्ट्री में जॉब प्रोस्पेक्टस

टूरिज्म प्रोफेशन बहुत ज्यादा रोचक और रोमांचक हो सकता है. एक आदर्श ट्रेवल डेस्टिनेशन के तौर पर भारत में वर्ष 2025 तक 4.5 लाख तक जॉब के अवसर मिलेंगे. इससे स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि जो कैंडिडेट्स योग्य हैं और उन्हें इस बात की अच्छी समझ है कि टूरिज्म इंडस्ट्री में कैसे काम होता है?.....इस पेशे में अवश्य काफी तरक्की करेंगे.

टूरिज्म में अपनी बेचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर्स में भी जॉब्स कर सकते हैं. प्राइवेट सेक्टर्स में, कैंडिडेट्स ट्रेवल एजेंसीयों, एयरलाइन कंपनियों, होटल्स, कार्गो कंपनियों और ट्रासपोर्ट एजेंसीयों में जॉब्स कर सकते हैं. पब्लिक सेक्टर में, सेंटर और स्टेट लेवल पर विभिन्न टूरिज्म डिपार्टमेंट्स और डायरेक्टरेट्स में जॉब्स कर सकते हैं.

टूरिज्म इंडस्ट्री की सबसे अच्छी बात तो यह है कि अच्छा कार्य अनुभव और नेटवर्क होने के बाद कैंडिडेट्स भविष्य में अपनी ट्रेवल एजेंसी शुरू कर सकते हैं.

टूरिज्म इंडस्ट्री में सैलरी प्रोस्पेक्टस

इस इंडस्ट्री में सैलरी पैकेज कैंडिडेट के वर्क एक्सपीरियंस, स्किल–सेट और संबद्ध कंपनी में उनकी पोजीशन पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए, किसी ट्रेवल एजेंट की एवरेज सैलरी लगभग 3 लाख रुपये प्रति वर्ष होती है जबकि किसी लॉजिंग मैनेजर की एवरेज सैलरी लगभग 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक होती है. इसी तरह, किसी ट्रेवल कोऑर्डिनेटर की एवरेज सैलरी लगभग 5 लाख रुपये, फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव की सैलरी लगभग 2.5 लाख रुपये और टूर ऑपरेशन मेनेजर की सैलरी लगभग 3 लाख रुपये प्रति वर्ष होती है.

अब, आपको टूरिज्म इंडस्ट्री के बारे में काफी विस्तृत जानकारी मिल चुकी है. अगर आप कोई रोचक और रोमांचकारी जॉब करना चाहते हैं और ट्रेवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आप इस वीडियो में पेश की गई जानकारी के आधार पर अच्छी तरह सोच-समझकर अपना निर्णय ले सकते हैं और इस फील्ड में लगातार सफलता प्राप्त कर सकते हैं.

करियर और एजुकेशन पर ऐसे और अधिक वीडियोज के लिए पर समय-समय www.jagranjosh.com पर विजिट करते रहें.

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