डांस एक्सपर्ट के रूप में कोरियोग्राफी, एक बेहतरीन करियर

कहा जाता है कि हर व्यक्ति की सफलता के पीछे एक कहानी होती है. कोई न कोई अवश्य ऐसा होता है जो उसे सफल बनाने की अप्रतिम कोशिश करता है, चाहे वो मां हो, पिता हो, शिक्षक हो,गुरु हो,संगिनी हो या फिर मित्र. इसी प्रकार अगर हम किसी डांसर की बात करें तो उनकी सफलता के पीछे एक कोरियोग्राफर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है. डांस करने का पैशन उत्पन्न करने वाला तथा प्रेरणा देने वाला कोरियोग्राफी का फील्ड डांस के मध्यम से अपनी अभिव्यक्ति को जन जन तक पहुँचाने के लिये एक मंच प्रदान करता है. नृत्य (डांस) की मौलिकता को प्रदर्शित करने के लिए  विचार,संगीत और इन दोनों की गति के साथ तालमेल बैठाकर उसे मंच पर प्रदर्शित करना ही कोरियोग्राफी के अंतर्गत मुख्य काम होता है. सही मायने में कोरियोग्राफी का मतलब होता है डांस राइटिंग. डांस राइटिंग अथवा कोरियोग्राफर बिहाइंड द कर्टेन अर्थात रंगमंच के पीछे से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

एक कोरियोग्राफर अपनी शुरुआत एक डांसर के रूप में करता है. वे विभिन्न प्रकार के डांस फॉर्म जैसे क्लासिकल,मॉडर्न,जैज, फॉक तथा एथिनिक आदि में से अपनी रूचि के अनुसार एक का चयन कर उसमें विशेषज्ञता हासिल करते हैं. एक कोरियोग्राफर के लिए भिन्न भिन्न डांस टेक्नीक्स का ज्ञान होना बहुत जरुरी है क्योंकि उनका मुख्य काम ही डांस को उसकी नई नई परिभाषाओं के रूप में व्याख्या करना है. यूँ तो यह प्रारंभिक अवस्था में एक शौक के रूप में उभरा था लेकिन आज के युवा पारंपरिक करियर विकल्पों से हटकर इस दिशा में भी अपना करियर बनांते हुए डांस को लोकप्रिय प्रोफेशन बना रहे हैं.

वस्तुतः कोरियोग्राफी डांस में रूचि तथा जुनून रखने वालों के लिए एक बेहतर ऑप्शन है. यदि आपकी रूचि डांस करने में है तो संभव है आप कुछ कर सकें या नहीं कर सकें लेकिन आप डांस कर सकते हैं. भारत के अधिकांश युवा इस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं लेकिन दुर्भाग्यवश कईयों को इसके लिए अपने माता पिता का समर्थन नहीं मिलता तो कई योग्य शिक्षक या मार्गदर्शक के अभाव में अपना यह सपना पूरा नहीं कर पाते हैं. मार्केट में आज भी जितनी अधिक डिमांड योग्य और ट्रेंड डांस टीचर या कोरियोग्राफर की है उसके वनिस्पत उनकी संख्या बहुत कम है. समझ लीजिये इक्का, दुक्का ही ट्रेंड कोरियोराफर मिल पाते हैं. इसलिए प्रोफेशनल डांसर की बहुत डिमांड होने के कारण इस फील्ड में करियर के बहुत सुनहरे अवसर उपलब्ध है. मनोरंजन, नाम और यश के साथ साथ अच्छा खासा पैसा भी कमाया जा सकता है.

कोरियोग्राफर बनने के लिए आवश्यक शर्ते ?

डांस के इस प्रोफेशन में जोश के साथ-साथ इस करियर में बहुत अधिक ध्यान, समर्पण और अनुशासन की आवश्यकता होती है. इसके लिए इस फील्ड में अपना करियर बनाने की इच्छा रखने वाले हर किसी को रचनात्मक होना होगा और लगातार अपनी प्रतिभा पर काम करना होगा.उन्हें किसी भी समस्या का समाधान धैर्य पूर्वक करना आना चाहिए. उन्हें बहुत लोगों के साथ मिलकर काम करना पड़ता है. इसलिए उनमें टीम भावना के साथ काम करने की प्रवृति भी होनी चाहिए.

एक कोरियोग्राफर को शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ्य रहना चाहिए. उन्हें सहनशील तथा आकर्षक व्यक्तित्व का धनी होना चाहिए. अपनी भावनाओं को सही तरीके से अभिव्यक्त करने की सही कला में भी इन्हें निष्णात होना चाहिये. हो सकता है कि बहुत अधिक घंटों तक रियाज करने के कारण आपको बोरियत या थकान महसूस होने लगे लेकिन भविष्य में आपके लिए बेहतर करियर स्कोप है. लेकिन हाँ इसके लिए आपको एक बेहतर प्रोफेशनल बनने की जरुरत है.

 कोरियोग्राफर के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता

हालांकि प्रोफेशनल कोरियोग्राफर बनने के लिए किसी शैक्षिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन आज के परिवेश में इसके लिए शैक्षणिक योग्यता की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है. इस क्षेत्र में जाने से पहले अगर डान्स और उसके विविध विधाओं की सही जानकारी प्राप्त कर ली जाय तो इस फील्ड में डांसर के लिए अपना बेस्ट प्रदर्शन करने में सहुलियत होगी.

कोरियोग्राफी में कई स्पेशलाइजेशन हैं,जैसे, विकलांगों के लिए कोरियोग्राफी, ब्रॉडवे और थिएटर कोरियोग्राफी, टेलीविज़न और संगीत वीडियो के लिए कोरियोग्राफी और मंच प्रदर्शन के लिए कोरियोग्राफी आदि. इनमें से किसी में भी स्पेशलाइजेशन कर उस फील्ड में अपना करियर बनाया जा सकता है.

कोरियोग्राफर को मिलने वाली सैलरी

 एक कोरियोग्राफर को शुरुआत में 5,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक की सैलरी ऑफर की जा सकती है.लेकिन एक बार जब मार्केट में आपकी खास पहचान बन जाती है तो आपके लिए अब कोई सीमा नहीं रह जाती. आप लाखों में कमाई कर सकते हैं. वस्तुतः यदि आप इस क्षेत्र में शुरुआत कर रहे हैं तो पैसे के बारे में न सोचें, बल्कि इसे एक शिक्षा के रूप में लें. इस प्रोफेशन को अपना समय दीजिये यकीन मानिए इससे आपको भविष्य में बहुत लाभ होगा.

इस प्रोफेशन में अनुभव और रचनात्मकता दो महत्वपूर्ण पैरामीटर हैं. कोरियोग्राफर्स अनुभव के साथ ही प्रतिष्ठा हासिल करते हैं और इससे उनको जीवन में कई अवसर मिलते हैं. एक समय के बाद एक डांसर अपने कार्य से रिटायर हो सकता है लेकिन एक कोरियोग्राफर कभी भी रिटायर नहीं होता है.यदि आप पारंपरिक नृत्य रूपों की नई व्याख्याएं विकसित करने और उन्हें मूल फॉर्म के साथ सम्मिश्रण करने का कला जानते हैं तथा उस दिशा में कार्य कर सकते हैं तो आप अवश्य ही एक कोरियोग्राफर का प्रोफेशन अपनाकर इस फील्ड में थोड़े बहुत संघर्ष के साथ जीवन में मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं.

Related Categories

Popular

View More