क्या है इंटरव्यू में सफल होना? आर्ट्स या साइंस?

किसी इंटरव्यू में सफल होना न तो कोई कला है और न ही कोई विज्ञान है.....तो फिर यह क्या है? यह तो एक कॉमर्स/ व्यापार या वाणिज्य है! आप हैरान हो रहे हैं? लेकिन, इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है. अगर आप डिक्शनरी.कॉम डेफिनिशन में कॉमर्स शब्द का अर्थ खोजेंगे तो आपको जो पहला अर्थ मिलेगा वह है: ‘ट्रेड’. जी हां! इंटरव्यू तो वास्तव में एक ट्रेड है. आप इंटरव्यू में खुद को ‘बेचने’ की पूरी कोशिश करते हैं और इंटरव्यूअर आपको ‘खरीदने’ के पर्याप्त कारण ढूंढते हैं.

उक्त शब्द का दूसरा अर्थ है: ‘सामाजिक संबंध, खासकर व्यूज और एटीट्यड का एक्सचेंज’. इंटरव्यू वास्तव में आपकी ‘मशहूरी के 5 मिनट’ वाला समय होता है क्योंकि आप तुरंत अपनी बिल्डिंग के सुपरस्टार और अपने मौहल्ले के हीरो बन जाते हैं. कल तक आप बेरोजगार थे, आज आप रोज़गार मिलने की उम्मीद से जोश में हैं. अब आपका फेसबुक स्टेटस सिर्फ ‘स्टूडेंट’ से ‘पेशेवर’ में बदलने वाला है. आपके महत्व में काफी वृद्धि होगी और देश के युवाओं को रोज़गार मिलने से शेयर मार्केट में उछाल आ जायेगा और देश का युवा देश की इकॉनमी को अपने कंधों पर उठा कर तरक्की और विकास की दौड़ में शामिल हो जाएगा. इसलिये, इंटरव्यू आपकी ‘रंक से राजा’ बनने की कहानी बयान करता है क्योंकि कल तक आप महत्वहीन थे लेकिन, आज आपने अपने भावी बैंक अकाउंट में सिक्कों की टंकार सुननी शुरू कर दी है.

तीसरा अर्थ है: ‘बौद्धिक या स्पिरिचुअल इंटरचेंज’. इंटरव्यू वास्तव में आपकी मानसिक कौशल का एक टेस्ट है और बहुत अधिक तनावपूर्ण माहौल में तुरंत जवाब देने की क्षमता है. अगर हमारे इंटेलेक्चुअल मीन्स काम न आयें तो इंटरव्यू वास्तव में निश्चित रूप से बहुत अधिक तनाव के माहौल में खुद को स्थिर और शांत बनाये रखने का टेस्ट है. इसके अलावा, अगर अध्यात्म/ स्पिरिचुअलिज्म पर्सनल एक्सपीरियंस प्राप्त करके मुक्ति प्राप्त करना है तो इंटरव्यू भी वास्तव में एक स्पिरिचुअल जर्नी है जिसमें गंभीर इंट्रोस्पेक्शन, रेट्रोस्पेक्शन और पर्सनल एनालिसिस शामिल है. इंटरव्यू में उक्त सभी फैक्ट शामिल होते हैं. इसलिये, इंटरव्यू में सफल होना तो एक ट्रेड ही है. क्या आप अभी भी सहमत नहीं हैं?

आइये एक इंटरव्यू के माध्यम से ही इंटरव्यू का ‘कॉमर्स/ ट्रेड’ वाला कॉन्सेप्ट अच्छी तरह समझते हैं क्योंकि सही प्रश्न पूछने पर ही सही जवाब मिल पाते हैं.  

1. किसी इंटरव्यू का सबसे महत्वपूर्ण आस्पेक्ट कौन-सा है?

आप? अभी तक तो नहीं. असल में, आप इस लिस्ट में सबसे आखिर में आते हैं. किसी भी इंटरव्यू का सबसे महत्वपूर्ण आस्पेक्ट आपका रिज्यूम होता है. आपका रिज्यूम म्यूट-मोड में आपकी आवाज है. रिज्यूम इंटरव्यू से पहले आपका परिचय पेश करता है. आपके लिए यह बहुत जरुरी है कि आप अपने लिए एक सिंपल और स्पष्ट रिज्यूम फॉर्मेट चुनें और अपने रिज्यूम में इनफॉर्मेशन और स्किल्स का विवरण अलग-अलग पेश करें. आपको बड़ी अक्लमंदी से अपने शब्दों का चुनाव करना चाहिए. आपकी वोकेबुलरी से आपकी ऐरोगेंस के बजाय आपकी मेहनत का पता चलाना चाहिए. एक बढ़िया कवर लेटर में आपकी इंटेलिजेंस और इनोसेंस झलकनी चाहिए जो सोने पे सुहागे का काम करेगी.

2. अगर रिज्यूम में करियर गैप्स हों तो क्या करें?

आप अपने रिज्यूम में आपके जॉब गैप्स के वर्षों का विवरण उचित कारणों सहित दे सकते हैं. आप इंटरव्यू में उक्त कारणों की चर्चा कर सकते हैं. कारण उचित और जरूरी प्रतीत होने चाहिए और आपके जॉब गैप्स के वर्षों का उचित तर्क सहित विवरण पेश करें.

3. इंटरव्यू में किन आस्पेक्ट्स पर ध्यान दिया जाता है?

प्रॉपर ड्रेस के अलावा, स्मार्टनेस, पंक्चुअल्टी, कंपनी तथा एप्लाइड पोस्ट के बारे में जानकारी और आपके बातचीत के कौशल के आधार पर आपका मूल्यांकन किया जाएगा. इंटरव्यू कम्युनिकेशन की तरह एक कला नहीं होता है. इंटरव्यू तो कला और विज्ञान, दोनों ही है. इंटरव्यू एक विज्ञान है क्योंकि आप इसके लिए अपने रिज्यूम को बेहतरीन तरीके से पेश करते हैं और इंटरव्यू तब एक कला बन जाता है जब आप इतने माहिर हो जाते हैं कि अपने इंटरव्यूअर को कम करके और खुद को बढ़ाकर नहीं आंकते हैं.

4. कैसे करें इंटरव्यू की बेहतरीन तैयारी?

मॉडरेशन सबसे अच्छी तैयारी है. आपको अपने पक्ष और विपक्ष संबंधी विचार दूर रख कर अपने दिमाग को संतुलित रखना चाहिए. आसान शब्दों में, किसी भी अति/ एक्स्ट्रीमिज्म से बचें. आपके जवाब सटीक हों जिनके साथ सॉल्यूशन भी दिए जाने चाहिए.

5. ‘अपने बारे में कुछ बताएं’ जैसे इंटरव्यू के शुरू में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न का जवाब कैसे दें?

इसका एक आसान तरीका अपने पर्सनल इंटरेस्ट्स और प्रोफेशनल स्किल्स का छोटा लेकिन, प्रभावी विवरण देना है. एक फ्रेशर के तौर पर, आपसे यह नहीं पुछा जायेगा कि, ‘आपने क्या किया है?’ लेकिन, यह पुछा जा सकता है कि, आप ‘क्या कर सकते हैं?’ ‘किस काम में कुशल हैं?’ ‘क्या आपको ज्यादा महत्वपूर्ण बनाता है?’ आप एक प्रश्न का जवाब एक प्रश्न पूछ कर भी दे सकते हैं. अगर आपको प्रश्न अच्छी तरह समझ नहीं आया या आपको ऐसा लगता है कि इस प्रश्न का जवाब काफी बड़ा है तो आप निस्संकोच पूछ सकते हैं कि, ‘क्या आप ज्यादा आसान /साफ़ शब्दों में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं?’

6. इंटरव्यू न होने पर भी कैसे करें इंटरव्यू की तैयारी?

याद रखें कि, ज्ञान ही वास्तिवक बल है. बल से आत्मविश्वास आता है. अपनी स्टडी फील्ड से संबंधित उचित सर्टिफिकेट प्राप्त करें जिससे आपकी टेक्निकल नॉलेज बढ़ेगी. चाहे कुछ दिनों या माह में आपका इंटरव्यू न भी हो तो भी अपनी लर्निंग जारी रखें क्योंकि मनवांछित सफलता मिलने तक आपको इंटरव्यू की तैयारी लगातार जारी रखनी चाहिए.

7. इंटरव्यू में सफल होने के कारगर तरीके कौन से हैं?

इंटरव्यू परस्पर विरोधों और सहमति से भरी एक बातचीत होती है. इंटरव्यू में सफल होने का सबसे अच्छा तरीका प्रश्नों को ध्यान से सुनना और विनम्रतापूर्वक जवाब देना होता है. एक अच्छा लिस्नर ही एक बढ़िया कम्यूनिकेटर हो सकता है.

याद रखें कि इंटरव्यू हवा की तरह होता है और हवा किसी भी तरफ आ - जा सकती है. कभी-कभी लंबे समय तक की गई किसी प्रेयर के देर से मिलने वाले जवाब की तरह तो कभी किसी चमत्कार की तरह. जब आप किसी इंटरव्यू की कम से कम अपेक्षा करते हैं तो आपको इंटरव्यू-कॉल आ सकती है. उक्त सभी आस्पेक्ट्स को ध्यान में रखें और अपनी बेस्ट परफॉरमेंस देने के लिए हमेशा तैयार रहें.

लेखक के बारे में:

श्रीमती नेहा शर्मा झा एक सीएटी, जीएमएटी, जीआरई, एसएटी, टीओईएफएल, आईईएलटीएस प्रोफेशनल और ईएसएल इंग्लिश ट्रेनर, जीडी/ पीआई इंस्ट्रक्टर, लाइफ स्किल्स कोच, राइटर, कॉन्टेंट राइटर, एजुकेशनल मॉड्यूल्स डिजाइनर, और इंग्लिश लिटरेचर फैकल्टी हैं. उनके पास इंग्लिश विषय में एमए और एमफिल की डिग्रीज हैं और वे एक सर्टिफाइड टीईएसओएल इंस्ट्रक्टर हैं.

उन्हें जिन विषयों में विशेषज्ञता हासिल है वे विषय हैं: लाइफ स्किल्स ट्रेनिंग, एंट्रेंस एग्जाम ट्रेनिंग, पर्सनैलिटी मेकओवर, जीडी/ पीआई ट्रेनिंग, बिजनेस कम्युनिकेशन स्किल्स, सॉफ्ट स्किल्स और कॉरपोरेट ट्रेनिंग.

उन्होंने एक किताब भी लिखी है जिसका टाइटल है ‘कंट्रोल+ऑल्ट बट डोंट ऑलवेज डिलीट’.

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