2019 में भारत के 5 क्रिएटिव टेक जॉब्स

अक्सर लोग सोचते हैं कि टेक्नोलॉजी के अंतर्गत साइनटिफिकली किसी भी प्रोसेस विशेष पर काम किया जाता है वहां क्रिएटिविटी का कोई खास रोल नहीं होता है. लोग सोचते हैं कि टेक्नोलॉजी बेस्ड कार्यों में क्रिएटिविटी के जरिये कुछ भी नहीं किया जा सकता है और अगर डिजिटल वर्ल्ड की बात करें तो ज्यादतर लोग यही सोचते हैं कि डिजिटल फील्ड में काम करते हुए अपनी क्रिएटिविटी को जिन्दा रखना मुश्किल टास्क है. लेकिन ऐसी बात नहीं है टेक्नोलॉजी के फील्ड में काम करते हुये  भी अपनी क्रिएटिविटी का जरिये बहुत कुछ किया जा सकता है. नीचे हमने ऐसे ही कुछ क्रिएटिव जॉब्स की चर्चा की है जिससे टेक्नोलॉजी फील्ड में काम करने वाले क्रिएटिव लोगों को अपनी क्रिएटिविटी के जरिये कुछ करने तथा स्वतः को मानसिक रूप से संतुष्ट करने का भरपूर मौका मिलेगा.

यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर

यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर उपयोगकर्ताओं के मूड तथा उनके द्वारा पसंद किये जाने वाले तरीकों के विषय में विस्तृत विश्लेषण कर किसी वेबसाइट या ऐप को नेविगेट करने करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर के काम को कुछ इस तरह समझा जा सकता है. जैसे आप जब अपने मोबाइल में मेनू पर क्लिक करते हैं तो आपको बहुत सारी जानकारी देखने को मिलती है. अब उपयोगकर्ताओं के यूज तथा उनकी सहूलियत के आधार पर मेनू के अंतर्गत सारे बटन बनाये जाते हैं. ऐसी स्थिति में यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर अपनी क्रिएटिविटी के आधार पर वेबसाइट या ऐप को नेविगेट करने के तरीके या बटन के विषय में काम करके अधिक से अधिक लोगों को उस प्रोडक्ट विशेष के प्रति आकर्षित किया जा सकता है.

यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर का कार्य उसके व्यक्तिगत क्षमता पर निर्भर करता है. वह स्वतंत्र रूप से किसी भी टेक्नीकल चीज की डिजाइन तथा उसको नेविगेट करने क लिए आवश्यक फीचर तैयार करते हैं. आप अक्सर मोबाइल पर किसी कमर्शियल वेबसाईट का लिंक खोलते समय यह देखते हैं कि उसमें कई तरह के बटन दिखाई दे रहे हैं  जैसे – अभी खरीदें तथा अनुसरण करें आदि पर क्लिक करें. इस तरह के फीचर्स बनाने का आइडिया देने या फिर उसे बनाने का काम यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर ही करते हैं. इतना ही नहीं किसी भी वेबसाईट का फीचर, यूजर्स के लिए वह कितना फ्रेंडली है, यूजर्स उसपर अपना कितना समय बिताते हैं ? मेन पेज से डाइरेक्ट बाहर निकलने, सबस्क्राइब करने तथा चेकआउट करने की प्रक्रिया आदि क्या होगा आदि सारे कार्यों को करने की मुख्य जिम्मेदारी यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर की ही होती है और इन कामों में वे अपने क्रिएटिविटी का भरपूर इस्तेमाल कर सकते हैं.

यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर रूप में उम्मीदवारों को बड़े निगमों या वेबसाइटों में काम करने का अवसर मिलता है. इन क्षेत्रों में इनकी सर्वाधिक डिमांड होती है. आजकल तो स्टार्टअप का बहुत ज्यादा प्रचलन है और स्टार्टअप्स की वेबसाईट में भी लैंडिंग पेज को बहुत ज्यादा महत्व दिए जाने के कारण इनकी मांग निकट भविष्य में भी बनी रहेगी. स्किल्ड यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर एचटीएमएल और सीएसएस तथा ऑप्टिमाइज़ जैसे सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके अपना काम करते हैं. फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और अन्य ग्राफिक्स और लेआउट सॉफ्टवेयर जैसे प्रोग्राम्स के जरिये ये मॉकअप और ग्राफिक्स बनाने का काम करते हैं.

वेब डेवलपर (एनीमेशन के विशेषज्ञ)

वेब डेवलपर्स कई प्रकार के कार्य करते हैं, लेकिन सामान्यतः वे स्थिर डिजाइन बनाने का कार्य करते हैं.अक्सर यूएक्स डिजाइनर द्वारा बनाई गई स्थिर डिजाइन  और कोड का उपयोग करके उन्हें पूरी तरह कार्यात्मक वेबसाइटों और एप्लिकेशन में बदल दिया जाता है. लेकिन यह जरुरी नहीं है कि वेब डेवलपर्स रंग पट्टियों को ट्विक करने में अपना समय बिताएं और यह सोचें कि हरे रंग की एक निश्चित शेड आपको कैसी लगेगी ? वेब डेवलपर्स अपनी क्रिएटिविटी का प्रयोग कर एक कार्यशील वेबसाईट का आकर्षक रूप तैयार कर सकता है. लेकिन यदि आप टेक्नीकली एडवांस नहीं हैं तो एचटीएमएल और सीएसएस के माध्यम से आप वेबसाइट डेवेलप करने का कार्य करके अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. इतना ही नहीं कोडिंग सीखते समय भी फ्रीलांस के जरिये भी पैसे कमाया जा सकता है. लेकिन अगर कोई अपने वेब डेवलपमेंट स्किल्स को क्रिएटिव ड्रीम जॉब में बदलना चाहता है तो उसके लिए सीएसएस और जावास्क्रिप्ट एनीमेशन सीखना बहुत उपयोगी रहेगा.

आप एनीमेशन में एक्स्पर्ठो या न हो लेकिन इसकी बुनियादी जानकारी रखने पर उम्मीदवार को डिजिटल वर्ल्ड में कई जगहों पर आसानी से नौकरी मिल सकती है.वेब डेवलपर्स हर प्रकार की कंपनियों में या फिर फ्रीलांसर के रूप में काम कर कर सकते हैं.एक फ्रीलांसर के रूप में वे स्क्रैच से साइट या ऐप बनाने का काम करते है. जैसे-जैसे आप बड़ी कंपनियों में जायेंगे, आपकी भूमिका और अधिक विशिष्ट होती जाएगी.

वेब वेब डेवलपर्स के पास एचटीएमएल,सीएसएस, सीएसएस प्रिप्रोसेसर्स जैसे सास या एलईएसएस,जावा स्क्रिप्ट,जेक्वेरी, वेब डिजाइन्स के लिए जरुरी एलिमेंट्स, जी आईटी, जीआईटी हब,पीएचपी, रूबी या पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओँ की व्यापक जानकारी होनी चाहिए.

 कंटेंट मार्केटर

यदि डील से किसी टेक कंपनी या टेक में काम करना चाहते हैं लेकिन अगर आपका दिमाग स्ट्रेटेजी बनाने तथा कुछ क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स बनाने की तरफ ज्यादा आकर्षित होता है तो कंटेंट मार्केटर की जॉब आपके लिए सेटिसफैक्टरी साबित हो सकता है. कंटेंट मार्केटर या डिजिटल मार्केटर्स को अपने फील्ड में नित्य नए अनुभव होते हैं.कंपनी और उसकी जरूरतों के आधार पर कंटेंट मार्केटर  सभी इनबाउंड मार्केटिंग प्रयासों की देखरेख करते है या सोशल मीडिया या ट्रैफिक इनक्रीज (एसईओ) जैसे मार्केटिंग  क्षेत्र में विशेष रूप से काम करते है. इसके अतिरिक्त वे गिववेज तथा सिंडिकेशन स्ट्रेटेजी जैसे ओवरसीज पार्टनरशिप प्रोग्राम्स में भी काम कर सकते हैं. साथ ही वेबसाइट पर चल रहे विज्ञापनों में भी इनका विशेष रोल होता है. डिजिटल मार्केटिंग के तहत कंटेंट स्ट्रेटेजी जैसे एडिटोरियल कैलेण्डर बनाना,ई कोर्सेज तथा ए बुक्स आदि  का कार्य भी किया जाता है और इन सभी की जिम्मेदारी भी बहुत हद तक कंटेंट मार्केटर्स के पास ही होती है.

आजकल फॉर्च्यून 500 कॉरपोरेशन के सबसे छोटे अनफ़ंडेड स्टार्टअप से लेकर लगभग हर टेक कंपनी में कम से कम एक व्यक्ति मार्केटिंग टीम में होता ही है. सभी कम्पनियां अब लगभग लगभग डिजिटल हो चुकी हैं.छोटी कंपनियों में, "हेड ऑफ़ मार्केटिंग" या "मार्केटिंग डायरेक्टर" जैसी भूमिकाओं की डिमांड होती है जबकि बड़ी कंपनियों में "डिजिटल मार्केटिंग कोऑर्डिनेटर" और "सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर" जैसे जॉब को वरीयता दी जाती है.इसलिए डिजिटल मार्केटर्स या कंटेंट मार्केटर्स अपनी योग्यता के आधार पर इन पदों पर काम कर सकते हैं.

कंटेंट मार्केटर्स को गूगल एनालिटिक्स,पेज एनालिटिक्स,एसईओ सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी और सोशल मीडिया एनालिटिक्स, सोशल मीडिया विज्ञापन तथा पार्टनरशिप स्ट्रेटेजी आदि की व्यापक जानकारी होनी चाहिए.

डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर

डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर का काम लगभग यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर की तरह ही लगता है लेकिन इनका काम यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर से थोड़ा अलग होता है क्योकि ये वास्तविक रूप में कंपनी जिस चीज का सेल कर रही है उसी के लिए काम करते हैं. सेलिंग के अंतर्गत तो कुछ भी बेचा जा सकता है लेकिन डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर प्रोडक्ट, डिजाइनर ऐप्स और सॉफ़्टवेयर के माध्यम से सेलिंग का काम करते हैं. ये प्रोडक्ट को अपनी क्रिएटिविटी के जरिये अधिक से अधिक आकर्षक बनाने  का प्रयास करते हैं.

प्रोडक्ट डिजाइनर के पास विजन होता है वे किसी छोटी से परिकल्पना के आधार पर बहुत बड़ी विशाल इंडस्ट्री खड़ा कर सकते हैं.अपने विजन के आधार पर वे किसी भी प्रोडक्ट की मार्केटिंग को देखते हुए उसका फोरकास्ट कर सकते हैं. प्रोडक्ट डिजाइनर कंज्यूमर के डिमांड के आधार पर ही प्रोडक्ट की डिजाइन करते हैं और उससे अधिकतम प्रॉफिट कमाने का काम करते हैं. इनका मुख्य फोकस यूजर्स के विहैवियर की स्टडी की तरफ ही होता है.आजकल के उभरते टेक्नोलॉजी के फील्ड में डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर के लिए काम की कमी नहीं है. इन्हें छोटे स्टार्टअप से लेकर बड़ी कंपनियों तक में काम करने का अवसर मिल सकता है.

डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर को ऑप्टिमाइज़ जैसे सॉफ़्टवेयर की सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए. इन्हें फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और अन्य ग्राफिक्स और लेआउट सॉफ्टवेयर जैसे प्रोग्राम्स की मदद से मॉकअप और ग्राफिक्स बनाना आना चाहिए. एचटीएमएल,सीएसएस, सीएसएस प्रिप्रोसेसर्स जैसे सास या एलईएसएस,जावा स्क्रिप्ट,जेक्वेरी, आदि का ज्ञान भी डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइनर को होना चाहिए. ओमनीग्राफल, बालसामीक या मॉकिंगबर्ड जैसे उपकरणों का उपयोग करके वायरफ्रेमिंग के काम में भी उन्हें प्रवीण होना चाहिए. इसके अतिरिक्त इन्हें गूगल एनालिटिक्स की भी व्यापक समझ होनी चाहिए.

मोबाइल डिजाइनर

यूँ तो ऊपर बताये गए सभी भूमिकाओं में क्रिएटिविटी बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन क्रिएटिव विचारकों की आवश्यकता मोबाइल डिजाइन में विशेष रूप से उपयोगी है. मोबाइल इंडस्ट्री के फलने फूलने के पीछे  भी यही मुख्य कारण है.आजकल तो मोबाइल से ही लैपटॉप का काम लिया जाने लगा है. विरले ही ऐसा कोई होगा जिसके पास आज के समय में मोबाइल न हो और सबके पास मोबाइल होना जरुरी है तो मार्केट में उसकी मांग भी उसी अनुपात में होगी तथा इससे डिजाइन वाले तथा अधिकतम फीचर वाले मोबाइल की डिमांड स्वतः ही मार्केट में बढ़ जायेगी.यूजर्स  किस तरह मोबाइल के जरिये अपने मनचाहे साइट तक कम से कम समय में पहुँच जाएँ इस विषय में मोबाइल डिजाइनर ही काम करते हैं. इसका अभिप्राय है कि

डेवलपर्स को ऐसे क्लीन कोड लिखने के लिए रचनात्मक जानकारी प्राप्त करनी होगी जो स्मार्टफ़ोन और फ़ेबल्स से लेकर मिनी लैपटॉप और जंबो मॉनिटर तक हर स्क्रीन साइज़ पर शानदार काम करता हो.

एक मोबाइल डिजाइनर के रूप में एक ऐसी दुनिया के लिए डिजाइनिंग करना होगा जो बहुत तेजी से बदल रही है. इन दिनों, यूजर्स अपने समय विराम देकर और कंप्यूटर पर बैठकर वेब तक पहुँचने की कोशिश नहीं करते हैं इसके बजाय वे हर समय उनके साथ उनके स्मार्टफोन रखते हैं और अपनी इन सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं.

अतः मोबाइल डिजाइनरों के पास न केवल महान साइटों और ऐप्स को डिजाइन करने का चुनौतीपूर्ण, बल्कि रोमांचक काम है बल्कि उन्हें यह भी डिजाइन करना कि लोग अपने दैनिक जीवन में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे करेंगे ?

मोबाइल डिजाइनर मोबाइल बनाने वाली तथा अन्य छोटी से छोटी तथा बड़ी से बड़ी कंपनियों में काम पा सकते हैं. इसके साथ ही मोबाइल से जुड़े साइट के लिए वे फ्रीलांसिंग के रूप में भी काम कर सकते हैं.

एक स्किल्ड मोबाइल डिजाइनर के पास  मोबाइल यूएक्स स्किल्स, वायरफ्रेम, प्रोटोटाइप, मॉकअप,एचटीएमएल,सी एसएस, सीएसएस प्रीप्रोसेसर्स जैसे सास या एलईएसएस,जावा स्क्रिप्ट, जेक्वेरी,वेब डिजाइन एलिमेंट्स जैसे मीडिया क्वेश्चन, टच स्क्रीन इंटरैक्शन,जीआईटी, जीआईटी हब,पीएचपी,रूबी पायथन आदि प्रोग्रामिंग भाषाओं की विस्तृत तथा व्यापक जानकारी होना चाहिए.

 ये हैं 2019 के कुछ खास क्रिएटिव टेक जॉब्स जिनमें काम करके उम्मीदवार अपनी क्रिएटिविटी का भरपूर इस्तेमाल कर सकते हैं तथा अपनी इस प्रतिभा को विस्तार दे सकते हैं.

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