ये हैं स्टूडेंट्स और पेशेवरों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस कायम रखने के खास टिप्स

ये हैं स्टूडेंट्स और पेशेवरों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस कायम रखने के खास टिप्स

इन दिनों पूरे विश्व में संघर्ष, तनाव, चुनौतियों और आपाधापी का माहौल नजर आता है. इस दोड़ती-भागती जिंदगी में हरेक इंसान मानों अन्य सभी लोगों को पीछे छोड़ जाना चाहता है. लेकिन, हमें अपने जीवन से वास्तव में क्या चाहिए? यह शायद हममें से अधिकतर लोगों को पता ही नहीं होता है. इसी तरह, हमारे पेशे और कारोबार में भी असीमित मुनाफा कमाने की लालसा के कारण 24x7 बेहतरीन प्रदर्शन की होड़, निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने वर्क-टारगेट्स पूरे करने का प्रेशर हमें आजकल कम उम्र में ही शारीरिक और मानसिक तौर पर रोगी बना रहा है. अगर हम स्टूडेंट लाइफ की चर्चा करें तो बहुत ऊंची कट-ऑफ लिस्ट्स, एंट्रेंस एग्जाम्स, इंटरव्यूज़, ग्रुप डिस्कशन जैसे सिलेक्शन प्रोसीजर की वजह से देश-दुनिया में अधिकतर स्टूडेंट्स भी आजकल हैरान-परेशान दिखते हैं. अगर किसी बढ़िया कॉलेज, यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट में एडमिशन मिल भी जाए तो लगातार बढ़ती एजुकेशनल कॉस्ट, एजुकेशनल लोन्स, एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी लाइफ स्टाइल के अत्यधिक खर्च के साथ ही सौ फीसदी मार्क्स लाने और अपने करियर गोल को हासिल करने के लिए हमारे देश और दुनिया के स्टूडेंट्स भी आजकल जरूरत से ज्यादा प्रेशर और तनाव झेल रहे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में इस समय 300 मिलियन से अधिक लोग अवसाद/ निराशा या तनाव का शिकार हैं. अगर हम भारत की बात करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक निराशा/ तनाव या अवसाद के मामले में हमारा देश टॉप पर है और दूसरे स्थान पर चीन तथा तीसरे स्थान पर अमरीका के लोग दुखी और निराश हैं. इसी तरह भारत की लगभग 7 फीसदी जनसंख्या स्ट्रेस और डिप्रेशन से पीड़ित है. ऐसे में, हम इस आर्टिकल में स्टूडेंट्स और पेशेवरों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस कायम रखने के कुछ कारगर टिप्स की चर्चा कर रहे हैं. चाहे आप एक छात्र हों या फिर कोई पेशेवर, इन टिप्स को फॉलो करके आप भी अपने जीवन में मनचाही सफलता के साथ-साथ अपना  शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य भी कायम रख कसते हैं. आइये आगे पढ़ें:

  • काम की प्राथमिकता करें निर्धारित

हरेक व्यक्ति को रोज़ाना कई जरुरी और बहुत जरुरी काम करने होते हैं. ऐसे में, चाहे हम एक छात्र हों या फिर कोई पेशेवर, अगर हम अपने वर्क-लाइफ में बैलेंस कायम रखना चाहते हैं तो हमें रोज़-रोज़ अपने काम की प्राथमिकता निर्धारित करनी होगी. सबसे महत्त्वपूर्ण काम को तुरंत निपटाना होगा और गैर-जरुरी काम को कुछ समय के लिए टालना होगा. इसी तरह, हमें अपनी पढ़ाई या पेशे के विभिन्न कामों का समय-समय पर निरिक्षण करके देखना होगा कि हम जो काम कर रहे हैं, वह हमारे लिए कितनी अहमियत रखता है? हम जो लक्ष्य भी हासिल करना चाहते हैं, उन्हें क्यों हासिल करना चाहते हैं. ऐसा करने पर, गैर-जरुरी कामों और लक्ष्यों को हम छोड़ सकेंगे और फालतू के तनाव, परेशानी, थकावट या अतिरिक्त खर्च से बचकर अपने वर्क-लाइफ में समुचित बैलेंस कायम रखने में सफल रहेंगे और निरंतर तरक्की करेंगे.

  • समय का सदुपयोग

हमारे जीवन में समय एक ऐसी संपत्ति है जिसे हम कम या ज्यादा नहीं कर सकते अर्थात हम सभी को रोज़ाना अपने सभी काम निपटाने के लिए 24 घंटे ही मिलते हैं. अब हम इन 24 घंटों को तो कम या ज्यादा नहीं कर सकते लेकिन समय के सदुपयोग या दुरूपयोग के द्वारा इस दौरान अपने कम/ अधिकतर या सभी काम निपटा जरुर सकते हैं. बीता हुआ एक भी क्षण हमारे जीवन में कभी भी वापिस नहीं आ सकता है. लेकिन हम अपने समय के मालिक हैं इसे चाहे तो फालतू के कामों या गप्पबाजी में उड़ा दें या फिर, अपने समय का एक-एक पल इस्तेमाल करके अपने स्टडी और/ या करियर गोल्स हासिल कर लें. इसलिए आजकल दुनिया-भर में विभिन्न एक्सपर्ट्स, बिजनेस/ प्रोफेशनल गुरु, कंसलटेंट और मोटिवेशनल स्पीकर्स हमें निरंतर बेहतरीन टाइम मैनेजमेंट के टेक्ट्स बताते रहते हैं.

वर्क प्लेस पर खुश रहने के कुछ सरल उपाय

  • हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाएं

अगर हम अपने जीवन में रोज़ाना मेडिटेशन और एक्सरसाइज करने के साथ-साथ खान-पान की हेल्दी हैबिट्स को भी हमेशा फ़ॉलो करें तो यकीनन हमारा वर्क-लाइफ बैलेंस भी परफेक्ट रहेगा क्योंकि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और एक सफल इंसान अक्सर तन-मन से पूरी तरह फिट होता है. हमें जंक फूड्स और हरेक किस्म के पोल्यूशन से भी बचके रहना चाहिए.

  • वास्तविक लक्ष्य और उम्मीदें रखें

अगर स्टूडेंट्स अपने फाइनल एग्जाम्स शुरू होने से केवल 15 दिन पहले ही अपने सभी सब्जेक्ट्स को अच्छी तरह पढ़कर कवर करना चाहें तो शायद यह संभव न हो क्योंकि हमें रोज़ाना खाने-पीने, नहाने-धोने, ध्यान-योग आदि के लिए भी अवश्य समय चाहिए. इसी तरह, पेशेवरों को भी एक्स्ट्रा इंसेंटिव कमाने की खातिर अवास्तविक वर्क-टारगेट्स निर्धारित नहीं करने चाहिए. हमें अपने परिवार, दोस्तों और कलीग्स से भी ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए क्योंकि हरेक इंसान की अपनी जिम्मेदारियां और जीवन जीने का अंदाज़ होता है.

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  • काम करने की तकनीक हो सरल

यह बात सभी लोगों और पेशेवरों के लिए बिलकुल सही है कि, जहां तक हो सके अपने सभी काम हमें सिंपल तरीके से पूरे करने चाहिए जैसे, स्टूडेंट्स को अपने प्रोजेक्ट वर्क की एक्स्ट्रा डेकोरेशन बिलकुल नहीं करनी चाहिए ताकि उनका समय और पैसा दोनों बच सकें. इसी तरह, पेशेवर भी अपना काम करते समय एक्स्ट्रा फॉर्मेलिटीज़ से बच सकते हैं अर्थात जहां पर इन पेशेवरों का काम किसी सिंपल SMS से चल सकता है, उसके लिए फॉर्मल ईमेल लिखने से बचें.  

  • लगातार एक जैसा काम करेगा बोर

अब रिसर्च ने भी यह फैक्ट साबित कर दिया है कि अगर हम रोज़-रोज़ एक जैसा ही काम करते रहें तो जल्दी ही हम अपने काम से बोर हो जायेंगे. आपका अपने काम में बिलकुल भी मन नहीं लगेगा जिसका नतीजा यह निकलेगा कि आपकी प्रोडक्टिविटी भी कम होने लगेगी. इस परेशानी और बोरियत से बचने के लिए आप अपने काम करने के तरीके को कुछ समय के बाद बदलते रहें, अपनी दिनचर्या में समय-समय पर जरुरी परिवर्तन करते रहें, बीच-बीच में अपने काम या स्टडी से ब्रेक लें और अपने काम में विविधता को शामिल करें. अगर आप एक स्टूडेंट हैं तो प्रत्येक दिन सिर्फ एक ही सब्जेक्ट पढ़ने के बजाय रोज़ाना 3 – 4 सब्जेक्ट्स की तैयारी करें. हां! एग्जाम के दिनों में आप सब्जेक्ट-स्पेसिफिक स्टडी कर सकते हैं.

  • क्षमता से अधिक न करें काम

बहुत बार पेशेवर अपने बॉस को इम्प्रेस करने के लिए या स्टूडेंट्स अपने टीचर और क्लासमेट्स को इम्प्रेस करने के लिए जरूरत से ज्यादा काम या प्रोजेक्ट्स पूरे करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेते हैं. यह आपके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है. चाहे आप एक स्टूडेंट हों या फिर पेशेवर, आप कभी भी अपनी क्षमता से अधिक काम करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर न लें. इसी तरह, आप अपने वर्क टारगेट्स हासिल करने के लिए ऐसी समय-सीमा भी कभी निर्धारित न करें जो अवास्तविक हो. ऐसा करने पर आप फालतू के तनाव और परेशानी से हमेशा बचे रहेंगे.  

  • अपने लिए भी निकालें रोज़ाना कुछ समय

अगर हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहते हैं तो इसके लिए हमें अपना ऐसा डेली रुटीन निर्धारित करना होगा जिससे हम प्रत्येक दिन कुछ समय ध्यान और योग (मेंडिटेशन एंड एक्सरसाइज) के लिए अवश्य निकाल सकें. यह आदत हमारे स्वस्थ, सुखद और शांत जीवन के लिए एक लॉन्ग-टाइम इन्वेस्टमेंट साबित होगी और हम बेहतरीन तरीके से अपना वर्क-लाइफ बैलेंस कायम रख सकेंगे.

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  • बजट और इंटरनेट डिटॉक्स भी है जरुरी

अब चाहे बात किसी एक व्यक्ति की हो या फिर पूरे देश की, बजट का हमारे जीवन में खास मह्त्त्व है. अगर हम अपना बजट बनाकर, उसके मुताबिक ही अपना खर्च चलते हैं तो हमें अपने सभी जरूरी खर्च पूरे करने के लिए धन का आभाव नहीं रहता है. इसी तरह आजकल बच्चे और बड़े, 24x7 इंटरनेट, सोशल मीडिया या डिजिटल वर्ल्ड में खोये रहते हैं. ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन गेम्स ने इंटरनेट की लत को बेहद बढ़ा दिया है. अपने स्मार्टफ़ोन पर कई घंटे व्यस्त रहने के कारण हम न तो अपने जरुरी काम ही कर सकते हैं, न ही खुद को और अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं. ऐसे में हमें इंटरनेट डिटॉक्स के लिए रोज़ाना अपने मोबाइल और दूसरे गैजेट्स से कुछ घंटे की दूरी बनाकर रखनी चाहिए. ऐसा करने पर हम रोज़ दिन के कुछ घंटे अपने लिए और/ या अपने परिवार व दोस्तों के लिए निकाल सकेंगे. अपने जरुरी काम पूरे करने के लिए भी हमें काफी समय मिल जायेगा.  

एक स्टूडेंट, हाउसवाइफ, खिलाड़ी, कलाकार, पेशेवर या कारोबारी होने के बावजूद, आप भी इन सभी टिप्स को फ़ॉलो करके अपना वर्क-लाइफ बैलेंस हमेशा कायम रख सकते हैं और एक सफल तथा सुकून भरा जीवन जी सकते हैं. जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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