ट्रांसलेशन की फील्ड में भी हैं शानदार करियर के अवसर

परिचय

इस बहु-भाषी संसार में, ट्रांसलेशन या अनुवाद का अपना विशेष महत्व है. ट्रांसलेशन को एक भाषा से दूसरी भाषा में नॉलेज का सोर्स भी कहा जा सकता है. वास्तव में, मानव सभ्यता की शुरुआत से ही मनुष्य ने एक-दूसरे के विचारों और ज्ञान को जानने और समझने की कोशिश की है. कहते हैं – ‘कोस कोस में बदले पानी, चार कोस में वाणी.’ आज भी लगभग 6500 भाषाएं दुनिया-भर में बोली जाती हैं. अब सारी भाषाएं तो हमारी समझ में नहीं आ सकती लेकिन हरेक व्यक्ति, समाज और देश अन्य व्यक्तियों, समाजों और देशों के साथ अपने ज्ञान और जानकारी को साझा करना चाहता है और इसलिए ट्रांसलेशन या अनुवाद का महत्व स्वयं-सिद्ध है.   

ट्रांसलेशन क्या है?

आज दुनिया की सभी प्रमुख भाषाओं में ट्रांसलेशन का काम और पेशा चरम पर है. अब, सबसे पहले तो हम यह समझते हैं कि, वास्तव में ट्रांसलेशन का क्या मतलब होता है? अब तक ट्रांसलेशन की कई परिभाषाएं पेश की गई हैं जैसेकि, ‘ट्रांसलेशन एक मेंटल एक्टिविटी है जिसमें किसी बात, विचार या संदेश  को एक भाषा से किसी अन्य भाषा में पेश किया जाता है.’ यह एक ऐसा काम है जिसमें एक भाषा के शब्दों, वाक्यों और विचारों को किसी अन्य भाषा में तकरीबन समान अर्थों में बदला जाता है.

एक अन्य परिभाषा के अनुसार, ट्रांसलेशन एक ऐसी प्रोसेस है जिसमें एक भाषा के वर्ड्स और टेक्स्ट मैटर को किसी अन्य भाषा/ भाषाओँ में रूपांतरित कर दिया जाता है जैसेकि, बाइबिल का इंग्लिश लैंग्वेज में ट्रांसलेशन.

ट्रांसलेशन किसी एक भाषा का लिखित या बोला जाने वाला वह हिस्सा है जिसे किसी अन्य भाषा में समान अर्थों सहित रूपांतरित किया गया हो.

ट्रांसलेटर और इंटरप्रेटर का पेशा

किसी एक सोर्स लैंग्वेज से किसी अन्य टारगेट लैंग्वेज में समान अर्थों में किसी लेख को ट्रांसलेट करने वाले व्यक्ति को ट्रांसलेटर या अनुवादक कहते हैं और जो व्यक्ति सोर्स लैंग्वेज में बोली जाने वाली बातचीत को टारगेट लैंग्वेज में समान अर्थों सहित बोलकर अभिव्यक्त करते हैं, उन्हें इंटरप्रेटर या दुभाषिया कहते हैं.  

ट्रांसलेटर्स और इंटरप्रेटर्स के लिए एम्पलॉमेंट के अवसर

हमारे देश में केंद्र और राज्यों के विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों, दूतावासों, मल्टीनेशनल कंपनियों, कॉर्पोरेट हाउसेस, न्यूज़पेपर्स, मैगजीन्स, सोशल मीडिया, नॉन-गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन्स, बैंक्स और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स के साथ ही प्राइवेट सेक्टर्स में ट्रांसलेटर्स और इंटरप्रेटर्स की मांग निरंतर रहती है. किसी सरकारी विभाग में शुरू में कैंडिडेट्स को जूनियर ट्रांसलेटर के तौर पर काम करना होता है. कुछ वर्षों के अनुभव के बाद कैंडिडेट्स की पदोन्नति सीनियर ट्रांसलेटर के तौर पर हो जाती है.

एक सफल ट्रांसलेटर या इंटरप्रेटर बनने के लिए आवश्यक शर्तें:

ज्ञानीजन कहते हैं कि, सफलता का कोई शॉर्टकट या एक ही रास्ता नहीं होता है. फिर भी, कुछ प्वाइंट ऐसे हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप एक सफल ट्रांसलेटर या इंटरप्रेटर बन सकते हैं. आइये चर्चा करें:

ट्रांसलेटर बनने के लिए लगता है कितना समय?

हमारे देश में आमतौर पर ट्रांसलेशन में बैचलर डिग्री प्रोग्राम के बाद पोस्टग्रेजुएशन में 2 वर्ष लगते हैं. अगर आप ट्रांसलेशन में एमफिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं तो फिर आगे 5 वर्ष या इससे थोड़ा और अधिक समय लग सकता है.  

ट्रांसलेटर्स और इंटरप्रेटर्स की मांग किन लैंग्वेजेज में अधिक है?

हमारे देश में निम्नलिखित लैंग्वेजेज में ट्रांसलेटर्स की मांग ज्यादा है.

इसके अलावा, विभिन्न भारतीय भाषाओँ में भी ट्रांसलेटर्स और इंटरप्रेटर्स की काफी मांग है. हमारे देश के संविधान की 8वीं अनुसूची में अब कुल 18 भारतीय भाषाओँ को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है और हिंदी के अलावा, इंग्लिश और उर्दू को सरकारी कामकाज की भाषा के तौर पर मान्यता दी गई है.

एक बढ़िया ट्रांसलेटर बनने के लिए जरुरी स्किल्स

एक बढ़िया इंटरप्रेटर बनने के लिए जरुरी स्किल्स

साइन लैंग्वेज में इंटरप्रेटर

डेफ एंड डम्ब लोगों के लिए साइन लैंग्वेज या इशारों की भाषा में इंटरप्रेटर बनने के लिए आपको किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ इंटरप्रेटर्स की रजिस्ट्री के माध्यम से सर्टिफिकेशन हासिल करना होगा.

फ्रीलांसर ट्रांसलेटर

एक फ्रीलांसर ट्रांसलेटर सेल्फ-एम्पलॉएड पर्सन होता है जो विभिन्न क्लाइंट्स, ट्रांसलेशन एजेंसीज, मल्टीनेशनल कंपनियों और इंस्टीट्यूट्स के लिए इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्ट पर काम करता है.

ट्रांसलेटर और इंटरप्रेटर का सैलरी पैकेज

भारत में किसी ट्रांसलेटर का एवरेज सैलरी पैकेज रु. 402,092/- प्रति वर्ष है. कार्य अनुभव और क्वालिफिकेशन डिग्री (ग्रेजुएशन/ पोस्टग्रेजुएशन/ पीएचडी) का आपके सैलरी पैकेज और काफी असर पड़ता है. एक ट्रांसलेटर अपने एक घंटे के समय के लिए आमतौर पर रु.153/- ले सकता है. इंटरप्रेटर्स का सैलरी पैकेज काफी बढ़िया होता है. आमतौर पर हमारे देश में किसी इंटरप्रेटर को एवरेज रु.621,780/- प्रति वर्ष मिलते हैं. लेकिन आपके कार्य अनुभव और स्पीकिंग स्किल्स के मुताबिक आपकी सैलरी इससे काफी ज्यादा हो सकती है.

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