क्या हो सकती है NEET 2018 की कट-ऑफ? जानें इस लेख में

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) प्रत्येक वर्ष MBBS और BDS कोर्सेज में विद्यार्थियों को दाखिला देना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST (NEET) कंडक्ट करता है. इस वर्ष CBSE ने NEET की परीक्षा 6 मई को ऑफलाइन माध्यम (OMR बेस्ड) द्वारा कंडक्ट की थी. इस परीक्षा के लिए करीब 13.5 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण किया था, जिसमें से लगभग 12.5 लाख विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी.

NEET 2018 की परीक्षा देने के बाद अब विद्यार्थी Expected कट-ऑफ के बारे में जानना चाहते हैं. सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में अपने प्रदर्शन के बारे में पता होता है, जिसके आधार पर वो अपने पास होने का अंदाजा लगा सकते हैं. आज हम इस लेख में कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताएँगे जो NEET 2018 की Expected कट-ऑफ को पता लगाने में सहायता करेंगे.

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1. पेपर का कठिनाई स्तर:

किसी भी परीक्षा की कट-ऑफ निर्धारित करने के लिए पेपर का कठिनाई स्तर बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. परीक्षा का कठिनाई स्तर जितना ही कम होता है उतनी ही कट-ऑफ हाई जाती है. पिछले वर्षों की तुलना में NEET की परीक्षा का कठिनाई स्तर बढ़ता ही जा रहा है. इस वर्ष की परीक्षा का कठिनाई स्तर NEET 2017 की परीक्षा की तुलना में बहुत ही अधिक था. NEET 2018 की परीक्षा के Physics विषय में अधिकतर प्रश्न एप्लीकेशन बेस्ड और गणनात्मक (Calculative) थे जिन्हें हल करने में विद्यार्थियों का अधिक समय बर्बाद हुआ था. Physics विषय के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगाने के बाद विद्यार्थियों को Chemistry और Biology के प्रश्नों को हल करने के लिए बहुत ही कम समय मिला. इस वर्ष प्राणि विज्ञान (Zoology) में दो प्रश्न सिलेबस से बहार से भी पूछ लिए गये थे. इसलिए हम कह सकते हैं कि NEET 2018 की परीक्षा की कट-ऑफ कम जा सकती है.

2. पिछले सालों की कट-ऑफ का पैटर्न:

सबसे पहले हम पिछले दो सालों की कट-ऑफ पर एक नज़र डालते हैं.

Category

NEET 2016 Cut Off

NEET 2017 Cut Off

UR

145

131

OBC

118

107

SC

118

107

ST

118

107

NEET 2017 की कट-ऑफ वर्ष 2016 की तुलना में लगभग 11 से 14 मार्क्स तक घटी थी, जिसका कारण परीक्षा के कठिनाई स्तर का अधिक होना था. पिछले वर्षों की कट-ऑफ के पैटर्न के आधार पर भी हम कह सकते हैं कि NEET 2018 की कट-ऑफ कम जायेगी.

3. परीक्षा में विद्यार्थियों का प्रदर्शन:

कट-ऑफ निर्धारित करने के लिए यह भी महत्वपूर्ण हैं कि विद्यार्थियों ने परीक्षा में कैसा प्रदर्शन किया है. अगर विद्यार्थी परीक्षा में बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो निश्चित ही कट-ऑफ हाई जाती है. जैसा कि हम जानते हैं कि इस वर्ष NEET का पेपर पिछले वर्ष की तुलना में जो यक़ीनन विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर प्रभाव डालेगा.

ऊपर दिये गए सभी कारकों के आधार पर हमारे अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए Expected कट-ऑफ कुछ इस प्रकार हो सकती है.

Category

NEET 2018 Expected cut-off

UR

124-128

OBC

98-102

SC

97-101

ST

96-102

निष्कर्ष:

ऊपर दिये गए सभी कारकों के आधार पर हमारे अनुसार NEET 2018 की कट-ऑफ में गिरावट आएगी. NEET 2018 की कट-ऑफ की आधिकारिक घोषणा 5 जून को CBSE की वेबसाइट पर होगी.

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