आपका नेटवर्क ही आपकी वास्तविक संपत्ति है

अगर मैं आपसे यह प्रश्न पूछता हूं-

1. जब आप पहली बार किसी से मिलते हैं तो आप अपने आप का वर्णन करने के लिए किन 3 शब्दों का उपयोग करेंगे ?

2. आपसे मिलने के बाद किन 3 शब्दों के माध्यम से लोग आपका वर्णन करते हैं ?

अगर इन प्रश्नों का जवाब आपके पास है तो बहुत अच्छा और अगर नहीं है तो अभी से इन प्रश्नों के उत्तर तलाशने शुरू कर दीजिये. आप यह जानने की कोशिश कीजिये कि किस तरह ये शब्द आपकी वास्तविक छवि को दुनिया के सामने लाने में आपको सक्षम बनाते हैं.

सबसे पहले यह समझने की कोशिश कीजिये कि अपने आप को एक ब्रांड बनाने की दिशा में पहला कदम है, स्वयं के व्यक्तिव की पहचान करना. अपनी खूबियों और कमजोरियों को जानने के बाद आप अपने आप को एक ब्रांड बनाने की दिशा में ले जा सकते हैं.

जब भी आप स्वयं को किसी नए व्यक्ति के सामने पेश करते हैं, वह चाहे कुछ भी हो जैसे इंटरव्यू, नौकरी ज्वाइन करने का पहला दिन, किसी व्यक्ति से अकेले में पहली बार मिलना या फिर किसी सामाजिक समारोह या संगठन में पहली बार शामिल होना. इस दौरान आपको सबके सामने अपनी अमिट छाप या सकारात्मक प्रभाव छोड़ने में मदद मिलती है.

करियर के विकास के सन्दर्भ में अगर बात की जाय तो नेटवर्किंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रोफेशनल्स एक दूसरे के साथ एक बेहतर सम्बन्ध स्थापित करते हैं.नेटवर्किंग एक ऐसी राह है जिसकी मदद सिर्फ जरुरत पड़ने पर ही नहीं ली जानी चाहिए बल्कि समय के साथ नेटवर्किंग के जरिये बनाये गए रिश्तों को और जीवंत और मजबूत बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

इसके लिए आप हर तरीके से अपने और अन्य लोगों के बीच वेब के जरिये कनेक्शन बनायें तथा हमेशा उनसे इंटरैक्शन करते रहें ताकि यह सम्बन्ध या कनेक्शन बना रहे. यह वेब वर्ल्ड तभी जीवंत रहेगा जब आप इसके जरिये जान पहचान बनाकर हमेशा इंटरैक्शन करते रहेंगे. यदि आप कभी कोई कनेक्शन बनाते हैं लेकिन इंटरैक्शन बिलकुल नहीं करते तो यह कनेक्शन कुछ दिनों में स्वतः ही समाप्त हो जायेगा और आपकी वेब दुनिया सिमट कर रह जायेगी. बहुत सारे लोगों का एक स्वस्थ्य परिचर्चा तथा सहयोग हेतु एक ग्रुप अवश्य बनाना चाहिए तथा इस ग्रुप के मध्य अपने विचारों को शेयर करें और जरुरत पड़ने पर मदद के लिए टैप भी करना चाहिए.

हम में से अधिकांश समझते हैं कि नेटवर्किंग और अपना यूनिक व्यक्तिगत ब्रांड बनाना केवल बिजनेस के लिए ही फायदेमंद होता है. लेकिन ऐसा नहीं है यह बिजनेस के साथ साथ व्यक्तिगत रूप में भी बहुत फायदेमंद होता है. नेटवक की जरुरत सिर्फ नौकरी सर्च करने तथा बिजनेस के लिए क्लाइंट चुनने के लिए ही नहीं पड़ती बल्कि अन्य प्रोफेशनल्स के साथ नेटवर्क ओवरऑल करियर ग्रोथ में बहुत मददगार साबित होता है. इसलिए न सिर्फ जरुरत के समय ही नेटवर्क बनाना चाहिए या उनसे कनेक्शन रखना चाहिए बल्कि आजीवन इस कनेक्शन को बरकरार रखने का प्रयत्न करना चाहिए.

नेटवर्किंग के महत्व को समझने के बाद चलिए हम यह  देखते हैं कि नेटवर्किंग वास्तव में कैसे की जाती है? डिजिटल दुनिया में होने के नाते, सोशल मीडिया का उपयोग करके आप अपने नेटवर्क को बनाने के लिए निम्नांकित कार्य कर सकते हैं.

1. अपने दर्शकों को जानें – आपको सलाह लेने या फिर किसी भी तरह की आर्थिक सहायता के लिए किस तरह के दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनानी चाहिए ? इस बात का पता लगाएं ? फिर उनको सर्च कर उन्हें फॉलो करें और उनसे बातचीत शुरू करें.इस बात को जानने की कोशिश कीजिये कि किस विषय या टॉपिक में उनकी रूचि है ? उनके लिए ब्लॉग लिखिए,वीडियो या फिर अन्य प्रासंगिक कंटेंट बनाइये.

2. एक प्रभावी प्रोफ़ाइल बनाएं- अपनी एक प्रोफेशनल फोटोग्राफ अपनी प्रोफाइल पिक्चर में लगाइए. अपने बारे में एक संक्षिप्त विवरण बनाइये और अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करें. लोगों को यह बताएं कि आप यहां क्या हैं ?

3. अपने चैनल का चुनाव करें - यदि आप अपने करियर में विकास चाहते हैं तो सही दर्शकों के साथ जुड़ने के लिए लिंकडइन और ट्विटर पर प्रोफेशनल्स के साथ नेटवर्क बनाना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यदि आप किसी क्रिएटिव प्रोफेशन में हैं तो आप इन्स्टाग्राम और फेसबुक  का उपयोग कर सकते हैं.

4. सोशल नेटवर्किंग ग्रुप में अपना योगदान दें - नेटवर्किंग एक टू वे प्रोसेस है. ग्रुप में आप जो कुछ भी पढ़ते हैं या देखते हैं उस पर अपनी प्रतिक्रिया दें,उसे शेयर करें या फिर लाइक करें. अपना अधिक से अधिक फैन फॉलोवर्स बनाने के लिए ग्रुप में एक्टिव रहें तथा अपना अधिकतम वैल्यू एडेड योगदान दें.दूसरों के काम की भी प्रशंसा करें तथा जरुरत पड़ने पर मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहें.

5. समय का ख्याल रखें - सोशल नेटवर्किंग एक गतिशील माध्यम है. हर समय कुछ नया अपडेट होते रहता है तथा नित्य नई घटनाएँ होते रहती हैं. अपने लिए प्रासंगिक घोषणाओं और घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दें या फिर कमेन्ट करें. अलर्ट सेट अप करें, ट्रेंडिंग विषयों पर नजर रखें और हैशटैग का पालन करें.

6. ओवर शेयर करने से बचें - सोशल मीडिया के बहुत सारे लाभ हैं, लेकिन यदि आप व्यस्त रहने के लिए बहुत सारी जानकारी पोस्ट करने लगते हैं तो लोग आपकी पोस्ट में रुचि लेना कम कर सकते हैं. प्रासंगिक और समय पर ही जानकारी पोस्ट करें.

7. नेटवर्किंग ओवरड्राइव से भी बचें – अत्यधिक लोगों से जुड़ने की चाहत में किसी अज्ञात व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट न भेजें. बेवजह प्रोफाइल विजिट और हर किसी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने पर लोग आपको ब्लॉक करने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए अपने नेटवर्क का चयन सोच समझकर करें और हर समय प्रोफेशनलिज्म को मेंटेन रखें.

8. दूसरों में एक मर्यादा के अंतर्गत ही रूचि रखें – सिर्फ नेटवर्किंग के उद्देश्य से अपना नेटवर्क न बनायें.किसी की मदद करने के बाद उससे तत्काल किसी मदद की उम्मीद न रखें तथा उसे उसी समय किसी ग्रुप में जोड़ने के लिए हमेशा उत्सुक नहीं रहें. कभी कभी कोई कोई सम्बन्ध किसी कनेक्शन के जरिये वर्षों बाद लाभदायक सिद्ध होता है.

अगर आप इन स्टेप्स को फॉलो करते हैं तो आप देखेंगे कि किस तरह आपका नेटवर्क नित्य प्रति बढ़ता जा रहा है और अंततः ये आपके प्रचार का कार्य भी करना शुरू कर देते हैं. सर्वेक्षण से पता चला है कि 85% जॉब्स तथा सेल्स डील्स सिर्फ नेटवर्किंग के माध्यम से ही किये जाते हैं. हमेशा इस बात को याद रखें कि जरूरी यह नहीं है कि आप किन किन लोगों को जानते है बल्कि मायने यह रखता है कि आपको कौन कौन से लोग जानते हैं? अपने नेटवर्क को अपना असेट( संपत्ति बनाइये).

विशेषज्ञ के बारे में:

सुश्री पियुष महाजन एक सर्टिफाइड लाइफस्किल्स कोच और सॉफ्ट स्किल्स फैसिलीटेटर हैं.भू-स्थानिक उद्योग (जीयोस्पैटियल इंडस्ट्री) में उनके पास 11 से अधिक वर्षों का अनुभव है. यहाँ उन्होंने एक सीनियर डेटा स्पेशलिस्ट के रूप में कार्य किया. अपनी रुझान किसी और तरफ होने के कारण इन्होने डेटा स्पेशलिस्ट की सम्मानजनक करियर को छोड़कर एक लाइफ स्किल्स कोच बनने का निर्णय लिया.

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