भारत में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में हैं ये खास करियर विकल्प

फाइनेंस हरेक इंडस्ट्री की लाइफ लाइन होता है जो संबद्ध इंडस्ट्री की ग्रोथ को गति प्रदान करता है और इसलिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट किसी भी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण एक्टिविटी है. यह संबद्ध संगठन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए फाइनेंशियल रिसोर्सेज को प्लान, ऑर्गनाइज, कंट्रोल और मॉनिटर करने की प्रोसेस है. फाइनेंशियल मैनेजमेंट में करियर बनाने के लिए काफी टैलेंट, नॉलेज और स्किल्स की जरूरत होती है. फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में फाइनेंशियल सर्विसेज, बैंकिंग और इंश्योरंस सेक्टर समाविष्ट है. भारत में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की स्थिति काफी मज़बूत प्रतीत हो रही है. जब से पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था में उन्नति हुई है, उन देशों से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट काफी अधिक हो गया है और हमारे देश की अर्थव्यवस्था की 7 - 8% एवरेज ग्रोथ रेट है जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में लगभग 15 – 20% की स्थाई विकास दर आंकी जा रही है. इस वजह से फाइनेंस की फ़ील्ड में ग्रेजुएट कैंडिडेट्स के करियर के लिए शानदार दौर नजर आ रहा है.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट क्या है?

फाइनेंशियल मैनेजमेंट वास्तव में किसी कंपनी या संगठन द्वारा अपने मोनीटरी रिसोर्सेज का इस्तेमाल बुद्धिमानी और कुशलता से करने के साथ ही उक्त रिसोर्सेज को डिस्ट्रीब्यूट करने की कला भी है जिससे संबद्ध कंपनी धन कमा सके और पूर्वानुमानित उपलब्धियों को प्राप्त करने के लिए यह प्रक्रिया लगातार चलती रहे. फाइनेंशियल मैनेजमेंट का अर्थ यह भी है कि इसमें फाइनेंशियल प्लानिंग, एकाउंटिंग और कंपनी या संगठन के लाभदायी विकास के लिए फुलप्रूफ स्ट्रेटेजीज तैयार करना है. फाइनेंशियल मैनेजमेंट का कोर्स करने वाले कैंडिडेट के पास फाइनेंशियल स्किल्स होते हैं जिनकी मदद से वे प्रोफेशनल्स बढ़िया बजट तैयार करते हैं और अपने संगठन के विभिन्न विभागों के बीच संगठन के सभी रिसोर्सेज को समुचित रूप से बांटते हैं. चाहे वह बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) और कॉर्पोरेट ऑफिस/ कंपनी हो, फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स करने पर कैंडिडेट्स उक्त सभी इंडस्ट्रीज में काम कर सकते हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में करियर बनाने के लिए आवश्यक योग्यताएं

स्टूडेंट्स फाइनैंस में एमबीए/ पीजीडीएम कर फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. असके अलावा, फाइनेंस की फील्ड में बैचलर डिग्री हासिल करने पर भी स्टूडेंट्स इस फील्ड में अपना करियर शुरु कर सकते हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबंधित डिप्लोमा कोर्स

स्टूडेंट्स किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास कॉमर्स विषय के साथ पास करने के बाद फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 1 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबंधित अंडरग्रेजुएट कोर्स

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि आम तौर पर 3 वर्ष की होती है और बैचलर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) के नाम से जानी जाती है.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबंधित विभिन्न पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज

  • मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)– फाइनैंस
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम)– फाइनैंस
  • मास्टर डिग्री - फाइनेंशियल मैनेजमेंट

फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबंधित डॉक्टोरल कोर्स

  • पीएचडी - फाइनेंशियल मैनेजमेंट, अवधि 3 – 4 वर्ष.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट के विभिन्न कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम्स

  • कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट (कैट)–  हरेक साल एक बार
  • मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (एमएटी)– हरेक साल चार बार (फरवरी, मई, सितंबर, दिसंबर)
  • जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएटी)– हरेक साल एक बार
  • एसएनएपी– हरेक साल एक बार (सिम्बायोसिस के कॉलेजों के लिए)
  • सी– मैट– हरेक साल दो बार
  • अन्य एंट्रेंस एग्जाम्स – आईबीएसएटी, एनएमएटी, आईआईएफटी, एमआईसीए, एमएच– सीईटी.

भारत में फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स करने के लिए प्रमुख कॉलेज और यूनिवर्सिटीज

  • फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट 
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद
  • एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एसपी जेआईएमआर), मुंबई
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद
  • जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट (एक्सएलआऱआई), जमशेदपुर
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी), दिल्ली
  • मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआई), गुड़गांव
  • नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस), मुंबई
  • सिंबायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईबीएम), पुणे
  • मास्टर ऑफ फाइनैंस कंट्रोल. दिल्ली विश्वविद्यालय
  • इंस्टीट्यूट ऑप फाइनेंशियल मैनेजमेंट एंड रिसर्च, चेन्नई

इसके अलावा कई प्रमुख प्राइवेट इंस्टीट्यूट्स और बिजनेस स्कूल्स हमारे देश के सुप्रसिद्ध एंट्रेंस एग्जाम्स कैट, मैट के मार्क्स के आधार पर विभिन्न एमबीए/ पीजीडीएम कोर्सेज में एडमिशन देते हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स की फीस और प्लेसमेंट के अवसर

फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स की फीस हरेक कॉलेज या इंस्टीट्यूटी के मुताबिक होती है जो आमतौर पर रु. 8 लाख से 18 लाख तक हो सकती है. स्टूडेंट्स की प्लेसमेंट के बाद ये पैसे वसूल हो जाते हैं. गुगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, टाटा, आईटीसी, नेस्ले, आदित्य बिड़ला ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियों की लिस्ट काफी लंबी है जो काफी आकर्षक सैलरी पैकेज पर इस फील्ड के छात्रों को जॉब्स देती हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में उपलब्ध करियर विकल्प

किसी भी फ्रेशर के लिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में करियर शुरू करने के लिए किसी फाइनेंशियल कंपनी, फर्म या मार्केट में जॉब ज्वाइन करना आवश्यक होता है. फाइनेंशियल ग्रेजुएट को जॉब ज्वाइन करने के बाद फाइनेंस से संबद्ध सभी काम करने होते हैं. फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड से संबद्ध कुछ पोस्ट्स निम्नलिखित हैं:

  • फाइनेंस मैनेजर
  • फाइनेंशियल प्लानर
  • फाइनेंशियल एनालिस्ट
  • फाइनेंशियल ऑडिटर
  • इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एनालिस्ट
  • एक्चुअरी
  • अकाउंटेंट
  • इन्वेस्टर रिलेशन्स एसोसिएट

फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबद्ध जॉब प्रोफाइल

  • फाइनेंशियल प्लानिंग और बजट बनाना.
  • सभी रिसोर्सेज का समुचित बंटवारा.
  • फाइनेंशियल रिसोर्सेज की व्यवस्था और सुरक्षा.
  • दिए गए फाइनेंस का मूल्यांकन और रिपोर्टिंग.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में उपलब्ध करियर प्रोस्पेक्टस

आजकल के इस जबरदस्त इकनोमिक कॉम्पीटीशन के समय में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड किसी भी संगठन या कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में करियर के लिए संबद्ध कंपनी या संगठन की विभिन्न फाइनेंशियल एक्टिविटीज की गहरी समझ संबद्ध प्रोफेशनल्स के लिए बहुत जरूरी होती है. इसके अलावा, एकाउंटिंग की बुनियादी समझ होना बहुत जरूरी है. सभी बड़ी कंपनियां मैनेजमेंट कॉलेजों में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की पढ़ाई  करने वाले छात्रों को जॉब्स देना ज्यादा  पसंद करती हैं क्योंकि उन्हें अपनी कंपनी के लिए टैलेंटेड ऑडिटर और फाइनेंस मैनेजर की जरूरत होती है. इन पोस्ट्स के लिए शुरू में कैंडिडेट्स को एवरेज 4 से 8 लाख रुपये सालाना वेतन मिल सकता है और अनुभव बढ़ने के साथ ही यह सैलरी पैकेज भी लगातार बढ़ता रहता है. 

भारत में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड से संबद्ध टॉप रिक्रूटर्स

विभिन्न जॉब्स के लिए उपलब्ध अवसरों के मामले में फाइनेंस की फील्ड के प्रोफेशनल्स अक्सर बाजी मार लेते हैं क्योंकि विभिन्न सरकारी, प्राइवेट, बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट के क्षेत्रों में उपलब्ध कुल जॉब्स में से फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में लगभग 41% जॉब्स इस साल उपलब्ध हैं. फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड में टॉप इंडियन ब्रांड्स की एक लिस्ट निम्नलिखित है:

  • भारतीय स्टेट बैंक
  • एलआईसी
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • एचडीएफसी बैंक
  • कोटक महिंद्रा बैंक
  • आईडीबीआई बैंक
  • केनरा बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • इंडियन ओवरसीज बैंक
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड
  • बजाज कैपिटल लिमिटेड
  • डीएसपी मेरिल लिंच लिमिटेड
  • एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड
  • कार्वी ग्रुप

भारत में फाइनेंशियल मैनेजमेंट की फील्ड से संबद्ध सैलरी पैकेज

हमारे देश में आमतौर पर जॉब ज्वाइन करने के तुरंत बाद शुरू में कैंडिडेट्स को एवरेज 1.9 लाख – 7 लाख का सैलरी पैकेज मिलता है. 1 वर्ष से 4 वर्ष का कार्य अनुभव प्राप्त करने पर यह सैलरी पैकेज एवरेज 2.4 लाख से 12.5 लाख तक पहुंच जाता है. इस फील्ड में 10 वर्ष के अनुभव वाले कैंडिडेट्स को 4 लाख से 20 लाख तक और 20 वर्ष या उससे अधिक का कार्य अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल्स को एवरेज 25 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिल सकता है.

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