करियर में कामयाबी के लिए ग्रेजुएट्स जरुर सीखें ये स्किल्स

अगर आजकल आपके पास ग्रेजुएशन की डिग्री है तो इसका यह मतलब तो कदापि नहीं है कि यह ग्रेजुएशन की डिग्री आपको तुरंत किसी बढ़िया जॉब का अपॉइंटमेंट लेटर दिलवा देगी. कुछ दशक पहले ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने पर कैंडिडेट्स को तुरंत कोई अच्छी जॉब मिल जाती थी किंतु अब ऐसा बिलकुल नहीं है. नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) के एक सर्वे के मुताबिक भारत में मौजूदा बेरोज़गारी दर लगभग 6.1 फीसदी है. इस वजह से अब, अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बावजूद आपको कुछ स्किल सेट्स सीखने होते हैं ताकि आप अपनी मनचाही जॉब प्राप्त कर सकें. दरअसल, हरेक वर्ष लाखों फ्रेश ग्रेजुएट्स जॉब मार्केट में अपनी किस्मत आजमाने के लिए एंटर करते हैं लेकिन बहुत बार ऐसे फ्रेश ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के पास केवल एकेडेमिक क्वालिफिकेशन के अतिरिक्त अन्य जरुरी वर्किंग स्किल्स नहीं होते हैं. ऐसे में, इन फ्रेश ग्रेजुएट्स को मनचाही जॉब नहीं मिल पाती है या कोई ऐसी जॉब मिल जाती है जो वे ज्वाइन ही नहीं करना चाहते हैं. इस आर्टिकल में हम आपके लिए कुछ ऐसे जरुरी स्किल्स का विवरण पेश कर रहे हैं जो वर्किंग स्किल्स सीख कर आपको तुरंत ही कोई सूटेबल जॉब मिल सकती हैं. आइये इस बारे में आगे पढ़ते हैं:

ग्रेजुएट्स के लिए जरुरी वर्किंग स्किल सेट

इस आर्टिकल में हम आपके लिए कुछ ऐसे स्किल सेट्स पेश कर रहे हैं जो आपके पास ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होने के बावजूद आपके वर्किंग स्किल्स और काबिलियत को बढ़ा कर आपको वर्तमान जॉब मार्केट के अनुकूल तैयार कर देंगे. फिर आपका रिज्यूम या सीवी काफी इम्प्रेसिव बन जाएगा जिसे ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट रिजेक्ट नहीं कर पायेगा और इंटरव्यू के दिन भी आपकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, टैलेंट और स्किल सेट्स को देखकर इंटरव्यूअर आपको अपने संगठन या कंपनी में जॉब जरुर ऑफर करेंगे. आइये उन खास वर्किंग स्किल्स के बारे में यहां जानते हैं:

  • क्रिएटिव एंड एनालिटिकल थिंकिंग

किसी भी काम को पूरा करने के लिए या किसी भी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए क्रिएटिव एंड एनालिटिकल थिंकिंग एबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण क्वालिटी है. अगर आपमें यह क्वालिटी नहीं है तो आपके लिए किसी भी पेशे में कामयाबी हासिल करना कठिन होगा. आजकल मार्केट में कई किताबें और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में कोर्सेज क्रिएटिव एंड एनालिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध हैं. इसलिए, आप भी अपनी क्रिएटिव एंड एनालिटिकल थिंकिंग एबिलिटी को लगातार बढ़ाने का प्रयास करते रहें. यह आपके करियर में कामयाबी पाने की एक प्रमुख क्वालिटी साबित होगी.

  • प्रॉब्लम सॉल्विंग एटीट्यूड

हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि हमारे व्यक्तिगत जीवन की तरह ही हमारे पेशेवर जीवन में भी लगातार प्रॉब्लम्स आती ही रहती हैं. बड़े ऑफिस और संगठन भी निरंतर बदलती परिस्थितियों, चुनौतियों, आर्थिक स्थिति, मार्केट कंडीशन और कारोबार के उतार-चढ़ाव के कारण कई किस्म की प्रॉब्लम्स को रोजाना झेलते हैं. इसलिए, आपका प्रॉब्लम सॉल्विंग एटीट्यूड जरुर होना चाहिए ताकि आप रोजाना प्रॉब्लम्स और चुनौतियों का सामना करके कामयाबी हासिल करते रहें.

  • कम्युनिकेशन स्किल्स

किसी भी जॉब प्रोफाइल के लिए बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स पहली शर्त हैं. आपका ओरल/ रिटन कम्युनिकेशन काफी इम्प्रेसिव होना चाहिए. इसके अलावा, आप पब्लिक स्पीकिंग में भी माहिर हों तो यह एक प्लस पॉइंट साबित होगा.

  • न्यूमेरिकल स्किल्स

न्यूमेरिकल स्किल्स होने पर एम्पलॉईज़ जरूरत पड़ने पर कंपनी का एकाउंट्स सेक्शन संभाल सकते हैं. छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए ऐसे एम्पलॉईज़ बहुत उपयोगी होते हैं जो एक सीट से अनके जॉब प्रोफाइल्स का काम कर सकें. स्टार्टअप्स अच्छी सैलरी देकर भी ऐसे एम्पलॉईज़ को हायर करते हैं जो कई जॉब प्रोफाइल्स का काम संभाल सकें. इसलिए, भले ही आपने कॉमर्स या एकाउंट्स का कोर्स न किया हो लेकिन आपके न्यूमेरिकल स्किल्स अच्छे होने चाहिए.

  • डिजिटल लिटरेसी

आजकल के इस इंटरनेट और डिजिटल दौर में हरेक एम्पलॉयर यह उम्मीद करता है कि उसके ऑफिस या संगठन में काम करने वाले एम्पलॉईज़ डिजिटली लिटरेट होंगे अर्थात उन्हें कम से कम कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज तो जरुर होगी. इसलिए फ्रेश ग्रेजुएट कोई सूटेबल कंप्यूटर कोर्स तो जरुर कर लें ताकि जॉब दिलवाने में आपको डिजिटल लिटरेसी का पूरा फायदा मिल सके.

  • टीम वर्क एंड कोलैबोरेशन

आप चाहे किसी भी कंपनी या ऑफिस में काम करें, आपको हरेक ऑफिस में अपनी टीम के साथ ही अन्य कई टीमों के साथ मिलकर अपना काम रोज़ाना करना होता है इसलिए, आपमें टीम वर्क और कोलैबोरेशन के वर्क स्किल्स होने ही चाहिए. आप अपने कलीग्स के साथ बातचीत करने और मतभेद दूर करने में माहिर हों तो आप अच्छी तरह अपने ऑफिस या कंपनी में सारे काम निपटा सकते हैं.  

  • प्रोफेशनलिज्म एंड बिजनेस स्किल्स

अब तो रिसर्च से भी यह बात साबित हो चुकी है कि काम की अच्छी परफॉरमेंस के लिए लोगों को अपने व्यक्तिगत जीवन को अपने प्रोफेशन से अलग रखना चाहिए. आप अपने ऑफिस या कंपनी में एक कुशल पेशेवर की तरह ही काम करें, स्टाफ के लोगों से व्यवहार करें और अपने पेशे, जॉब प्रोफाइल या कारोबार से संबंधित सभी निर्णय लें. आप अपनी कंपनी या ऑफिस में अपने काम के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार होते हैं इसलिए, आप पूरी ईमानदारी से अपने काम निपटाएं. एक बात का ध्यान हमेशा रखें कि किसी भी कंपनी या ऑफिस में लोगों की पहचान उनके काम से ही बनती है.

इसी तरह, अपनी जॉब प्रोफाइल के मुताबिक आपके पास जरुरी बिजनेस स्किल्स जैसेकि, टेक्निकल, कम्युनिकेशन, न्यूमेरिकल या एनालिटिकल स्किल्स आदि होने चाहिए ताकि आप अपना काम कुशलतापूर्वक कर सकें.

  • लीडरशिप

इस क्वालिटी के तहत आपको अपनी कंपनी के कॉमन गोल्स प्राप्त करने के लिए अपने कलीग्स को मोटीवेट करना आता हो ताकि निर्धारित समय के भीतर आप अपनी टीम के टारगेट्स अचीव कर लें. एक अच्छा टीम लीडर अपनी टीम को मोटीवेटेड और ऑर्गनाइज्ड रखने के साथ-साथ टारगेट्स के मुताबिक अपनी टीम के काम को प्रायोरिटी देने और टीम के बीच समुचित तरीके से काम को बांटने में भी कुशल होता है.

  • लर्निंग, इनोवेशन और रिसर्च के लिए हो जोश

स्कॉलर्स यह मानते हैं कि हरेक व्यक्ति सारी उम्र एक स्टूडेंट ही रहता है अर्थात कुछ न कुछ नया सीखता ही रहता है. इसलिए, ग्रेजुएट्स भी अपनी पहली नौकरी मिलने तक और नौकरी मिलने के बाद भी अपना समय निकाल कर कुछ न कुछ सीखते रहें और अपने जीवन में इनोवेशन तथा रिसर्च को महत्व दें. ऐसा एटीट्यूड उनके रिज्यूम में चार चांद लगा देगा. अब MNC या बड़े ब्रांड्स के एम्पलॉयर्स भी लाखों रुपये मासिक सैलरी देकर ऐसे ही एम्पलॉईज़ को हायर करना चाहते हैं जो इनोवेटिव, रिसर्चर और लर्नर हों.

  • नेटवर्किंग एंड सोशल मीडिया एक्सपरटाइज

फेसबुक, इन्स्टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया और हमारे जीवन में इनके लगातार बढ़ते प्रभाव से आज कौन वाकिफ नहीं है?. इसी तरह स्ट्रॉन्ग नेटवर्किंग वाले एम्पलॉईज़ कंपनी के काम निकलवाने में माहिर होते हैं. यही वजह है कि आजकल एम्पलॉयर्स अपने भावी एम्पलॉईज़ के सोशल मीडिया एकाउंट्स भी चेक करते हैं. ग्रेजुएट्स अपने नेटवर्क्स और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और लाइक्स आदि पर भी पूरा ध्यान दें और अपने प्रोफेशनल इंटरेस्ट के लिए इनका बखूबी इस्तेमाल करें.

  • लिंगविस्टिक एबिलिटी

अगर आपकी लिंगविस्टिक एबिलिटी काफी स्ट्रॉन्ग है तो अपने ऑफिस या संगठन में आपके लिए अन्य लोगों और पेशेवरों की बात समझना और उन्हें अपनी बात समझाना काफी आसान हो जाता है. इसी तरह, आप कोई भी प्रेजेंटेशन बड़े इम्प्रेसिव तरीके से पेश कर सकते हैं. प्रभावशाली लैंग्वेज बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स की पहली शर्त है. इसलिए, फ्रेश ग्रेजुएट अपने हिंदी और इंग्लिश लैंग्वेज स्किल्स को निखार लें. अगर फ्रेश ग्रेजुएट्स फॉरेन लैंग्वेज/ लैंग्वेजेज में भी सर्टिफिकेट कोर्स कर लें तो उनका रिज्यूम काफी इम्प्रेसिव बन जाएगा.  

  • ग्लोबल एटीट्यूड

हमारे देश भारत के वेदों और शास्त्रों के मुताबिक भी “वसुधैव कुटुम्बकम्” अर्थात पूरी पृथ्वी ही हमारा परिवार है. आजकल जब हमारे देश भारत में भी MNC (मल्टी नेशनल कंपनी) कल्चर पनप रहा है तो बड़े ब्रांड्स और कॉर्पोरेट हाउसेज के एम्पलॉयर्स अपने एम्पलॉईज़ में काम करने का ग्लोबल एटीट्यूड देखना चाहते हैं. एम्पलॉईज़ में ग्लोबल वेलफेयर के लिए काम करने का जज्बा होना चाहिए ताकि सारी मानव सभ्यता का विकास हो सके. ग्लोबल एटीट्यूड में मैत्री और भाईचारे को लगातार बढ़ावा दिया जाता है और व्यक्तिगत हितों की जगह सामूहिक हितों को महत्व दिया जाता है.

  • टाइम मैनेजमेंट एंड मल्टीटास्किंग

आजकल के जीवन में काफी आपाधापी हो गई है अर्थात हम कम समय के भीतर काफी कुछ हासिल करना चाहते हैं इसलिए, आपको टाइम मैनेजमेंट में कुशल होना चाहिए. टाइम मैनेजमेंट की क्वालिटी के लिए आप समय के पाबंद रहें अर्थात आप निर्धारित समय के मुताबिक अपने ऑफिस आयें और ऑफिस से घर जायें, अपने सभी काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरे करें और अपने टाइम के साथ-साथ अपने कलीग्स के टाइम की भी कीमत समझें. आसान शब्दों में, आप टाइम मैनेजमेंट में कुशल हों.

इसी तरह, आपको अपने ऑफिस में एक ही समय पर अनेक काम करने पड़ सकते हैं. जॉब मार्केट में एंटर होने से पहले अगर फ्रेश ग्रेजुएट्स मल्टीटास्किंग का हुनर हासिल कर लें तो फिर उन्हें कोई भी जॉब करने में आसानी होगी.

  • टेक्निकल नॉलेज

जी हां! आपको अपनी फील्ड से संबंधित अच्छी टेक्निकल नॉलेज हीनी चाहिए. आप चाहे किसी भी जॉब के लिए अप्लाई करें, आपके रिज्यूम में टेक्निकल स्किल्स का विवरण आपको अपनी मनचाही जॉब दिलवाने के लिए काफी मदद करता है. आपके एम्पलॉयर्स आपके उम्मीद करते हैं कि आपके पास अपनी जॉब प्रोफाइल से संबंधित टेक्निकल स्किल्स हों. टेक्निकल पोस्ट्स पर भर्ती का तो क्राइटेरिया ही टेक्निकल क्वालिफिकेशन और बेहतरीन टेक्निकल नॉलेज है.  

  • कॉन्फिडेंस एंड प्रेशर में काम करने की क्षमता

हरेक एम्पलॉयर अपने स्टाफ से यह उम्मीद करता है कि उसका स्टाफ पूरे आत्मविश्वास से अपनी ड्यूटी और सारी जिम्मेदारियां पूरी करेगा. एक आत्मविश्वासी एम्पलॉयी अपने काम में काफी कम गलतियां करता है और मुश्किल परिस्थितियों को भी आसानी से हैंडल कर लेता है. इसलिए आप हरेक काम पूरे कॉन्फिडेंस से हैंडल करना भी सीख लीजिये.

इसी तरह, आजकल एम्पलॉईज़ को काफी प्रेशर के बीच अपना काम पूरा करना पड़ता है. अक्सर एम्पलॉईज़ को काफी हाई टारगेट्स या विभिन्न प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कम समय अवधि की डेड-लाइन्स दी जाती है और एम्पलॉईज़ काफी वर्क प्रेशर महसूस करते हैं. ऐसे में, स्ट्रेस और हाईपर टेंशन का शिकार बनने के बजाय अगर आप प्रेशर और स्ट्रेस में काम करने में माहिर हों तो कंपनी के मुनाफे के साथ-साथ आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा.  

अगर ग्रेजुएट्स अपनी एकेडेमिक डिग्री के साथ-साथ ऊपर दिए गए स्किल्स भी हासिल कर लें तो उन्हें काफी जल्दी अपनी मनचाही जॉब मिल जायेगी और अपनी काबिलियत तथा मेहनत के भरोसे वे अपने करियर में कामयाबी हासिल करने में सफल रहेंगे.

जॉब, करियर, इंटरव्यू, एजुकेशनल कोर्सेज, कॉलेज और यूनिवर्सिटी, के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर नियमित तौर पर विजिट करते रहें.

 

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