फोरेंसिक एकाउंटिंग : कार्पोरेट जगत में बढ़ती मांग

बड़ी अजीब सी बात है कि वैश्वीकरण के इस युग में कम्पनियाँ बिना एक दूसरे से मिले करोड़ो का कारोबार कर लेती हैं. कारोबार के दौरान हुए धोखाधड़ी और फ्रॉड का पता लगाने के लिए आजकल फोरेंसिक एकाउंटिंग के जानकार लोगों को नौकरी तथा  महत्व देने का प्रचलन बढ़ा है.

सिक्योरिटी स्कैम्स, एकाउंटिंग फ्रॉड, टैक्स चोरी जैसे अपराधों के बढ़ने से कॉरपोरेट जगत में फोरेंसिक एकाउंटेंसी के एक्सपर्ट्स  की जरूरत महसूस की जाने लगी है . फोरेंसिक एकाउंटेंट्स अपनी विशेष स्किल्स के जरिए ऐसे अपराधों को रोकने में काफी कारगर साबित होते हैं.

दुनिया भर के बड़े कारोबारों में फ्रॉड, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार आम बात हो गई है . कंपनियों द्वारा तमाम उपाय एवं एहतियाती कदम उठाए जाने के बावजूद यह समस्या दिनों दिन विकराल होती जा रही है . एसोचैम और ग्रांट थॉर्नटन के एक संयुक्त अध्ययन के अनुसार, बीते दो वर्षों में भारत में भी कॉरपोरेट फ्रॉड्स के मामलों में 45 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है . साइबर क्राइम, एनरॉन, डब्ल्यूटीसी, सत्यम जैसे सिक्योरिटी स्कैम्स, आइडेंटिटी ऐंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थेफ्ट जैसे फ्रॉड के बढ़ने से ही फोरेंसिक एकाउंटेंसी के एक्सपर्ट्स की जरूरत महसूस की जाने लगी है .

फोरेंसिक एकाउंटिंग है क्या?

कॉरपोरेट फ्रॉड्स की संख्या कई गुना बढ़ गई है . टैक्स चोरी, एकाउंटिंग फ्रॉड, मनी लॉन्डरिंग, विंडो ड्रेसिंग जैसे व्हाइट कॉलर अपराध को रोकना बड़ी चुनौती है . इन सबके लिए फोरेंसिक एकाउंटिंग बेहद कारगर साबित हो सकता है . इसके तहत फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स की एनालिसिस और लीगल इन्वेस्टिगेशन की जाती है . साथ ही, बैकग्राउंड और वेरिफिकेशन, एंटी-लॉन्डरिंग, कॉरपोरेट इंटेलिजेंस सर्विसेज, चैनल पार्टनर रिव्यूज, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कॉन्ट्रैक्ट कम्प्लायंस आदि कार्य भी होते हैं . एक फोरेंसिक एकाउंटेंट डिटेक्टिव से लेकर लीगल एक्सपर्ट और एकाउंटेंट तीनों प्रकार की भूमिकाएं निभाता है .

शैक्षिक योग्यता

फोरेंसिक एकाउंटिंग में आगे बढ़ने के लिए इस विषय में स्नातक या मास्टर्स डिग्री चाहिए . इसके अलावा, एकाउंटिंग, फाइनेंस, कॉमर्स के स्नातक, सीए, सीएस और एलाइड एरियाज के स्टूडेंट्स भी इसमें करियर बना सकते हैं . आप फोरेंसिक एकाउंटिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं . कुछ विश्वविद्यालयों/संस्थानों ने फोरेंसिक अकाउंटिंग और कॉरपोरेट फ्रॉड में स्पेशलाइजेशन के साथ एक साल का एमबीए (फाइनेंस) कोर्स शुरू किया है . बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी ने इसके लिए केपीएमजी के साथ समझौता किया है . वही कोर्स का ढांचा, कंटेंट तैयार करने से लेकर तकनीकी फैकल्टी भी उपलब्ध करा रहा है . इंडस्ट्री के साथ टाईअप होने से स्टूडेंट्स को मार्केट की जरूरत के मुताबिक तैयार करना आसान हो गया है .

संभावनाएं

मामला चाहे रिश्वतखोरी का हो, भ्रष्टाचार का, फ्रॉड या मनी लॉन्डरिंग का, फोरेंसिक एकाउंटिंग इसे सुलझाने में बहुत मददगार होता है . यही कारण है कि फोरेंसिक एकाउंटिंग एक्सपर्ट्स  की मांग दिनोंदिन बढ़ रही है . ऐसे जानकार रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेलीकॉम, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के अलावा बैंकिंग, एकाउंटिंग फर्म्स  में अपनी सेवाएं दे सकते हैं .

इस कोर्स को कराने वाले मुख्य  संस्थान

’ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, दिल्ली
www.icai.org

’ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया यूनि., त्रिपुरा
www.icfai.org

’ इंडिया फॉरेंसिक, पुणे
www.indiaforensic.com

’ बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी, गुड़गांव
www.bml.edu.in

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