महात्मा गांधी की 150वीं जयंती: मेधावी छात्रों को मिलती हैं ये महात्मा गांधी स्कॉलरशिप्स

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमारे देश के लिए एक विशेष प्रेरणा पुंज हैं. उनके व्यक्तित्व, जीवन शैली और विचारधारा के कारण ही आज हमारे देश और दुनिया को ‘गांधीवाद’ मिला है. गांधीवाद के मूल में सत्य और अहिंसा की अवधारणा है. महत्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर प्रान्त में 02 अक्टूबर, 1869 को हुआ था और यह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है. वास्तव में महात्मा गांधी ने अपने समय के भारत में लिटरेसी और एजुकेशनल कंडीशन में सुधार लाने के लिए ‘बेसिक एजुकेशन’ की अवधारणा पर आजीवन काम किया. महात्मा गांधी पूरे भारत में 6 – 14 वर्ष की आयु के बच्चों को निशुल्क अनिवार्य शिक्षा देने के पक्ष में थे. महात्मा गांधी देश में लिटरेसी, एडल्ट एजुकेशन और फीमेल एजुकेशन के भी प्रबल समर्थक थे. महात्मा गांधी के मुताबिक, ‘सच्ची शिक्षा आस-पास की परिस्थितियों के अनुरूप होनी चाहिए, अन्यथा संतुलित विकास नहीं हो सकता.’ इसी तरह, गांधी जी के मुताबिक, ‘शिक्षा से मेरा अभिप्राय बच्चे और व्यक्ति का समस्त (शरीर, मन और आत्मा का) विकास है.’

आज भारत सरकार के साथ ही कई अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स देश के बच्चों को हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ प्राप्त करने में सहायता देने के लिए महात्मा गांधी स्कॉलरशिप्स के साथ अन्य कई किस्म की स्कॉलरशिप्स प्रदान कर रहे हैं. आइये इस आर्टिकल में महात्मा गांधी से संबंधित कुछ स्कॉलरशिप्स की चर्चा करें:

वेल टेक महात्मा गांधी नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप

इस स्कॉलरशिप स्कीम की शुरुआत इंस्टीट्यूशन के फाउंडर, चांसलर एवं प्रेजिडेंट कर्नल प्रोफेसर वेल. डॉ. आर. रंगराजन और उनकी धर्मपत्नी डॉ. श्रीमती सगुन्थला रंगराजन (फाउंडरेस प्रेजिडेंट) द्वारा की गई थी ताकि देश के टैलेंटेड स्टूडेंट्स बिना किसी फाइनेंशियल परेशानी के अपनी हायर स्टडीज़ जारी रख सकें. वर्ष 2009 से इस स्कॉलरशिप की शुरुआत की गई है और वर्ष 2019 तक लगभग 99 करोड़ रुपये की 9500 स्कॉलरशिप्स अभी तक मेरिट बेस पर देश के टैलेंटेड स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन हासिल करने के लिए दी जा चुकी हैं.

  • वेल टेक महात्मा गांधी नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप के मुख्य पॉइंट्स

यह स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स द्वारा अपनी 12वीं क्लास (या समकक्ष परीक्षा) में हासिल कुल MPC मार्क्स के आधार पर ऑफर की जाती है. स्टूडेंट्स के लिए इस स्कॉलरशिप की प्रमुख केटेगरीज़ निम्नलिखित हैं:

  • 95% से अधिक MPC कुल मार्क्स – ट्यूशन फीस की 75% स्कॉलरशिप राशि
  • 90% - 94.9% MPC कुल मार्क्स – ट्यूशन फीस की 50% स्कॉलरशिप राशि
  • 80% - 89.9% MPC कुल मार्क्स – ट्यूशन फीस की 25% स्कॉलरशिप राशि
  • 70% - 79.9% MPC कुल मार्क्स – ट्यूशन फीस की 10% स्कॉलरशिप राशि

इस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स में से हरेक राज्य/ यूनियन टेरिटरी से MPC टॉपर स्टूडेंट को 100% स्कॉलरशिप दी जाती है. इस स्कॉलरशिप की एलिजिबिलिटी के लिए कम से कम MPC/ BPC मार्क्स 60% निर्धारित हैं.

  • VTUEEE स्कॉलरशिप एग्जाम 2019

स्टूडेंट्स को यह स्कॉलरशिप उनके द्वारा इस इंस्टीट्यूशन द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप एग्जाम VTUEEE  में प्राप्त मार्क्स के आधार पर दी जाती है. इस एग्जाम में सफल पहले 20 स्टूडेंट्स को ट्यूशन फीस की 75% राशि दी जाती है. रैंक 21 से रैंक 500 तक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को ट्यूशन फीस की 50% राशि दी जाती है.

कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए गांधी फ़ेलोशिप

भारत में कॉलेज स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ हासिल करने के लिए मोटीवेट करने के लिए वर्ष 2007 में पिरामल फाउंडेशन द्वारा केवल्य एजुकेशन फाउंडेशन की शुरुआत की गई. यह फाउंडेशन कॉलेज स्टूडेंट्स को हायर स्टडीज़ के लिए गांधी फ़ेलोशिप के तहत 2 साल के रेजिडेंशियल, प्रोफेशनल प्रोग्राम की व्यवस्था करता है ताकि स्टूडेंट्स हायर एजुकेशन हासिल करके देश की सामजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव ला सकें. इस फ़ेलोशिप के लिए अप्लाई करने के लिए स्टूडेंट्स के पास किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होनी चाहिए और स्टूडेंट्स की अधिकतम आयु 26 वर्ष होनी चाहिए.

गांधी फ़ेलोशिप के तहत सिलेक्टेड स्टूडेंट्स को 14 हजार रुपये मासिक भत्ते के साथ 600 रुपये मोबाइल चार्जेज और फ्री एकोमोडेशन मुहैया करवाई जाती है. इसके अलावा स्टूडेंट्स को मेडिकल इंश्योरेंस और कुछ अन्य भत्ते (अलाउंसेस) भी दिए जाते हैं. इस फ़ेलोशिप को पूरा करने पर स्टूडेंट्स को 2 साल का एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट भी दिया जाता है. स्टूडेंट्स इस संबंध में अधिक जानकारी इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट www.gandhifellowship.org से देख सकते हैं.    

वंचित वर्ग के मेधावी स्टूडेंट्स के लिए महात्मा गांधी स्कॉलरशिप

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, मेघालय भी अपने कैंपस में विभिन्न डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज करने वाले वंचित वर्गों के मेधावी स्टूडेंट्स को ‘महात्मा गांधी स्कॉलरशिप’ प्रदान करती है. इस स्कॉलरशिप को हासिल करने के लिए वंचित वर्ग के स्टूडेंट्स ने अपनी 12वीं क्लास किसी भी स्ट्रीम से पास की हो. जनरल, शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब्स और अदर बैकवर्ड क्लासेज के ऐसे सभी स्टूडेंट्स जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय रुपये 2.5 लाख तक हो, इस स्कॉलरशिप के लिए एलिजिबल हैं. इस स्कॉलरशिप के लिए स्टूडेंट्स को रिटन टेस्ट और इंटरव्यू पास करना होता है. सफल स्टूडेंट्स को उनकी कोर्स फीस में 20% की छूट दी जाती है.

श्री लंका के स्टूडेंट्स के लिए महात्मा गांधी स्कालरशिप

श्री लंका के नागरिकों के लिए हाई कमीशन ऑफ़ इंडिया, कोलोंबो द्वारा हर साल 150 टैलेंटेड स्टूडेंट्स को मेरिट बेस पर यह स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है. श्री लंका के सभी 25 जिलों में से 6 स्टूडेंट्स प्रत्येक जिले से चुने जाते हैं. भारत सरकार द्वारा श्री लंका के स्टूडेंट्स को भारत के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ से अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज करने के लिए यह स्कॉलरशिप उपलब्ध करवाई जाती है. इस स्कॉलरशिप के लिए स्टूडेंट्स 31 मई, 2020 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.

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