फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड में ये हैं बेहतरीन करियर ऑप्शन्स

आजकल के इस आधुनिक जमाने में किसी भी देश की फॉरेन पॉलिसी की तरह ही फॉरेन ट्रेड भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है जिसका हरेक देश की इकॉनमी और जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) पर काफी गहरा असर पड़ता है. फॉरेन ट्रेड को ही इंटरनेशनल ट्रेड के नाम से भी जाना जाता है जिसके तहत अपने देश की भौगोलिक सीमाओं से परे अन्य देशों के साथ गुड्स, कैपिटल और सर्विसेज का लेनदेन किया जाता है. दरअसल, किसी भी देश में आजकल की जरूरत के मुताबिक सभी गुड्स एंड सर्विसेज का उत्पादन नहीं हो सकता है. इसलिए दुनिया के सभी छोटे-बड़े देश कारोबार के क्षेत्र में अन्य देशों पर निर्भर हैं जैसेकि, अगर किसी देश को अपने गेजेट्स – मोबाइल्स, लैपटॉप्स, टूल्स – बेचने हैं तो किसी देश को ये गेजेट्स खरीदने भी हैं. आसान शब्दों में, फॉरेन ट्रेड का मतलब दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाला समस्त कारोबार है. एक अनुमान के मुताबिक हमारे देश के जीडीपी में फॉरेन ट्रेड का योगदान लगभग 50 फीसदी के आस-पास है.

भारत में फॉरेन ट्रेड की फील्ड में प्रमुख कोर्सेज

अगर यंगस्टर्स इस फील्ड में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो वे निम्नलिखित एजुकेशनल कोर्सेज कर सकते हैं:

डिप्लोमा कोर्सेज:

  • इंटरनेशनल ट्रेड में डिप्लोमा
  • इंटरनेशनल ट्रेड में एडवांस्ड डिप्लोमा
  • फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट में डिप्लोमा
  • एडवांस्ड डिप्लोमा इन फॉरेन ट्रेड

अंडरग्रेजुएशन कोर्सेज:

  • फॉरेन ट्रेड में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए)
  • फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट में बैचलर ऑफ़ कॉमर्स (बीकॉम)
  • फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट में बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (बीए)
  • बैचलर ऑफ फॉरेन ट्रेड (बीएफटी)

पोस्टग्रेजुएशन कोर्सेज:

  • फॉरेन ट्रेड में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)
  • फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए)
  • इंटरनेशनल बिजनेस में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)
  • फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ कॉमर्स (एमकॉम)
  • ट्रेड्स एंड सर्विसेज में मास्टर ऑफ कॉमर्स (एमकॉम)
  • इंटरनेशनल ट्रेड एंड फॉरेन ट्रेड में मास्टर डिग्री
  • इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • इंटरनेशनल ट्रेड मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • फॉरेन ट्रेड में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा

डॉक्टरल कोर्सेज:

  • इंटरनेशनल ट्रेड एंड डेवलपमेंट में एमफिल

भारत में फॉरेन ट्रेड की फील्ड में एडमिशन लेने के लिए पात्रता मानदंड

हमारे देश में इस फील्ड में विभिन्न डिप्लोमा और अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशन बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास पास की हो. पोस्टग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज के लिए स्टूडेंट्स ने संबद्ध फील्ड में बैचलर डिग्री प्राप्त की हो और डॉक्टरल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए कैंडिडेट्स ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. किसी सुप्रसिद्ध कॉलेज, इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को एंट्रेंस एग्जाम भी पास करना होता है.

भारत में फॉरेन ट्रेड की फील्ड में एडमिशन लेने के लिए जरुरी एंट्रेंस एग्जाम्स

  • कॉमन एडमिशन टेस्ट – कैट
  • मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट – मैट
  • ज़ेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट – जैट
  • ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट – जीमैट
  • कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट – सीमैट
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड

भारत में फॉरेन ट्रेड की फील्ड में कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट्स/ यूनिवर्सिटीज 

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड, नई दिल्ली
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ पैकेजिंग, मुंबई
  • एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई
  • सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल बिजनेस, पुणे
  • दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, कलकत्ता
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, बैंगलोर
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ
  • जेवियर लेबर रिसर्च इंस्टीट्यूट, जमशेदपुर
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद
  • फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एक्सपोर्ट मैनेजमेंट, चेन्नई
  • इंडियन इंस्टीट्यट ऑफ़ मटीरियल्स मैनेजमेंट, मुंबई
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल बिजनेस, चेन्नई

भारत में फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड के लिए आवश्यक स्किल सेट

इस फील्ड में सफल करियर बनाने के लिए कैंडिडेट्स के पास बेहतरीन कम्युनिकेशन और लीडरशिप स्किल्स होने चाहिए. इसके साथ ही कैंडिडेट्स निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने टारगेट्स पूरे करने और प्रेशर में काम करने में सक्षम हों. टीम कोआर्डिनेशन और नेशनल/ इंटरनेशनल बिजनेस के लेटेस्ट अपडेट्स की जानकारी रखना भी काफी महत्वपूर्ण है.

भारत में फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड में एक खास करियर ऑप्शन - फॉरेन ट्रेड एनालिस्ट

ये पेशेवर दुनिया के विभिन्न देशों के बीच होने वाले कारोबार में अपनी कंपनी या संस्थान के संबद्ध फॉरेन ट्रेड के तहत विभिन्न गुड्स एंड सर्विसेज के एक्सचेंज का ट्रैक रिकॉर्ड रखते हैं. ये पेशेवर फॉरेन ट्रेड से संबद्ध विभिन्न सरकारी पर निजी सेक्टर्स के लिए काम करते हैं. इनका मुख्य काम इंटरनेशनल मार्केट ट्रेंड्स पर नजर बनाये रखना और लेटेस्ट बिजनेस ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर अपनी कंपनी या संस्थान की बिजनेस पॉलिसीज निर्धारित करना होता है ताकि संबद्ध कंपनी या संस्थान का ट्रेड और मुनाफा बढ़ सके. इस पेशे के लिए कैंडिडेट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम फॉरेन ट्रेड या संबद्ध विषय में बैचलर डिग्री प्राप्त की हो. इसके अलावा, फॉरेन ट्रेड में एमबीए और डॉक्टरल डिग्रीज से पेशेवरों को काफी फायदा होता है. इसी तरह, कंप्यूटर लिटरेसी, मैथमेटिक्स एप्टीट्यूड और फॉरेन लैंग्वेज/ लैंग्वेजेज की जानकारी भी इस पेशे के लिए आवश्यक स्किल सेट में शामिल हैं. इस पेशे में कार्यरत पेशेवरों को एवरेज रु. 57 लाख सालाना तक मिलते हैं और इस फील्ड में टॉप लेवल पर पेशेवरों को एवरेज रु. 1.15 करोड़ सालाना तक मिलते हैं.

भारत में फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड में कुछ अन्य महत्वपूर्ण जॉब प्रोफाइल्स

  • फॉरेन ट्रेड मैनेजर
  • एक्सपोर्ट मैनेजर
  • रिलेशनशिप मैनेजर
  • बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर
  • फॉरेन  ट्रेड एनालिस्ट
  • फॉरेन ट्रेड एंड परचेजिंग स्पेशलिस्ट
  • सप्लाई चेन मैनेजर
  • बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर
  • मार्केट रिसर्च एग्जीक्यूटिव
  • ग्लोबल ट्रेड मैनेजर
  • कस्टम्स एंड ग्लोबल ट्रेड ऑटोमेशन मैनेजर

भारत में फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड में कुछ महत्वपूर्ण जॉब प्रोवाइडर सेक्टर्स और इंस्टीट्यूट्स:

  • एक्सपोर्ट यूनिट्स
  • इंटरनेशनल ट्रेड रेगुलेटरी बॉडीज
  • एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स
  • मल्टी नेशनल कंपनियों के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट्स 
  • ट्रेड रेगुलेटरी बॉडीज
  • मल्टी नेशनल कंपनियों के डिपार्टमेंट्स 
  • रिसर्च एब्द एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स
  • इंजीनियरिंग गुड्स कंपनीज
  • कस्टम क्लियरिंग हाउसेज
  • स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन्स
  • शिपिंग कंपनियां

भारत में फॉरेन ट्रेड की फ़ील्ड में सैलरी पैकेज

हमारे देश में फॉरेन ट्रेड की फील्ड में कैंडिडेट्स को शुरू में आमतौर पर एवरेज रु. 2 लाख – 4 लाख तक सालाना सैलरी पैकेज मिलता है. यह सैलरी कैंडिडेट्स की क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, वर्क एरिया और टैलेंट के मुताबिक बढ़ती रहती है. इस फील्ड में अच्छा अनुभव और योग्यता रखने वाले कैंडिडेट्स एवरेज रु. 10 लाख – 15 लाख तक सालाना भी कमा सकते हैं.

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