होम साइंस की फील्ड में हैं करियर के ये बेहतरीन ऑप्शन्स

हमारे देश में साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स की स्ट्रीम्स में अनेक एकेडेमिक कोर्सेज करवाए जाते हैं और होम साइंस भी साइंस, कॉमर्स, ह्यूमेनिटीज और मैथमेटिक्स की तरह ही एक ऐसा प्रमुख विषय है जिसमें करियर के कई बेहतरीन ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. होम साइंस में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करके आप इस फील्ड में अपना मनचाहा करियर अपना सकते हैं.

होम साइंस क्या है? 

हमारे देश में होम साइंस सब्जेक्ट सीबीएसई में 11 वीं क्लास से पढ़ाया जाता है. होमसाइंस 2 शब्दों से मिलकर बना है - होम+साइंस अर्थात घर से संबंधित विज्ञान. होम साइंस विषय में घर, व्यक्ति, परिवार, रिसोर्सेज सहित सभी संबद्ध पहलू शामिल होते हैं. होम साइंस सब्जेक्ट वास्तव में शिक्षा के माध्यम से हरेक व्यक्ति, घर, परिवार और घर से जुड़े सभी पहलूओं के बेटर मैनेजमेंट के जरिये बेटर लिविंग के लिए माहौल बनाता है. होम साइंस विषय पढ़ने के बाद स्टूडेंट्स अपने घर, परिवार और उपलब्ध रिसोर्सेज का समुचित इस्तेमाल करके अपने लक्ष्य हासिल करते हैं और अपने समस्त पर्सनल डेवलपमेंट के साथ-साथ घर-परिवार की भी समुचित व्यवस्था साइंटिफिक नज़रिये के मुताबिक कर सकते हैं. 

होम साइंस से संबद्ध कोर्सेज

हमारे देश में होम साइंस विषय सहित 12 वीं क्लास पास करने के बाद स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन लेवल पर होम साइंस सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं या फिर, होम साइंस (ऑनर्स) कर सकते हैं. होम साइंस में हायर स्टडीज के लिए होम साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी की डिग्री हासिल कर सकते हैं. होम साइंस के तहत निम्नलिखित प्रमुख कोर्सेज शामिल हैं:

• फ़ूड एंड न्यूट्रीशन

• ह्यूमन डेवलपमेंट

• रिसोर्स मैनेजमेंट

• क्लोथिंग एंड टेक्सटाइल

• एक्सटेंशन एंड कम्युनिकेशन्स.

होम साइंस की फील्ड से संबद्ध 5 प्रमुख करियर्स  

यह होम साइंस की फील्ड से संबद्ध एक प्रमुख करियर ऑप्शन है और होम साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स इस जॉब को काफी पसंद करते हैं. इस जॉब के लिए कैंडिडेट ने होमसाइंस/ फ़ूड एंड न्यूट्रीशन में बैचलर डिग्री या न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा (बैचलर डिग्री – न्यूट्रीशन के बाद) किया हो या होमसाइंस/ फ़ूड, न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स में मस्त डिग्री हासिल की हो. इस फ़ील्ड में फ्रेशर हर माह रु. 15000/- - 20000/- कमा सकता है और कुछ वर्ष के अनुभव के बाद आप रु. 30000/- से अधिक हर माह कमा सकते हैं. पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद कैंडिडेट्स 7 लाख रु. सालाना तक सैलरी कमा सकते हैं. विभिन्न सरकारी दफ्तरों, सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स, एनजीओज, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और फ़ूड प्रोडक्ट्स से संबद्ध विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों में उक्त जॉब प्रोफाइल के लिए हमेशा अवसर मौजूद रहते हैं. एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2016 से वर्ष 2026 तक इस फील्ड में 15% जॉब्स बढ़ेंगी.  

होम साइंस की फील्ड से संबद्ध यह एक आकर्षक करियर ऑप्शन है जिसकी आजकल काफी मांग है. होम साइंस और/ या इंटीरियर डिजाइनिंग में बैचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स को नेशनल काउंसिल फॉर इंटीरियर डिजाइन क्वालिफिकेशन एग्जाम पास करना होगा. एक लाइसेंस्ड इंटीरियर डिज़ाइनर बनने के लिए कैंडिडेट को इस फील्ड में कम से कम 2 वर्ष का वर्क एक्सपीरियंस प्राप्त करना होगा. हमारे देश में कोई असिस्टेंट इंटीरियर डिज़ाइनर हर माह रु. 30 हजार से रु. 40 हजार तक कमा सकता है. कुछ वर्ष के अनुभव के बाद सीनियर इंटीरियर डिज़ाइनर रु. 8 लाख से रु. 30 लाख तक सालाना कमा सकता है. 

काउंसलर का प्रमुख काम लोगों को विभिन्न व्यक्तिगत, पारीवारिक, सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा. जॉब और करियर से संबद्ध विभिन्न समस्याओं से बेहतर तरीके से निपटने के लिए जरुरी सलाह और गाइडेंस देना होता है. फैमिली काउंसलर फैमिली से संबद्ध सभी मुद्दों जैसे मैरिज और बच्चों से संबद्ध इश्यूज से अच्छी तरह निपटने में अपने क्लाइंट्स और पेशेंट्स की मदद करते हैं. कैंडिडेट के पास होम साइंस और/ या साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन/ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री या संबद्ध काउंसलिंग में सर्टिफिकेशन कोर्सेज के साथ काम का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस होना चाहिए. हमारे देश में इस फील्ड में शुरू में लगभग 1.5 लाख रु. से 4.5 लाख रु. सालाना तक सैलरी पैकेज है.

होम साइंस में ग्रेजुएशन/ पोस्टग्रेजुएशन और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने के साथ ही बीएड/ एमएड की डिग्री प्राप्त करके और टेट और नेट एग्जाम्स पास करने के बाद कैंडिडेट्स देश के विभिन्न सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में टीजीटी/ पीजीटी/ लेक्चरर और प्रोफेसर आदि की टीचिंग जॉब्स कर सकते हैं. टीजीटी/ पीजीटी पे स्केल रु.9300 – 34,800/- + ग्रेड पे प्रति माह है. एक असिस्टेंट कॉलेज प्रोफेसर लगभग 60 हजार रु. प्रति माह कमाता है और एक प्रोफेशन को लगभग 1.5 लाख रु. प्रति माह मिलते हैं.

इस पेशे के लिए कैंडिडेट्स के पास होम साइंस/ फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएशन/ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ उन्हें टेक्सटाइल्स, फैब्रिक्स, कलर्स, लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स, ओर्नामेंटेशन की काफी अच्छी जानकारी होनी चाहिए. भारत में फैशन डिज़ाइनर की एवरेज सैलरी रु.364,815 सालाना है. स्किल्ड और प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर्स 10 लाख रु. सालाना तक कमा सकते हैं और अपना फैशन आउटलेट खोलने पर या डिजाइनिंग ब्रांड बनाने पर आपकी इनकम की कोई अधिकतम सीमा निश्चित नहीं की जा सकती है. 

होम साइंस स्ट्रीम के तहत अन्य करियर ऑप्शन्स की लिस्ट

आपकी सहूलियत के लिए होम साइंस की फील्ड से संबद्ध विभिन्न करियर ऑप्शन्स की एक लिस्ट नीचे पेश की जा रही है:

• अपैरल इंडस्ट्री प्रोडक्शन मैनेजर

• कलर कंसलटेंट

• डाइट कंसलटेंट

• रिसोर्स डेवलपर्स

• चाइल्ड डेवलपमेंट

• पब्लिक रिलेशन्स

• फ्रीलांस कंसलटेंट

• रेस्टोरेंट मैनेजर

• फ़ूड इंडस्ट्री जॉब्स

• बेकिंग एंड कन्फेक्शनरी जॉब्स.

होम साइंस और गवर्नमेंट जॉब्स

स्टूडेंट्स किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज/ यूनिवर्सिटी से होमसाइंस में ग्रेजुएशन/ पोस्टग्रेजुएशन/ पीएचडी की डिग्री हासिल करने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में होम साइंस की फील्ड से संबद्ध कई जूनियर और सीनियर लेवल की जॉब्स कर सकते हैं. विशेष रूप से भारत सरकार के मिनिस्ट्री और एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर, मिनिस्ट्री ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, मिनिस्ट्री ऑफ़ वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट में कई पोस्ट्स की जॉब प्रोफाइल के तहत होम साइंस स्ट्रीम के स्पेशलाइज्ड कोर्सेज से संबद्ध विभिन्न कार्य शामिल होते हैं और  ऐसे कामकाज के लिए होमसाइंस की फील्ड में एक्सपर्ट मैनपावर की जरूरत होती हैं. स्टूडेंट्स आईएएस, एसएससी जीएल एग्जाम्स भी दे सकते हैं.

भारत के ये टॉप इंस्टीट्यूट्स करवाते हैं होम साइंस के विभिन्न कोर्सेज

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