2019 में जॉब की ऑफर मिलने के बाद इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज

आजकल जॉब मार्केट में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा की वजह से एक अच्छी नौकरी तलाशना तथा उसे प्राप्त कर लेने में पूर्णतया सफलता हासिल कर लेना थोड़ा मुश्किल हो गया है. कभी कभी तो इन्टरव्यू में सफल होने के बावजूद कुछ बातों को लेकर बात नहीं बन पाती है और लोगों को उस जॉब से हांथ धोना पड़ता है.दिनदिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और एक नौकरी के मिलने की राह में आने वाली मुश्किलों की वजह से कई लोग तो एक कंपनी से मिलने वाली जॉब ऑफर को ही अपना अंतिम लक्ष्य मान लेते हैं. हालांकि, जॉब ऑफर का मिलना सिर्फ एक शुरुआत भर है और आपको मिलने वाली जॉब ऑफर और अंतिम ज्वाइनिंग के बीच बहुत कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिनपर गौर करना बहुत जरुरी होता है.अक्सर कंपनी ज्वाइन करने वाले सिर्फ फ्रेशर्स बल्कि कई बार युवा अनुभवी पेशेवर भी जॉब ऑफर मिलने के बाद आगे क्या करना चाहिए इस बारे में बहुत कुछ नहीं जानते हैं.

हालांकि प्रत्येक उद्योग (इंडस्ट्री) और प्रत्येक जॉब प्रोफाइल में जॉब ऑफर मिलने के बाद प्रोफेशनल्स  को करने के लिए खुद की विशिष्ट बातें हो सकती हैं, नीचे हमने कुछ ऐसे बुनियादी काम को सूचीबद्ध किया है जो लगभग सभी जॉब प्रोफाइल पर लागू होती हैं. चाहे वह अपनी भूमिका को समझना हो और आपको जो ऑफर किया गया है उसके टाइटिल या काम की प्रकृति को समझना, यहां कुछ बातें हैं जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने सपनों के जॉब ऑफर को मिलने के बाद अवश्य करना चाहिए.

 

 

1. जॉब ऑफर को तत्परता पूर्वक पढ़ें 

जॉब ऑफर शब्द का शाब्दिक अर्थ हैरोजगार का एक प्रस्ताव’, इसमें प्रस्ताव महत्वपूर्ण शब्द होता है. यह एक ऑफर (पेशकश) होता है जो आपको आपके भावी नियोक्ता द्वारा आपके ज्ञान, कौशल, अनुभव और कई अन्य कारकों के आधार पर दिया जाता है. लेकिन फिर भी, यह एक ऐसा ऑफर होता है जिस पर बातचीत की जा सकती है और जिसे बदला जा सकता है. इसलिए, जॉब ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है.

आपके साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान संभव है कई अलगअलग कारकों पर रौशनी डाली गई हो या कई प्रकार के वादे किए गए हों. हालांकि, उनमें से सभी को ऑफर लेटर (पेशकश पत्र) में शामिल नहीं किया जाएगा. उदाहरण के लिए, आपको एचआर राउंड के दौरान कई प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं देने या असाधारण पेंशन योजना का वादा किया जा सकता है लेकिन एचआर राउंड में चर्चा किए गए सभी पहलू ऑफर लेटर में शामिल किए गए हैं या नहीं यह देखना बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए, ऑफर स्वीकार करने से पहले ऑफर लेटर को विस्तार से पढ़ना और जॉब प्रोफाइल, जिम्मेदारियों, पदनाम, वेतन और अन्य बातों से संबंधित सभी पहलूओं को समझना बहुत जरुरी होता है.

 

 

2. जॉब में अपनी भूमिका और पद से जुड़े जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश करें

अक्सर आपके कौशल और अनुभव को ध्यान में रखते हुए आपने जिस भूमिका और पद के लिए आवेदन किया था और इंटरव्यू (साक्षात्कार) दिया था, में संशोधन या परिवर्तन कर दिया जाता है. कभी कभी आम तौर पर दो जॉब प्रोफाइलों को मिलाकर आपके कौशल के लिहाज से और अधिक उपयुक्त एक जॉब प्रोफाइल बना दिया जाता है या एचआर टीम की आंतरिक पदानुक्रम और संगठनात्मक संरचना को सुनिश्चित करने के लिए पद को कम कर दिया जाता है. उदाहरण के लिए, आपने प्रबंधक (मैनेजर) के पद के लिए आवदेन किया लेकिन अक्सर ऐसे मामले देखे गए हैं जहां प्रबंधक (मैनेजर) के पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को उसी पद की जिम्मेदारियों के साथ सहायक प्रबंधक (असिस्टेंट मैनेजर) बना दिया जाता है. कई उम्मीदवार पत्र में उल्लिखित पदनाम/ पद की अनदेखी कर देते हैं और आखिरकार गलत जॉब ऑफर स्वीकार कर लेते हैं.

 

यह आपके करिअर के लिए बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है क्योंकि बतौर प्रोफेशनल आप हमेशा आगे बढ़ना चाहते हैं. इसलिए, इससे बचने के लिए आपको हमेशा क्रॉस चेक करना चाहिए और जॉब ऑफर के हिस्से के तौर पर आपको दिए जाने वाले पद, भूमिका और जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से सत्यापित करना चाहिए. किसी भी प्रकार के भ्रम या चुनौती के मामले में आपको हमेशा एचआर से संपर्क करना चाहए और स्पष्टीकरण प्राप्त करना चाहिए. लेकिन, आप ऑफर लेटर में लिखी बातों से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उस पर हस्ताक्षर करने की कोशिश करें. वरना यह आपके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है.

 

 

3. डॉक्यूमेंटेशन पर विशेष ध्यान दें

आप किसी भी अनुभवी पेशेवर से पूछें कि जहां तक पेशेवर जीवन की बात है, वे सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्या मानते हैं और उनमें से ज्यादातर का जवाब होगा– 'प्रलेखन (डॉक्यूमेंटेशन)'. डॉक्यूमेंटेशन किसी के भी प्रोफेशनल लाइफ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और आप इसका महत्व जिस दिन आपको आपका ऑफर लेटर मिलता है, उसी दिन से समझने लगते हैं.

 

वस्तुतः ऑफर लेटर एक ऐसा प्रस्ताव होता है जो दोनों ही पक्षों की तरफ से परिवर्तन और संशोधन के विषयाधीन होता है. इसलिए, आधिकारिक ऑफर लेटर के जरिए या एचआर से आने वाले मेल के माध्यम से मौखिक रूप से चर्चा किए जाने वाले प्रत्येक और हर बात का डॉक्यूमेंटेशन बनाना बहुत महत्वपूर्ण होता है. बिना डॉक्यूमेंटेशन के आप सही होते हुए भी अपनी जंग हार जाएंगे. इसलिए, हर छोटे विवरणवेतन विवरण, पदनाम, चिकित्सा और बीमा लाभ का डॉक्यूमेंटेशन आप स्पष्ट और आसानी से समझने वाले शब्दों में तैयार करके रखें. आपके लिए इन चीजों का डॉक्यूमेंटेशन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बिना आप ज्वाइनिंग औपचारिकताओं के अनुसार आपने अपनी जिस नौकरी के कॉनट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करेंगें उसके आधार पर इन चीजों की मांग करने में आप पूरी तरह सफल नहीं हो पाएंगे.

 

4. सैलरी पैकेज का बारीकी से निरीक्षण करें  

अब, जॉब ऑफर से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण पहलू, सैलरी पैकेज या वेतन विवरण की बात करते हैं. यह एक ऐसा पहलू है जिसकी लगभग प्रत्येक व्यक्ति जांच करता है औऱ विस्तार से समझता है, भले ही इसका मतलब बाकी सभी चीजों को नजरअंदाज करना हो. लेकिन, फिर भी आपके ऑफर लेटर में उल्लिखित सैलरी पैकेज के कुछ गुप्त बातों को जानना और उसका मूल्यांकन करना बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है.

इसमें दिए जाने वाले सैलरी के  सटीक ब्रेकअप को समझना आदि जैसे काम शामिल है. ब्रेकअप में सभी प्रकार की नियोक्ता द्वारा की जाने वाली कटौतियांपेंशन, भविष्य निधि, बीमा और अन्य चीजें शामिल होती है. जहां तक भविष्य निधि की बात है, इस विषय में आपको यह जरूर समझना चाहिए कि भविष्य निधि में कर्मचारी के साथसाथ नियोक्ता का भी योगदान होता है. इसलिए, जबकि दोनों घटकों को आपके सीटीसी में शामिल किया जाता है, दोनों ही आपको मिलने वाले वेतन का हिस्सा नहीं होते हैं. इसलिए, आपको अपने नियोक्ता या एचआर से, प्रत्येक महीने के आखिर में मिलने वाली अपनी कुल सैलरी के विषय में बताने के लिए बिल्कुल स्पष्ट रूप से कहना चाहिए. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता के भविष्य निधि योगदान शामिल नहीं होगा.

अपने सैलरी पैकेज में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज जिसका आपको मूल्यांकन करना औऱ समझना है, वह होगा वैरिएबल पे (variable pay). वैरिएबल पे मूल रूप से प्रदर्शन बोनस होता है जो आपके प्रदर्शन के आधार पर प्रति वर्ष दिया जाता है. इसलिए, कभी भी इसे सीटीसी का हिस्सा समझने की गलती करें, भले ही एचआर पेशेवर या आपका होने वाला मैनेजर आपको इस बारे में बताए.  

हालांकि इन दो पहलुओं के बारे में प्रोफेशनल्स काफी कुछ जानते हैं, एक बात जो नौकरी करने जा रहे उम्मीदवार जांचने में विफल रहते हैं वह है कि उन्हें कितना टैक्स पे करना होगा ? नियोक्ता आपको अक्सर सीटीसी/ कॉस्ट टू कंपनी के लिहाज से वेतन देगा. हालांकि, विभिन्न मदों के तहत आपको दिए जाने वाले वेतन के अनुसार आपनी टैक्स पे करने की क्षमता तथा योग्यता को वास्तव में समझना आपके उपर निर्भर करता है. अपना टैक्स कम करने के लिए कई अलगअलग मद होते हैं जिसमें वेतन को बांटा जा सकता है. उदाहरण के लिए स्वास्थ्य लाभ या परिवहन वेतन को अक्सर आपके टैक्स योग्य आमदनी का हिस्सा नहीं माना जाता. यदि आप अपने नियोक्ता/ एचआर से इन मदों में दिए जाने वाले पैसे को बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं तो काफी हद तक कम टैक्स पे करने की जरुरत पड़ेगी . इसलिए, अपने निर्धारित सैलरी के अनुसार आपको अपनी टैक्स पे करने की स्थिति को समझते हुए और उसे कम करने के लिए अनिवार्य कदम उठाना चाहिए.

 

5.जॉब के प्रति अपना उत्साह और दिलचस्पी जोर-शोर से दिखाएँ

लांकि उपर उल्लिखित सभी बातें एचआर के साथ चीजों पर चर्चा करने और स्पष्टीकरण प्राप्त करने पर बहुत अधिक जोर देती हैं, लेकिन आपको यह भी याद रखना चाहिए कि हजारों ऐसे लोग हैं जो उन्हें दिए जाने वाले जॉब ऑफर को उसी रूप में, बिना किसी बदलाव के, स्वीकार करने को तैयार हो जाते हैं. इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको सिर्फ अपनी नौकरी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज करने की जरूरत है, इसका अर्थ यह है कि आपको इन बातों को इस प्रकार सामने रखने की जरूरत है जिससे वे उसे सही तरीके से समझ सकें.

इस बारे में सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि आप दिए गए ऑफर में अपनी रूचि और उत्साह के जरिये ऑर्गनाइजेशन में शामिल होने की इच्छा को दिखाएं. यह ऑफर की गई भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में एचआर को आपकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता बताएगा और आपके पक्ष को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा. हालांकि, उत्साह दिखाते समय आपको बहुत अधिक उत्साहित भी नहीं हो जाना चाहिए क्योंकि यह उत्साह से अधिक कोई और जॉब नहीं मिल पाने की निराशा भी लग सकता है.अधिकतम प्रभाव डालने के लिए आपको किसी भी तरह इस बारीक रेखा के बीच संतुलन बनाये रखना होगा.

ये कुछ ऐसी बातें हैं जिसका ध्यान एक जॉब ऑफर मिलने के बाद प्रत्येक प्रोफेशनल्स को रखना चाहिए. माना की शुरुआत में ये काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण लग सकते हैं लेकिन लंबे समय में यह आपकी काफी मदद करेंगे. लेकिन, इन बारिकियों के बारे में बहुत अधिक चितिंत होने से पहले याद रखें कि जॉब ऑफर प्राप्त करना खुद में एक उपलब्धि है औऱ उपरोक्त उल्लिखित बातों का ध्यान रखना सिर्फ आपके मामले को नियोक्ता के समक्ष मजबूत बनाएगा. इन सबके बावजूद एक बात और है और वह यह है कि इन सारी चीजों को धैर्य पूर्वक करें तथा बिलकुल इस बात की चिंता न करे  कि अगर कोई गलती हो गयी तो क्या होगा ? कुछ नहीं होगा यह आपके जिन्दगी का आखिरी जॉब लेटर नहीं है अगर श्रमशील आयर सजग रहें तो ऐसे कई ऑफर्स आपको जीवन में मिलेंगे लेकिन हाँ यह अवसर आपको मिला है तो इसका भी सही और समुचित इस्तेमाल करते हुए इसका सर्वाधिक लाभ उठाने की कोशिश करें.

 

1. जॉब ऑफर को तत्परता पूर्वक पढ़ें 

जॉब ऑफर शब्द का शाब्दिक अर्थ हैरोजगार का एक प्रस्ताव’, इसमें प्रस्ताव महत्वपूर्ण शब्द होता है. यह एक ऑफर (पेशकश) होता है जो आपको आपके भावी नियोक्ता द्वारा आपके ज्ञान, कौशल, अनुभव और कई अन्य कारकों के आधार पर दिया जाता है. लेकिन फिर भी, यह एक ऐसा ऑफर होता है जिस पर बातचीत की जा सकती है और जिसे बदला जा सकता है. इसलिए, जॉब ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है.

  आपके साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान संभव है कई अलग अलग कारकों पर रौशनी डाली गई हो या कई प्रकार के वादे किए गए हों. हालांकि , उनमें से सभी को ऑफर लेटर ( पेशकश पत्र ) में शामिल नहीं किया जाएगा. उदाहरण के लिए , आपको एचआर राउंड के दौरान कई प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं देने या असाधारण पेंशन योजना का वादा किया जा सकता है लेकिन एचआर राउंड में चर्चा किए गए सभी पहलू ऑफर लेटर में शामिल किए गए हैं या नहीं यह देखना बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए , ऑफर स्वीकार करने से पहले ऑफर लेटर को विस्तार से पढ़ना और जॉब प्रोफाइल , जिम्मेदारियों , पदनाम , वेतन और अन्य बातों से संबंधित सभी पहलूओं को समझना बहुत जरुरी होता है.

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