आप ज़रूर जानें यह 9 तरीके जो आपको अपने टीचर्स से संदेह पूछने में सहायता करेंगे

अक्सर विद्यार्थियों को ऐसा लगता है की अगर वह अपने संदेह टीचर्स से पूछेंगे तो उन्हें मूर्ख समझा जाएगा और इसलिए स्टूडेंट्स क्लास में टीचर्स से अपने संदेह व्यक्त और स्पष्ट नहीं करते. लेकिन, ऐसा करने से उनकी पढ़ाई का बहुत नुक्सान हो जाता है, और साथ ही उन्हें कुछ भी पढ़ने और समझने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है जिससे, उनका समय भी व्यर्थ होता है. इसलिए ज़रूरी है की जब भी आपको पढ़ाई में कोई संदेह हो तो अपने टीचर्स से अवश्य पूछे. यहाँ बताए गए तरीको से स्टूडेंट्स अपने टीचर्स से कोई भी संदेह को व्यक्त और स्पष्ट कर सकते हैं –

1. संकोच नही करें कभी भी पढ़ाई से जुड़ा कोई भी संदेह पूछने में शर्म या संकोच ना करें. अगर पढ़ाई अच्छे से करनी है और एग्ज़ाम्स में बेहतरीन मार्क्स लाने हैं तो यह नियम बना लें की जब कभी भी आपको कोई परेशानी या संदेह हो तो अपने टीचर्स से बिना संकोच करे पूछें|  

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2. अपने संदेह को नज़रअंदाज़ नही  करें अपनी शंकाओ को गलती से भी नज़रअंदाज़ ना करें, क्यूंकि संदेह आगे चलकर पढ़ाई करने में बाधा बनते हैं . अधिकतर स्टूडेंट्स सोचते है की संदेह पूछने की अभी ज़रूरत नहीं है या छोटे-छोटे संदेहों से कोई फ़र्क नही पड़ता, लेकिन उनका ऐसा सोचना गलत है क्यूंकि अगर किसी भी विषय का छोटा पार्ट भी छूट जाए तो पूरा कंसेप्ट समझने में परेशानी होती है. इसलिए स्टूडेंट्स अपने छोटे या बड़े, ज़रूरी या कम महत्व वाले संदेह ही क्यों ना हो टीचर्स से ज़रूर स्पष्ट करें और पढ़ाई में आने वाली दुविधाओं से बचें.

3. अपनी दुविधाओं को समझने में देरी नही करें अक्सर, स्टूडेंट्स संकोच करने की वजह से प्रश्नों को पूछने में देरी कर देते हैं, जिससे उन्हें समय पर संदेह का समाधान नहीं मिल पाता. स्टूडेंट्स को अपनी दुविधा जितना जल्दी हो सके अपने टीचर्स को व्यक्त कर देनी चाहिए, ताकि उनके टीचर्स उनकी समय रहते विषय समझने में सहायता कर सकें. जैसेकि, अगर स्टूडेंट्स को परीक्षा में आने वाले विषयों से जुड़े कुछ सवाल पूछने है तो स्टूडेंट्स परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले ही पूछ लें ताकि, उनके टीचर्स उन्हें सही से बता सकें और वो खुद भी परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकें. अगर स्टूडेंट्स अपने इन संदेहों को दो दिन पहले लेकर जाएंगे तो उनके टीचर्स समय की कमी की वजह से  मदद करने में असमर्थ होंगे.

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4. अपने संदेहों का एक रिकॉर्ड बना कर रखें अपने संदेहों का सही से समाधान पाने के लिए स्टूडेंट्स को एक नोटबुक या डायरी में संदेह को लिख लेना चाहिए ताकि, वो जब अपने संदेह टीचर्स से पूछने जाएं तो उन्हें समझाने में आसानी हो. इस व्यवस्थित तरीके को अपनाने से स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई में आ रही बाधाओं को दूर करने में काफ़ी आसानी रहेगी.

5. अपने सहपाठियो की भी मदद लें अगर आप ने एक-दो दिन स्कूल से छुट्टी की हो तो आप अगले दिन स्कूल आकर अपने सहपाठी से पिछले दिनों में जो कुछ भी पढ़ाया गया है उसको पूछ लें. अपना पिछला काम कवर करने के बाद जो समझ में ना आए वह अपने टीचर से ज़रूर पूछे.

6. अगर पढ़ाए हुए पर या किताब में कोई गलती महसूस हो तो अवश्य पूछें कभी-कभी हमारी किताब में कुछ गलत छप जाता है या टीचर भी पढ़ाने में गलती कर देते हैं, ऐसे में स्टूडेंट्स असमंजस में आ जाते हैं की वो अपने टीचर से पूछे या नहीं. अगर ऐसी कोई परिस्थिति आती है तो अपने टीचर से शिष्टतापूर्वक ज़रूर पूछे. इससे टीचर्स भी ऐसी बातों का ध्यान रखेंगे और बाकी स्टूडेंट्स को भी वह विषय स्पष्ट हो जाएगा.

7. अपने संदेह व्यक्त करने से आपके सच्चे प्रयास का पता चलता हैजब स्टूडेंट्स अपने संदेह टीचर्स के सामने व्यक्त करते हैं तो उनके प्रयास को सराहना मिलती है. टीचर्स हमेशा क्लास में पढ़ाने के बाद सभी स्टूडेंट्स से एक-दो बार ज़रूर पूछते है की उन्हें विषय से जुड़ा कोई संदेह तो नहीं है? और जब स्टूडेंट्स अपने संदेह को बिना किसी संकोच के पूछते हैं तो टीचर्स अवश्य ही उन्हें वह विषय को फिर से समझाते हैं.

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8. अपने संदेह पूछे और नोट्स बनाएं यह हर टॉपर स्टूडेंट की एक खास विशेषता होती है की वो कक्षा में पढ़ते समय और सेल्फ–स्टडीज़ के समय नोट्स ज़रूर बनाते हैं. ऐसा करने से उन्हें किसी भी विषय में कोई बुनियादी परेशानी नही आती. इसलिए सभी स्टूडेंट्स को इस आदत को अपनाना चाहिए और जब भी वो अपने टीचर्स से कोई संदेह स्पष्ट करें तो वह भी नोट करें ताकि उन्हें बार-बार एक ही विषय समझने के लिए सहायता की ज़रूरत ना पड़े.

9. अपने टीचर से अपने संदेह स्पष्ट करने के लिए विशेष क्लास का निवेदन करें अक्सर, ऐसा होता है की स्टूडेंट्स को क्लास में संदेह नहीं मिलते बल्कि घर पर खुद से पढ़ाई करते समय संदेह का अनुभव होता है. और कभी-कभी टीचर्स भी क्लास में समय की कमी के कारण ठीक से समझा नहीं पाते ; तो ऐसे में स्टूडेंट्स को अपने टीचर्स से अलग से विशेष क्लास देने की प्राथना करनी चाहिए जहां सभी ऐसे स्टूडेंट्स उपस्थित हो जिन्हें कुछ विषयों में समान संदेह अनुभव हो रहा है.

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निष्कर्ष: संदेहों को हमेशा अपने टीचर्स से पूछ लेना चाहिए क्यूंकि जितना आप इन संदेहों को टालते रहेंगे उतना ही आपका विषयों के बारें में बुनियादी ज्ञान कमज़ोर होता जाएगा. परीक्षाओं में अच्छे मार्क्स लाने के लिए हर कांसेप्ट का बेसिक नॉलेज होना बहुत ज़रूरी है. इसलिए स्टूडेंट्स यहां बताये गए सभी तरीको को अपनाकर पढ़ाई में आने वाले संदेहों जैसी बाधा को दूर कर सकते हैं.

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