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धन्यवाद की ताकत

विनीत टंडन
मोटिवेशनल स्पीकर

धन्यवाद शब्द में बड़ी ताकत है। यह न सिर्फ आपके जीवन में एक अंतर पैदा कर सकता है, बल्कि बिगड़े हुए रिश्तों में फिर से जान फूंक सकता है। लेकिन हममें से कितने लोग ऐसा करते हैं? विनीत टंडन बता रहे हैं कि कैसे धन्यवाद की ताकत का इस्तेमाल करियर में भी मददगार हो सकता है...

सोशल मीडिया पर कल एक शेयर्ड पोस्ट पढ़ कर मुझे क्रिस्टियानो रोनाल्डो और उसके बचपन के दोस्त अल्बर्ट फैंत्रो के बारे में एक दिलचस्प कहानी पता चली। लगभग पूरा संसार आज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को जानता है, लेकिन कोई अल्बर्ट फैंत्रो के बारे में ज्यादा नहीं जानता। कहानी यह है कि जब रोनाल्डो बचपन में फुलबॉल खेलते थे, तब खिलाड़ियों का चयन करने वाला एक दल उनके शहर आया और उसने एक चुनौती दी। चुनौती यह थी कि सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को चुना जाएगा। उस क्वालिफाइंग मैच में रोनाल्डो ने पहला गोल दागा और उसके दोस्त अल्बर्ट फैंत्रो ने दूसरा। जब अल्बर्ट तीसरा गोल दागने वाला था, तब उसने तीसरा गोल करने के लिए गेंद रोनाल्डो को पास कर दी। रोनाल्डो ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरा दोस्त कहीं न कहीं जानता था कि मैं बेहतर खिलाड़ी हूं और वह नहीं चाहता था मैं ये मौका गंवाऊं।’ यह कहा जाता है कि रोनाल्डो हमेशा इसके लिए अपने दोस्त अल्बर्ट के आभारी रहे, क्योंकि उनका करियर वहां से शुरू हुआ था। इसी को देखकर मेरे मन में विचार आया कि धन्यवाद और आभार दो सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं जो हम अपनी जिंदगी में और अपने संसार में एक अंतर लाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। शोधकर्ता आदम एम. ग्रांट और फ्रैंसस्को जिनो के एक अध्ययन के मुताबिक, एक सच्चे ‘धन्यवाद’ के फलस्वरूप पेश की जाने वाली अतिरिक्त सहायता की मात्रा में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

धन्यवाद बोलना कठिन नहीं

अक्सर जीवन में हम हमेशा उन चीजों को देखते हैं, जो हमारे पास नहीं होती या उस मदद को जो हमें नहीं मिली। शायद ही, हम उन लोगों का धन्यवाद करने और आभार जाहिर करने के लिए समय निकालते हैं, जिन्होंने हमारी जिंदगी में अंतर पैदा किया है, जिन लोगों ने हमें जिंदगी का एक सबक सिखाया है या जो हमारे चेहरे पर एक मुस्कान लाए थे, जबकि सच्ची सफलता खुश होना और अपने चारों ओर मौजूद लोगों की जिंदगी में सार्थकता को बढ़ाना है। असल में, यह बहुत कठिन कार्य नहीं है। बस, यहां कुछ तरीके बताए गए हैं जिनके द्वारा आप ‘धन्यवाद’ की ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं

दिल से जताएं आभार

जब आप किसी का धन्यवाद कर रहे हैं, तो यह दिल से कीजिए। यह मौलिक और सच्चा लगना चाहिए। यह इसलिए मत कीजिए, क्योंकि आप बदले में और सहायता पाना चाहते हैं। यह इसलिए कीजिये, क्योंकि आपको किसी का प्रयास वाकई अच्छा लगा और आप उस व्यक्ति का अपने दिल से सच्चा धन्यवाद करना चाहते हैं।

खुलकर रखें बात

जब आप किसी को धन्यवाद बोल रहे हैं, तब विस्तार से बताइए कि आप किसलिए उनका धन्यवाद कर रहे हैं। अगर आप अपने माता-पिता का धन्यवाद कर रहे हैं, तो उन्हें बताइए कि आप किसलिए उनका धन्यवाद कर रहे हैं। इसी तरह, अगर आप किसी प्रोजेक्ट पर शानदार काम के लिए अपनी टीम का धन्यवाद कर रहे हैं, तो बताइए कि प्रत्येक मेंबर ने कितना योगदान किया और उस प्रोजेक्ट के लिए एक अंतर पैदा किया। अस्पष्ट धन्यवाद से, खास तौर पर जब एक से अधिक मेंबर का धन्यवाद कर रहे हैं, तो गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और इससे बचना ही सर्वश्रेष्ठ है।

जीवनभर मिलती सराहना

जैसे रोनाल्डो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बचपन के दोस्त अल्बर्ट का धन्यवाद किया और सबको बताया कि कैसे उसका करियर शुरू करने के लिए अल्बर्ट ने बलिदान दिया था, उसी तरह आप भी यह दिखाने के लिए धन्यवाद शब्द का इस्तेमाल कीजिए कि कैसे किसी टीम मेंबर, दोस्त या घर के सदस्य ने आपकी जिंदगी में एक बड़ा अंतर पैदा करने के लिए योगदान किया है। जब आप लोगों के योगदान को स्वीकार और उनका आभार जाहिर करते और बताते हैं, तो आप जिंदगी भर के लिए उनका आदर और सराहना अर्जित करते हैं।

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