जानिये एक वर्ष की पढ़ाई के बाद किसी अन्य यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना संभव है या नहीं

कई बार ऐसा होता है कि कुछ अप्रत्याशित कारणों से स्टूडेंट्स जिस स्थान या यूनिवर्सिटी/ कॉलेज में एडमिशन लेते हैं उसमें अपनी पूरी पढ़ाई नहीं कर पाते हैं या फिर वहां से कहीं और जाकर उन्हें पढ़ाई पूरी करने की मज़बूरी होती है. ऐसे में स्वाभाविक है कि अधिकांश स्टूडेंट्स यह चाहते हैं कि जिस प्रकार स्कूल के दौरान हम जिस क्लास की पढ़ाई करके किसी दूसरे स्थान पर एडमिशन लेने जाते थें तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट दिखाकर उसी क्लास में एडमिशन मिल जाता था, उसी प्रकार कॉलेज में भी अगर हम एक या दो वर्ष की पढ़ाई किसी अन्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी से करके आयें हैं तो,हमें उसी क्लास में जिसमें अभी  हैं, एडमिशन मिल जाय. लेकिन हायर एजुकेशन में ऐसा बहुत कम संभव हो पाता है.

छात्रों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि किसी एक ही यूनिवर्सिटी द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज में आपका ट्रांसफर हो सकता है. यह बिलकुल संभव है. लेकिन एक यूनिवर्सिटी से दूसरी यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर के लिए आपको फिर से नए सिरे से पढ़ाई की शुरुआत करनी होगी. अर्थात यदि आप बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं तथा आपके यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कोई अन्य कॉलेज किसी दूसरे स्थान पर है तो अप्लिकेशन देने के बाद कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन तथा प्रिंसिपल से बात चित करके अपना ट्रांसफर बीए द्वितीय वर्ष में उस कॉलेज में कराया जा सकता है. उदाहरण के लिए वीरकुंवर सिह यूनिवर्सिटी से मान्यताप्राप्त कॉलेज आरा, बक्सर, बिक्रमगंज, सासाराम, भभुआ तथा पटना आदि सभी स्थानों पर है. यदि आप आरा के किसी ऐसे कॉलेज में पढ़ते हैं जो वीरकुंवर यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त हो तो आप अन्य जगहों जैसे सासाराम तथा पटना आदि के किसी ऐसे कॉलेज में जो वीरकुंवर सिंह यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त हो, में अपना ट्रांसफर करवा सकते हैं. मगर यदि छात्र इन स्थानों के किसी अन्य यूनिवर्सिटी जैसे मगध यूनिवर्सिटी तथा पटना यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं तो अधिकांश मामलों में उन्हें अपनी पढ़ाई की शुरुआत प्रारंभिक वर्ष से ही नए सिरे से करनी होगी.क्योंकि यह प्रक्रिया किसी अन्य यूनिवर्सिटी द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में संभव नहीं हो पाती है.

हाँ पहले वर्ष के अंक के आधार पर दूसरे यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए कोशिश किया जा सकता है लेकिन यह आपके प्रयास और कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन तथा वहां के प्रिंसिपल के विवेक और अनुकम्पा पर निर्भर करता है. इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है. लेकिन ज्यादातर मामलों में किसी अन्य यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने की इच्छा या मज़बूरी की स्थिति में आपको आपनी पढ़ाई फिर से बीए फर्स्ट ईयर से ही शुरू करनी होगी.

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