कॉलेज स्टूडेंट्स गूगल में कैसे प्राप्त करें इंटर्नशिप ?

आज का युग पूरी तरह से टेक्नोलॉजी के प्रभाव में हैं और जीवन के हर क्षेत्र में इसका उपयोग अनिवार्य-सा हो गया है इसलिये हरेक छात्र आज किसी मशहूर टेक कंपनी में काम करना चाहते है. प्रतिष्ठा, भत्ते, एक ब्रेक-थ्रू उत्पाद बनाने की संभावना जैसे कई लाभ हैं जिनकी वजह से अधिकांश लोग गूगल और फेसबुक जैसी कंपनी में काम करना चाहते हैं.

लेकिन एक छात्र के तौर पर आप कैसे ऐसा कोई काम प्राप्त कर सकते हैं? आप ऐसे किसी मशहूर संगठन में इंटर्नशिप तो कर ही सकते हैं. आख़िरकार, किसी जानी-मानी कंपनी में नौकरी प्राप्त करने से कहीं आसान तो इंटर्नशिप प्राप्त करना होता है. लेकिन गूगल जैसी किसी कंपनी में इंटर्नशिप प्राप्त करना भी कोई आसान काम नहीं है. यद्यपि, इसके लिए यह जरुरी नहीं है कि आप कोई सुपर नर्ड या गीक स्टूडेंट हों जिसकी कोई सोशल लाइफ नहीं है. वास्तव में, ऐसी किसी मशहूर कंपनी में इंटर्नशिप का ऑफर प्राप्त करने के लिए आपके पास सही कौशल होने के साथ ही कुछ सामान्य ट्रिक्स की जानकारी भी होनी चाहिये. गूगल में इंटर्नशिप प्राप्त करने के लिए हम इस आर्टिकल में कुछ बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां आपकी सहूलियत के लिए पेश कर रहे हैं:

गूगल में आपके लिए कितने प्रकार की इंटर्नशिप्स हैं?

गूगल मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस और अन्य संबद्ध फ़ील्ड्स के ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी डिग्री की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए कई टेक्निकल और प्रोडक्ट मैनेजमेंट इंटर्नशिप्स ऑफर करता है. ग्रेजुएट छात्रों में अक्सर तीसरे और चौथे वर्ष में पढ़ रहे छात्रों को वरीयता दी जाती है. अगर आप किसी अन्य फील्ड के छात्र हैं और आपको कोडिंग और अल्गोरिथम्स की काफी अच्छी जानकारी है तो भी आपको गूगल में इंटर्नशिप मिल सकती है.

गूगल दूसरे वर्ष में पढ़ रहे एमबीए के छात्रों के लिए भी समर इंटर्नशिप्स ऑफर करता है जो अक्सर 10 – 12 सप्ताह की अवधि के लिए होती हैं और कंपनी के कई कार्यों या विभागों से संबद्ध होती हैं. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आप गूगल में इंटर्नशिप के लिए अपना आवेदन जल्दी भेज दें अर्थात अक्टूबर और जनवरी के माह के बीच आप अप्लाई कर सकते हैं. फरवरी के माह में यहां ज्यादातर पद भरे जाते हैं.

इंटर्नशिप के लिए आवेदन कैसे करें ?

ऑनलाइन आवेदन: आप गूगल के इंटर्नशिप पोर्टल में सीधे अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको केवल अपना अपडेटेड रिज्यूम और एक ट्रांसक्रिप्ट ही चाहिए होंगे.

गूगल HR को ईमेल भेजें: यद्यपि यह जरा मुश्किल है लेकिन आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. गूगल HR की ईमेल आईडी किसी पूर्व इंटर्न या गूगल से संबद्ध व्यक्ति से प्राप्त करें. फिर, एक बढ़िया रिज्यूम और कवर लेटर के साथ अपने करियर गोल्स स्पष्ट करते हुए गूगल HR को सीधे अपनी इंटर्नशिप की ईमेल भेजें.

एम्पलॉयी की रेफ़रेंस: अगर हो सके तो आप किसी गूगल एम्पलॉयी को तलाश कर अपने लिए उनसे रेफ़रेंस मांग लें. चाहे वे व्यक्ति आपके दोस्त के दोस्त हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. बिना रेफ़रेंस के बजाय कोई रेफरेंस लेकर अप्लाई करना कहीं बेहतर होता है. आप फेसबुक या लिंकडीन पर भी कोई रेफ़रेंस तलाश कर सकते हैं. लेकिन, याद रखें कि इससे केवल आपको स्क्रीनिंग प्रोसेस में ही मदद मिल सकती है. उसके बाद चयन की प्रक्रिया सबके लिए एक समान है.

गूगल समर ऑफ़ कोड: वास्तव में यह गूगल में कोई इंटर्नशिप नहीं है किंतु यह गूगल द्वारा प्रायोजित एक ग्लोबल प्रोग्राम है. छात्र गूगल द्वारा पहले शॉर्टलिस्ट किये गए किसी ओपन सोर्स संगठन के मेंटर के अधीन, यहां स्वतंत्र रूप से किसी प्रोजेक्ट में काम करते हैं. इच्छुक छात्र जिस मेंटर संगठन के साथ इंटर्नशिप करना चाहते हैं, उनसे संपर्क कर सकते हैं और एक प्रोजेक्ट प्रपोजल प्रस्तुत कर सकते हैं. यह इंटर्नशिप एक वर्चुअल, घर से काम करने का अवसर प्रदान करता  है. 

आवेदन करने के बाद क्या होता है?

एक बार आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भर्ती टीमें आपके रिज्यूम और ट्रांसक्रिप्ट का मूल्यांकन करती हैं. इस प्रक्रिया में सफल होने के बाद आपको फोन पर या पूरे देश में स्थित गूगल के किसी कार्यालय में एक टेक्निकल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. अधिकतर इंटरव्यू डेटा स्ट्रक्चर और अल्गोरिथम्स के बारे में आपके ज्ञान का आकलन करने पर फोकस्ड होंगे. गूगल के कार्यों, उसके उत्पादों और सेवाओं के संबंध में आपकी जानकारी का भी टेस्ट इन इंटरव्यूज में लिया जाता है.

हायरिंग कमेटी:

हायरिंग कमेटी के सदस्य अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ आपके रिज्यूम, आपके इंटरव्यू, कवर लेटर और ट्रांसक्रिप्ट्स की समीक्षा करते हैं. यदि आप योग्य लगते हैं तो आपका विवरण और सभी जानकारी होस्ट मैचिंग पूल में रख दी जाती है.

होस्ट मैचिंग:

इस प्रक्रिया के लिए धैर्य की आवश्यकता है क्योंकि इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने का कोई तरीका नहीं है. अच्छा, क्योंकि आपको यह पता नहीं होता है कि कौन-सी टीम इंटर्न की तलाश कर रही है ? जब एक बार कोई संभावित होस्ट या इंटर्नशिप आपके आवेदन से मेल खाती है तो फिर इंटरव्यू के अगले दौर शुरू होने के साथ ही यह प्रक्रिया दुबारा शुरू होती है. ये इंटरव्यू आमतौर पर गैर-तकनीकी होते हैं. इनमें इंटरव्यूअर आमतौर पर आपसे केवल आपके बारे में ही बातचीत करते हैं जैसे, वे आपके शौक और रुचियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं ताकि उनकी टीम के लिए आपकी काबिलियत और उपयुक्तता के संबंध में सही निर्णय लिया जा सके.

गूगल समर कोड के लिए, एक बार आपका आवेदन शॉर्टलिस्ट हो जाने के बाद आप कोडिंग प्रक्रिया शुरू करने से पहले संगठन में एक माह इंटर्नशिप करते हैं. इसके बाद आप आमतौर पर 3 महीने के लिए या फिर, आपके मेंटर और आपके बीच निर्धारित अन्य किसी समयसीमा के लिए, किसी प्रोजेक्ट हेतु कोडिंग का काम करते हैं.

गूगल में संभावित कार्य क्षेत्र

प्रोडक्ट और सिस्टम्स डेवलपमेंट: इस विभाग में अधिकांश लोग जटिल ऑक्शन सिस्टम के परिष्करण और स्केलिंग के लिए कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म्स और नेटवर्क टेक्नोलॉजीज़ के निर्माण के लिए सर्च क्वालिटी में सुधार हेतु नए और अभिनव तरीकों का पता लगाने से लेकर सबसे चुनौतीपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं.

इंजीनियरिंग प्रोडक्टिविटी: इस विभाग में काम करने वाले लोग अभिनव ऑटोमेटेड टेस्ट सिस्टम्स बनाने के लिए अपने सॉफ्टवेयर डिज़ाइन्स को एनालिसिस और प्रोग्रामिंग स्किल्स के लिए इस्तेमाल करते हैं. आप केवल कंप्यूटर पर डिबग और टेस्ट नहीं करेंगे, लेकिन इंटेलीजेंट सिस्टम्स के डिजाइन और निर्माण के लिए दैनिक आधार पर कई चुनौतियों का सामना करेंगे, जो डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विभिन्न उपयोग के मामलों और परिस्थितियों का पता लगा सकते हैं.

साइट की विश्वसनीयता: इस विभाग में काम करने वाले लोग गूगल के प्रोडक्शन के तकरीबन हर पहलू में शामिल होते हैं और क्लाउड-आधारित कंप्यूटिंग के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं. इस विशेषज्ञ टीम के सदस्य ही गूगल का संचालन करते हैं, जो कोडिंग के लिए ट्रैफिक अनियमितताओं की समस्या का निवारण, अत्याधुनिक सेवाओं को बनाए रखने, नई स्वचालन अवसंरचना के निर्माण के लिए मॉनिटरिंग और अलर्ट तक प्रत्येक कार्य को कुशलतापूर्वक करते हैं.

पूर्व-गूगलर्स से टिप्स

किसी प्रोजेक्ट पर कुछ पूर्व कोडिंग अनुभव होने से आपको इंटर्नशिप मिलने के चांस बढ़ जाते हैं क्योंकि इससे आपके स्किल्स और काबिलियत के बारे में पता चलता है. इसलिये अगर आप पूर्व-गूगलर्स से कुछ टिप्स लें तो यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा.

अपने सोशल मीडिया को व्यवस्थित करें

गूगल जैसी कंपनियां अपने उम्मीदवार के बारे में काफी अच्छी तरह छान-बीन करती हैं. इसलिये आप अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को अच्छी तरह से व्यवस्थित कर लें.

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