ये टिप्स अपनाकर इंडियन स्टार्टअप में पायें इंटर्नशिप

भारत में आजकल स्टार्टअप्स का कारोबार काफी फल-फूल रहा है और ये स्टार्टअप्स अपने यहां यंग प्रोफेशनल्स को अक्सर काम पर रखते हैं क्योंकि उन्हें कम सैलरी पैकेज पर टैलेंटेड और क्वालिफाइड वर्कर्स मिल जाते हैं. ऐसे में यंग इंटर्न्स के लिए भी हमारे देश में किसी सूटेबल स्टार्टअप में इंटर्नशिप ज्वाइन करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. भले ही कॉलेज स्टूडेंट्स की ये इंटर्नशिप्स पेड हों या अनपेड, अपने कोर्स और करियर गोल से संबंधित इंटर्नशिप करना उनके लिए हमेशा काफी फायदेमंद रहता है. अगर आप अपने कॉलेज में पढ़ते समय भी कुछ टेक्निकल/ डिजिटल स्किल्स में माहिर हैं तो आपको मनचाहे स्टार्टअप में अपने लिए सूटेबल इंटर्नशिप ज्वाइन करने का अवसर आसानी से मिल सकता है. इस आर्टिकल में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए कुछ ऐसे ही टिप्स पेश किये जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर वे बड़ी आसानी से किसी स्टार्टअप कंपनी में इंटर्नशिप ज्वाइन कर सकेंगे:

स्टार्टअप में इंटर्नशिप का महत्व

भारत में आजकल कारोबार के सभी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स शुरू हो रहे हैं और वे यंग प्रोफेशनल्स को अपने यहां काम पर रखने को भी प्रेफर कर रहे हैं क्योंकि ये यंग प्रोफेशनल्स अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और ट्रेनिंग के अलावा भी अन्य कई सीट्स/ पोस्ट्स का काम अपने टैलेंट से बखूबी संभाल लेते हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स को भी इस मौके का पूरा लाभ उठाना चाहिए क्योंकि किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप करते समय आपको किसी बड़े संगठन के बनिस्पत ज्यादा कठिन ट्रेनिंग दी जाती है. इसलिये, भारत के कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप करने का प्रचलन तीव्रता से बढ़ता जा रहा है. अगर आप भी उन स्टूडेंट्स में से एक हैं तो आप किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप शुरू करने से पहले उसके संबंध में पक्ष और विपक्ष के सभी प्वाइंट्स पर अवश्य विचार कर लें ताकि आपको इंटर्नशिप ज्वाइन करने के बाद किसी किस्म की दिक्कत न हो.

स्टार्टअप बनाम ब्रांड कंपनी में इंटर्नशिप  


आपने जरुर सुना या पढ़ा होगा कि, “अगर आप यह सीखना चाहते हैं कि कंपनियां कैसे काम करती हैं ? तो कोई ब्रांड ज्वाइन करें; लेकिन अगर आप यह सीखना चाहते हैं कि किसी कंपनी को कैसे चलाते हैं तो कोई स्टार्टअप ज्वाइन करें.” यह कहावत उन स्टूडेंट्स के लिए बहुत उपयोगी सलाह है जो किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं.

अधिकतर स्टूडेंट्स किसी ऐसी कंपनी में काम करने से झिझकते हैं जिस कंपनी का कोई ब्रांड नाम नहीं होता है. लेकिन वह यह समझ ही नहीं पाते हैं कि यहां पर आपको जो अनुभव प्राप्त होता है, वह अनुभव किसी  ब्रांड कंपनी में काम करने की तुलना में कहीं अधिक मूल्यवान होता है. स्टार्टअप्स इंटर्न्स को अपना टैलेंट दिखाने का ज्यादा अवसर देते हैं जो कोई बड़ी कंपनी कभी नहीं देगी. इसका एक सीधा-सा कारण यह है कि किसी स्टार्टअप में काफी कम लोग काम करते हैं और ऐसा हो सकता है कि अकेले व्यक्ति को शायद 2-3 विभागों का काम संभालना पड़े. इसलिए, किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप ज्वाइन करके आप बहुत ही कम समय में काफी कुछ सीख सकते हैं.  

कम स्टाफ होने के कारण किसी स्टार्टअप में इंटर्न्स को तकरीबन उतनी ही जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं जो एम्पलॉयी को दी जाती हैं लेकिन किसी बड़ी कंपनी में ऐसा कभी नहीं हो सकता है. ‘किसी बड़ी कंपनी में इंटर्नशिप करते समय इंटर्न्स का काम केवल ‘कॉफ़ी – ब्रिंगर्स’ तक ही सीमित रहता है’, जैसी डरावनी कहानियां काफी हद तक सच होती हैं. जब आपकी इंटर्नशिप को किसी नौकरी के अवसर में बदलने की बात आती है तो किसी स्टार्टअप में यह अवसर किसी बड़ी कंपनी के बजाय कहीं ज्यादा होते हैं. किसी स्टार्टअप में काम करते समय आप विभिन्न विभागों में काम करने के बारे में कई आवश्यक कौशल सीख लेते हैं, यहां प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होती है और इसलिये, आप किसी स्टार्टअप में बहुमूल्य कौशल सीख लेते हैं जो  बाद में आपकी प्रोफेशनल लाइफ में काफी काम आते हैं.

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अब आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स पेश हैं जिन्हें फ़ॉलो करके आप बड़ी आसानी से किसी स्टार्टअप में 6 महीने या 1 साल की इंटर्नशिप ज्वाइन कर सकते हैं. आइये नीचे पढ़ें इन कारगर टिप्स के बारे में:

इंडियन स्टार्टअप में इंटर्नशिप पाने के कुछ कारगर टिप्स

अब क्योंकि सभी कॉलेजों ने अपने स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप्स को उनके करिकुलम का एक अनिवार्य हिस्सा बना दिया है इसलिए अब अधिकतर कॉलेज स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप ज्वाइन करने के लिए भी कड़ी प्रतियोगिता से गुजरना पड़ता है. आजकल हमारे देश में विभिन्न स्टार्टअप्स भी इंटर्न्स को रखते समय बहुत सावधानी बरतते हैं. अब आप पूछेंगे कि ऐसा क्यों है? उन्हें अपना काफी कीमती समय आपको जरुरी कौशल सिखाने और वर्क प्रोफाइल के लिए आपको तैयार करने में लगाना पड़ता है. वित्त और मैनपावर को लेकर उनके रिसोर्स सीमित होते हैं. इसलिये, वे किसी ऐसे व्यक्ति को सिखाने में काफी समय बरबाद नहीं कर सकते जो जॉब के लिए फिट न हो तो फिर, आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि आप अपने लिए किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप प्राप्त कर सकते हैं?

रिसर्च और होमवर्क है जरुरी

किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप प्राप्त करने के लिए पहला कदम है कि आप उस कंपनी के बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करके अपना होमवर्क जरुर पूरा कर लें. वह कंपनी क्या काम करती है, उनका विज़न या दर्शन, वह कंपनी कैसे बनी?....इन सब के बारे में पढ़ें और इसके साथ ही कंपनी के संस्थापकों के प्रोफाइल भी देखें. आप यह सब काम पूरी लगन और समर्पण से करें, सिर्फ इसलिये नहीं कि आपको वहां इंटर्नशिप चाहिए बल्कि इसलिये भी कि आपको यह पता करना है कि वह कंपनी आपके लिए सही स्टार्टअप है या नहीं? किसी स्टार्टअप में काम करते वक्त आपको उस स्टार्टअप के आदर्शों और विज़न को अच्छी तरह समझ कर उन्हें पूरी तरह फ़ॉलो करने का प्रयास करना चाहिए. याद रखें, कॉलेज में पढ़ते समय आपके पास इंटर्नशिप के सीमित अवसर ही होते हैं;, इसलिये समझदारी से उनका इस्तेमाल करें. आपको उस संगठन में अपनी भूमिका के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए और इस की इसकी जानकारी केवल उस कंपनी के बारे में अच्छी तरह रिसर्च करने पर ही प्राप्त हो सकती है. आप ई-मेल भेज कर भी यह जानकारी ले सकते हैं.

इंटर्नशिप के लिए करें अप्लाई

जब आप किसी स्टार्टअप के बारे में अपनी रिसर्च पूरी कर लते हैं तो आप बिना ज्यादा समय गंवाये उस स्टार्टअप में एक इंटर्न के तौर पर काम करने के लिए इंटर्नशिप एप्लीकेशन भेज दें. अपना रिज्यूम अपनी एप्लीकेशन के साथ अटैच करें और स्टार्टअप की आवश्यकताओं और कौशल के अनुसार अपने रिज्यूम को एडिट करें. अपने द्वारा की गई कंपनी रिसर्च के आधार पर, अपना रिज्यूम बनाएं जो उस स्टार्टअप के आदर्शों और विज़न से मेल खाता हो. अपने उन स्किल्स पर जोर दें जो वहां के लोगों के काम आ सकें और अगर लागू हो तो मल्टीप्ल स्किल्स का जिक्र करें. उदाहरण के लिए, अगर आप किसी स्टार्टअप एडवरटाइजिंग एजेंसी में कॉपी राइटर के पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं और आपको डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की अच्छी जानकारी है तो अपने रिज्यूम में इसके बारे में जरुर लिखें. ऐसा करने से आपको इंटर्नशिप मिलने के चांस काफी बढ़ जाएगा क्योंकि स्टार्टअप्स हमेशा कई स्किल्स रखने वाले लोगों की तलाश में रहते हैं.

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इंटर्नशिप इंटरव्यू में सफल होने के टिप्स

स्टार्टअप कंपनी में इंटरव्यू के दिन जब आप इंटरव्यू रूम में जायें तो शांत रहें और हर किस्म की चिंता और घबराहट को भूल जायें. याद रखें, आपको इंटरव्यू के लिए इसलिये बुलाया गया है क्योंकि रिक्रूटर को आपका रिज्यूम पसंद आया है तथा आप उन्हें काम के लायक लगे हैं. क्योंकि रिक्रूटर को आपका रिज्यूम पसंद आया है और आप उन्हें संबद्ध काम के लायक लगे हैं. अब, आप अपनी काबलियत पर भरोसा रखें ताकि एम्पलॉयर्स आपके काम से इम्प्रेस हो सकें. एम्पलॉयर्स को अपने विचारों और तौर-तरीकों से अवगत करायें जिनसे आप संबद्ध कंपनी में अपना योगदान दे सकते हैं. अपनी रिसर्च के आधार पर, कंपनी के किसी खास प्रोजेक्ट के बारे में बात करें और उन्हें बताएं कि आप किस तरह से टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं? यह भी आपके लिए महत्वपूर्ण है कि आप नई चीजें सीखने में पूरी रूचि दिखायें.

इसी तरह, किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करने के कुछ अन्य आवश्यक चीजें कई ‘क्या करें’ और ‘क्या नहीं करें’ भी हैं और किसी भी मूर्खतापूर्ण गलती से बचने के लिए आपको हमेशा इनका पूरा ध्यान रखना चाहिए.

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महत्वपूर्ण डूज़ और डोंट्स

यकीनन हमारे देश में भी विभिन्न स्टारअप्स के पास कम रिसोर्स होते हैं और वे हमेशा अच्छे इंटर्न्स की तलाश में रहते हैं. लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं है कि वे किसी को भी किसी भी काम पर रख लेंगे. उन्हें जिम्मेदार और समर्पित लोगों की आवश्यकता रहती है. आपको अपने एम्पलॉयर को भरोसा दिलवाना होगा कि आप अपना कार्य बखूबी कर सकते हैं और उन्हें हर कदम पर आपको गाइड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कोई भी आपसे एक्सपर्ट होने की उम्मीद नहीं रखता है लेकिन, आपको सीखने और नई शुरुआत करने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसलिये, यहां किसी स्टार्टअप में इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करते समय जरुरी कुछ महत्वपूर्ण डूज़ (क्या करें) और डोंट्स (क्या नहीं करें) दिए जा रहे हैं. ये प्वाइंट्स उस स्टार्टअप कंपनी में संबद्ध एम्पलॉयर को इम्प्रेस करने में आपकी काफी मदद करेंगे.

डूज़ (क्या करें):

1. इंटरव्यू के दिन समय से पहले पहुंचें – 
अगर आप इंटरव्यू के दिन ही किसी जगह देर से पहुंचते हैं तो यह आपकी ओर से जिम्मेदारी और समर्पण की कमी प्रकट करेगा. इससे आपके एम्पलॉयर पर आपका नेगेटिव इम्प्रैशन पड़ सकता है.

2. इनिशिएटिव लें – अगर आपको किसी बारे में नहीं पता है तो अपने अनुमान के आधार पर उत्तर देने की गलती नहीं करें. इंटरव्यूअर को इस बारे में साफ-साफ बताएं कि आपको इस कॉन्सेप्ट के बारे में पता नहीं है और आप इसके बारे में जानना चाहते हैं.

3. आत्मविश्वासी और शांत रहें – अगर आपको कोई चिंता या घबराहट हो रही है तो अपने आपको यह याद दिलाएं कि आप यहां इसलिये हैं क्योंकि आपके एम्पलॉयर आपके प्रोफाइल से प्रभावित हुए थे. आपको अब उन्हें अपने स्किल्स पर भरोसा दिलवाना है.

डोंट्स (क्या नहीं करें):

1. न पूछें ऐसे सवाल कभी – सर! इंडस्ट्री में आपकी कंपनी के बारे में ज्यादातर लोग क्यों नहीं जानते?

2. अपने स्किल सेट में कमी के लिए बहाने नहीं बनाएं – उदाहरण के लिए, यह कभी मत कहें कि, ‘”मेरे कॉलेज में यह नहीं सिखाया जाता है.” ऐसे उत्तर देने से आपकी उम्मीदवारी खतरे में पड़ सकती है.

3. न भेजें अस्पष्ट जवाब – कंपनी से प्राप्त ईमेल्स के प्रत्युत्तर में कभी भी अस्पष्ट उत्तर न भेजें. इससे ऐसा प्रतीत होगा कि आप इस अवसर में रूचि नहीं रखते हैं.

ये टिप्स आपको किसी अच्छे स्टार्टअप में सूटेबल इंटर्नशिप पाने के लिए अच्छी तैयारी करने में और आखिरकार संबद्ध इंटर्नशिप दिलवाने में मदद करेंगे. इसलिए आप इन टिप्स को बड़े गौर से पढ़कर जरुर फ़ॉलो करें. जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

 

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