IAS परीक्षा: इंटरव्यू की तैयारी हेतु 10 टिप्स

IAS इंटरव्यू भी उतना ही कठिन माना जाता है जितना की IAS मुख्य परीक्षा. दोनों में अंतर यह है की IAS इंटरव्यू का कोई सिमित syllabus नहीं होता है. दरअसल IAS मुख्य परीक्षा के समापन के बाद की अवधि उम्मीदवारों के लिए सबसे अनिश्चित होती है, क्योंकि उम्मीदवार यह तय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें आगे इंटरव्यू की तैयारी शुरू करनी चाहिए या अगले वर्ष की IAS प्रीलिम्स के लिए पढ़ाई शुरू करनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका हैं आशावादी बनें रहना और साथ ही IAS इंटरव्यू की तैयारी को शुरू करना ताकि आप बचे हुए पर्याप्त समय में IAS बनने की यात्रा के अंतिम चरण में सफलता के लिए अध्ययन से सम्बंधित सभी आवश्यक कार्य कर सकें।

पर्सनालिटी

UPSC सिविल सर्विसेज की परीक्षा में चयन प्रक्रिया के इंटरव्यू चरण को 'पर्सनालिटी टेस्ट' के रूप में भी संदर्भित किया जाता है और यह इस चरण को अच्छे से दर्शाता भी है। वास्तव में UPSC, इस प्रक्रिया में एक कदम आगे है और UPSC यह भी मानता है कि इंटरव्यू एक क्रॉस-चेकिंग का तरीका नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य उम्मीदवार के विशेष ज्ञान या उनके सामान्य ज्ञान को प्रमाणित करना है।

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इंटरव्यू चरण के माध्यम से, UPSC आपके व्यक्तिगत लक्षणों और गुणों का पता लगाने की कोशिश करता है और जांचता है कि क्या आप एक अच्छे सिविल सर्विसेज में अधिकारी बनने के लायक हैं या नहीं? IAS इंटरव्यू के दौरान, आपके द्वारा की जाने वाली प्रत्येक गतिविधि, आपके सभी मामूली शारीरिक हाव-भाव और पूछे गए सभी प्रश्नों के दिए गए उत्तर, इंटरव्यू बोर्ड की आपके पर्सनालिटी की एक झलक लेने में मदद करते हैं।

इसलिए, IAS पर्सनालिटी टेस्ट में उत्तीर्ण होने के लिए, आपको एक आकर्षक और प्रसन्नचित पर्सनालिटी को विकसित करना होगा ताकि आपमें एक इंटरव्यू के दौरान IAS अधिकारी के कर्तव्यों को पूरा करने के सभी आवश्यक लक्षण विद्यमान हो। इनमें मानसिक सतर्कता, सामाजिक आकलन, क्रिटिकल समस्याओं पर केन्द्रित अवधारणा, नैतिक अखंडता, ईमानदारी, व्यक्तिगत हितों और सामाजिक-आर्थिक जागरूकता और नेतृत्व इत्यादि के गुण सम्मिलित हैं। ये केवल कुछ कारक हैं जिन्हें आपको अपने पर्सनालिटी का हिस्सा बनाने में प्रयास करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह इंटरव्यू बोर्ड की सभी आवश्यकताओं पर खरा उतरता हो।

मानसिक सतर्कता

किसी पूर्व IAS इंटरव्यू में, एक उम्मीदवार से पूछे जाने वाले सबसे बुद्धिमान और लोकप्रिय प्रश्नों में से एक था कि इंटरव्यू हॉल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों की संख्या कितनी हैं? हालांकि यह सामान्य रूप से कुछ सुना हुआ लगता है. इंटरव्यू पैनल अक्सर छात्रों की मानसिक सतर्कता की जांच के लिए ऐसे प्रश्नों को पूछता है।

हालांकि, उपरोक्त प्रश्न सिर्फ एक उदाहरण है, लेकिन सामान्य बोध यह है कि आपको एक IAS उम्मीदवार के रूप में अपने आसपास की सभी चीजों के बारे में पता होना चाहिए और इनके बारे में मानसिक रूप से सतर्क रहना चाहिए। हालाँकि कोई भी अपने आस-पास में होने वाली हर चीज के बारे में पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं हो सकता है. लेकिन मानसिक रूप से सतर्क रहना आपकी दिनचर्या की सचेत आदत से विकसित हो सकता हैं जिससे आपको इंटरव्यू के दौरान अवश्य ही मदद मिलेगी।

ऐसा करने का एक आसान तरीका हैं - चीजों के बीच परस्पर संबंध बनाना। उदाहरण के लिए, यदि आप एक समाचार-पत्र में कोई लेख पढ़ते हैं, तो आस-पास होने वाली अन्य घटनाओं को उससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं से मिलान करने का प्रयास करें क्योंकि इनसे सम्बंधित प्रश्नों को ही आपकी मानसिक सतर्कता की जांच करने के लिए पूछा जाता हैं. इनके माध्यम से इंटरव्यूकर्ता वास्तव में आपके ज्ञान का टेस्ट नहीं करना चाहता है, बल्कि वह यह देखना चाहता हैं कि आप एक सरल सवाल का कितना बुद्धिमानी से जवाब दे सकते हैं।

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सामाजिक शिष्टाचार

एक और आसान तरीका जिससे आप IAS इंटरव्यू प्रक्रिया हेतु अपने पर्सनालिटी को निखार सकते हैं वो हैं - सामाजिक शिष्टाचार को समझना। याद रखें कि आप वरिष्ठ वर्ग, इंडियन सिविल सर्विसेज का हिस्सा बनने के लिए इंटरव्यू में उपस्थित हुए हैं और एक बार नियुक्त किए जाने पर आप भारत सरकार के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे।

इसमें सर्विसेज के दौरान, आप उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित पर्सनालिटीज से मुलाकात करेंगे। उच्च प्रोफ़ाइल वाले लोगों के इस तरह के विविध समूह से कार्यकलाप करने के लिए, आपमें सामाजिक शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता होनी अति आवश्यक हैं।

शिष्टाचार के साथ-साथ, शारीरिक हाव-भाव एक और फैक्टर है जिसे इंटरव्यू पैनल द्वारा गहराई से मॉनिटर किया जाता हैं। सरल फैक्टर्स जैसे कि आप इंटरव्यू पैनल को कैसे नमस्कार करते हैं, आपका पारस्परिक संबंधों में कौशल और नेतृत्व के गुण इत्यादि आपको इस पहलू में अच्छी तरह से स्कोर करने में मदद करेंगे।

सुनने का कौशल

जैसा कि UPSC द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है सिविल सर्विसेज परीक्षा हेतु इंटरव्यू प्रक्रिया, उम्मीदवार के स्किल-सेट या उनके ज्ञान की ही परीक्षा नहीं है बल्कि यह एक पर्सनालिटी टेस्ट है। हालांकि कई उम्मीदवार इंटरव्यू के दौरान, प्रश्न को बिना सुने या समझें हैं कि क्या पूछा जा रहा है उत्साह में या घबराहट में प्रश्नों का उत्तर देते हैं।

इसके अलावा, कठोर और घमंडी उम्मीदवार,  किसी प्रश्न को पूरा सुने बगैर ही इंटरव्यूर के बोलने के बीच में ही उत्तर देने का प्रयास करते हैं इससे उम्मीदवार अपने पूर्व अनुमानित विचारों के अनुसार ही जवाब देता है। अधिकांश मामलों में, इंटरव्यू पैनल द्वारा किए गए प्रश्नों में ही प्रत्यक्ष संकेत या इशारे होंगे कि आपको अपने उत्तरों को कैसे समेकित करना चाहिए?

इसलिए, अपने पर्सनालिटी में सुनने के कौशल को बढ़ाना बहुत महत्वपूर्ण है। इंटरव्यू के अलावा, एक अच्छा श्रोता होने पर, एक IAS अधिकारी के रूप में आपको लोगो द्वारा उठायी गयी समस्याओं को सुनने और संबोधित करने में आपको लंबे समय तक मदद भी मिलेगी।

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लॉजिकल और टार्गेटेड उत्तर

यह बिंदु सीधे उन उम्मीदवारों से संबंधित है जिन पर हम चर्चा कर रहे थे। हमें लगता है कि अधिकाँश IAS उम्मीदवारों को यह समझने की जरूरत है कि सिविल सर्विसेज परीक्षा आपकी विशेषताओं का टेस्ट नहीं करती है और यही धारणा इंटरव्यू फेज में भी लागू होती है।

दूसरे शब्दों में, किसी विशेष प्रश्न के माध्यम से, इंटरव्यू पैनल न केवल किसी विशेष क्षेत्र में आपके ज्ञान की गहराई का आकलन करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि सीमित ज्ञान के साथ भी आप इसका उत्तर कैसे दे सकते हैं? इस बात का भी आंकलन करता हैं. IAS अधिकारियों को अक्सर विभिन्न प्रकार की समस्याओं, मुद्दों और विषयों से निपटना पड़ता है और जिसके लिए जरूरी नहीं कि आपके पास इन समस्याओं के लिए खाली समय हो लेकिन फिर भी आपको उन्हें हल करना होगा।

एक तरीका जिससे आप इन समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल कर सकते हैं वह हैं- इन समस्याओं के लिए लॉजिकल और टार्गेटेड उत्तरों की पेशकश करना, जिसके लिए आपको विषय की गहन जानकारी की कोई आवश्यकता नहीं होती है बल्कि समस्या की सामान्य समझ ही पर्याप्त है। इसलिए, IAS इंटरव्यू की तैयारी करते समय, आपको उन उत्तरों पर ध्यान देना चाहिए जो आपके सामने पेश की जाने वाली समस्याओं के व्यावहारिक और आसानी से प्राप्त किये जाने योग्य समाधानों का ध्येय रखते हैं।

कर्रेंट अफेयर्स

यदि आपने सोचा है कि IAS मुख्य परीक्षा के बाद समाचार पत्र और पत्रिकाओं के साथ आपका अभ्यास खत्म हो जायेगा तो आप इस पर फिर से सोचें क्योंकि UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा में इंटरव्यू सहित सभी चरणों में, कर्रेंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य बहुत अधिक महत्व रखता है।

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इसके पीछे का मुख्य कारण उम्मीदवारों में उनके आसपास की नवीनतम घटनाओं चाहे वह सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक क्षेत्रों की हो, के साथ परिचित होने की आदत को विकसित करने में मदद करना है.  इंटरव्यू चरण के दौरान, उम्मीदवारों को पहले से ही कर्रेंट अफेयर्स पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, क्योंकि इंटरव्यू पैनल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होते हैं और उनके लिए आम मुद्दा हमेशा कर्रेंट अफेयर्स में से ही होता हैं जो उनके संबंधित विषयों को प्रभावित करते हैं।

बुद्धिमत्ता से वार्तालाप

'पर्सनालिटी टेस्ट' की थीम को आगे ले जाते हुए, IAS इंटरव्यू प्रक्रिया वास्तव में एक इंटरव्यू नहीं है बल्कि इसमें आपको इंटरव्यू पैनल के साथ विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ उनसे होशियारी से बातचीत करना भी होता है। हाँ, यह ठीक हैं कि इंटरव्यू को केवल एक वार्तालाप के रूप में देखना थोडा अरूढ़ीवादी लग सकता हैं. लेकिन पिछले IAS टॉपर्स ने अक्सर इसी भावना को दोहराया है। वास्तव में, यदि आप UPSC वेबसाइट पर इस लिंक पर जाते हैं, तो आप पाएंगे कि इंटरव्यू चरण को 'सप्रयोजन वार्तालाप' भी कहा जाता है जिसका उद्देश्य उम्मीदवार के मानसिक गुणों को प्रकट करना है।

अब यह सवाल उठता है, आप इसके लिए कैसे तैयारी कर सकते हैं? इसका सरल जवाब हैं अपने साथियों, सलाहकारों, वरिष्ठों और शिक्षकों के साथ बातचीत करके। अपने मित्रों और सलाहकारों के साथ बौद्धिक रूप से उत्तेजनात्मक बातचीत करने से आपको विभिन्न विषयों पर विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारों को आत्मसात करने में मदद मिलेगी और एक लॉजिकल व आकर्षक तरीके में उत्तर के प्रवाह की तैयारी में भी आपको सहायता मिलेगी।

सामाजिक-आर्थिक मुद्दे

कर्रेंट अफेयर्स के बाद, IAS इंटरव्यू के दौरान बातचीत का दूसरे सबसे महत्वपूर्ण विषय है- सामाजिक व आर्थिक मुद्दे। इसके पीछे का कारण है कि सरकारी सिस्टम में एक नौकरशाह के रूप में आपको इन मुद्दों को हल करने का कार्य दिया जायेगा। इसलिए, इन मुद्दों पर आपके स्टैंड, राय और कुछ मामलों में संभावित समाधान, जिन्हें आपको ऐसे मुद्दों के लिए पेश करना है, इंटरव्यू पैनल के लिए जानना और समझना बहुत महत्वपूर्ण है।

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भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए, इन सामाजिक मुद्दों में, गरीबी और भ्रष्टाचार से लेकर कुछ तकनीकी विकास जैसे कि भारत में घरेलू क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का विकास इत्यादि कुछ प्रासंगिक टॉपिक्स हो सकते है। इसलिए इन मुद्दों के लिए बुनियादी आधार बनाना और उन पर आपकी व्यक्तिगत राय होना बहुत महत्वपूर्ण है।

व्यक्तिगत अनुभव

जब इंटरव्यू चरण की बात आती है तो व्यक्तिगत अनुभव उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह किसी के द्वारा सही कहा गया है कि हमारा ज्ञान लाखों छोटे-छोटे अनुभवों को मिलाकर बना होता हैं। इसलिए, जब IAS पर्सनालिटी टेस्ट की बात आती है, तो आपके व्यक्तिगत अनुभव आपको बहुत मदद कर सकते हैं। इंटरव्यू पैनल (तकनीकी लोगों को छोड़कर) द्वारा उठाए गए अधिकांश प्रश्न विभिन्न क्षेत्रों में एक देश के रूप में भारत के सामने आने वाली सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं से संबंधित होंगे।

यह मानते हुए कि आप भी इसी भारत का हिस्सा हैं और इसमें रह रहे हैं. इसका मतलब है कि इन मुद्दों के संबंध में आपके पास साझा करने के लिए कुछ विशेष अनुभव अवश्य होंगे। इंटरव्यू पैनल द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न को व्यक्तिगत रंग देना, आपको ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करता है जो वास्तव में उन समस्याओं से संबंधित है जिनसे हमारा देश सामना कर रहा हैं और उन्हें आप हल करने के लिए प्रतिबद्ध भी है। चाहे भारतीय रेलवे कोच की दयनीय स्थिति हो या राजकोषीय घाटे में बढोत्तरी हो; आपको अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर इन सवालों के जवाब देने का प्रयास करना चाहिए।

ईमानदारी और अखंडता

IAS इंटरव्यू में आपके प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारको में से एक हैं- ईमानदारी और अखंडता. जिनके साथ आप उन प्रश्नों का उत्तर देते हैं जिन्हें आप के सामने पेश किया जा रहा है। पूछे गए प्रश्नों का समाधान करने के बजाय, आपको उनके विषयों पर विचार करना चाहिए जिन पर इंटरव्यू पैनल आपकी राय मांग रहा है। आपकी राय जितनी अधिक ईमानदार होगी, उतनी ही बेहतर संभावना आपके चुने जाने की होगी। याद रखें कि भारतीय नौकरशाही पर एक भ्रष्ट एजेंसी होने का आरोप लगाया जाता रहा है और इंटरव्यू पैनलिस्टों को इस श्रेणी में एक और बेईमान अधिकारी जोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

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निष्कर्ष:

IAS उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इंटरव्यू पैनल में वर्षों के अनुभवी विशेषज्ञों का समावेश होता है जिन्होंने अपनी सर्विस के दौरान सभी परिस्तिथियों को देखा हुआ हैं. वे यह बहुत आसानी से बता सकते हैं कि कब आप एक मुश्किल सवाल के दौरान ब्लफ करने की कोशिश कर रहे हैं या कब आधे मन से उस प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास कर रहे हैं जिसके बारे में आपके पास कोई जानकारी नहीं है।

इसलिए, इंटरव्यू के दौरान आप जो कुछ भी कहते हैं और करते हैं, उसमें अपनी मूल विचार प्रक्रिया और अपनी सच्चाई को प्रदर्शित करने का प्रयास करें और फिर प्रश्नों का उत्तर दें. पैनलिस्टों को संबोधित करते रहें या किसी चीज़ के बारे में अपनी राय का साझा करें।

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