IAS की तैयारी शुरू करने के लिए सही उम्र

“IAS की तैयारी शुरू करने के लिए सही उम्र क्या होनी चाहिए”- यह प्रश्न सिविल सेवा अधिकरी बनने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के मन में उत्पन्न होने वाली अहम प्रश्नों में से एक है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान में, सिविल सेवा IAS परीक्षा में उपस्थित होने के लिए न्यूनतम आयु के मानदंड को 21 वर्ष के रूप में निर्धारित किया गया है जिसे समय-समय पर UPSC द्वारा बदलाव किया जाता है।

आम तौर पर कई बच्चे छोटी उम्र में अपने आस-पास या फिर किसी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित किसी कार्यक्रम में IAS तथा IPS अधिकारियों को देखकर अपने मन में ठीक वैसे हीं अधिकारी बनने का सपना देखने लगते हैं। एक IAS तथा IPS अधिकारी की शक्तियों तथा समाज से मिल रहे अथाह सम्मान को देखकर बच्चों के मन में ऐसी कल्पनाओं का विस्तार होना स्वाभाविक है। अपने आस-पास की अच्छी चीजों तथा अच्छे लोगों से प्रेरित होकर अपने जीवन में उतारना एक प्रगतिशील समाज का एक अच्छे उदाहरण के रुप में देखा जा सकता है। लेकिन यह भी सच है कि ऐसे सपने देखने वाले बच्चों में ज्यादतर बच्चों को इस बात का ज्ञान नहीं हो पाता है कि वह अपने सपने को किस उम्र में पूरा करे। इनमें से कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनकी उम्र इस सामान्य प्रश्न का उत्तर ढूँढ़ने में हीं बीत जाती है और वह इस अवसर से वंचित रह जाते हैं और फिर कुछ ऐसे भी हैं जो सही वक्त पर अपने सपने को साकार करने में जुट जाते हैं तथा सफलता इनके हाथ लग जाती है।

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कई IAS टॉपरों ने यह खुलासा किया है कि IAS अफसर बनना उनके बचपन का सपना था और बचपन से ही अपने सपने को साकार करने में कड़ी मेहनत करते रहे। कई IAS टॉपरों में से कुछ टॉपर्स ऐसे हैं जो स्कूली शिक्षा के दौर से ही स्कूली शिक्षा IAS परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे जबकि कुछ IAS टॉपर्स उच्च माध्यमिक शिक्षा और स्नातक की पढ़ाई के उपरांत IAS परीक्षा की तैयारी करना आरंभ किया। इसलिए छात्रों के लिए यह जानना बेहद जरुरी है कि IAS परीक्षा की तैयारी शुरु करने के लिए अनुकूल उम्र क्या होनी चाहिए जिससे कम से कम प्रयासों में सफलता मिल जाए।

यहां, हम IAS परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए आदर्श उम्र के बारे में चर्चा करेंगे।

16 साल की उम्र से

कई परिवार ऐसे हैं जिसमें कई सिविल सेवा अधिकारी होते हैं, अक्सर ऐसे परिवार के बच्चे परिवार के बड़े सदस्यों की तरह सिविल सेवक बनने के लिए प्रेरित होते हैं। ऐसे परीवार में बच्चे कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद IAS परीक्षा की तैयारी शुरू कर देते हैं। कक्षा 10 वीं बोर्ड की परीक्षा करने के लिए 16 वर्ष की अयु आदर्श मानी जाती है। ऐसे छात्रों के लिए IAS परीक्षा की चयन प्रक्रिया को समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है और इनके पास IAS या IPS अधिकारी बनने के लिए आवश्यक बुनियादी आवश्यकताओं के साथ-साथ अनुकूल परिस्थितियां भी मौजूद रहती हैं। कम आयु से हीं IAS परीक्षा की तैयारी में जुट जाने से IAS परीक्षा के लिए बुनियादी नींव को तैयार करने के क्रम में वह एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं जो कि UPSC IAS परीक्षा का आधार माना जाता है। लेकिन यह भी सच है कि एक छात्र जिन्हें स्कूली शिक्षा के दौरान विभिन्न गतिविधियों में भी शामिल होना चाहिए जो कि उनके चौमुखी विकास के लिए एक कारक के रूप में माना जाता है। कम उम्र से हीं IAS परीक्षा की तैयारी करने से एक छात्र के लिए किसी अन्य गतिविधियों में शामिल हो पाना कठिन हो सकता है जो कि उनके मानसिक विकास के लिए अवरोध उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा यह भी संभावनाएं बनी रहती है कि छात्र UPSC IAS परीक्षा के लिए जिस पैटर्न को कम उम्र से हीं समझते आए हैं भविष्य में जब उन्हें परीक्षा में शामिल होने का समच आता है कहीं उस पैटर्न में कोई बदलाव ना आ जाए। ऐसे किसी बदलाव से ऐसे छात्रों को UPSC IAS परीक्षा के शुरुआती प्रयासों में असफलता मिलने की भी संभावनाएं रहती हैं जो कि उनके हताश होने का कारण बन सकता है।

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18 साल की उम्र से

कुछ छात्र 18 साल की उम्र से हीं सिविल सेवा IAS परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लेते हैं। उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए 18 साल की उम्र आदर्श मानी जाती है। उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र स्नातक की पढ़ाई के कॉलेज में दाखिला लेते हैं। स्नातक की पढ़ाई कर रहे छात्रों को एक सुनहरा अवसर मिलता है कि वह IAS परीक्षा को ध्यान में रखकर स्नातकीय-विषयों का चयन कर सके और इसका लाभ उन्हें IAS मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय के चयन करते समय भी मिलेगा। IAS परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों के आंकड़ों का अगर विश्लेषण किया जाए तो पता चलेगा कि IAS परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों का एक भारी जमात IAS परीक्षा की तैयारी 18 साल की उम्र से ही शुरु कर चुके थे। तीन या चार वर्षों में स्नातक की पढ़ाई  पूरी करने के बाद, 21 वर्ष या 22 वर्ष की उम्र में IAS उम्मीदवार UPSC IAS परीक्षा में उपस्थित हो सकते हैं। एक बड़ी संभावना यह भी है कि एक IAS उम्मीदवार 21 या 22 सालम में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने बाद IAS परीक्षा में अपनी पहली प्रयास में सफलता पा सकते हैं पर यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह स्नातक की पढ़ाई के दौरान IAS परीक्षा की पाठ्यक्रम को कितनी गंभीर तरीक़े से कवर करने की कोशिश की है।

21 वर्ष की उम्र से

कई छात्र 21 या 22 वर्ष की आयु में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद IAS परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लेते हैं। IAS परीक्षा में शामिल होने के लिए एक छात्र के पास कम-से-कम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात छात्रों के पास काफी समय होता है जो कि वह अपना पूरा समय IAS परीक्षा की तैयारी में समर्पित कर सकते हैं। IAS टॉपरों में कई ऐसे टॉपर्स मिलेंगे जो कि 21 या 22 वर्ष की आयु में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद IAS परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया था। कई छात्र ऐसे भी हैं जो स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के साथ-साथ IAS परीक्षा की तैयारी में अपना ध्यान केन्द्रित करते हैं।

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निष्कर्ष

IAS परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए कोई विशेष या आदर्श उम्र की जरुरत नहीं होती है लेकिन IAS टॉपर्स की सफलता दर का विश्लेषण करने के बाद हम यह कह सकते है कि एक IAS उम्मीदवार को 21 या 22 साल की उम्र में स्नातक की पढ़ई पूरी करने के बाद IAS परीक्ष की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। कई ऐसे भी IAS टॉपर्स हैं जिन्होंने 25 वर्ष या फिर 25 वर्ष के बाद IAS परीक्षा की तैयारी शुरु करने के बावजूद IAS परीक्षा में सफलता पाई है। ऐसे उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा मानदंडों को ध्यान में रखकर तथा UPSC IAS परीक्षा के विशाल पाठ्यक्रम को कम-से-कम समय में कवर करने की क्षमता रखनी चाहिए।

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