किशोरावस्था में कोचिंग का महत्त्व

किशोरों को प्रेरणा देने वाले कोच रजत सोनी की जागरण जोश से बातचीत

इंटरव्यू का सार:-

उनकी किशोरों के कोच बनाने की प्रेरणा

रजत अपनी जिंदगी के अधिकाँश समय में शिक्षा, ट्रेनिंग तथा कोचिंग के क्षेत्र में उद्यमी रहे हैं. अपने बचपन में वह एक अंतर्मुखी तथा शर्मीले स्वाभाव के थे. लेकिन अपनी आतंरिक शक्ति के बल पर वह अपने डरों को ख़त्म करते हुए आगे बढ़ते गए. अब  उनको किशोरों की मदद करने तथा दिशा निर्देशन करते हुए बहुत शांति और शांति मिलती है. वह किशोरों को शर्मीलेपन, सामाजिक चिंता, सीखने में दिक्कत, तथा अन्य समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं जो उन्हें आगे बढ़ने में रुकावट पैदा करती हैं.

किशोरों को कोचिंग देने का महत्त्व

बिल गेट्स ने कहा है “ हर किसी को एक कोच की जरुरत होती है”.भले वो कोई किशोर हो, खिलाड़ी हो या किसी फर्म का CXOहो. किशोरावस्था किसी बच्चे के रचनात्मक दिन होते हैं जब वो बाहर की दुनिया के साथ, नई  परिस्थितियों के साथ जुड़ रहा होता है. इसके अलावा, इन्ही दिनों में वह हार्मोनल बदलाव के साथ अन्य चुनौतियों के दौर से भी गुजर रहा होता है. यह वह वक़्त है जब एक किशोर बहुत उलझनों के दौर से गुजर रहा होता है जिन्हें  सुलझाने की जरुरत होती है.

यह उनको अपने विचारों को एक ढांचा देने में मदद करता था तथा उनकी सोच को तार्किक बनाता है. इसीलिए किशोरावस्था में कोचिंग की जरुरत पड़ती है. इसका मुख्य उद्देश्य किशोरों को जहां पर वे हैं वह से आगे बढ़ने में मदद करना है. यह किशोरों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनको पूरा करने में भी मदद करती है. यह किशोरों को उनके लिए  महत्व्पूर्ण चीजों में काम करने को प्रोत्साहित करती है. यह एक कर्म-केन्द्रित गतिविधि है इसी की वजह से किशोर इसे पसंद भी करते हैं.

रजत स्कूल तथा कॉलेज छात्रों के लिए जीवन- कौशल से समबन्धित बहुत सारे विडियोज में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं.

एक्सपर्ट के बारे में

रजत सोनी किशोरों को प्रेरित करने वाले कोच तथा रजत सोनी इंटरनेशनल संगठन के संस्थापक हैं जो किशोरों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में काम करता है. वह किशोरों को शर्म, सामाजिक चिंता, सीखने की दिक्कतों तथा अन्य कही समस्याओं से लड़ने में मदद करते हैं ताकि वह अपनी समस्त काबिलियतों पर भरोसा कर सकें.

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