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खुद को करें तैयार

किसी कैंडिडेट को नौकरी पर रखने से पहले कंपनियां अब सिर्फ क्वालिफिकेशन पर ही नहीं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स पर काफी जोर दे रही हैं। कैसे बढ़ें इस राह पर और आने वाले दिनों में किन-किन क्षेत्रों में ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं, बता रही हैं एसआरएल (लि.) की चीफ पीपल ऑफिसर देबजानी रॉय...

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इन दिनों लगभग सभी कंपनियां नौकरी पर रखने से पहले कैंडिडेट्स में कई गुणों को परखती हैं, जैसे-पॉजिटिव एटीट्यूड (सकारात्मक नजरिया), क्रिएटिव एवं लैटरल थिंकिंग (रचनात्मक सोच), कम्युनिकेशन स्किल (संवाद कौशल), क्विक कॉम्प्रिहेंशन एबिलिटी (किसी चीज को तुरंत समझने की क्षमता), टास्क ओरिएंटेशन (काम पूरा करने पर ध्यान), अडेप्टिबिलिटी/फ्लेक्सिबिलिटी (अनुकूलन/ या परिस्थितियों के अनुसार अपने आप में बदलाव लाने की क्षमता), ग्रिट ऐंड एटीट्यूड (धैर्य और दृष्टिकोण), रिसोर्सफुलनेस (संसाधनों का इस्तेमाल करने की क्षमता), इम्पैथी (समानुभूति)इत्यादि।

नौकरी पाना चैलेंजिंग

आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में नौकरी पाना बहुत मुश्किल है। क्योंकि हर समय नियोक्ताओं के पास इतने सारे आवेदन आते हैं कि उन्हें बहुत सोच-समझ कर अपने लिए सही उम्मीदवार चुनना होता है। इसलिए नौकरी पाने के लिए आपको सक्रिय और कुशल होना होगा। नए दौर के अनुसार नई स्किल्स सीखने पर ध्यान देना चाहिए। आपको अपना नेटवर्किंग और सोशल सर्किल बढ़ाना आना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें। रिवर्स लिंक्डइन सर्च करते रहें। कुल मिलाकर, आज के प्रतिस्पर्धी दौर में नौकरी पाने के लिए सिर्फ कौशल और दक्षता ही पर्याप्त नहीं है। भावी कर्मचारी में होशियारी भी होनी चाहिए कि वह बाजार को समझ सके और उसके अनुसार अपना दृष्टिकोण तैयार करे।

सीखते रहें नए कौशल

आज की पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए कई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। एक तो अपनी जमीन से जुड़े रहिए, बुनियादी और ठोस जानकारी पाने की कोशिश करिए, क्योंकि कामयाबी पाने के लिए कभी शॉर्ट-कट्स नहीं होते। हर संभव अपने आप को ऊंचाई तक ले जाने की कोशिश करें, न कि दूसरों से तुलना करें। खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए अपने करियर में नए-नए कौशल हासिल करने की कोशिश करते रहें। सबसे जरूरी बात कि अपने आसपास के सभी लोगों के साथ इम्पैथी यानी समानुभूति रखिए।

नए कोर्सेज की मांग

आज हम बहुत अच्छे दौर में जी रहे हैं। वे दिन बीत गए, जब डॉक्टरी और इंजीनियरिंग ही सबसे लोकप्रिय पेशे माने जाते थे और देश के सभी छात्र इन्हीं दो क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते थे। आज के समय में युवाओं को सिर्फ नौ से पांच की नौकरी नहीं चाहिए। वे पारंपरिक दायरे से बाहर जाकर कुछ नया, कुछ अलग करना चाहते हैं। आज भारतीय एवं विदेशी विश्वविद्यालय करियर के बहुत सारे अच्छे विकल्प पेश कर रहे हैं, जो युवाओं को सुकून के साथ अच्छा वेतन भी देते हैं। साल 2020 तक इस तरह के कोर्सेज और ज्यादा प्रासंगिक होने वाले हैं। खासकर इनमें फूड फ्लेवरिस्ट, वेटेरिनेरियन, डाटा साइंटिस्ट, एथिकल हैकर, फाइनेंशियल एनालिस्ट, क्लीनिकल थेरेपिस्ट, एनवॉयर्नमेंटलिस्ट, बायो-मेडिकल इंजीनियर, एप्लिकेशन डेवलपर जैसे क्षेत्रों की सबसे अधिक लोकप्रियता होगी।

मेडिकल सेक्टर में नौकरी

मेडिकल सेक्टर में नौकरी पाने के लिए बायोमेडिकलसाइंस,बायोकेमिस्ट्री,माइक्रो बायोलॉजी,मॉलीक्यूलर बायोलॉजी, जेनेटिक्स, क्नीनिकल केमिस्ट्री तथा डायग्नॉस्टिक्स में स्पेशलाइजेशन करके आ सकते हैं। इसके अलावा, फार्मेसी, एमबीबीएस और इसके बाद बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, हीमेटोलॉजी, मॉलीक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स या क्लीनिकल मेडिसिन में स्पेशलाइजेशन करके भी करियर बनाया जा सकता है। रेडियोलॉजी के लिए रेडियोग्राफी में स्पेशलाइजेशन या मेडिकल इमेजिंग में स्पेशलाइजेशन करना होगा।

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