भारत में टीचर ट्रेनिंग का महत्व: ट्रेंड टीचर्स हैं राष्ट्र निर्माता

सदियों से भारत में बच्चों की शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए गुरुकुल व्यवस्था प्रचलित थी अर्थात 5 – 7 वर्ष से ही बालक अपने घर-परिवार से दूर किसी ऋषि के आश्रम या गुरुकुल में शिक्षा लेने के लिए चले जाते थे और कुछ वर्षों तक गुरुकुल में रहकर वे शिष्य या छात्र जीवनोपयोगी कई विषय जैसेकि युद्धकला, आयुर्वेद, संगीत, नृत्य, राजनीति, अर्थशास्त्र आदि सीखते थे. फिर, बदलते समय के साथ-साथ भारत में शिक्षा का स्वरुप भी बदला और मुग़ल काल में भारत में मदरसे और मंदिर आदि शिक्षा के गढ़ बन गए थे. ब्रिटिश काल में ही भारत में प्राइमरी, मिडिल, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी लेवल पर स्कूली शिक्षा और कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी लेवल पर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एजुकेशनल रिसर्च वर्क और पीएचडी डिग्री  आदि का ब्रिटिश एजुकेशनल पैटर्न अपना लिया गया तथा प्राचीन गुरुकुलों का स्थान अब मॉडर्न कॉलेज/ यूनिवर्सिटी हॉस्टल्स ने ले लिया. बीतते समय के साथ-साथ आजकल मॉडर्न इंडिया में एजुकेशनल पैटर्न काफी बदल चुका है जैसेकि अब हायर एजुकेशन के लिए ट्रेंड टीचर्स को रिक्रूट करना अब एक महत्वपूर्ण अनिवार्यता बन चुकी है जिसका पालन भारत के सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स पूरी तरह कर रहे हैं. आखिर ऐसा क्यों है? इसके अनेक कारण हैं जैसेकि:   

भारत में टीचर ट्रेनिंग एजुकेशन का लगातार बढ़ता महत्व

अब हमारे मन में अक्सर यह प्रश्न उठता है कि टीचर तो अक्सर अच्छा ही पढ़ाते हैं तो फिर, आजादी के बाद जल्दी ही नए भारत के सतत निर्माण के लिए हमारे देश में प्राइमरी लेवल से हायर एजुकेशन तक आखिर ट्रेंड टीचर्स की आवश्यकता क्यों महसूस होने लगी?. दरअसल, इस तथ्य से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि किसी भी पेशे में पेशेवर ट्रेनिंग हासिल करने के बाद ट्रेंड व्यक्ति अपने काम में ज्यादा माहिर हो जाता है. सदियों से भारत में सुनार, लुहार, बढ़ई, किसान, नाई, दर्जी और वैध के खानदानी पेशे थे अर्थात चाहे ये पेशेवर किसी स्कूल, कॉलेज में पढ़ें या नहीं पर अपना पेशा और पेशेवर ट्रेनिंग इन पेशेवरों को अपने परिवार से विरासत में हासिल हो जाते थे. लेकिन बदलते समय के साथ लोगों ने अपना खानदानी पेशा छोड़ कर अपनी पसंद के अन्य पेशे और करियर अपनाने शुरू कर दिए.....और इस तरह पेशेवर ट्रेनिंग की जबरदस्त आवश्यकता महसूस होने लगी. आइये आगे पढ़ें कि आखिर हमारे देश में अब एक कामयाब टीचर बनने के लिए टीचर एजुकेशन और टीचर ट्रेनिंग पहली शर्त क्यों बन चुकी है?.....यहां पेश हैं कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स:

टीचर डे स्पेशल: कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाकर पायें बेहतरीन सैलरी के साथ रिस्पेक्ट भी

ट्रेंड टीचर्स को मिलते हैं ये फायदे

जी हां! यह बिलकुल सच है कि अब हमारे देश में सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स केवल ट्रेंड टीचर्स को ही रिक्रूट करते हैं. लेकिन यह भी काफी महत्वपूर्ण फैक्ट है कि ट्रेंड टीचर्स को किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से टीचर ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने पर अनेक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फायदे मिलते हैं जैसेकि:

भारत में इस साल से इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स करके बनें टीचर, मेंटर या कोच

भारत में प्रमुख टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

हमारे देश में आमतौर पर सभी टीचर ट्रेनिंग डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास पास की हो. इसी तरह, अगर स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल के डिग्री कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो उन्होंने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से संबद्ध टीचिंग सब्जेक्ट में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो.

भारत में प्रमुख टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज

हमारे देश में प्राइमरी लेवल से हायर एजुकेशनल लेवल पर टीचर ट्रेनिंग के लिए विभिन्न कोर्सेज करवाए जाते हैं जैसेकि:

भारत में टॉप टीचर ट्रेनिंग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स

इस साल की रैंकिंग के मुताबिक हमारे देश के टॉप टीचर ट्रेनिंग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स की एक लिस्ट निम्नलिखित है:

भारत में ट्रेंड टीचर्स को मिलता है ये सैलरी पैकेज

आजकल हमारे देश में सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स में क्वालिफाइड, ट्रेंड, टैलेंटेड और एक्सपीरियंस्ड टीचर्स को काफी बढ़िया सैलरी पैकेज मिलता है. देश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तो प्राइमरी, मिडिल, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी क्लासेज के टीचर्स को सरकार द्वारा निर्धारित ग्रेड वेतन मिलता ही है, नामी और बढ़िया प्राइवेट स्कूल्स भी आमतौर पर शुरू में जूनियर टीचर्स को एवरेज 25 – 30 हजार रुपये मासिक वेतन और सीनियर टीचर्स को एवरेज 50 – 60 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ अन्य कई लाभ भी देते हैं. इसी तरह, भारत के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में भी लेक्चरर्स को एवरेज 60 – 70 हजार रुपये और प्रोफेसर्स को एवरेज 80 हजार – 1 लाख रुपये या उससे अधिक मासिक वेतन मिलता है.

इन करियर ऑप्शन्स से मिलेगी शानदार नौकरी

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

Related Categories

NEXT STORY