CBSE 10th हिंदी (A) बोर्ड परीक्षा 2020: कृतिका पुस्तक के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

 CBSE क्लास 10th की हिंदी बोर्ड परीक्षा 29 फरवरी 2020 को होने जा रही है। इस समय सभी विद्यार्थी अपने नोट्स दोहराने में बिजी है। आपकी रिविज़न में मदद के लिए हमने इस लेख में हिंदी कोर्स A की “कृतिका” पुस्तक के हर पाठ से important क्वेश्चन और उनके आंसर दिए है।

 Chapter 1 - माता का आँचल

प्रश्न 1 आपके विचार से भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है?

उत्तर: गुरू जी द्वारा गुस्सा करने पर भोलानाथ अपने पिता की गोद में रोने − बिलखने लगता है परन्तु अपने मित्रों को मजा करते देख वह स्वयं को रोक नहीं पाता। उसे अपने मित्रों के साथ तरह−तरह के खेल खेलना अच्छा लगता है। इसलिए रोना भुलकर वह दुबारा अपनी मित्र मंडली में खेल का मजा उठाने लगता है।

प्रश्न 2 माता का आँचल पाठ में ग्रामीण परिवेश का चित्रण किया गया है। आप ग्रामीण जीवन और शहरी जीवन एं क्या अंतर पाते हैं?

उत्तर: माता का आँचल पाठ में लेखक ने ग्रामीण परिवार का चित्रण करते हुए वहाँ की जीवनशैली का उल्लेख किया है। जहा लोगो में आत्मीयता की भावना है और लोग प्रकृति के करीब हैं। इसके विपरीत शहरों के लोग एकल जीवन व्यापन करने की प्रवृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उनमे आत्मीयता की कमी है।

प्रश्न 3 माता का आँचल पाठ में भोलानाथ द्वारा चूहे के बिल में पानी डालना बच्चो की किस मनोवृति को प्रकट करता है? क्या यह उचित है?

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उत्तर: माता का आँचल पाठ में भोलानाथ द्वारा चूहे के बिल में पानी डालना बच्चो की पशु पक्षियों के प्रति शरारती प्रवृति को दर्शाता है जो प्रकृति के लिए उचित नहीं हैं। यदि पशु पक्षी नहीं रहेंगे तो पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जायेगा। इसीलिए बचो को विद्यालय स्तर पर पशु पक्षियों के संरक्षण का महत्त्व समझाना चाइए। 

 प्रश्न 4 माता का आँचल पाठ में वर्णित तत्कालीन विद्यालयों के अनुशासन से वर्तमान युग के विद्यालयों के अनुशासन की तुलना करते हुए बताइए की आप किस अनुशासन की तुलना करते हुए बताइए की आप किस अनुशासन व्यवस्था को अच्छा मानते हैं और क्यों ?

उत्तर: माता का आँचल पाठ में जिस विद्यालय का वर्णन है वहाँ अध्यापक बच्चो की पिटाई करके, उन्हें शारीरिक दंड दे कर अनुशासन में रखते थे आज के विद्यालयों में शारीरिक दंड देना वर्जित है। आज के विद्यालयों में जो अनुशासन व्यवस्था है वह पुराने तरीके से अधिक अच्छी है। 

Chapter 2 : जोर्ज पंचम की नाक

प्रश्न 1 सरकारी तंत्र में जॉर्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी किस मानसिकता को दर्शाती है।

उत्तर: सरकारी तंत्र में फैले आलस्य का यहाँ पर वर्णन किया गया है। सरकारी तंत्र तभी होश में आता है जब बात गंभीरता का रूप धारण कर लेती है। सरकारी कर्मचारी अपने कर्तव्य को सही ढ़ग से ना निभाते हुए ज़िम्मेदारी दूसरे विभाग पर डालते रहते हैं जिससे समस्या वही कड़ी रहती है। वे अपनी समस्याओं का हल बाहर ढूँढने के स्थान पर जंग लगी फाइलों का सहारा लेते हैं परन्तु इन फाइलों की इतनी बेकदरी होती है कि वो भी बर्बाद हो जाते हैं।

प्रश्न 2 जॉर्ज पंचम की लाट की नाक को पुनलगाने के लिए मूर्तिकार ने क्या-क्या यत्न किए?

उत्तर: सर्वप्रथम मूर्तिकार ने मूर्ति के पत्थर की खोज के लिए सारे हिन्दुस्तान का भ्रमण किया। उसने देश में लगे हर छोटे-बड़े नेताओं की मूर्ति की नाक से पंचम की लाट की नाक को मिलाया ताकि उस मूर्ति से नाक निकालकर पंचम लाट पर नाक लगाई जा सके। जब उसे नाक नहीं मिली तो उसने ज़िंदा इनसान की नाक लगवाने का परामर्श दिया और प्रयत्न भी किया।

प्रश्न 3 जॉर्ज पंचम की लाट पर किसी भी भारतीय नेता, यहाँ तक कि भारतीय बच्चे की नाक फिट न होने की बात से लेखक किस ओर संकेत करना चाहता है।

उत्तर: यहाँ लेखक ने भारतीय समाज के महान नेताओं व साहसी बालकों के प्रति अपना सम्मान और प्रेम भाव प्रस्तुत किया है। यह हमारे समाज के विशेष आदरणीय लोग हैं। इनका स्थान जॉर्ज पंचम से कई गुना बड़ा है, जॉर्ज पंचम ने भारत को कुछ नहीं दिया परन्तु इन्होनें अपने बलिदान व त्याग से भारत को एक नीवं दी उसे आज़ादी दी है। इसलिए इनकी नाक जॉर्ज पंचम की नाक से सहस्त्रों गुणा ऊँची है।

प्रश्न 4 जॉर्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन अखबार चुप क्यों थे?

उत्तर: किसी ज़िदा इनसान कि नाक जॉर्ज पंचम की लाट कि नाक पर लगाने की बात किसी को पसंद नहीं आई इसीलिए विरोध में सभी अखबार चुप रहें।

Chapter 3 : साना साना हाथ जोड़ी

प्रश्न 1 गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहरक्यों कहा गया?

उत्तर: गंतोक के लोगों की मेहनत की वजह से ही गंतोक आज भी अपने पुराने स्वरूप को कायम रखे हुए है। उनका अथक प्रयास ही उनकी प्रकृति की धरोहर को संजोय हुए है। गंतोक में जीवन बेहद कठिन है पर यहाँ के लोगों ने इन कठिनाईयों के बावजूद भी शहर के हर पल को खुबसूरत बनाये रखा है। इसलिए लेखिका ने इसे 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' कहा है।

प्रश्न 2 कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?

उत्तर: गांतोक में फेहराये जाने वाली पताकाए यदि किसी बुद्धिस्ट की मृत्यु होती है, तो उसकी आत्मा की शांति के लिए 108 श्वेत पताकाएँ फहराई जाती हैं। वहीँ नए कार्य के अवसर पर रंगीन पताकाएँ फहराई जाती हैं। शोक व नए कार्य के शुभांरभ की ओर संकेत करती हैं।

प्रश्न 3 लोंग स्टॉक में घूमते हुए चक्र को देखकर लेखिका को पूरे भारत की आत्मा एकसी क्यों दिखाई दी?

उत्तर: लेखिका सिक्किम में घूमती हुई कवीं-लोंग स्टॉक नाम की जगह पर पहुँचती हैं जहाँ उन्हें एक कुटिया में घूमता चक्र दिखता है। ऐसी मान्यता है कि इस चक्र को घुमाने से सारे पापों का नाश होता है। लेखिका के अनुसार भारत के हर कोने में लोगों की आस्थाएँ, विश्वास, अंधविश्वास, पाप−पुण्य की अवधारणाएँ और कल्पनाएँ एक सी हैं हर जगह उनके भगवान बदल जाएँ, पूजा के तरीकों में अन्तर हो परन्तु विश्वास सदैव एक सा रहेगा और यही विश्वास पूरे भारत को एक ही सूत्र में बाँध देता है।

प्रश्न 4 प्रकृति ने जल संचय की व्यवस्था किस प्रकार की है?

उत्तर: सर्दियों के समय में पहाड़ों पर बर्फ गिरती है जो गर्मी शुरू होते ही पिघल कर नदियों को जल से भर देती है। इससे गर्मी से परेशान लोगों को गर्मियों में जल की कमी नही होती। यदि प्रकृति ने बर्फ के माध्यम से जल संचय की व्यवस्था ना की होती तो हमारे जीवन के लिए आवश्यक जल का अभाव रहता।

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Chapter 4 : एही ठैयाँ झुलनी हैरानी हो रामा!

प्रश्न 1 कठोर ह्रदयी समझी जाने वाली दुलारी टुन्नू की मृत्यु पर क्यों विचलित हो उठी?

उत्तर: दुलारी अकेली रहती थी इसलिए स्वयं की रक्षा हेतु वह कठोर कठोर स्वाभाव रखती थी। परन्तु अंदर से वह बहुत नरम दिल की स्त्री थी। टुन्नू, जो उसे प्रेम करता था, उसके लिए उसके ह्रदय में बहुत खास स्थान था परन्तु वह हमेशा टुन्नू को दुतकारती रहती थी क्योंकि टुन्नू उससे उम्र में बहुत छोटा था। फेंकू द्वारा टुन्नू की मृत्यु का समाचार सुनकर उसका ह्रदय दर्द से फट पड़ा और आँखों से आँसुओं की धारा बह निकली। मृत्यु ने टुन्नू के प्रति उसके प्रेम को सबके समक्ष प्रस्तुत कर दिया।

प्रश्न 2 दुलारी का टुन्नू से पहली बार परिचय कहाँ और किस रूप में हुआ?

उत्तर: टुन्नू व दुलारी का परिचय भादों में तीज़ के अवसर पर खोजवाँ बाज़ार में हुआ था जहाँ  दुलारी को गाने के लिए बुलवाई गई थी। दुक्कड़ पर गानेवालियों में दुलारी का नाम काफी था। उसी कजली दंगल में उसकी मुलाकात टुन्नू से हुई थी। एक सोलह−सत्रह वर्ष के लड़के ने दुलारी को भी अपने आगे नतमस्तक कर दिया था। टुन्नू एक उभरता कजली गायक था। इस कजली गायक ने दुलारी का मन मात्र 6 महीने में जीत लिया था।

प्रश्न 3 "मन पर किसी का बस नहींवह रूप या उमर का कायल नहीं होता।टुन्नू के इस कथन में उसका दुलारी के प्रति किशोर जनित प्रेम व्यक्त हुआ है परंतु उसके विवेक ने उसके प्रेम को किस दिशा की ओर मोड़ा?

उत्तर: टुन्नू दुलारी से प्रेम करता था। वह मात्र 16 − 17 साल का लड़का था और दुलारी से उम्र में काफी छोटा था। दुलारी के लिए टुन्नू का उसके प्रति प्रेम उम्र की नादानी के अलावा कुछ नहीं था। इसलिए वह उसका तिरस्कार करती रहती थी। टुन्नू के द्वारा कहे वचनों ने दुलारी के ह्रदय में उसकी जगह को स्थापित कर दिया। टुन्नु के प्रति उसके विवेक ने उसके प्रेम को श्रद्धा का स्थान दे दिया।

प्रश्न 4 'एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामाका प्रतीकार्थ समझाइए।

उत्तर: इस कथन का शाब्दिक अर्थ है कि इसी स्थान पर मेरी नाक की लौंग खो गई है, मैं किससे पूछुँ? इस कहानी में दुलारी की मनोस्थिति देखें तो जिस स्थान पर उसे गाने के लिए आमंत्रित किया गया था, उसी स्थान पर टुन्नू की मृत्यु हुई थी। तो उसका प्रतीकार्थ होगा - इसी स्थान पर मेरा प्रियतम मुझसे बिछड़ गया है। अब मैं किससे उसके बारे में पुछूँ ? अर्थात् अब उसका प्रियतम उससे बिछड़ गया है, उसे पाना अब उसके बस में नहीं है।

Chapter 5 : मैं क्यों लिखता हूँ?

प्रश्न 1 लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?

उत्तर: लेखक ने अपनी जापान यात्रा के दौरान हिरोशिमा का दौरा किया था। वह उस अस्पताल में भी गए जहाँ आज भी उस विस्फोट से पीड़ित लोगों का ईलाज हो रहा है। इस अनुभव द्वारा लेखक को भोक्ता बनना स्वीकारा नहीं था। कुछ दिन बाद जब उसने उसी स्थान पर एक बड़े से जले पत्थर पर एक व्यक्ति की उजली छाया देखी तो इस प्रत्यक्ष अनुभूति ने लेखक के हृदय को झकझोर दिया। उसे प्रतीत हुआ मानो किसी ने उसे थप्पड़ मारा हो और उन्हें लगा मानो वह स्वयं हिरोशिमा बम का उपभोक्ता बन गए हो।

प्रश्न 2 मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि  लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?

उत्तर:  लेखक अपनी आंतरिक विवशता और स्वयं को जानने की जिज्ञासा के कारण लिखने के लिए प्रेरित होता है।

प्रश्न 3 हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंत बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है यह आप कैसे कह सकते हैं?

उत्तर: जब लेखक जापान घूमने गया तो हिरोशिमा में उस विस्फोट से पीड़ित लोगों को देखकर उसे पीड़ा तो हुई परन्तु उसका मन लिखने के लिए प्रेरित नहीं हुआ। पर जले पत्थर पर किसी व्यक्ति की उजली छाया को देखकर उसको हिरोशिमा में विस्फोट से प्रभावित लोगों के दर्द की अनुभूति कराई।

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